ईमानदारी की जय हो! कमीशन चेयरपर्सन 4, अ.अधिकारी 4 प्रतिशत,स्टाफ 12 प्रतिशत.दावा ईमानदारी का !
* करणीदानसिंह राजपूत *
निकायों में चेयरपर्सन का सिस्टम कमीशन 4 प्रतिशत, ईओ आयुक्त अधिकारी का 4 प्रतिशत, स्टाफ का 15 से 17 प्रतिशत के लगभग। यदि प्रति वर्ष निर्माण आदि का बजट 100 करोड़ है तो 5 सालों के कार्यकाल में 500 करोड़ का सिस्टम कमीशन चेयरपर्सन का 20 करोड़ होता है। सारा कमीशन व बेगार के खर्चे ठेकेदार के पास से लगभग 20 प्रतिशत होते हैं। चेयरपर्सन की ईमानदारी है कि वह ऊपर से और गड़बड़ घोटाले न करे,लेकिन वे भी किए जाते हैं।
* सिस्टम के इस कमीशन के बारे में यह तो चलता है और सभी जांच एजेंसियों के अधिकारियों को मालुम होता है। राज्य के मुख्यमंत्रीमुख्य सचिव, कलेक्टर, सभी को मालुम होता है कि यह भ्रष्टाचार चल रहा है। ऐसे में ईमानदार बोर्ड बनाने का दावा भी किया जाता है।
👌अनुमान लगाएं कि पहले हमारे खास परिचित रिश्तेदार मित्र जो चेयरपर्सन रहे हैं उन्होंने कितनी ईमानदारी से काम किया है? हां,कोई सच्च में ईमानदार रहा हुआ हो भी सकता है।
पार्टियों के सभा सम्मेलन वीआईपी के दौरों की व्यवस्था चेयरपर्सन के जिम्मे डाली जाती है। बोर्ड बनाने के लिए बाड़ा बंदी आदि का लाखों करोड़ों का खर्च चैयरपर्सन जो भी बने,उसके द्वारा चुकाया जाता है। अब कौन चेयरपर्सन ईमानदारी से काम करेगा जो कहेगा कि एक पैसा नहीं लूंगा? क्या पार्टियां कहेंगी?
11 सितंबर 2026.
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