शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

कीनिया फिल्म अभी अधूरी! कीनिया,राजाराम गोदारा और विधायक गेदर के बयानों की फिल्म!राज कुछ और है?

 

* करणीदानसिंह राजपूत * 

सूरतगढ़ 2 अक्टूबर 2026.

विधायक डुंगरराम गेदर के बयान के बाद भी कीनिया फिल्म अभी अधूरी है और लोगों को अभी तक मालुम नहीं कि कीनिया प्रकरण पर फिल्म बना कौन रहा है? 

सूरतगढ़ में नगरपालिका अध्यक्ष पद चुनाव का मतदान 21 सितंबर 2026 को होने से पहले वार्ड नं 43 से कांग्रेस की टिकट पर पार्षद चुने गए कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया और उसका भाई विकास तीन दिन पहले लापता होते हैं और फिर अनेक चर्चाओं में उनके उठाए जाने के आरोप शुरू होते हैं तथा मतदान दिवस पर उसकी वोट डालने के लिए इंतजार होता है,वह नहीं आता तब मतदान का समय बढाया जाता है,और फिर समय समाप्ति से कुछ मिनट पर कीनिया अचानक प्रगट होता है तथा अपना वोट पोल कर देता है। वह जोरशोर से कहता है कि डुंगरराम गेदर का सच्चा सिपाही है।

* आरोप लगाया जाता है कि भाजपा के लोगों ने पुलिस मदद से उठवाया था और उसके साथ बड़ा अत्याचार हुआ। वोट देने के समय उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी और साफ साफ पूर्ण आनंदित लग रहा था। कोई घबराहट डर उसके चेहरे और बयान में नहीं था। अगर उसके साथ अत्याचार हुआ हो मारपीट हुई होती तो कहीं चोट या दर्द झलकता। वह तो पूरा जोश में था।

ताजा विडिओ विधायक डुंगरराम गेदर का आया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच में बयान देते हुए कीनिया स्टोरी में शामिल हुए हैं। विधायक गेदर बोल रहे हैं, बता रहे हैं तो सच्च सच्च ही बता रहे होंगे। गेदर का पहला बयान था कि कीनिया हमारे पास है।

* कीनिया स्टोरी में सबसे पहला वीडिओ उसके भाई विकास का आया। उसने कहा" कोई टेंशन नहीं लें। मजे में हैं सेफ हैं। मिल खर सूरतगढ़ का विकास करेंगे।"

* कांग्रेसी नेता और अध्यक्ष पद से कांग्रेस की प्रत्याशी परमेश्वरी देवी के पति राजाराम गोदारा का कीनिया स्टोरी में वीडिओ आया। उन्होंने सूरतगढ़ सिटी पुलिस थाने की थानाधिकारी कलावती चौधरी को भी प्रकरण में शामिल किया।

* कीनिया के एक से अधिक विडिओ आ गये। हरेक में बयानों में अंतर आया। ताजा एक विडिओ में भाजपा अध्यक्ष का नाम लेते कहा कि उनके लोगों ने उठाया।

* कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया,उसका भाई विकास, राजाराम गोदारा, कीनिया के साथ जो दो जने बताए उनका विडिओ बयान और विधायक डुंगरराम गेदर का बयान आने के बाद भी सच्च एक के बयान में भी नहीं निकला। कीनिया कथित उठाने वालों के चंगुल से 21 सितंबर को छूट कर आ गया और वोट भी पोल कर दिया, लेकिन घटना के इतने दिन यानि 15 दिन बीतने के बाद भी उसने संबंधित क्षेत्र के थाना लूनकरणसर में मुकदमा दर्ज नहीं कराया। इतनी बड़ी घटना हो जाए मौत का खतरा हो जाए और उसका मुकदमा दर्ज नहीं करवाए तो फिल्मी कहानी काल्पनिक और उसमें शूटिंग के हिसाब से नये नये परिवर्तन करते रहें जो जी में आए। 

* पुलिस में जरूरी नहीं कि कीनिया ही मुकदमा दर्ज कराए। राजाराम गोदारा को मालुम है और वे भी मुकदमा दर्ज करवादें। विधायक डुंगरराम गेदर को बहुत कुछ मालुम है तो वे बड़े नेता हैं, पावरफुल हैं, वे ही मुकदमा दर्ज करवा दें या फिर कीनिया के साथ जाकर मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत कीनिया में पैदा करें। 

👌 कीनिया के साथ कुछ हुआ या नहीं हुआ या सब विडिओ कल्पना के,आरोप लगाने के झूठे बयान हैं तो इसका सच्च तो पुलिस या अन्य जांच एजेंसी के अनुसंधान से ही मालुम हो सकेगा। 

👌 कीनिया, राजाराम गोदारा और विधायक डुंगरराम गेदर आखिर मुकदमा दर्ज कराने से कतरा क्यों रहे हैं? सच्च सामने आने दें और कोई दोषी है तो उनको न्याय के सुपुर्द होने दें।

👍 अगर मुकदमा दर्ज नहीं करवाया जाता है तो यह फिल्म झूठ की फिल्म घोषित होकर अधूरी ही रह जाएगी।

👌 आश्चर्य यह है कि कीनिया को वोट के लिए उठाते हैं और उठाने वाले वोट के दिन उसे छोड़ देते हैं और वह डुंगरराम गेदर का सच्चा सिपाही कांग्रेस के समर्थन में मतदान केंद्र में घुसता है। 

👌 अभी तक जो हालात रहे हैं विडिओ पर विडिओ बयान आए हैं, उनसे लगता नहीं है कि मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सही रिजल्ट और सबूत दिन प्रतिदिन बीतते खत्म होते जाने से पहले जल्दी से जल्दी मुकदमा कराया जाता है।०0०











गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

सड़कें फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त रखने होंगे,सूरतगढ़ में बुरे हाल, व्यापारी संगठन अपनी सहमति पढें.

 



* करणी प्रेस इंडिया * 

एक सड़क पर अतिक्रमण चार पांच करते हैं और बदनाम सारे होते हैं।


सूरतगढ़ 1 अक्टूबर 2026.सड़कों पर और फुटपाथ यानि पैदल पट्टी पर सामान रख कर रोजाना ही अतिक्रमण कर लेते हैं जो अब और आगे यह अव्यवस्था चलेगी नहीं। सड़कों व फुटपाथ यानि पैदल पट्टी पर सामान का अतिक्रमण होगा तब पैदल चल नहीं सकते। वृद्ध, महिलाएं व बच्चे परेशानी भोगते हैं। यह बुरे हालात सूरतगढ़ में हैं। नगरपालिका प्रशासन की ढील से 4 साल पहले हुए सहमति के बाद भी दुकानदारों ने धीरे धीरे पुनः अतिक्रमण शुरू कर दिए जिसको हटाने से पहले साफ सफाई के लिए अधिशासी अधिकारी गणपतराम ने व्यापारी संगठनों व व्यापारियों की एक बैठक नगरपालिका सभागार में की। व्यापारियों से समझाइस की गई। 




👌 इस बैठक में नव निर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योतिकंवर व उनके प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने भी भाग लिया। ऐसी बातचीत या समझाईस बैठक केवल प्रशासन को ही आयोजित करनी चाहिए। निर्वाचित पदाधिकारी लिबरल होते हैं वे सही निर्णय नहीं कर पाते। जब अव्यवस्था हो हालात बदतर हो जाएं तब प्रशासन ही सही और सख्तकदम उठाने की बात कर सकता है। 

👌 सूरतगढ़ के दुकानदारों को अनेक बार समझाया जा चुका है लेकिन वे बिना सख्तकदम के मानने वाले नहीं है। नगरपालिका ने अनेक बार लाऊडस्पीकर से चेतावनी दी है। सामान उठाने की जुर्माना लगाने की कार्वाई की मगर यह दो चार दिन ही चलाई। इसका नतीजा कुछ दिन बिद पुनः अतिक्रमण। दुकानदार ही बताएं कि वृद्ध, महिलाएं व बच्चे पैदल पट्टी के अलावा कहां चलें? सड़क के बीच चल नहीं सकते। 

* सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन का मुख्य निकास द्वार से निकलते ही होटल,भोजनालय के आगे बेंच कुर्सियां आधी सड़क तक। सुभाष चौक से भगतसिंह चौक होते त्रिमूर्ति रोड नेशनल हाईवे तक बुरा हाल होता है। रेलवे रोड की सब्जी दुकानें। नगरपालिका तो दो दुकानदारों को भी संभाल नहीं सकती। बीकानेर रोड पर सामान,साईनबोर्ड से अतिक्रमण से हालात बुरे। जब दुकानदार नहीं माने तब कड़े कदम प्रशासन को ही उठाने होते हैं। ईओ गणपतराम को सख्ती तो करनी ही होगी।कितने दिन समझाईस की जाए। सभी दुकानदार पढे लिखे हैं तो वे इतना. तो जानते ही हैं कि वे अतिक्रमणकारी हैं।

सन् 2022 में नालों की सफाई कराने के लिए नालों पर से सीमेंट कंक्रीट के पक्के अतिक्रमण तोड़कर सफाई कराने का पत्र करणीदानसिंह राजपूत की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा गया। नगरपालिका के एक्शन पर दुकानदारों ने  दो दिन दुकानें बंद रखी। नगरपालिका प्रशासन का कड़ा रवैया रहा। व्यापारियों व व्यापारी संगठनों ने सहमति दी। नालियों को रोका नहीं जाएगा। दुकान के आगे तीन फुट चौड़ी सीढी होगी जो पक्की नहीं होगी। थड़ी किराए पर नहीं दी जाएगी। कचरा पात्र रखना होगा। अब नालों पर व आगे दो तीन फुट तक लोहे के एंगल लगाए जा चुके हैं जिन पर सामान रख कर अतिक्रमण किया जा रहा है। बीकानेर रोड तो साईनबोर्ड सामान रखने से बुरे हाल में है। नगरपालिका ने बहुत कर ली समझाईस और अब सामान जब्त करने,जुर्माना लगाने की सख्त कार्वाई जरूरी है और हर दिन जरूरी है। 



उपखंड अधिकारी कार्यालय में व्यापारियों व प्रशासन की 21 सितंबर 2022 को जो बैठक हुई थी उसमें सहमति पत्र दिया गया था। व्यापारी और संगठन पदाधिकारी अपने हस्ताक्षर देखें। सहमति पत्र पर उपखंड अधिकारी संदीप काकड़,पुलिस उप अधीक्षक शिवरतन,नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा, अधिशाषीअधिकारी के और व्यापारियों के संगठनों की तरफ से किरयाना व्यापारी संघ के तत्कालीन अध्यक्ष किशोर गाबा, सचिव राघव गुप्ता जो अब किरयाना व्यापारी संघ के अध्यक्ष हैं, संयुक्त व्यापार मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष घनश्याम आहुजा, अवतार सिंह सरां जो अब संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं, वेदप्रकाश भूतना और सुभाष सोनी के हस्ताक्षर हैं। व्यापारी खुद हालात समझें और सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ व सड़कों के लिए आगे बढें। सबसे बड़ी बात यह है कि हर रोड पर बीस तीस दुकानें हैं तो अतिक्रमण केवल चार पांच के हैं, इसलिए चार पांच को समझाईस की नहीं सख्ती की जरूरत है। चार पांच ही हर सड़क पर व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं।०0०








बुधवार, 30 सितंबर 2026

सूरतगढ़:पंचायत राज चुनाव.भाजपा नेताओं का भविष्य तय करेंगे. कांग्रेस की कड़ी चुनौती है.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 30 सितंबर 2026.

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शहरी क्षेत्र में नगरपालिका और देहात क्षेत्र में दो पंचायत समितियां सूरतगढ़ और राजियासर हैं। नगरपालिका का चुनाव हो चुका है जिसमें भाजपा एक वोट अधिक से बोर्ड बनाने में सफल रही है। 

* नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता धारी भाजपा को जबरदस्त चुनौती दी। विधायक डुंगरराम गेदर और राजाराम गोदारा की चुनावी रणनीति और निर्दलीय पार्षदों को राजाराम गोदारा के खेमे (एक तरह से कांग्रेसी खेमा ही मानें) में एकत्रित कर लेना महत्वपूर्ण नीति रही। नगरपालिका के कुल 45 वार्डों में कांग्रेस के पास 23 और भाजपा के पास 22 पार्षद थे। कांग्रेस का एक वोट क्रोस होने से कांग्रेस बोर्ड बनाने से रह गई। कांग्रेस ने भाजपा के पास सत्ता बल होने का आरोप लगाया। 

👌नगरपालिका की सत्ता केवल एक वोट से हाथ से निकल जाने के बाद विधायक डुंगरराम गेदर  और राजाराम गोदारा दोनों ही अब पंचायत चुनावों में बदला लेने के लिए नयी रणनीति में हैं। नगरपालिका अध्यक्ष पद चुनाव हारने का धक्का विधायक गेदर से भी अधिक राजाराम गोदारा को लगा। राजाराम गोदारा राजनैतिक बदला लेने के लिए दोनों पंचायत समितियों में कांग्रेस जीत के लिए बहुत कुछ करने में लग चुके हैं। नगरपालिका में भाजपा और कांग्रेस की जबरदस्त टक्कर रही और यही स्थिति पंचायत चुनावों में है। 

👌 प्रदेश में सत्ता होते हुए भी भाजपा ने शहर में कुछ नहीं किया जिसके कारण कांग्रेस टक्कर में रही और यही स्थिति ग्रामीण इलाकों में है। भाजपा के राज में लोग पीने के पानी के लिए परेशान होते रहे। बिजली ने लोगों को खूब रुलाया। सड़कों की भी दुर्दशा रही। भाजपा सभी का साथ सभी का विकास मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन गांवों में तो यह विकास नजर नहीं आता। सड़कों के घपले हुए। दोनों पंचायत समितियों के चुनाव में कांग्रेस का पूरा दबदबा है और राजाराम गोदारा की बदला लेने की रणनीति और चुनौती है। सूरतगढ़ पंचायत समिति में पिछले चुनाव में कांग्रेस जीती और अपना प्रधान बनाया। सूरतगढ़ के विभाजन के बाद सूरतगढ़ और राजियासर दो पंचायत समितियां तो बन गई हैं लेकिन इन दोनों में प्रधान कौनसी पार्टी बनाएगी?

* इन दोनों पंचायत समितियों के परिणाम का प्रभाव सन् 2028 के विधानसभा चुनाव पर भी होगा। कांग्रेस में तो सीटिंग एम एल ए. डुंगरराम गेदर की ही टिकट पक्की है लेकिन भाजपा में एम एल ए की टिकट तय करने में प्रभाव डालेंगे। भाजपा संगठन जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह,पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया ( पुत्र संदीपकासनिया) और विधायक अशोकनागपाल प्रमुख रूप से रणनितीकार होंगे। पंचायत चुनावों में पूर्व प्रधान चंदुराम लेघा,पंचायत डायरेक्टरों राहुल लेघा और पेपसिंह राठौड़ का बहुत महत्व है।

सन् 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पंचायत चुनाव जिलाध्यक्ष स.शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोकनागपाल, राहुल लेघा और संदीप कासनिया का भविष्य तय करेंगे।०0





मंगलवार, 29 सितंबर 2026

बाड़मेर के नृतकों के शानदार नृत्य. राजस्थानी संस्कृति की अनूठी छटा.




* करणी प्रेस इंडिया *
गैस सिलेंडर और सात मटकियों पर संतुलन साधकर भवाई, अग्नि नृत्य और चिरमी पर झूम उठा पूरा सभागार
श्रीगंगानगर, 28 सितंबर। राष्ट्रीय कला मंदिर के तत्वावधान में रविवार शाम चौधरी रामजस सहारण सदन (ऑडिटोरियम) में आयोजित भव्य राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या ने शहर के कला प्रेमियों को मरुधरा की जीवंत लोक परंपरा से रूबरू कराया। बाड़मेर के प्रसिद्ध नृतकों प्रेम मंडा और सोनू राजस्थानी ने दो घंटे तक एक से बढ़कर एक दुर्लभ नृत्य शैलियों का प्रदर्शन कर सभागार को राजस्थानी रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही दोनों कलाकारों ने मंच पर कदम रखते हुए पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया। उन्होंने भवाई नृत्य में सिर पर गैस सिलेंडर और  सात मटकियां संतुलित रखते हुए नृत्य किया, जो दर्शकों के लिए अविश्वसनीय दृश्य बना। मटकी नृत्य, दहकती ज्वालाओं के बीच अग्नि नृत्य और घुटनों पर चक्कर काटते हुए घुटना चकरी जैसी कठिन शैलियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ये प्रस्तुतियां राजस्थानी लोक गीतों और धार्मिक भजनों पर दी गईं।कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति चिरमी लोकगीत पर सबसे ज्यादा सराही गई। इस प्रस्तुति के दौरान न केवल कलाकार बल्कि बड़ी संख्या में दर्शक भी अपनी सीटों से उठकर झूमने लगे। राष्ट्रीय कला मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र बैद सहित कई कला प्रेमी मंच पर पहुंचे और कलाकारों के साथ ठुमके लगाए। पूरा सभागार तालियों और जयकारों से गूंज उठा।मुख्य अतिथि महावीर इंटरनेशनल संस्था के अध्यक्ष कमलकांत कोचर ने कलाकारों की मेहनत, संतुलन और राजस्थानी संस्कृति को जीवंत रखने के प्रयास की जमकर प्रशंसा की।  महावीर इंटरनेशनल (गौरवी केंद्र) की ओर से श्रीमती मनोरमा बैद और श्रीमती शर्मिला कोचर ने कलाकारों को सम्मानित किया।







कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष वीरेंद्र बैद ने महत्वपूर्ण घोषणा की कि गजल सम्राट पद्मविभूषण स्वर्गीय जगजीत सिंह की पुण्यतिथि पर 11 अक्टूबर को राष्ट्रीय कला मंदिर उनकी स्वरांजलि के रूप में एक बड़ा संगीतमय कार्यक्रम आयोजित करेगा।कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी निलयकांत छाबड़ा और कवित्री ऋतुसिंह ने किया। इस मौके पर कला प्रेमी मोहनलाल चितलांगिया, विमल बिहानी, अजय गुप्ता, सुनील अग्रवाल, शर्मिला कोचर, श्याम जैन, मनोरमा बैद, विनोद गोयल, विजयकुमार वासुदेव सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।०0०


सोमवार, 28 सितंबर 2026

सूरतगढ़ व राजियासर पंचायत समितियों के चुनाव और पूजा छाबड़ा

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 28 सितंबर 2026.

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नगरपालिका चुनाव में  कांग्रेस के किसी दयावान पार्षद के एक वोट से भाजपा का बोर्ड बन गया। लेकिन  दोनों पंचायत समितियों सूरतगढ़ और राजियासर के ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति असमंजस भरी हुई है। जीत पाएंगे या नहीं की स्थिति है। 

👍 पिछले पंचायत राज चुनाव में एक पंचायत समिति सूरतगढ़ ही थी जिसमें प्रधान कांग्रेस के हजारीराम मील बने थे जो लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा में प्रवेश कर गये। उस समय कांग्रेस मजबूत थी। भाजपा ने बीते वर्षों में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया जिसके कारण लोग राजी नहीं लग रहे। आश्चर्य होगा यह जानकर की ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी का भी संकट रहा। कुछ गावों में तो दो दो सप्ताह तक पानी नहीं मिला था। बिजली संकट और टूटी सड़कें भी दुख देती रही। ये सभी परेशानियां ग्रामीणों की दूखती रग है और चर्चा छेड़ने पर ग्रामीणों में गुस्सा नजर आता है। भाजपा द्वारा कहा जाता रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता हर क्षेत्र में हैं तो फिर लोगों की परेशानी में वे सालों साल कहां थे।

* हम लौट कर बात करते हैं कि नगरपालिका सूरतगढ़ के 45 वार्डों में भाजपा कांग्रेस 12-12,माकपा 1 और निर्दलीय 12 पार्षद जीते। इससे पिछले चुनाव में कांग्रेस 22 भाजपा 12,माकपा 1,बसपा 1और निर्दलीय 9 जीते। इस बार कांग्रेस 6 सीटें कम रही। माकपा 1 और निर्दलीय 12 जीते। भाजपा सीटें तो 12 से 16 पर पहुंची मगर सत्ता का बहुमत 23 तक नहीं पहुंची। निर्दलीय भी जुटे मगर हालात कमजोर रहे। भाजपा की महिला प्रत्याशियों को वोट जुटाने का सहयोग नहीं मिला जिसके कारण वे पराजित हो गई। जो पराजित हुई वे सभी अध्यक्ष पद की दावेदार थी। वे क्यों हारी? उनको सही प्रचार तंत्र नहीं मिला। ऐसा नेता नेतियां नहीं मिले जो जनता के बीच अपने भाषण से हवा का रुख कुछ बदल दे और भाजपा की तरफ कर दे। भाजपा के पास पावरफुल महिला नेता पूजा छाबड़ा थी जो भाजपा   संगठन, भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, जिला प्रभारी दशरथ सिंह और चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह ईंदा के ध्यान में नहीं आई। सवाल यह भी है कि पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया का मैनेजमेंट भी चुनावी प्रक्रिया में पुअर रहा। अशोकनागपाल को भी ध्यान नहीं रहा। 



नगरपालिका की चर्चा करने का भी कारण है कि अब भाजपा के नेता,जिलाध्यक्ष व जिला प्रभारी दशरथ सिंह सूरतगढ़ व राजियासर पंचायत समितियों में पूजा छाबड़ा की ताकत को झोंक देते हैं तो उसके बैठकों सभाओं के भाषण तंत्र से उपजने वाला उत्साह वोट में बदल सकता है। सूरतगढ़ जिला बनाओ अभियान का आमरण अनशन और उसके बाद भयानक लू और गरमी में अन्न त्याग कर की गई यात्राओं से लोग प्रभावित हुए। उस समय भयानक परेशानियों में पूजा छाबड़ा के हर दिन की समीक्षा से वे एक ताकतवर महिला नेता हैं जो भाजपा के पास है। पूजा छाबड़ा को राजस्थान में विधानसभा व लोकसभा चुनाव की सभाओं, जनसंपर्क का बेहतरीन अनुभव हैँ।

लोग उनको सुनते हैं और प्रभावित होते हैं। भाजपा पूजा छाबड़ा की ताकत से प्रभाव से सूरतगढ़ और राजियासर पंचायत समिति क्षेत्रों में बहुत बदलाव कर सकती है।०0० 







रविवार, 27 सितंबर 2026

लाईफस्टाइल.यह कैसा जीना है? फुटपाथों पर आलीशान भवन,शौ रूम.गंदगी.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ में आवासन मंडल कालोनी पुरानी में और उसके पश्चिम में नये अतिक्रमण और हो गये। पानी निकासी बाधा पर चर्चा है। शहर में अनेक होटल अवैध बन गये और कुछ अभी बन रहे हैं। होटल,शौरूम,भवन की स्वीकृति दो मंजिल और ऊंचाई 3 से 4,5 मंजिल बना ली,अंडरग्राउंड भी अवैध बना लिए। आवाहन मंडल में घरों से आगे सड़कों पर बीस फुट तक  पक्के अतिक्रमण हो गये और अभी नगरपालिका चुनाव में और अतिक्रमण पक्की सड़क पर हो गये। 



नेशनल हाईवे के आसपास करोड़ों के भूखंडों पर नेताओं बड़े लोगों के अतिक्रमण मालिक है नगरपालिका और नगरपालिका में ही शिकायतों का दमन।



 बड़े लोगों ने नेताओं ने पैसे वालों ने फुटपाथों को अपने आलीशान भवनों कोठियों, शोरूम आदि में शामिल कर लिया है। सड़कें टूट रही है। नाले नालियां साफ नहीं किए जा रहे। खाली भूखंडों, सड़कों के किनारे कचरा फेंकने गंदगी फैलाने की हमारी लाईफ स्टाइल हो गयी है। 







बड़े लोग,राजनेता, नेता,समाजसेवक कर रहे हैं या देख रहे हैं। यह अति और जीवनशैली जो बीमारियां पैदा कर रही है उससे लोग पीड़ित हैं। असमय मर रहे हैं। समझदार लोग भी इस जीवनशैली में शामिल हो गये हैं। इन अतिक्रमण भरे व्यवहार को सख्ती के बिना रोकना संभव नहीं है।  



👌सड़कें फुटपाथ किसी के नहीं, किसी के बाप के नहीं। इंतजार करें। एक नहीं, सभी अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। चाहे किसी भी रुतबे के नेता हों,पूंजीपति हों,सेवा निवृत अधिकारी हों,वकील डाक्टर शिक्षाविद् हों,व्यापारी हों,चाहे सत्ताधारीहों,किसी राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारी हों सभी के अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। हमारे प्रयास चल रहे हैं। अभी भी अतिक्रमण हटा लेने का मौका है,अतिक्रमणकारी  बस ये सोचते हैं कुछ नहीं होगा। बड़े लोगों की चमड़ी भी मोटी होती है लेकिन वह भी उतरती है। मोटी चमड़ी उतरती है तो  दर्द  भी अधिक होता है। इनका दर्द देखना जब अतिक्रमण टूटेंगे। 

*सुधार के लिए युवा पीढी और संघर्षशील लोग ही आवाज उठाकर,सख्तकदम बढाकर  नगर और नगरपालिका प्रशासन, नगरपालिका बोर्ड को जगा सकते हैं। नगरपालिका प्रशासन को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके ऊपर भी प्रशासन है। * 27 सितंबर 2026.

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सड़कें किसी की नहीं, किसी के बाप की नहीं।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 27 सितंबर 2026.

 इंतजार करें। एक नहीं, सभी अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। चाहे किसी भी रुतबे के नेता हों,पूंजीपति हों,सेवा निवृत अधिकारी हों,वकील डाक्टर शिक्षाविद् हों,व्यापारी हों,चाहे सत्ताधारीहों,किसी राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारी हों सभी के अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। 

 प्रयास चल रहे हैं। अभी भी अतिक्रमण हटा लेने का मौका है, बस ये सोचते हैं कुछ नहीं होगा। बड़े लोगों की चमड़ी भी मोटी होती है लेकिन वह भी उतरती है। मोटी चमड़ी उतरती है तो  दर्द  भी अधिक होता है। इनका दर्द देखना जब अतिक्रमण टूटेंगे। ०0०






शनिवार, 26 सितंबर 2026

2 करोड़़ की रिश्वत लेते गिरफ्तार.SOG के asp मुकेशकुमार के दलाल को ACB ने पकड़ा.

 


* करणी प्रेस इंडिया *

जयपुर. 26 सितंबर 2026.

उदयपुर ACB द्वारा 2 करोड़ रू की रिश्वत लेते SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी का दलाल ट्रैप किया गया है।

ACB ने दलाल सज्जन कुमार को ट्रैप किया. SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी के लिए 2 करोड़ की घूस ली जा रही थी। किसानों मुकदमे में मदद करने की एवज में बड़ी रकम मांगी गई थी। 


ACB ने 2 करोड़ की रकम लेते हुए एडिशनल एसपी के दलाल को ट्रैप किया. ACB सीआई डॉ.सोनू शेखावत, ASP गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने कार्रवाई को अंजाम दिया। 

DIG डॉ.रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में कार्रवाई की गई।

 DG गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर बड़ा ट्रैप हुआ।

एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा से हिरासत में लिया गया है।०0०















शुक्रवार, 25 सितंबर 2026

प्रथम प्रेसवार्ता और ज्योतिकंवर से वार्ता नहीं करवाई.भाजपा नेता रवैया सुधारें.

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 25 सितंबर 2026.

नगरपालिका में भाजपा की ज्योतिकंवर अध्यक्ष के पदभार ग्रहण दिवस 24 सितंबर पर भाजपा द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की गई। 

* भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान प्रेस को संबोधित करते रहे। नगरपालिका में भाजपा की जीत,वार्ड नं 15 में भाजपा का प्रत्याशी नहीं उतारने पर हो रही आलोचना पर स्पष्टीकरण की कोशिश के शब्द और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों पर भाषण करने लगे। 

* प्रेसवार्ता नवनिर्वाचित ज्योतिकंवर के उपस्थित होने से पहले शुरू कर दी गई। ज्योतिकंवर कुछ देरी से पहुंची तब जिलाध्यक्ष जी बोल रहे थे।

* वरिष्ठ पत्रकार ने पास में बैठे पूर्व पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा से दो बार कहा कि अब ज्योतिकंवर को बुलवा दें। लेकिन कहने के बाद भी ज्योतिकंवर को नहीं बुलवाया। प्रश्नोत्तर होने लगे तब भी कहा कि ये होते रहेंगे ज्योतिकंवर को बुलवा दें, लेकिन नहीं बुलवाया।

* वार्ता समाप्ति पर वरिष्ठ पत्रकार ने ओमप्रकाश कालवा व जिलाध्यक्ष को इसके लिए उलाहना दिया कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष को पहले ही दिन इग्नोर किया। जवाब दिया गया कि कार्यक्रम में वार्ता करा देंगे। यह भी स्पष्ट किया गया कि यहां सभी पत्रकार हैं,वहां हो सकता है सभी नहीं भी हों।

* प्रश्न यह है कि ज्योतिकंवर के बोलने से अड़चन किसको थी। उनको लग रहा होगा कि वह बोल पाएगी या नहीं। प्रश्नोत्तर कर पाएगी या नहीं। पुरूष नेतागिरी वाली मानसिकता से ज्योतिकंवर को नहीं बुलवाना अनुचित था। आखिर ज्योतिकंवर के के बोले बिना इस प्रेसवार्ता करने का औचित्य ही क्या था? ज्योतिकंवर को बुलवाना नहीं था तो प्रेसवार्ता में उनको उपस्थित क्यों किया? 

* ज्योतिकंवर के साथ कुछ महिला कार्यकर्ता आदि आई तो उनको बिठाने सम्मान देने की सोच भी नहीं थी।वे कुछ नेताओं के पीछे खड़ी रहीं।

** पूर्व रात्रि को नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना ने फोन किए कहा कि प्रेसवार्ता में आना है और भोजन भी सभी का साथ में होगा। प्रेसवार्ता के बाद भाजपा ने सभी पत्रकारों का उपवास कराया, वहां भोजन की कोई व्यवस्था नहीं थी। यह ध्यान रखना होगा कि प्रेसवार्ता में कोई चायपानी के लिए नहीं जाता।

* सामान्य तौर पर कागज पैंसिल भी नहीं थी।

 * यह महत्वपूर्ण खुशी के अवसर की प्रेसवार्ता थी जिसमें कई पत्रकारों को आमंत्रित ही नहीं किया जिसमें वरिष्ठ पत्रकार भी वंचित रहे।


कार्यक्रम स्थल पर कुर्सियां भी कम थी और उन पर भी भाजपा के लोग बैठ गये थे।


* भाजपा को और भाजपा नेताओं को अपना रवैया सुधार लेना चाहिए, ताकि आगे से ऐसा न हो्,क्योंकि पंचायत चुनाव सिर पर हैं। नगरपालिका का बोर्ड केवल एक वोट से वो भी कांग्रेस के पार्षद के वोट से बना है,ऐसा ही रवैया रहा तो सूरतगढ़ राजियासर की प्रधानगी का क्या होगा? शाम को पत्रकार मिले तो प्रेसवार्ता में ज्योतिकंवर को नहीं बुलवाने की अव्यवस्था और नेताओं के रवैये पर ही चर्चा थी।

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सूरतगढ़:पंचायती राज चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक.



सूरतगढ़ 25 सितंबर 2026 पंचायत राज चुनाव की तैयारी के लिए कांग्रेस पार्टी की यहां बैठक हुई। विधायक गेदर ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर तैयारी में जुटने का किया आह्वान।

आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चुनाव की तैयारियों, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर बैठक विधायक जनसेवा केंद्र में हुई।

विधायक डूंगरराम गेदर ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनाव में सरकारी म

शीनरी और पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग का सहारा लिया गया।  पंचायती राज संस्थाएं गांवों के विकास की आधारशिला हैं,  महंगाई, किसान समस्याओं, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर काम करना होगा। चुनाव गांवों के विकास और आमजन की आवाज को मजबूत करने का माध्यम है। मतदाता सूचियों में अनियमितता  मतदाताओं के नाम गायब होना और एक परिवार के वोट अलग-अलग वार्डों में करना गंभीर सवाल खड़े करता है। अंतिम समय तक सूची जारी न होना चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और भाजपा सरकार द्वारा इसके संभावित दुरुपयोग है।

पदाधिकारियों ने कहा कि सभी मिलकर गांव-गांव संपर्क अभियान चलाएंगे, मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे तथा स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगे।

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, ब्लॉक अध्यक्ष राजियासर गिरधारी स्वामी, परमजीत सिंह रंधावा, हरिराम मेघवाल, अमित कड़वासरा, गगन वंडिग, कृष्ण गोदारा, देवीलाल सहारण, राजाराम गोदारा, जयप्रकाश गिल्ला, बनवारी थोरी, बलवंत पंवार, मनदीप सिंह, प्रवीण गोयल, इंद्रजीत रंधावा, मांगीलाल बिश्नोई, इंद्राज कालवा, ओम स्वामी, बंशीधर छाबड़ा, हंसराज भाट, नरेंद्र शर्मा, राजाराम बेनीवाल, सुभाष सुथार, पालाराम सैन, गोपी वंडिग, अमरसिंह गोदारा, विक्रम, विनोद घोड़ेला एवं लीलाधर स्वामी सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।०0०






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