शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

पटवारी का क्या अपराध और पुलिस पर क्या आरोप.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 अक्टुबर 2026.

सूरतगढ़ के सिटी थानाधिकारी सीआई कलावती चौधरी पर आरोप है कि उसने और पुलिस ने हेलमेट नहीं होने व स्कुटी चलाते मोबाइल पर बात करते पटवारी को रोका, पकड़ा,विवाद किए जाने पर थाने ले गए और पीटा। पटवारी संगठनों ने सीआई और पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने व जांच की मांग की है तथा दो दिन की चेतावनी दी है।

👍 इस मामले की जांच उठी है। घटनाक्रम को हरेक ने अपने अपने अलग अलग ऐंगल से लिखा है,बताया है। जांच हो जाए तो संपूर्ण स्थिति साफ हो जाएगी। घटनाक्रम ऐसा भी नहीं है कि सीआई कलावती चौधरी व पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया जाए।

 *यह जांच कौन करेगा? जरूरी होगी तब स्थिति के अनुसार पुलिस उप अधीक्षक,अपर जिलापुलिस अधीक्षक या जिलापुलिस अधीक्षक जांच कर सकते हैं। पुलिस कर्मी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो विभागीय कार्वाई हो सकती है। 

* पुलिस ने पटवारी को क्यों रोका? 

इस घटना को गंभीरता से स्टेप बाई स्टेप समझना होगा कि सीआई कलावती ने पटवारी को रोका या पकड़ा तब की मौके की स्थिति क्या थी? पटवारी देवीलाल अपनी पत्नी के साथ स्कुटी पर सवार था और स्कुटी चलाते हुए मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। उस समय पटवारी के सिर पर हेलमेट भी नहीं था। स्कुटी या दुपहिया को एकदम सही चलाने के लिए दो हैंडल और दोनों हाथ हैंडलों पर होते हैं। एक हाथ से मोबाइल पकड़ बात की जाए तो निश्चित है कि एक हाथ एक हैंडल से वाहन को सही नहीं चलाया जा सकता और कोई आपदा आए तो एकदम से नियंत्रण भी नहीं हो सकता। मतलब हर हालत में दुर्घटना का खतरा।

👌 सीआई कलावती ने यह गलत सीन देखा और रोक लिया तथा बहस होने पर ड्युटी अधिकारी को बुला लिया।

* अगर वह नहीं रोकती और पटवारी स्कुटी चलाते

मोबाइल पर बात करते चूक कर,हड़बड़ी में जल्दबाजी में अपनी स्कुटी किसी वाहन से टकरा देता तब क्या होता? यदि पटवारी अपनी स्कुटी किसी राहगीर से,किसी वृद्ध या बच्चे से टकरा देता और उस दुर्घटना में कोई व्यक्ति, बच्चा, महिला घायल हो जाते,पटवारी और उसकी पत्नी ही घायल हो जाते तब क्या होता?  

👌 पटवारी से दुर्घटना हो जाती । कोई घायल हो जाता तब मौके की भीड़ ही  पिटाई कर देती। वाहन को भी नुकसान पहुंचा देती। 

ऐसा ही होता आया है। दुर्घटना करने वाले को भीड़ की पिटाई से पुलिस ही बचाती है। लेकिन पुलिस विभिन्न,आपराधिक धाराओं में मुकदमा भी बनाती है तथा वाहन भी जब्त कर लेती है। यहां पुलिस द्वारा रोके जाने पर कोई संभावित दुर्घटना नहीं हुई। जांच की मांग है जिसमें स्वयं देवीलाल द्वारा लिखित में मांग होनी चाहिए। देवीलाल स्वयं ही जांचें और बताएं कि स्कुटी चलाते हुए मोबाइल पर बात करना सही था या गलत था। 

👍 लोग दोनों पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर चर्चा को गर्म करने में लगे हैं।०0०


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