सूरतगढ़ भाजपा अभी बोर्ड बनाने से बहुत दूर- अध्यक्ष का नाम निकालना भी आसान नहीं. क्या है कारण?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 14 सितंबर 2026.
नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा है मगर अभी हांफ रहा है जिसका कारण यह है कि 16 वार्डों में जीत प्राप्त करने और कुछ निर्दलीयों का साथ होने के बावजूद सत्ता पार्टी के पास 23 का बहुमत नहीं बना है। पार्टी में अकड़ है और यह सोच है कि सत्ता होने के कारण निर्दली पार्षद अपने आप आएंगे और बोर्ड बन जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दिन के 12 बजे के करीब सभी 45 वार्डों का परिणाम आया लेकिन भाजपा 16 से आगे बढ नहीं पाई। इतने ही वार्डों में इंडियन नेशनल कांग्रेस की जीत हुई। भाजपा में कुछ निर्दलीय पार्षद समर्थन को पहुंचे मगर संख्या 20 से आगे नहीं बढी। चुनाव परिणाम दिन में 12 बजे आया और 10 घंटे बाद रात के 10 बजे तक और कोई निर्दलीय सत्ता सुख के लिए नहीं पहुंचा। भाजपा नेता सोच रहे थे कि निर्दलीय अपने आप आएंगे और अपने आप आने के बावजूद संख्या 20 से आगे नहीं बढ रही।
👌 अगर और निर्दलीय नहीं आते हैं और संख्या 23 नहीं होती है तब भाजपा का क्या होगा?
👌 भाजपा को जिन निर्दलीयों के आने का भरोसा है और उनको कांग्रेस की तरफ से आमंत्रण मिलता है और शक्ति के लिए किसी को चैयरमेन पद भी देने का प्रस्ताव हो तब कांग्रेस बहुमत से बोर्ड बनाले तब भाजपा और उसके नेताओं का क्या होगा?
👍 अभी भाजपा चेयरमैन का नाम तय करने तक की स्थिति में नहीं है। भाजपा में चैयरमैन पद के लिए अब एक नाम नहीं है बल्कि और भी दावेदारों की जीत हो चुकी है। अब भाजपा में चेयरमैन पद के चुनाव तारीख 21 सितंबर से पहले चैयरमैन का नाम निकालना ही मुश्किल है।
👌👌 ऐसा लग रहा था कि चेयरमैन के पद की कई दावेदार महिलाएं चुनाव में हार गई और अब केवल एक ज्योति कंवर का नाम बचा है। लेकिन जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत और चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह ईंदा के लिए अब यह नाम चुनना आसान नहीं रहा जब और भी जीती हुई महिलाएं मौजूद हों। हो सकता है कि यहां अध्यक्ष चुनाव का नाम तय करने के लिए दशरथ सिंह और जसवंत सिंह के अलावा कोई और भी नियुक्त कर दिए जाएं या मांग हो जाए कि इनके स्थान पर किसी अन्य को अध्यक्ष नाम तय करने के लिए भेजा जाए।०0०