सूरतगढ़ के वार्ड नं 19 में निर्दलीय ताकतवर. भाजपा कोरा कागज.कांग्रेस नया प्रत्याशी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 सितंबर 2026.
नगरपालिका के वार्ड नं 19 में चुनावी दौड़ में अधिकांश लोग निर्दलीय साहिर सिद्दीकी उर्फ राजू सिद्दीकी के साथ हैं। सबकी समझ में आने वाला तथ्य यह है कि पिछले बोर्ड में साहिर सिद्दीकी की भाभी यासमीन सिद्दीकी ने कच्चे गंदगी भरे क्षेत्र को साफ सफाई में सुंदर बनाने का काम किया। भाजपा के रिंकु सिद्दीकी ( यासमीन के पति)ने गरीब कमजोर तबके के लोगों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ दिलाया। इस बार रिंकु सिद्दीकी ने भाजपा से टिकट मांगी लेकिन जयपुर के ऊपरी दबाव से भाजपा की टिकट रजनी मोदी को दे दी गई। सिद्दीकी परिवार का काम नहीं देखा गया और ऊपरी दबाव से टिकट बदलाव का खेल हुआ। रजनी मोदी भाजपा में सालों से हैं लेकिन फील्ड वर्क में जीरो है। ऊपरी दबाव से टिकट तो मिल गयी लेकिन फील्ड में नो वर्क नो वोट की हालत है। बसंत विहार आनंद विहार संजम विहार कालोनियां देखें तो कचरे गंदगी झाड़ झंखाड़ भरा क्षेत्र है और इस वीआईपी क्षेत्र में वसंत विहार में रजनी मोदी परिवार रहता है। इस क्षेत्र करणी प्रेस इंडिया के निरीक्षण में घूमने पर पचासों जगह झाड़ियां कचरा गंदगी नजर आई। भाजपा के पास नरेन्द्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान था जिसमें रजनी मोदी 5-10 प्रतिशत काम भी नहीं करा पाई। रजनी मोदी अपने फील्ड वर्क और भाजपा की योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाने में पीछे रही। केवल जानपहचान और भाजपा टिकट से काम नहीं चलता। रामप्रताप कासनिया के पास भाजपा की टिकट थी और 50 हजार से अधिक वोटों से हारे। वार्ड नं 19 में 1200 के लगभग वोट हैं और रजनी मोदी की हालत कासनिया जैसी हो रही है। काम की कीमत होती है और उससे भी परीक्षा होती है। आज भाजपा ने टिकट दिया है तो भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और इसी कालोनी के निवासी पूर्व विधायक अशोकनागपाल को जोर लगाना चाहिए ताकि रजनी को ताकत मिले। रजनी हारती है तो इन सभी की हार होती है। कम से कम अशोकनागपाल को यह समझना होगा। नागपाल से तो लोग पूछेंगे कि परिणाम रजनी मोदी को विजय दिलाने वाला क्यों नहीं रहा। नागपाल जी आप क्या करते रहे? ऊपर से टिकट लाना आसान है और चुनावी दौड़ लगाना मुश्किल होता है।
* कांग्रेस ने यहां हरीशकुमार दाधीच उर्फ छोटू पंडित को टिकट दिया है और छोटू पंडित का भी हाल नो वर्क नो वोट है। छोटू पंडित पार्षद थे। इस बार उनका वार्ड आरक्षित हो जाने पर उन्होंने भाजपा से दूसरे वार्ड में टिकट मांगा। लेकिन इस बार भाजपा ने टिकट नहीं दिया। छोटू पंडित ने नाराज होकर कांग्रेस पार्टी जोईन कर ली। परसराम भाटिया की सिफारिश पर छोटू पंडित को वार्ड नं 19 से कांग्रेस की टिकट मिल गई। छोटू पंडित यहां बुरी तरह से फंसा हुआ दौड़ में बहुत पिछड़ा हुआ है। कांग्रेस समर्थन के वोट भी मिलने मुश्किल है।
मोटे तौर पर साहिर सिद्दीकी, रजनी मोदी और हरीश दाधीच की यह स्थिति वार्ड में दिख रही है और इसको अपनी आंखों से देखना है तो लोगों को वार्ड में घूमकर देखना भी चाहिए।०0०