गुरुवार, 12 मार्च 2026

नागपाल होटल 2 मंजिलें अवैध.नया रूप अवैध निर्माण जारी

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 12 मार्च 2026.

शहर के कीमती मुख्य सड़क,पुराने बस स्टैंड पर 2 मंजिलें अवैध उंचे बने'नागपाल होटल एंड रेस्टोरेंट' में बालकोनी को अवैध कमरे बनाने सहित नये रूप सौदर्य करण का निर्माण चल रहा है। अधिशासी अधिकारी और भूमि शाखा प्रभारी एवं अतिक्रमण रोधी दस्ता प्रभारी को अवैध निर्माण की जानकारी है मगर निर्माण को न रूकवाया जा रहा और अवैध निर्माण को सीज भी नहीं किया जा रहा। सामाजिक कार्यकर्ता दर्शन चुघ ने नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा को 10 मार्च को दस्तावेज दिखाते हुए अवैध निर्माण की समस्त रूप से अवगत करा दिया। नगरपालिका प्रशासन को अपने आप कार्वाई करनी चाहिए थी,मगर दर्शन चुघ द्वारा बताए जाने के बावजूद निर्माण रूकवाने की कार्वाई मौके पर नहीं की गई।

* नगरपालिका प्रशासन द्वारा सुनील कुमार अरोड़ा पुत्र रामचन्द्र अरोड़ा को भूखंड 1 ई की 946 वर्गफीट की निर्माण स्वीकृति 26 दिसंबर 2015 को दी गई थी जिसमें अंडर ग्राऊंड,ग्राऊंड फ्लोर और फस्ट फ्लोर की स्वीकृति थी। इसके बावजूद अवैध रूप से दो अतिरिक्त मंजिलें सैकिंड फ्लोर और थर्ड फ्लोर बना लिए गये।

* उस समय के पार्षद सुभाष सैनी ने नगरपालिका को शिकायत की जिसमें सड़क पर कभी भी होटल से हादसा होने का खतरा बताया था। 

* नगरपालिका की ओर से नोटिस पत्र 10556 दि.12 फरवरी 2016 से अवैध निर्माण हटाने का लिखते हुए जवाब मांगा गया मगर सुनील कुमार नागपाल की ओर से अवैध निर्माण नहीं हटाया गया और न जवाब दिया गया। इसके बाद नगरपालिका ने सुनील कुमार नागपाल को अंतिम नोटिस दि. 27 सितंबर 2017 को जारी किया। सूत्रानुसार  इसके बाद भी अवैध निर्माण नहीं हटाया गया और होटल निर्माण कर्ता नगरपालिका के नोटिस के बाद अदालत में चला गया। होटल से अवैध निर्मित 2 मंजिलें हटाई नही गई और अब यथा स्थिति में कुछ भी परिवर्तन निर्माण नहीं किया जा सकता मगर यह सब नगरपालिका प्रशासन को मालुम होते हुए भी चल रहा है।




 * नगरपालिका प्रशासन में अधिशासी अधिकारी पद पर पूजा शर्मा और प्रशासक पद पर उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा हैं। ईओ पूजा शर्मा को होटल के बिना स्वीकृति के हो रहे अवैध नये रूप निर्माण को रूकवाना और सीज करना था  लेकिन यह नहीं हुआ जो नगरपालिका हितों के विपरीत है। इसकी संपूर्ण स्थिति से प्रशासक को भी अवगत कराना और निरीक्षण कराया जाना चाहिए था। 

( कुछ और होटल व शापिंग काम्प्लेक्स अवैध निर्माण नगरपालिका प्रशासन की जानकारी मिलीभगत में चल रहे हैं।)०0०






बुधवार, 11 मार्च 2026

सरकार डीएलबी के आदेश नहीं मानते ईओ आयुक्त.नेता स्वार्थ से चुप.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में शहरी निकायों में अभी चुनी हुई सरकार/ बोर्ड नहीं है ऐसे में ( नये बोर्ड गठन तक)स्वायत्त शासन विभाग जयपुर ने 2 फरवरी 2026 को एक आदेश जारी किया है कि अधिशाषी अधिकारी आयुक्त अपने एकल हस्ताक्षर से पट्टे जारी कर सकते हैं। (यह आदेश यहां दे रहे हैं।) इस आदेश को कतिपय नगरपालिकाओं में ईओ/ आयुक्त नहीं मान रहे और पट्टे नहीं दे रहे। ( सूरतगढ़ नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी नहीं मान रही और एक भी पट्टा नहीं दिया) यदि कोई शंका हो तो सरकार से मार्ग दर्शन मांग सकते हैं। लेकिन मार्गदर्शन भी नहीं मांग रहे, जिसका कारण यह है कि आदेश स्पष्ट है और मार्ग दर्शन मांगे तो उलटा पड़ सकता है।

* इससे पहले डीएलबी के दो आदेश भी नहीं मान रहे। 

1- सफाईकर्मियों को किसी अन्य कार्यों पर नहीं लगाया जा सकता। आदेश कि ऐसा है तो वापस अधिकृत स्थान पर ही लगाएं। वेतन नहीं देने का भी था। नगरपालिका ईओ आयुक्त से प्रमाणपत्र भी लिया गया कि सफाई कर्मचारी अन्य कार्यों पर नियुक्त नहीं है। ये भी फर्जी हो गये। (सूरतगढ़ में ईओ ने झूठा भेजा। सफाई कर्मचारी अन्य कार्यों पर लगे हुए हैं। यहां तो सफाईकर्मियों ने मांग पत्र भी ईओ और एसडीएम प्रशासक को दिया कि अन्यत्र कार्य कर रहे सफाई कर्मियों को असली ड्युटी पर लगाया जाए। इस पर भी कार्य नहीं हुआ।) 

2- दमकल अग्निशमन कर्मचारियों को अन्यत्र नहीं लगा सकते। सरकार का आदेश है लेकिन ईओ आयुक्त को कोई परवाह नहीं है।

( ईओ आयुक्त आदि ने अपने नजदीकी किसी स्वार्थ से,अपने रिश्तों के महिला/पुरूष कर्मचारियों को फील्ड से हटाकर ए.सी. कमरों में अन्य कार्यों पर लगा रखा है। वे नहीं मानते सरकारी आदेश। आदेश नहीं मानने वालों की डीएलबी को विधिवत शिकायत नहीं होती कि कौनसा अधिकारी आदेश नहीं मान रहा है। सफाई युनियनें,उनके पदाधिकारी अध्यक्ष सचिव आदि अधिकारियों से अपने स्वार्थों उचंती अवकाशों आदि के कारण मिले हैं तो वे शिकायत नहीं करते।)

* सरकार के आदेश सत्ता धारी दल के स्थानीय नेताओं को लागू करवाने चाहिए लेकिन अधिकांश अधिकारियों के साथ विभिन्न लाभों के कारण चुप रहते हैं। शहर की सफाई अग्निशमन आदि जाए भाड़ में।कोई मरे कोई जिए। अपने अपने शहरों के दोगले नेताओं को जानलें पहचान लें, वैसे जानते भी हैं। यहां बड़ा प्रश्न यह है कि सत्ता धारी पार्टी के स्थानीय नेता नेतियां अधिकारियों से मिले हैं तो अन्य पार्टियों के नेता शिकायत लिखें। वे भी नहीं लिखते।

* बात लौट कर पट्टों पर है तो पट्टा आवेदक स्वयं आगे बढे और आदेश का हवाला देते फोटो प्रति भी लगाए और  ईओ आयुक्त को लिखित में दे। जबानी कुछ भी नहीं करे। यदि शहरी अभियान में कोई पट्टा रह गया तो भी लिखित में इस आदेश का हवाला देकर दे और रसीद भी ले ताकि अधिकारी की जवाब देही बने। शहरी अभियान का पट्टा अब आगे अभियान शुरू होने पर ही बनेगा ऐसा कोई नियम निर्देश नहीं है। कोई ईओ आयुक्त यह मौखिक उत्तर देता है तो वह गलत उत्तर है जिसकी शिकायत भी की जा सकती है।



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मंगलवार, 10 मार्च 2026

सूरतगढ़. होटलों, शोपिंग काम्प्लेक्सों का अवैध निर्माण.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 10 मार्च 2026.होटलों और शोपिंग काम्प्लेक्सों का अवैध निर्माण जोरशोर से चालू है। लोगों को दिखाई दे रहा है। नगरपालिका प्रशासन को अवैध नहीं दिख रहा। इसका बड़ा कारण है कि नगरपालिका प्रशासन आंखें बंद कर देखे तो कैसे दिखाई दे। 

* इसके लिए पहले नगरपालिका में सूचना दो। इसके बाद नगरपालिका प्रशासन सूचना को दबा कर बैठ जाए तब नगरपालिका के आंखें मीचे अधिकारी को चेताओ। फिर नगरपालिका का बड़ा अधिकारी निर्माण कर्ता से दुबारा और वसूली करे। निर्माण कर्ता को बताए कि किसने शिकायत की है। अभी कुछ होटलों का अवैध निर्माण चल रहा है। कागजों में ग्राऊंड फ्लोर और ऊपर एक मंजिल। लेकिन यहां तीन चार मंजिल निर्माण। रेलवे स्टेशन, पुराना बस स्टैंड, बाईपास, और भी स्थान हैं। निर्माण रुकते हैं या और तेज चलते हैं। ये सब शतरंज खेल नहीं नोटों के खेल हैं। करते हैं कुछ। नगरपालिका प्रशासन पहुचेगा मौके पर अपने आप। 

👍 भाजपा कांग्रेस में कोई ईमानदार होगा तो नगरपालिका में कार्वाई के लिए जरूर नाम स्थान सहित कार्वाई की मांग जरूर करेगा।0०0

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सोमवार, 9 मार्च 2026

अतिक्रमण हटाए भूखंड पर पालिका संपत्ति का बोर्ड नहीं लगाया.2 करोड़ का भूखंड.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ 9 मार्च 2026.सार्वजनिक उपभोग के लगभग 2 करोड़ के भूखंड पर से अतिक्रमण हटाने के 9 दिन बाद तक तारबंदी नहीं करवाई बल्कि नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड भी नहीं लगाया न सामग्री जब्त की। तारबंदी की कोटेशन हो गये लेकिन काम शुरू नहीं करवाया। तारबंदी तुरंत शुरू कराने में कोई परेशानी है तो नगरपालिका अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा तुरंत ही बिना देरी किए नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड लगवा सकती थी। नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड 10 मार्च को भी नहीं लगाया जाता है तो यह चर्चा सही होगी कि नगरपालिका प्रशासन भूमाफिया का साथ दे रहा है और इसी तिकड़म में आज दिन तक अतिक्रमण की सामग्री को भी जब्त नहीं किया गया। इस भूखंड के अतिक्रमण,ध्वस्त करने में देरी और अब नगरपालिका की तारबंदी में देरी किए जाने में सत्ता धारी भाजपा की आलोचना हो रही है। भाजपा के एक नेता का नाम भी चर्चाओं में आ रहा है कि उसके कारण नगरपालिका प्रशासन काम में देरी कर रहा है। इस अतिक्रमण में कई दिन तक तो भूखंड में मिट्टी भराई का काम हुआ लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने रुकवाया नहीं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग के समीप निरंकारी भवन के पीछे 

का यह स्थान काफी कीमती है और बताया जाता है कि यहां भूमि लगभग 6 से 7 हजार रू.प्रति फुट दर की है। इस भूखंड पर अतिक्रमण की शिकायत नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा और उपखंड अधिकारी को की गई थी।

👌 उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा की सख्ती से सार्वजनिक उपभोग की  कीमती भूखंड से 25 फरवरी को अतिक्रमण पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्त किया गया था। ०0०






रविवार, 8 मार्च 2026

पृथ्वी मील पूर्व जिला प्रमुख पर मुकदमें की एप्लिकेशन.एसपी को.



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 मार्च 2026.

पूर्व जिला प्रमुख पृथ्वीराज मील पर मुकदमा किए जाने की एक शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक को हुई है। नगरपालिका सूरतगढ़ के पूर्व अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल से दुकान निर्माण को लेकर हुए विवाद में गालियां और विवाद का मामला है। दुकान की मालकिन बनवारीलाल मेघवाल की पत्नी विमला है जो नगरपालिका में पार्षद रह चुकी है। विमला जिस भूखंड को अपना नीलामी में लिया बताती है, उस पर कुछ दिनों पहले पृथ्वीराज मील ने जबरन निर्माण कर लिया। पृथ्वीराज और बनवारीलाल मेघवाल के बीच निर्माण के वक्त विवाद हुआ था। एसपी को एप्लिकेशन बिमला देवी की ओर से दी गई है। पूरे विवरण की प्रतीक्षा है।

सूचना है कि बिमला देवी ने मुकदमें की एक एप्लिकेशन सिविल कोर्ट में भी पेश की है।०0०






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बुधवार, 4 मार्च 2026

भाजपा नेता पूर्व राज्यमंत्री कासनिया से करणीदानसिंह राजपूत की मुलाक़ात

 

* करणी प्रेस इंडिया * सूरतगढ़ 4 मार्च 2026.

लोकतंत्र सेनानी,पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत की भाजपा नेता पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की होली पर्व की खास मुलाक़ात हुई। होली की रामरमी हुई और राजनीतिक बातें भी जुड़ती चली गई। कासनिया का किसान युनियन पीलीबंगा के अध्यक्ष पद से निरंतरता और विधानसभा चुनाव,बीकानेर लोकसभा चुनाव की बातें। वर्तमान में सूरतगढ़ की राजनीति और भाजपा के नेताओं में कासनिया की जीवित कार्य पद्धति पर उपस्थित लोग भी चर्चा में शामिल हुए। 

होली पर्व.4 मार्च 2026.०

मंगलवार, 3 मार्च 2026

सत्ता भूमाफिया का एक कब्जा ध्वस्त.टूटेंगे और भी.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 मार्च 2026.

सत्ता भूमाफिया का अतिक्रमण निरंकारी भवन के पीछे आखिर नगरपालिका प्रशासन को तोड़ना पड़ा और जमीन को अपने अधिकार में ले लिया जहां सार्वजनिक हित के निर्माण से पहले तारबंदी की जाएगी। नगरपालिका प्रशासन दबाव में ध्वस्त की कार्वाई से दूर रहने की कोशिश कर चुका था लेकिन उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा की सख्ती से यह कीमती भूखंड अतिक्रमण से मुक्त करवाना पड़ा। 



* सत्ता और भूमाफिया का डर मानकर मीडिया ने फोटो,वीडियो कुछ नहीं किया जबकि गरीब का छत ध्वस्त करने पर फोटो विडिओ होते और समाचार भी छापे जाते। एक बड़े अखबार के पत्रकार ने तो नगरपालिका प्रशासन से मिलीभगत के कारण अतिक्रमण होते रहने और तोड़े जाने की न्यूज को लगातार रोके रखा। अखबार में न्यूज नहीं छपी।

* सत्ता के साथ चिपटे और करोड़ों रूपये के भूखंडों पर अतिक्रमण करके खौफ पैदा करने का यह बड़ा अतिक्रमण ध्वस्त हुआ है अभी और अतिक्रमण भी निश्चित ही ध्वस्त होंगे की उम्मीद है। 

👌 सब पर निगाहें.

 नेशनल हाईवे के पास अतिक्रमण करके मार्केट बनाने,दुकानें बनाने के करोड़ों के अतिक्रमण फोटोग्राफी में आए हैं। 

आवासीय भूखंडों पर भी अवैध मार्केट बनाने के मामले हैं जहां सभी अवैध निर्माण स्थानीय साप्ताहिक 'ब्लास्ट की आवाज' में सचित्र कई बार छप चुके हैं। ये नगरपालिका प्रशासन अधिशासी अधिकारी को मालुम होते रहे हैं।

अनेक गलियों में नगरपालिका की भूमि पर आवासीय अतिक्रमण हुए और कहा जाता रहा कि गरीब है लेकिन वहां बीसियों लाख की दुकानें बन जाने पर हालात उजागर हो रहे हैं कि ये अतिक्रमण तो भूमाफिया के हैं और वे वर्तमान में चलती सत्ता के एक नेता के  यहां चौकड़ी जमाते हैं ताकि नगरपालिका प्रशासन  सत्ता के डर से वहां तोड़ने की कार्वाई नहीं कर सके। लेकिन ऐसे कुछ दुकानें मार्केट दिखाई पड़े हैं  और वे भी किसी दिन जरूर टुटेंगे। ऐसे ही मुख्य बाजार, रेलवे रोड,सुभाष चौक,पुराना बस स्टैंड की रोड पर व अन्य कई होटल अवैध बन चुके हैं और कुछ निर्माण में चल रहे हैं। कुछ होटल दो मंजिल की निर्माण अनुमति लेकर अवैध रूप से तीन चार मंजिल तक अवैध बना चुके हैं। सत्ता के नेता या बचाव के लिए सत्ता के पैर पकड़े हुए अतिक्रमणकारियों के अवैध निर्माण दुकानें होटल आदि पर भी कार्वाई होगी। इसमें कुछ समय लग सकता है लेकिन सत्ता नेता  अतिक्रमण बचा नहीं सकते।  ०0०





सूरतगढ़ की राजनीति में पावरफुल नेता कौन?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 मार्च 2026.

सूरतगढ़ की राजनीति में वर्तमान में पावरफुल नेता कौन है? हर परिस्थिति में गुणावगुण में देखें तो विधायक डुंगरराम गेदर ( कांग्रेस) और पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया ( भाजपा) ही पावरफुल हैं। डुंगरराम गेदर वर्तमान में सूरतगढ़ के विधायक हैं और विधानसभा के भीतर और बाहर भाजपा सरकार को आरोप लगाकर और कमियां बताकर घेरने में कभी कमी नहीं रखी। डुंगरराम गेदर ने रामप्रताप कासनिया को सन् 2023 के विधानसभा चुनाव में 50 से अधिक मतों से पराजित कर सीट छीनी थी। गेदर ने किसी न किसी तरह से रामप्रताप कासनिया और बेटे संदीप कासनिया को हर समय आरोप लगा कर घेरते रहने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।



कांग्रेस में गेदर के बाद हर समय हर मामले में खड़ा रहने वाला दूसरा पावरफुल व्यक्ति परसराम भाटिया है।

* राजस्थान में भाजपा की सरकार है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि जहां भाजपा का विधायक है वहां उसकी चलती है। जहां भाजपा की हार हुई वहां हारे हुए प्रत्याशी की चलेगी। इस व्यवस्था में सूरतगढ़ में रामप्रताप कासनिया की चलती है। रामप्रताप कासनिया वृद्धावस्था रोगों से कमजोर हो रहे हैं और हर जगह उपस्थित नहीं हो सकते। ऐसी स्थिति में बेटा संदीप कासनिया पावरफुल बना हुआ है। 



भाजपा में संदीप की काट करने में कोई नेता या पदाधिकारी नहीं है। संदीप के पास कोई पावर पार्टी से मिले हुए नहीं है। लेकिन हालात देखकर और परिपाटी को आसान मानकर लोग और संस्थाएं संदीप कासनिया को समारोह व कार्यक्रमों में बुला लेते हैं। भाजपा में इस भीतरी कमजोरी पर कोई मुख नहीं खोल रहा जिससे सत्ता धारी होते हुए भी शहर में अनेक काम नहीं हो रहे। नगरपालिका प्रशासन की शहर की व्यवस्था में कोई रुचि नहीं है। कासनिया पिता पुत्र नगरपालिका की व्यवस्था पर निर्णय लेने में कमजोर सिद्ध हो रहे जिससे आम लोग पीड़ित हैं। रामप्रताप कासनिया को शहर के हालात मालुम तो हो रहे हैं मगर पावर का सख्त इस्तेमाल नहीं कर रहे।

 डुंगरराम गेदर और परसराम भाटिया भी  नगरपालिका पुलिस और राजस्व विभागों की टू दी पोईंट शिकायत करने से बचते हैं। दोनों लिखित शिकायत नहीं कर रहे। जनता में जो चर्चाएं हो रही है उनमें यह सारांश निकल रहा है कि गेदर के पास कर्मठ कार्यकर्ताओं की टीम नहीं है और परसराम भाटिया कुछ खास कारणों से नगरपालिका प्रशासन की शिकायत नहीं कर रहे। डुंगरराम गेदर को भी नगरपालिका प्रशासन की अधिकारी ईओ पूजा शर्मा की गड़बडिय़ों का मालुम है, शहर के हर वार्ड की दुर्दशा का मालुम है मगर शिकायत नहीं करते। गेदर के चुनाव सहयोगी इससे दूर हट रहे हैं। भाजपा में कासनिया के अलावा जो नेता या कार्यकर्ता हैं वे भी नगरपालिका प्रशासन की बड़ी गड़बड़ियों पर चुप हैं।  उन चुप नेताओं में पूर्व विधायक अशोक नागपाल का नाम भी जनता की चर्चाओं में आता है। इसके अलावा भाजपा में वर्तमान में सभी शून्य से हैं।०0०











सोमवार, 2 मार्च 2026

गंदगी से गरीब नहीं,नेता बीमार हो मरते हैं.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

गंदगी कचरे से गरीब नहीं मरते क्योंकि उनका शरीर बचाव की स्थिति निरंतर बनाता रहता है। गरीब लोग गंदगी को झेलते हुए शारीरिक मजबूत होते जाते हैं इसलिए बीमारियां असर नहीं करती। 

लेकिन गंदगी आलीशान भवनों में बंद रहने  वाले नेताओं,वी.आई.पी,धनाढ्य और बड़े लोगों पर जल्दी ही असर करती है। नेताओं पर गंदगी के असर से बीमारियां घेरती है और वे जल्दी मरणासन्न हो जाते हैं। अंदर अंदर रहने वालों को खुली हवा खुली धूप नहीं मिलती लेकिन कोठी के आसपास की नालियों की गंदगी और सड़कों के कचरे की बदबू बीमार करती है। गंदगी से बीमार होने वालों का शरीर बीमारियों से लड़ने में कमजोर रहता है इसलिए वे बीमार होने के बाद चाहे जो उपचार ईलाज करवाएं,दुबारा स्वस्थ नहीं हो पाते। वे पीड़ादायक हालत में अंतिम सांस लेते हैं। यह अंतिम सांस भी मांगने पर भी मिलती नहीं है।

सारांश यही है कि गंदगी से गरीब नहीं मरते,गंदगी से नेता और परिवार ही बीमार होकर मरते हैं। हां,ईलाज कराने के बाद स्वस्थ होने बच जाने का वहम तो होता है लेकिन यह कुछ दिनों या कुछ महीनों का ही होता है। गंदगी पर कभी कोई नेता और नेती मुंह तक नहीं खोलते। सफाई की व्यवस्था के लिए कोशिश नहीं करते। गंदगी फैलाने वाले निकम्मे सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को फटकारते नहीं। जो नेता नेती मुंह नहीं खोलते उनसे लिखित शिकायत की तो आशा भी नहीं की जा सकती। अपने आसपास ही देखें ऐसे नेताओं को और उनके परिवारों को जो अस्वस्थ हैं, बीमार हैं।०0०

2 मार्च 2026.

करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

94143 81356.

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रविवार, 1 मार्च 2026

महावीर इंटरनेशनल सूरतगढ़ का बवासीर शल्य चिकित्सा शिविर.संपूर्ण रिपोर्ट.सबसे अलग.

 









 * करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1मार्च 2026.

महावीर इंटरनेशनल सूरतगढ़ केन्द्र तथा राजस्थान सरकार आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान से संचालित 10 दिवसीय बवासीर शल्य चिकित्सा शिविर का आज रविवार को सम्मान समारोह एवं होली स्नेह मिलन कार्यक्रम विजय वल्लभ भवन (चौपड़ा धर्मशाला) में आयोजित हुआ। महावीर इंटरनेशनल का यह नौवां शिविर था।






कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग श्रीगंगानगर डॉ. कृष्ण चन्द्र अरोड़ा ने की।शल्य चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश चेचू, डॉ. राजेश कनवाडिया शिविर प्रभारी,चंद्र सिंह चौधरी शिविर संयोजक, नवीन सिसोदिया आकाशवाणी कार्यक्रम प्रमुख सूरतगढ़, बी के रानी बहन संचालिका ब्रह्मकुमारी आश्रम सूरतगढ़, पूर्व विधायक अशोक नागपाल,महावीर इंटरनेशनल के सह निदेशक संजय बैद, अध्यक्ष सत्यनारायण झंवर तथा जोन सचिव राजेश वर्मा मंच पर उपस्थित रहे। 

समारोह का शुभारंभ प्रार्थना  तथा भगवान महावीर एवं भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण से किया गया।  

संस्था अध्यक्ष सत्यनारायण झंवर ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। शिविर प्रभारी राजेश कनवाडिया ने  शिविर की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

 डॉ कृष्ण चंद्र अरोड़ा ने महावीर इंटरनेशनल के साथ शिविर में आगे भी इसी तरह सहयोग तथा सरकारी कैंप दिलवाने की घोषणा की।

डॉ ओम प्रकाश चेचू ने आयुर्वेद द्वारा क्षार  सूत्र  विधि के उपचार तथा सावधानियों के के बारे में बताया।

 शिविर संयोजक चन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि शिविर में कुल 260 रोगियों ने पंजीयन करवाया जिसमें से 62 रोगियों का क्षार सूत्र से सफल आपरेशन किया गया । उन्होंने रोगियों को संयमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को सभी रोगियों को जांच के लिए पुनः बुलाया गया है।

परियोजना निदेशक रमेश कुमार शर्मा व विजय सावन सुखा ने बताया कि इस बार शिविर में डॉ देवेश शर्मा द्वारा अग्नि क्रम व मर्म चिकित्सा पद्धति द्वारा 125 रोगियों का इलाज किया गया।

 महावीर इंटरनेशनल के सह निदेशक संजय बैद ने संस्था द्वारा संचालित सेवा कार्यों सहित आगामी 15 मार्च को लगाए जाने वाले निःशुल्क नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर की भी जानकारी दी।

 सचिव रामपाल रोकना ने बताया कि कि शिविर में आयुर्वेद विभाग से डॉक्टर रेनू वर्मा ,डॉक्टर मनीषा सिसोदिया , डॉ जितेंद्र गोदारा , डा जयकिशन सह शिविर प्रभारी,सोहनलाल ढाका, राजू सिंह,  कंचन, कलावती, जयदेश मीना, ममता चौहान, नरेंद्र सिंह गुर्जर, पंकज,परमा शर्मा, ओमप्रकाश, पंकज कुमार, विजय कुमार, उर्मिला भाटी, रणजीत सिंह , कपिल शर्मा, मनोज सोमानी, कृष्ण छींपा,शेरसिंह धर्मपाल,बंशीधर सोनी, रोवर कमल किशोर ,विकास ,इंद्र कुमार, रितेश, सूर्यप्रकाश ,सुनील ,कमलेश ,पियूष गर्ग, गुरवीर सिंह, व  रेंजर की टीम तथा समस्त संस्था सदस्यों का सहयोग रहा ।

👍 शिविर में चिकित्सा लाभ लेने वाले कुछ लाभार्थियों ने अपने विचार रखे। सभी ने महावीर इंटरनेशनल और आयुर्वेद विभाग की सराहना की। शिविर में विभिन्न सेवा में जुटे युवाओं की सराहना की गई। 


जोन सचिव राजेश वर्मा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन सचिव रामपाल रोकना द्वारा किया गया। संस्था अध्यक्ष सत्यनारायण झंवर ने बताया कि समारोह में संस्था द्वारा गत दो वर्षों में  सहयोगी भामाशाहों, नेत्र शिविर सहयोगी, रक्तदान शिविर सहयोगी, देहदान संकल्प, पर्यावरण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विभिन्न विद्यालयों के बच्चों , रेंजर रोवर तथा शिविर में सहयोगियों तथा समस्त आयुर्वेद टीम का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में पहली बार दो लोकतंत्र सेनानियों करणीदानसिंह राजपूत वरिष्ठ पत्रकार एवं घनश्याम शर्मा का भामाशाह रूप में सम्मान किया गया।

कार्यक्रम सौहार्द, सेवा और समर्पण की भावना तथा राष्ट्रगान के बाद गुलाल के तिलक व सहभोज के साथ सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

* रिपोर्ट अच्छी लगी हो तो अन्य को शेयर जरूर करें।०0







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