बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

वरिष्ठ नेता बलराम वर्मा को विधायक गेदर द्वारा इग्नोर करना कांग्रेस को बड़ा नुकसान पहुंचाएगा.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 28 अक्टुबर 2026.

पंचायत चुनावों के बीच सभी मीडिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बलराम वर्मा को इग्नोर किए जाने से कांग्रेस को होने वाले नुकसान और वर्मा के बयान से भरे हैं जो विधायक डुंगरराम गेदर के लिए बड़ी चेतावनी है। 

* बलराम वर्मा कांग्रेस पार्टी में वर्तमान नेताओं में सबसे पुराने हैं। विधायक डुंगरराम गेदर भी चुनावी अवसर पर बसपा छोड़ कर कांग्रेस में आए और कार्यकर्ताओं की शक्ति के बल पर 2023 में विधायक चुने गये। डुंगरराम गेदर पर आरोप है कि वे सलाह नहीं ले रहे। अपनी मर्जी से बलराम वर्मा को काम सौंपा जिसके बारे में वर्मा को संपर्क करके या फोन से नहीं बताया गया। वर्मा का बयान है कि उनको सोशल मीडिया से मालुम हुआ। वर्मा ने इस वर्क पर स्पष्ट ना कर दी और गेदर को सीधी चेतावनी दे दी। गेदर जिनके सहयोग ले रहे हैं उन पर भी वर्मा ने आपत्ति की है। गेदर अपने साथ परसराम भाटिया को रख रहे हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप मीडिया में छपते रहते हैं तथा मुकदमे और शिकायतें भी हैं। परसराम भाटिया गांवों के बारे में कुछ भी नहीं जानते। 

👌 बलराम वर्मा की वरिष्ठता और लीडरशिप से वर्क करने का कोई मुकाबला कांग्रेस में नहीं है। ऐन पंचायत राज में उनको विधायक द्वारा इग्नोर करने की चेतावनी से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है। 

👌 गेदर की टिकट वितरण गड़बड़ी से कांग्रेस को सूरतगढ़ नगरपालिका चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ था तथा केवल 16 पार्षद जीते जबकि गंगाजल मील के संचालन समय में पिछले बोर्ड में कांग्रेस के 22 पार्षद जीते थे। गेदर की पकड़ कमजोर और गलतियों की वजह से भाजपा एक वोट से बोर्ड बना गई। गेदर की पकड़ कमजोर रहने से कांग्रेस टिकट पर जीते 2 पार्षदों ने कांग्रेस को छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। 

* नगरपालिका में हुए नुकसान से भी विधायक डुंगरराम गेदर ने कोई सीख नहीं ली। 

* डुंगरराम गेदर के रवैये से वरिष्ठ नेताओं को इग्नोर किए जाने से पंचायत समितियों सूरतगढ़ और राजियासर में कांग्रेस के प्रधान बनना मुश्किल हो सकता है। कांग्रेस को बड़ा नुकसान सामने दिखाई दे रहा है। ऐसे में कांग्रेस के जिला प्रभारी और सांसद कुलदीप इंदौरा आदि ने भी ध्यान नहीं दिया तो पंचायतों में नुकसान होगा जिसका सीधा बुरा प्रभाव 2028 के विधानसभा चुनाव में पड़ेगा।

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