शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

कीनिया फिल्म अभी अधूरी! कीनिया,राजाराम गोदारा और विधायक गेदर के बयानों की फिल्म!राज कुछ और है?

 

* करणीदानसिंह राजपूत * 

सूरतगढ़ 2 अक्टूबर 2026.

विधायक डुंगरराम गेदर के बयान के बाद भी कीनिया फिल्म अभी अधूरी है और लोगों को अभी तक मालुम नहीं कि कीनिया प्रकरण पर फिल्म बना कौन रहा है? 

सूरतगढ़ में नगरपालिका अध्यक्ष पद चुनाव का मतदान 21 सितंबर 2026 को होने से पहले वार्ड नं 43 से कांग्रेस की टिकट पर पार्षद चुने गए कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया और उसका भाई विकास तीन दिन पहले लापता होते हैं और फिर अनेक चर्चाओं में उनके उठाए जाने के आरोप शुरू होते हैं तथा मतदान दिवस पर उसकी वोट डालने के लिए इंतजार होता है,वह नहीं आता तब मतदान का समय बढाया जाता है,और फिर समय समाप्ति से कुछ मिनट पर कीनिया अचानक प्रगट होता है तथा अपना वोट पोल कर देता है। वह जोरशोर से कहता है कि डुंगरराम गेदर का सच्चा सिपाही है।

* आरोप लगाया जाता है कि भाजपा के लोगों ने पुलिस मदद से उठवाया था और उसके साथ बड़ा अत्याचार हुआ। वोट देने के समय उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी और साफ साफ पूर्ण आनंदित लग रहा था। कोई घबराहट डर उसके चेहरे और बयान में नहीं था। अगर उसके साथ अत्याचार हुआ हो मारपीट हुई होती तो कहीं चोट या दर्द झलकता। वह तो पूरा जोश में था।

ताजा विडिओ विधायक डुंगरराम गेदर का आया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच में बयान देते हुए कीनिया स्टोरी में शामिल हुए हैं। विधायक गेदर बोल रहे हैं, बता रहे हैं तो सच्च सच्च ही बता रहे होंगे। गेदर का पहला बयान था कि कीनिया हमारे पास है।

* कीनिया स्टोरी में सबसे पहला वीडिओ उसके भाई विकास का आया। उसने कहा" कोई टेंशन नहीं लें। मजे में हैं सेफ हैं। मिल खर सूरतगढ़ का विकास करेंगे।"

* कांग्रेसी नेता और अध्यक्ष पद से कांग्रेस की प्रत्याशी परमेश्वरी देवी के पति राजाराम गोदारा का कीनिया स्टोरी में वीडिओ आया। उन्होंने सूरतगढ़ सिटी पुलिस थाने की थानाधिकारी कलावती चौधरी को भी प्रकरण में शामिल किया।

* कीनिया के एक से अधिक विडिओ आ गये। हरेक में बयानों में अंतर आया। ताजा एक विडिओ में भाजपा अध्यक्ष का नाम लेते कहा कि उनके लोगों ने उठाया।

* कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया,उसका भाई विकास, राजाराम गोदारा, कीनिया के साथ जो दो जने बताए उनका विडिओ बयान और विधायक डुंगरराम गेदर का बयान आने के बाद भी सच्च एक के बयान में भी नहीं निकला। कीनिया कथित उठाने वालों के चंगुल से 21 सितंबर को छूट कर आ गया और वोट भी पोल कर दिया, लेकिन घटना के इतने दिन यानि 15 दिन बीतने के बाद भी उसने संबंधित क्षेत्र के थाना लूनकरणसर में मुकदमा दर्ज नहीं कराया। इतनी बड़ी घटना हो जाए मौत का खतरा हो जाए और उसका मुकदमा दर्ज नहीं करवाए तो फिल्मी कहानी काल्पनिक और उसमें शूटिंग के हिसाब से नये नये परिवर्तन करते रहें जो जी में आए। 

* पुलिस में जरूरी नहीं कि कीनिया ही मुकदमा दर्ज कराए। राजाराम गोदारा को मालुम है और वे भी मुकदमा दर्ज करवादें। विधायक डुंगरराम गेदर को बहुत कुछ मालुम है तो वे बड़े नेता हैं, पावरफुल हैं, वे ही मुकदमा दर्ज करवा दें या फिर कीनिया के साथ जाकर मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत कीनिया में पैदा करें। 

👌 कीनिया के साथ कुछ हुआ या नहीं हुआ या सब विडिओ कल्पना के,आरोप लगाने के झूठे बयान हैं तो इसका सच्च तो पुलिस या अन्य जांच एजेंसी के अनुसंधान से ही मालुम हो सकेगा। 

👌 कीनिया, राजाराम गोदारा और विधायक डुंगरराम गेदर आखिर मुकदमा दर्ज कराने से कतरा क्यों रहे हैं? सच्च सामने आने दें और कोई दोषी है तो उनको न्याय के सुपुर्द होने दें।

👍 अगर मुकदमा दर्ज नहीं करवाया जाता है तो यह फिल्म झूठ की फिल्म घोषित होकर अधूरी ही रह जाएगी।

👌 आश्चर्य यह है कि कीनिया को वोट के लिए उठाते हैं और उठाने वाले वोट के दिन उसे छोड़ देते हैं और वह डुंगरराम गेदर का सच्चा सिपाही कांग्रेस के समर्थन में मतदान केंद्र में घुसता है। 

👌 अभी तक जो हालात रहे हैं विडिओ पर विडिओ बयान आए हैं, उनसे लगता नहीं है कि मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सही रिजल्ट और सबूत दिन प्रतिदिन बीतते खत्म होते जाने से पहले जल्दी से जल्दी मुकदमा कराया जाता है।०0०











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