* करणी प्रेस इंडिया *
एक सड़क पर अतिक्रमण चार पांच करते हैं और बदनाम सारे होते हैं।
सूरतगढ़ 1 अक्टूबर 2026.सड़कों पर और फुटपाथ यानि पैदल पट्टी पर सामान रख कर रोजाना ही अतिक्रमण कर लेते हैं जो अब और आगे यह अव्यवस्था चलेगी नहीं। सड़कों व फुटपाथ यानि पैदल पट्टी पर सामान का अतिक्रमण होगा तब पैदल चल नहीं सकते। वृद्ध, महिलाएं व बच्चे परेशानी भोगते हैं। यह बुरे हालात सूरतगढ़ में हैं। नगरपालिका प्रशासन की ढील से 4 साल पहले हुए सहमति के बाद भी दुकानदारों ने धीरे धीरे पुनः अतिक्रमण शुरू कर दिए जिसको हटाने से पहले साफ सफाई के लिए अधिशासी अधिकारी गणपतराम ने व्यापारी संगठनों व व्यापारियों की एक बैठक नगरपालिका सभागार में की। व्यापारियों से समझाइस की गई।
👌 इस बैठक में नव निर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योतिकंवर व उनके प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने भी भाग लिया। ऐसी बातचीत या समझाईस बैठक केवल प्रशासन को ही आयोजित करनी चाहिए। निर्वाचित पदाधिकारी लिबरल होते हैं वे सही निर्णय नहीं कर पाते। जब अव्यवस्था हो हालात बदतर हो जाएं तब प्रशासन ही सही और सख्तकदम उठाने की बात कर सकता है।
👌 सूरतगढ़ के दुकानदारों को अनेक बार समझाया जा चुका है लेकिन वे बिना सख्तकदम के मानने वाले नहीं है। नगरपालिका ने अनेक बार लाऊडस्पीकर से चेतावनी दी है। सामान उठाने की जुर्माना लगाने की कार्वाई की मगर यह दो चार दिन ही चलाई। इसका नतीजा कुछ दिन बिद पुनः अतिक्रमण। दुकानदार ही बताएं कि वृद्ध, महिलाएं व बच्चे पैदल पट्टी के अलावा कहां चलें? सड़क के बीच चल नहीं सकते।
* सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन का मुख्य निकास द्वार से निकलते ही होटल,भोजनालय के आगे बेंच कुर्सियां आधी सड़क तक। सुभाष चौक से भगतसिंह चौक होते त्रिमूर्ति रोड नेशनल हाईवे तक बुरा हाल होता है। रेलवे रोड की सब्जी दुकानें। नगरपालिका तो दो दुकानदारों को भी संभाल नहीं सकती। बीकानेर रोड पर सामान,साईनबोर्ड से अतिक्रमण से हालात बुरे। जब दुकानदार नहीं माने तब कड़े कदम प्रशासन को ही उठाने होते हैं। ईओ गणपतराम को सख्ती तो करनी ही होगी।कितने दिन समझाईस की जाए। सभी दुकानदार पढे लिखे हैं तो वे इतना. तो जानते ही हैं कि वे अतिक्रमणकारी हैं।
सन् 2022 में नालों की सफाई कराने के लिए नालों पर से सीमेंट कंक्रीट के पक्के अतिक्रमण तोड़कर सफाई कराने का पत्र करणीदानसिंह राजपूत की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा गया। नगरपालिका के एक्शन पर दुकानदारों ने दो दिन दुकानें बंद रखी। नगरपालिका प्रशासन का कड़ा रवैया रहा। व्यापारियों व व्यापारी संगठनों ने सहमति दी। नालियों को रोका नहीं जाएगा। दुकान के आगे तीन फुट चौड़ी सीढी होगी जो पक्की नहीं होगी। थड़ी किराए पर नहीं दी जाएगी। कचरा पात्र रखना होगा। अब नालों पर व आगे दो तीन फुट तक लोहे के एंगल लगाए जा चुके हैं जिन पर सामान रख कर अतिक्रमण किया जा रहा है। बीकानेर रोड तो साईनबोर्ड सामान रखने से बुरे हाल में है। नगरपालिका ने बहुत कर ली समझाईस और अब सामान जब्त करने,जुर्माना लगाने की सख्त कार्वाई जरूरी है और हर दिन जरूरी है।

उपखंड अधिकारी कार्यालय में व्यापारियों व प्रशासन की 21 सितंबर 2022 को जो बैठक हुई थी उसमें सहमति पत्र दिया गया था। व्यापारी और संगठन पदाधिकारी अपने हस्ताक्षर देखें। सहमति पत्र पर उपखंड अधिकारी संदीप काकड़,पुलिस उप अधीक्षक शिवरतन,नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा, अधिशाषीअधिकारी के और व्यापारियों के संगठनों की तरफ से किरयाना व्यापारी संघ के तत्कालीन अध्यक्ष किशोर गाबा, सचिव राघव गुप्ता जो अब किरयाना व्यापारी संघ के अध्यक्ष हैं, संयुक्त व्यापार मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष घनश्याम आहुजा, अवतार सिंह सरां जो अब संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं, वेदप्रकाश भूतना और सुभाष सोनी के हस्ताक्षर हैं। व्यापारी खुद हालात समझें और सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ व सड़कों के लिए आगे बढें। सबसे बड़ी बात यह है कि हर रोड पर बीस तीस दुकानें हैं तो अतिक्रमण केवल चार पांच के हैं, इसलिए चार पांच को समझाईस की नहीं सख्ती की जरूरत है। चार पांच ही हर सड़क पर व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं।०0०