रविवार, 13 सितंबर 2026

सूरतगढ़:सत्तापार्टी भाजपा की कुछ सीटें खतरे में तो कुछ पर स्पष्ट जीत का दावा.बोर्ड बनाएंगे निर्दलियों संग.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 13 सितंबर 2026.

सत्तापार्टी की तरफ सभी का ध्यान अधिक रहता है उसके अनुसार भाजपा की कुछ सीटें खतरे में है और स्पष्ट बहुमत 23 नहीं होने के अनुमान से निर्दलीयों को मिला कर बोर्ड बनाने की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।

* सर्वाधिक चर्चित वार्ड नं 43 पर सभी की निगाहें हैं की यहां भाजपा की श्रीमती वीणा छाबड़ा और पूर्व पार्षद कांग्रेस के प्रत्याशी कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया की कड़ी टक्कर है। कृष्ण बेनीवाल समर्थकों द्वारा आरोप लगाए गये। सोशल मीडिया पर नोट बांटने व शराब पिलाने के बेबुनियाद आरोप लगाए जाते रहे मगर एक भी प्रमाणित नहीं हुआ। न शिकायत और न कोई फोटो। बिना किसी प्रमाण के हल्ला मचवाया गया। 👌 यहां भरोसेमंद सूत्रानुसार भाजपा की वीणा छाबड़ा की स्पष्ट जीत की संभावना है। सूत्रानुसार कुछ मुस्लिम वोट भी वीणा छाबड़ा को मिले हैं। अरोड़ा छाबड़ा वर्ग के कुछ कांग्रेस माईंड वोटर भी चुपचाप वीणा छाबड़ा की तरफ हो जाने की टुकड़े टुकड़े खबरों में हैं। रात्रि में फाईनली जानकारी ली गई तब सूत्र ने बताया कि मतदान के बाद की गई समीक्षा में वीणा छाबड़ा क्लियर रूप सीट जीत रही है। इस सीट पर सभी की निगाहें होने का एक कारण यह है कि वीणा छाबड़ा अध्यक्ष पद की मजबूत दावेदार मानी जा रही है।

*वार्ड नं 45 से श्रीमती संतोष गिरी ओबीसी को सामान्य सीट पर भाजपा ने टिकट दी है लेकिन गिरी का पुनः पार्षद बनना चर्चाओं में मुश्किल बना है। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी राधेश्याम उपाध्याय और माकपा के पूर्व पार्षद मदन ओझा से गिरी की तिकोनी टक्कर है। यहां मदन ओझा बाहर के प्रत्याशी के रूप में माने गये हैं तथा राधेश्याम उपाध्याय को इसी वार्ड का निवासी होने का कुछ लाभ मिल रहा है।

* वार्ड नं 30 सामान्य सीट पर भाजपा ने ओबीसी के कृष्ण छींपा को टिकट दी जिससे नाराजगी हुई और असंतोष से भाजपा वोटरों का विखंडन हो गया। निर्दलीय एडवोकेट दयाशंकर शर्मा और एडवोकेट राजकुमार सेन व भाजपा के कृष्ण छींपा में भाजपा के वोट बंट जाने की चर्चा है। 

* चेयरमैन पद की दावेदार समझी जाने वाली भाजपा प्रत्याशी श्रीमती आरतीशर्मा की दूसरे वार्ड में जाकर चुनाव लड़ने की स्थिति यह है कि वहां कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती कोठारी की जीत मानी जा रही है। भाजपा की टिकट यहां सरावगी परिवार को दी जानी चाहिए थी लेकिन आरतीशर्मा को टिकट दी जाने के बाद सरावगी परिवार नाराज हो गया व बागी होकर निर्दलीय चुनाव में उतर गया। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी व सरावगी निर्दलीय के बीच में टक्कर है।

* भाजपा के प्रत्याशी पूर्व पार्षद राजेन्द्र ताखर का भी पुनः पार्षद बनना खतरे में है। यहां भाजपा के ताखर, कांग्रेस के परसराम भाटिया से निर्दलीय मखीजा सभी पर भारी हैं। चर्चाओं में मखीजा की जीत पक्की मानी जा रही है। भाजपा के प्रदीप चौहान की जीत भी पक्की मानी जा रही है। पिछले बोर्ड में इनके भाई राजीव चौहान भाजपा से पार्षद थे।

* वार्ड नं 19 भी चर्चा में है जहां भाजपा प्रत्याशी रजनीमोदी,निर्दलीय साहिर सिद्दीकी और कांग्रेस के हरीप्रसाद दाधीच उर्फ छोटु पंडित से तिकोनी टक्कर है। मुख्य टक्कर कांग्रेस के दाधीच और सिद्दीकी के बीच है। इन दोंनों में से कोई भी 20-40 वोटों से जीत सकता है। 

* भाजपा के किशन स्वामी, प्रेमप्रकाश राठौड़,की जीत पूर्ण संभावना में है। भाजपा की साक्षी नागपाल, आशा कंवर, ओमप्रकाश अठवाल वार्ड 31की सीटें टक्करों में फंसी हुई हैं। 

सत्ता पार्टी के अनेक प्रत्याशियों की खबरें पहले दो तीन बार दी जा चुकी है जिनका वर्णन यहां नहीं हो पाया है।

👌 चुनाव चला रहे भाजपा नेताओं ने और प्रत्याशियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। सत्ता पार्टी के समाचारों के लिए मीडिया को सर्वाधिक प्रयास करने पड़े हैं। भाजपा ने निर्दलीयों के सहयोग से बोर्ड बनाने की गतिविधियां शुरु कर दी है।०0०






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