सत्ता भूमाफिया का एक कब्जा ध्वस्त.टूटेंगे और भी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 मार्च 2026.
सत्ता भूमाफिया का अतिक्रमण निरंकारी भवन के पीछे आखिर नगरपालिका प्रशासन को तोड़ना पड़ा और जमीन को अपने अधिकार में ले लिया जहां सार्वजनिक हित के निर्माण से पहले तारबंदी की जाएगी। नगरपालिका प्रशासन दबाव में ध्वस्त की कार्वाई से दूर रहने की कोशिश कर चुका था लेकिन उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा की सख्ती से यह कीमती भूखंड अतिक्रमण से मुक्त करवाना पड़ा।
* सत्ता और भूमाफिया का डर मानकर मीडिया ने फोटो,वीडियो कुछ नहीं किया जबकि गरीब का छत ध्वस्त करने पर फोटो विडिओ होते और समाचार भी छापे जाते। एक बड़े अखबार के पत्रकार ने तो नगरपालिका प्रशासन से मिलीभगत के कारण अतिक्रमण होते रहने और तोड़े जाने की न्यूज को लगातार रोके रखा। अखबार में न्यूज नहीं छपी।
* सत्ता के साथ चिपटे और करोड़ों रूपये के भूखंडों पर अतिक्रमण करके खौफ पैदा करने का यह बड़ा अतिक्रमण ध्वस्त हुआ है अभी और अतिक्रमण भी निश्चित ही ध्वस्त होंगे की उम्मीद है।
👌 सब पर निगाहें.
नेशनल हाईवे के पास अतिक्रमण करके मार्केट बनाने,दुकानें बनाने के करोड़ों के अतिक्रमण फोटोग्राफी में आए हैं।
आवासीय भूखंडों पर भी अवैध मार्केट बनाने के मामले हैं जहां सभी अवैध निर्माण स्थानीय साप्ताहिक 'ब्लास्ट की आवाज' में सचित्र कई बार छप चुके हैं। ये नगरपालिका प्रशासन अधिशासी अधिकारी को मालुम होते रहे हैं।
अनेक गलियों में नगरपालिका की भूमि पर आवासीय अतिक्रमण हुए और कहा जाता रहा कि गरीब है लेकिन वहां बीसियों लाख की दुकानें बन जाने पर हालात उजागर हो रहे हैं कि ये अतिक्रमण तो भूमाफिया के हैं और वे वर्तमान में चलती सत्ता के एक नेता के यहां चौकड़ी जमाते हैं ताकि नगरपालिका प्रशासन सत्ता के डर से वहां तोड़ने की कार्वाई नहीं कर सके। लेकिन ऐसे कुछ दुकानें मार्केट दिखाई पड़े हैं और वे भी किसी दिन जरूर टुटेंगे। ऐसे ही मुख्य बाजार, रेलवे रोड,सुभाष चौक,पुराना बस स्टैंड की रोड पर व अन्य कई होटल अवैध बन चुके हैं और कुछ निर्माण में चल रहे हैं। कुछ होटल दो मंजिल की निर्माण अनुमति लेकर अवैध रूप से तीन चार मंजिल तक अवैध बना चुके हैं। सत्ता के नेता या बचाव के लिए सत्ता के पैर पकड़े हुए अतिक्रमणकारियों के अवैध निर्माण दुकानें होटल आदि पर भी कार्वाई होगी। इसमें कुछ समय लग सकता है लेकिन सत्ता नेता अतिक्रमण बचा नहीं सकते। ०0०