सूरतगढ़ की राजनीति में पावरफुल नेता कौन?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 मार्च 2026.
सूरतगढ़ की राजनीति में वर्तमान में पावरफुल नेता कौन है? हर परिस्थिति में गुणावगुण में देखें तो विधायक डुंगरराम गेदर ( कांग्रेस) और पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया ( भाजपा) ही पावरफुल हैं। डुंगरराम गेदर वर्तमान में सूरतगढ़ के विधायक हैं और विधानसभा के भीतर और बाहर भाजपा सरकार को आरोप लगाकर और कमियां बताकर घेरने में कभी कमी नहीं रखी। डुंगरराम गेदर ने रामप्रताप कासनिया को सन् 2023 के विधानसभा चुनाव में 50 से अधिक मतों से पराजित कर सीट छीनी थी। गेदर ने किसी न किसी तरह से रामप्रताप कासनिया और बेटे संदीप कासनिया को हर समय आरोप लगा कर घेरते रहने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
कांग्रेस में गेदर के बाद हर समय हर मामले में खड़ा रहने वाला दूसरा पावरफुल व्यक्ति परसराम भाटिया है।
* राजस्थान में भाजपा की सरकार है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि जहां भाजपा का विधायक है वहां उसकी चलती है। जहां भाजपा की हार हुई वहां हारे हुए प्रत्याशी की चलेगी। इस व्यवस्था में सूरतगढ़ में रामप्रताप कासनिया की चलती है। रामप्रताप कासनिया वृद्धावस्था रोगों से कमजोर हो रहे हैं और हर जगह उपस्थित नहीं हो सकते। ऐसी स्थिति में बेटा संदीप कासनिया पावरफुल बना हुआ है।
भाजपा में संदीप की काट करने में कोई नेता या पदाधिकारी नहीं है। संदीप के पास कोई पावर पार्टी से मिले हुए नहीं है। लेकिन हालात देखकर और परिपाटी को आसान मानकर लोग और संस्थाएं संदीप कासनिया को समारोह व कार्यक्रमों में बुला लेते हैं। भाजपा में इस भीतरी कमजोरी पर कोई मुख नहीं खोल रहा जिससे सत्ता धारी होते हुए भी शहर में अनेक काम नहीं हो रहे। नगरपालिका प्रशासन की शहर की व्यवस्था में कोई रुचि नहीं है। कासनिया पिता पुत्र नगरपालिका की व्यवस्था पर निर्णय लेने में कमजोर सिद्ध हो रहे जिससे आम लोग पीड़ित हैं। रामप्रताप कासनिया को शहर के हालात मालुम तो हो रहे हैं मगर पावर का सख्त इस्तेमाल नहीं कर रहे।
डुंगरराम गेदर और परसराम भाटिया भी नगरपालिका पुलिस और राजस्व विभागों की टू दी पोईंट शिकायत करने से बचते हैं। दोनों लिखित शिकायत नहीं कर रहे। जनता में जो चर्चाएं हो रही है उनमें यह सारांश निकल रहा है कि गेदर के पास कर्मठ कार्यकर्ताओं की टीम नहीं है और परसराम भाटिया कुछ खास कारणों से नगरपालिका प्रशासन की शिकायत नहीं कर रहे। डुंगरराम गेदर को भी नगरपालिका प्रशासन की अधिकारी ईओ पूजा शर्मा की गड़बडिय़ों का मालुम है, शहर के हर वार्ड की दुर्दशा का मालुम है मगर शिकायत नहीं करते। गेदर के चुनाव सहयोगी इससे दूर हट रहे हैं। भाजपा में कासनिया के अलावा जो नेता या कार्यकर्ता हैं वे भी नगरपालिका प्रशासन की बड़ी गड़बड़ियों पर चुप हैं। उन चुप नेताओं में पूर्व विधायक अशोक नागपाल का नाम भी जनता की चर्चाओं में आता है। इसके अलावा भाजपा में वर्तमान में सभी शून्य से हैं।०0०