बुधवार, 30 सितंबर 2026

सूरतगढ़:पंचायत राज चुनाव.भाजपा नेताओं का भविष्य तय करेंगे. कांग्रेस की कड़ी चुनौती है.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 30 सितंबर 2026.

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शहरी क्षेत्र में नगरपालिका और देहात क्षेत्र में दो पंचायत समितियां सूरतगढ़ और राजियासर हैं। नगरपालिका का चुनाव हो चुका है जिसमें भाजपा एक वोट अधिक से बोर्ड बनाने में सफल रही है। 

* नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता धारी भाजपा को जबरदस्त चुनौती दी। विधायक डुंगरराम गेदर और राजाराम गोदारा की चुनावी रणनीति और निर्दलीय पार्षदों को राजाराम गोदारा के खेमे (एक तरह से कांग्रेसी खेमा ही मानें) में एकत्रित कर लेना महत्वपूर्ण नीति रही। नगरपालिका के कुल 45 वार्डों में कांग्रेस के पास 23 और भाजपा के पास 22 पार्षद थे। कांग्रेस का एक वोट क्रोस होने से कांग्रेस बोर्ड बनाने से रह गई। कांग्रेस ने भाजपा के पास सत्ता बल होने का आरोप लगाया। 

👌नगरपालिका की सत्ता केवल एक वोट से हाथ से निकल जाने के बाद विधायक डुंगरराम गेदर  और राजाराम गोदारा दोनों ही अब पंचायत चुनावों में बदला लेने के लिए नयी रणनीति में हैं। नगरपालिका अध्यक्ष पद चुनाव हारने का धक्का विधायक गेदर से भी अधिक राजाराम गोदारा को लगा। राजाराम गोदारा राजनैतिक बदला लेने के लिए दोनों पंचायत समितियों में कांग्रेस जीत के लिए बहुत कुछ करने में लग चुके हैं। नगरपालिका में भाजपा और कांग्रेस की जबरदस्त टक्कर रही और यही स्थिति पंचायत चुनावों में है। 

👌 प्रदेश में सत्ता होते हुए भी भाजपा ने शहर में कुछ नहीं किया जिसके कारण कांग्रेस टक्कर में रही और यही स्थिति ग्रामीण इलाकों में है। भाजपा के राज में लोग पीने के पानी के लिए परेशान होते रहे। बिजली ने लोगों को खूब रुलाया। सड़कों की भी दुर्दशा रही। भाजपा सभी का साथ सभी का विकास मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन गांवों में तो यह विकास नजर नहीं आता। सड़कों के घपले हुए। दोनों पंचायत समितियों के चुनाव में कांग्रेस का पूरा दबदबा है और राजाराम गोदारा की बदला लेने की रणनीति और चुनौती है। सूरतगढ़ पंचायत समिति में पिछले चुनाव में कांग्रेस जीती और अपना प्रधान बनाया। सूरतगढ़ के विभाजन के बाद सूरतगढ़ और राजियासर दो पंचायत समितियां तो बन गई हैं लेकिन इन दोनों में प्रधान कौनसी पार्टी बनाएगी?

* इन दोनों पंचायत समितियों के परिणाम का प्रभाव सन् 2028 के विधानसभा चुनाव पर भी होगा। कांग्रेस में तो सीटिंग एम एल ए. डुंगरराम गेदर की ही टिकट पक्की है लेकिन भाजपा में एम एल ए की टिकट तय करने में प्रभाव डालेंगे। भाजपा संगठन जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह,पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया ( पुत्र संदीपकासनिया) और विधायक अशोकनागपाल प्रमुख रूप से रणनितीकार होंगे। पंचायत चुनावों में पूर्व प्रधान चंदुराम लेघा,पंचायत डायरेक्टरों राहुल लेघा और पेपसिंह राठौड़ का बहुत महत्व है।

सन् 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पंचायत चुनाव जिलाध्यक्ष स.शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोकनागपाल, राहुल लेघा और संदीप कासनिया का भविष्य तय करेंगे।०0०







यह ब्लॉग खोजें