बैक फुट पर कांग्रेसी प्रत्याशी कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया.पट्टा कांड उजागर होने का असर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.पिछले नगरपालिका बोर्ड में पार्षद होते हुए कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया ने सरकार के नियम विरुद्ध मां कमलादेवी के नाम से पट्टा लेने का समाचार ऐन चुनाव बीच आने के बाद हालात बदले हैं और कृष्ण बेनीवाल एकदम से बैकफुट पर हैं।
* समाचार के बाद वार्ड 43 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे कृष्ण बेनीवाल का एक प्रदर्शन करते भाषण विडिओ वायरल हुआ है। जिसमें चुनावी जोश में बेनीवाल स्वीकार करते हैं कि पट्टा लिया। जोश में कहते हैं मैंने भूखंड खरीदा,उसका पट्टा लिया और बेच दिया। कोई गलत नहीं किया। यह समाचार से विचलित होकर जोश में होश नहीं रखते हुए दिया गया भाषण था। प्रदर्शन में शामिल लोग कुछ मिनट तो खुश होते हैं मगर गलत त़ गलत ही होता है। वार्ड में समझदार वोटर भी हैं जिन्होंने इसे गलत ही माना। ब्लास्ट की आवाज अखबार में पार्षद होते हुए नियम विरूद्ध मां के नाम से पट्टा लिए जाने का और रद्द किए जाने की कार्वाई शुरू की फोटो प्रकाशित की है। पट्टा सही लिया तो उसके रद्द किए जाने की कार्वाई शुरू क्यों हुई। पहले सरकार को धोखे में रख कर पट्टा लिया गया। जब मालुम हुआ कि रद्द होगा तब आगे किसी को बेच दिया है तो यह खरीदने वाले के साथ धोखा होगा अगर यह भूखंड बेच दिया हो।
* यदि भूखंड बेच दिया गया हो तब रद्द होने की कार्वाई का मालुम होते ही खरीदार अपनी रकम तुरंत ही वापस मांगेगा। रकम तुरंत नहीं लौटाई गई तो फिर विवाद होगा।
👌 यह निश्चित है शतप्रतिशत कि गलत लिया गया पट्टा निरस्त होगा।
* गलत काम करना और स्वीकार करना। ऐसे गलत काम करने के बाद फिर पार्षद बनने के लिए चुनाव लड़ना कौनसी जन सेवा है।
👌 पट्टा कांड उजागर तो पहले हो चुका था लेकिन चुनाव में इस समाचार ने कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया को बैकफुट पर ला दिया है जिसका बुरा असर कीनिया के वोटों को कम करने वाला होगा। लोग कहते नहीं मगर चुपचाप वोट नहीं देने का निर्णय लेते हैं।फ्रॉड करना और फिर चुनाव में शान बघारते स्वीकार करना कि मैंने किया है। यह शान बघारना बहुत बड़ी गलती है जो कृष्ण बेनीवाल ने कर डाली। जबरदस्त टक्कर वाली सीट पर शान बघारने वाले भाषण से गुपचुप तीस चालीस वोट इधर से उधर होकर भाजपा में चले गये तो कीनिया ने अपना बड़ा नुकसान कर लिया है।०0०
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