सोमवार, 10 मार्च 2025

डुंगर को चंग बाजणो

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

होली का नशा ऐसा होता है कि नेता नाच उठे। झूम उठे। विधायक डुंगरराम गेदर ने होली की धमाल में ऐसा चंग बजाया कि जन सेवा केंद्र झूमने लगा। सूरतगढ़ के नेताओं का ऐसा चंग बजाया कि सब लापता से हो गये। 



* डुंगरराम गेदर परसराम भाटिया योगेश मेघवाल आदि नजर आ रहे हैं। ०0०






कलम ही जिनकी तलवार थी ! संपादकाचार्य श्री के. रामा राव.

 


(64वीं पुण्यतिथि पर विशेष.

9 नवम्बर 1896 - 9 मार्च 1961)

     प्रख्यात संपादक, जानेमाने स्वाधीनता-सेनानी और प्रथम संसद (राज्य सभा) के सदस्य (1952), श्री कोटमराजू रामा राव अपने दौर के अकेले ऐसे पत्रकार थे जो 25 से अधिक दैनिक समाचार पत्रों में कार्यशील रहे। इनमें अविभाजित भारत के लाहौर से प्रकाशित (लाला लाजपत राय का) दि पीपुल (1936), कराची का दैनिक दि सिंध आब्जर्वर (1921), मुंबई का दि टाइम्स आफ इण्डिया (1924), चेन्नई का दि स्वराज्य (1935), कोलकता का दि फ्री इंडिया (1934), नई दिल्ली का दि हिन्दुस्तान टाइम्स (1938), इलाहाबाद का दि लीडर (1920) और दि पायोनियर (1928) तथा पटना का दि सर्चलाइट दैनिक (1950) थे। किन्तु रामा राव को ऐतिहासिक ख्याति मिली जब उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के दैनिक दि नेशनल हेरल्ड (1938-1946) का लखनऊ में सम्पादन किया। ढेर सारे अखबार बदलने पर रामा राव के एक साथी ने टिप्पणी की: "वे अपने एक जेब में संपादकीय की कापी और दूसरे में त्यागपत्र रखते थे।" स्व. रामा राव की जन्मशताब्दी के अवसर पर उपराष्ट्रपति कृष्ण कांत ने डाक टिकट जारी किया था। भारत के प्रधान नयायधीश श्री जे. एस. वर्मा ने "कानून और पत्रकारिता" पर स्मृति व्याख्यान दिया था।

          चीराला (आंध्र प्रदेश) में 9 नवम्बर 1896 को जन्मे, तेलुगुभाषी रामा राव ने मद्रास विश्वविद्यालय से 1917 में अंग्रेजी साहित्य से स्नातक परीक्षा पास की और वहीं अंग्रेजी भाषा का अध्यापन भी किया। पत्रकारिता में उनका प्रवेश चेन्नई में ब्रह्मसमाज की पत्रिका दि ह्यूमेनिटी से हुआ। फिर आचार्य टी.एल. (साधू) वासवानी के दि न्यू टाइम्स (1919) में कराची में उन्होंने कार्य किया। अपने अग्रज-संपादक के. पुन्नय्या के दैनिक दि सिंध आब्जर्वर में सह-संपादक बने। चार दशक के अपने पत्रकारी जीवन में रामा राव ने दो विश्व-युद्धों के दौर की घटनाएं, गांधी-नेहरू युग का स्वाधीनता-संघर्ष और स्वात्र्योत्तर भारत में आर्थिक नियोजन, निर्गुट विदेश नीति तथा मीडिया के आधुनिकीकरण को देखा और उन पर लिखा।

     महात्मा गांधी के सान्निध्य में रहकर (1942-45) रामा राव ने दो दर्जन से ज्यादा भारतीय तथा अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रों के सेवाग्राम में विशेष संवाददाता के रूप में राष्ट्रीय आंदोलन की रपट भेजीं। केन्द्रीय विधान सभा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशनों तथा राजनीतिक मुकदमों और क्रिकेट टेस्ट मैचों की रिपोर्टिंग की। उन्होंने बड़ी संख्या में युवा पत्रकारों को प्रशिक्षित किया, जिनमें हैं स्व. शाम लाल (बाद में टाइम्स आफ इंडिया के प्रधान सम्पादक), एच. वाई. शारदा प्रसाद (इन्दिरा गांधी के मीडिया सलाहकार) और एम. चलपति राव जो नेशनल हेरल्ड में तेरहवें स्थान पर आये थे और बाद में सम्पादक बने।

     सन् 42 में रामा राव को दि नेशनल हेरल्ड में "जेल या जंगल" शीर्षक के संपादकीय लिखने पर ब्रिटिश हुकूमत ने छह माह का कारावास और जुर्माना की सज़ा दी थी। इस संपादकीय में उन्होंने लखनऊ कैंप जेल में कांग्रेसी सत्याग्रहियों पर हुये बर्बर अत्याचार की भर्त्सना की थी। अवध चीफ़ कोर्ट के निर्णय को आधे घन्टे में रेडियो जापान ने प्रसारित कर दिया था। लखनऊ जेल के क्रांतिकारी यार्ड में रामा राव को नजरबंद रखा गया, जहां उनके पूर्व मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, आचार्य जे. बी. कृपलानी, आर. एस. पण्डित (पं. नेहरू के बहनोई) आदि कैद थे। रामा राव के जेल के साथियों में थे भगत सिंह वाले लाहौर षड्यंत्र केस के क्रांतिकारी शिव वर्मा तथा जयदेव कपूर, कम्युनिस्ट काली शंकर, विप्लवी जोगेश चटर्जी और लोहियावादी गोपाल नारायण सक्सेना।

     भारत के प्रथम प्रधानमंत्री की यूरोप, अफ्रीका और अमेरीका यात्रा (1949) पर रामा राव दि हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप (इलाहाबाद के दि लीडर तथा पटना के दि सर्चलाइट दैनिकों) के विशेष प्रतिनिधि के नाते गये। संयुक्त राष्ट्र अमेरीका के अलावा श्री रामा राव ने ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, मिस्र, कनाडा, ब्राज़िल, ग्रीस (यूनान), स्विट्जरलैण्ड आदि देशों की यात्रा भी की।

श्री रामा राव प्रथम राज्य सभा (1952) के लिये अविभाजित मद्रास राज्य (आन्ध्र प्रान्त) से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुये। इनके नाम का प्रस्ताव विधायक के. कामराज तथा नीलम संजीव रेड्डी ने किया था। दोनों बाद में कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। भारत सरकार के प्रथम सलाहकार (1956) के नाते में रामा राव ने पंच-वर्षीय योजना के प्रचार-प्रसार का संचालन किया था।

     कई पुस्तकों के लेखक, रामा राव ने अपनी आत्मकथा "दि पैन एज़ माई स्वोर्ड" लिखी। अखिल भारतीय समाचारपत्र संपादक सम्मेलन (आल-इण्डिया न्यूजपेपर एडिटर्स कान्फ्रेंस, 1940) के संस्थापकों में रामा राव थे। देश के सम्पादकों ने मुम्बई में 1942 में हुए अपने अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए रामा राव को लखनऊ जेल में कैद रहते समय ही निर्वाचित किया था। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स) के उपाध्यक्ष (1950) की भूमिका में उन्होंने फेडरेशन के संविधान की रचना की। श्रमजीवी पत्रकारों के देश-विदेश के अधिवेशनों में शिरकत की। प्रथम भाषाई-राज्य आंध्र के निर्माण हेतु जनान्दोलन में सक्रिय रहे।

     रामा राव के पिता श्री कोटमराजू नारायण राव संस्कृत के पंडित तथा स्कूल के हेडमास्टर (1898) थे। उनकी मां वेंकायम्मा ने ब्रिटिश कलक्टर (गुंटूर जनपद) के विरुद्ध 1899 में असहयोग करने और टैक्स न देने हेतु ग्रामवासियों को संगठित किया था। उनके चचेरे भाई कोटमराजू ‘बोम्बू’ रामय्या आंध्र के प्रथम क्रान्तिकारी थे, जिन्होंने 1910 में कठ्ठेश्वर (तेनाली) में बम बनाया था।Part 2 of 2


कलम ही जिनकी तलवार थी !

संपादकाचार्य श्री के. रामा राव.


(9 नवम्बर 1896 - 9 मार्च 1961)


        रामा राव ने अंग्रेजी भाषा की कवियित्री और ज्योतिषी सरसवाणी से सागरतटीय मछलीपत्तनम नगर (आन्ध्र प्रदेश) में 1922 में विवाह किया। इस पाणिग्रहण कार्य को मछलीपत्तनमवासी, बाद में कांग्रेस अध्यक्ष, स्वतंत्रता-सेनानी और मध्य प्रदेश के राज्यपाल स्व. डा. बी. पट्टाभि सीतारामय्या ने सम्पन्न कराया था। त्रिपुरी अधिवेशन में सीतारामय्याजी सुभाष चन्द्र बोस के विरुद्ध गांधीजी-नेहरू के मनोनीत प्रत्याशी थे। श्री रामा राव के श्वसुर प्रो. चोडवरपु जगन्नाथ राव आंध्र टीचर्स ट्रेनिंग कालेज के प्रिसिंपल थे। रामा राव के चार पुत्रों में प्रथम, स्व. प्रताप भारतीय विदेश सेवा (IFS) से रिटायर होने पर अमरीका में बस गये। दूसरे, नारायण ने भारतीय आडिट एवं एकाउंट्स सर्विस (A &AS) से रिटायर होकर नई दिल्ली के भारतीय विद्या भवन में ज्योतिष शोध केंद्र को स्थापित किया। बाद में भवन के त्रैमासिक जर्नल आफ एस्ट्रोलोजी के संपादक बनें। तृतीय पुत्र विक्रम लखनऊ में श्रमजीवी पत्रकार हैं। आखिरी सुभाष सिंडीकेट बैंक में मैनेजर थे। चार पुत्रियों में ज्येष्ठ वसंत तथा कनिष्ठ हेमंत अमरीका में बस गईं। द्वितीय शरद तथा तृतीय शिशिर भारतीय सेना के अधिकारियों से विवाह कर कानपुर तथा हैदराबाद में बसीं। प्रपौत्र विश्वदेव लखनऊ में पत्रकार है।

K Vikram Rao

Mob: 9415000909

Email: k.vikramrao@gmail.com


* वरिष्ठ पत्रकार के विक्रम राव स्व.  पत्रकार के.रामाराव के पुत्र हैं ।आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडिस और के विक्रम राव को डायनामाइट केस बनाकर जेल में डाल दिया गया था। जॉर्ज फर्नांडिस मुख्य अभियुक्त और के विक्रम राव द्वितीय अभियुक्त बनाए गए थे। फांसी पर चढाने की मंशा थी। आपातकाल 1975-77 के बाद सरकार बदली जनता पार्टी की सरकार बन तब वह केस हटा। 👍सन् 1987 में हनुमानगढ़ जं. में पत्रकार सम्मेलन हुआ जिसमें

 मुझे के.विक्रम राव के कर कमलों से  सम्मानित किया गया था। जब मेरी  पत्रकारिता का विवरण प्रस्तुत किया जाने लगा तब दी हिंदुस्तान टाईम्स (दैनिक हिंदुस्तान) के वरिष्ठ पत्रकार डा.भंवर सुराणा( अब स्वर्गीय) ने कहा कि यह मैं प्रस्तुत करूंगा। डा.भंवर सुराणा नेमेरी सीमा क्षेत्र की खतरों से भरी पत्रकारिता पाकिस्तान की जासूसी, तस्करी, घुसपैठ, और सीमा पर विभिन्न अपराधों के लेखन का वर्णन किया। उस समय सीमा पर तारबंदी नहीं थी। वरिष्ठ पत्रकार मदन अरोड़ा हनुमानगढ़ व अन्य पत्रकार साथियों ने सम्मेलन आयोजित किया था।*

करणीदानसिंह राजपूत.

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार से आजीवन अधिकृत मान्यता)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356.


शनिवार, 8 मार्च 2025

आईएमए सूरतगढ़: डॉक्टर अक्षय भंसाली अध्यक्ष निर्वाचित

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

 सूरतगढ़, 8 मार्च 2025.

 इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सूरतगढ़ शाखा के चुनाव में डॉक्टर अक्षय भंसाली अध्यक्ष चुने गए। डॉक्टर अमित चौधरी सचिव और डॉक्टर आर.के अग्रवाल कोषाध्यक्ष चुने गए।०0०







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महिला नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित किया.






* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 8 मार्च 2025.
महावीर इन्टरनेशनल सूरतगढ़ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सूरतगढ़ में एक सादे समारोह में महिला नर्सिंग स्टाफ को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
*इस अवसर पर चिकित्सालय प्रभारी डॉ. नीरज सुखीजा ने महिला नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं की प्रशंसा करते हुए महिला दिवस की शुभकामनायें दी।
*प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मांगी लाल लेघा ने महिला नर्सिंग स्टाफ को महिला दिवस की शुभकामनायें देते हुए कहा कि लेबर रूम में पूरा नर्सिंग स्टाफ समर्पित भाव से अपनी सेवायें दे रहा है, इनके सहयोग से प्रतिमाह लगभग 250 प्रसव हो रहे हैं। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
*संस्था के सम्भागीय अध्यक्ष वीर संजय बैद ने कहा कि चिकित्सालय में महिला नर्सिंग स्टाफ दिन-रात प्रसूताओं की सेवा करने में लगा रहता है तथा शिशु के जन्म लेते ही उसे महावीर इंटरनेशनल द्वारा दी जा रही हाइजेनिक बेबी किट पहनाता है। डॉ. नीरज सुखीजा के नेतृत्व में चिकित्सालय की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। डॉ. मांगी लाल लेघा व पूरे नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं के कारण संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ी है। ०0०

केन्द्र अध्यक्ष वीर दिलीप मिश्रा ने महिला नर्सिंग स्टाफ सहित उपस्थित सभी महिलाओं को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी एवं चिकित्सक स्टाफ का आभार व्यक्त किया। 

  इसी दिन महावीर इंटरनेशनल द्वारा औद्योगिक क्षेत्र तथा मानकसर भाट बस्ती में जरूरतमंद महिलाओं को लगभग 1500 सेनेटरी नैपकिन प्रदान किए गए। महिला सदस्यों द्वारा उन्हें स्वच्छता तथा हाइजीन के बारे में जानकारी दी गई।

इन अवसरों पर महावीर इन्टरनेशनल के अध्यक्ष वीर दिलीप मिश्रा, सम्भागीय कोषाध्यक्ष वीर रमेश कुमार शर्मा, गवर्निंग काउंसिल सदस्य सत्यनारायण झवर, पूर्णराम कारगवाल, रामपाल रोकणा, अमन रांका, नथूराम कलवासिया,विजय कुमार सावनसुखा, ओम प्रकाश कारगवाल, रणजीत,सचिव राजेश वर्मा, वीरा केन्द्र की अध्यक्ष वीरा अंजना सिंह, रीजन-5 की वूमैन एम्पॉवरमेंट एवं बेबी किट की डिप्टी डायरेक्टर वीरा नीतू बैद, सचिव वीरा नेहा बैद, कुलविन्द्र कौर, संजना वर्मा, रेखा वर्मा आदि उपस्थित थे।०0०





रेलवे इंजीनियरिंग की लापरवाही: बंद किया रास्ता.टिकट खिड़की का रास्ता

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 मार्च 2025.

सूरतगढ़ अमृत योजना का सुंदर बनाया जा रहा बीकानेर डिवीजन का प्रसिद्ध स्टेशन जिसका एक टिकट खिडक़ी तक पहुचने का रास्ता इंजीनियरिंग की लापरवाही से बंद कर दिया गया। रेलवे के यात्रियों के लिए यह रास्ता बहुत पुराना था। गंदे पानी की निकासी के लिए एक नाला चालू हालत में था जिसकी ऊंचाई कम थी और ऊपर से सड़क थी। रेलवे इंजीनियर ने पुराने नाले से काफी ऊंचे परिधि के 2 पाईप की लाईन  बनाई है। यह ऊंचाई करीब 4 फीट है। पाईप ही डालने थे तो पुराने नाले की ऊंचाई जितने 4 पाईप की पाईपलाईन डाल देते तो ऊपर से दोंनो ओर ढलान लिए सड़क भी बन जाती और कोई परेशानी भी नहीं होती। अब जनता की मांग हो रही है। अभी भी सुधार किया जा सकता है। लोगों को पहले बताया जाता तो सही समाधान होता व कोई परेशानी भी नहीं होती। रेलवे अधिकारियों को किसी आंदोलन से पहले ही तुरंत निरीक्षण कर सुधार करना चाहिए ताकि रेलवे को भी कोई नुकसान न हो व लोग गाड़ी तक पहुंचते रहें। अभी यह रास्ता बंद हो गया है। इस क्षेत्र के लोग रेलवे के बजाए बसों से यात्रा करने को मजबूर हो गये हैं।०0०





सूरतगढ़ पालिकाध्यक्ष महिला हुआ तब भाजपा से कौन टिकटार्थी?

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

💐 महिला दिवस विशेष 💐

सूरतगढ़ 8 मार्च 2025.

नगरपालिका सूरतगढ़ क्षेत्र के परिसीमन के बाद अध्यक्ष पद की लाटरी में यह सामान्य महिला निकला तब भारतीय जनता पार्टी में कौन प्रत्याशी हो सकती हैं। जनता से सीधा चुनाव होने की प्रबल संभावना मानी जा रही हैं।

👍 एडवोकेट पूनम शर्मा,

काजल छाबड़ा,आरती शर्मा,रजनी मोदी,बिरमा नायक और कविता रेगर की संभावना टिकट के दावेदारों में हो सकती हैं। 

*एडवोकेट पूनम शर्मा संघर्षशील महिला हैं जो जन समस्याओं को उठाने में और भ्रष्टाचार के विरोध के लिए कार्य करने वाली भाजपा की प्रसिद्ध नेता हैं।

* काजल छाबड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद पर सन् 2014 से 2019 तक रह चुकी हैं। भाजपा की प्रसिद्ध महिला नेता हैं।

* आरती शर्मा नगरपालिका के अध्यक्ष पद पर रह चुकी हैं और भाजपा की प्रसिद्ध महिला नेता हैं।

* रजनी मोदी भाजपा की प्रसिद्ध महिला नेता हैं। महिला मोर्चे में प्रसिद्ध नेता रही हैं और कुशल वक्ता हैं।

* बिरमा नायक पंचायत समिति की प्रधान पद पर रह चुकी हैं। भाजपा के हर कार्यक्रम योजनाओं में आगे रहती हैं।

* कविता रेगर वर्तमान में जिला प्रमुख हैं।

* सूरतगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष पद अनेक कारणों से विधायक से ऊपर माना जाता है। करोडों का हर साल बजट का उपयोग चैक पावर,करीब 400 कर्मचारियों का स्टाफ आदि इस पद को बड़ा बनाते हैं।०0०


मानकसर को सूरतगढ़ में शामिल करने का विरोध शुरू.


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 मार्च 2025.

 मानकसर गांव के नागरिकों ने सूरतगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने का विरोध शुरू कर दिया है।  ग्रामीणों का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाला धन और योजनाएं बंद हो जाएगी जिससे नुकसान होगा इसलिए सूरतगढ़ में शामिल नहीं होना चाहते।

इस संबंध में उपखंड उपखंड अधिकारी को विरोध पत्र दिया गया है। किसान नेता अमित कड़वासरा के नेतृत्व में अनेक ग्रामीण 7 मार्च को सूरतगढ़ उपखंड कार्यालय पर पहुंचे और यह ज्ञापन दिया। इनमें जय गोदारा, प्रभु दयाल, श्री कृष्ण गौशाला सचिव ओम विष्णु सीगड़, भोलू राम गोदारा, आलोक पूनिया,किरताराम धारणिया, नहर उपभोक्ता संगम अध्यक्ष श्रवण गोदारा, बिश्नोई मंदिर पूर्व प्रधान सीताराम गोदारा, सतपाल कड़वासरा,रामकुमार गोदारा सहित काफी संख्या में लोग थे। विदित रहे की नगर पालिका प्रशासन ने आगामी चुनाव से पूर्व नगर पालिका परिसीमन नए वार्डों के गठन आदि में मानकसर गांव और किशनपुरा आबादी को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने का प्रस्ताव 27 फरवरी को राज्य सरकार को जिला कलेक्टर के माध्यम से भिजवाया है।०0०





महिला जिला कलेक्टर जवाब दें:क्यों ताले लगे हैं महिला टायलेट्स पर.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

महिला दिवस 8 मार्च पर महिला जिला कलेक्टर डा.मंजू से प्रश्न है कि सार्वजनिक महिला टायलेट्स और सरकारी कार्यालयों के महिला टायलेट्स पर ताले क्यों लगे हैं? सरकारी कार्यालयों में आने वाले केवल पुरुषों के टायलेट्स ही खुले रहते हैं। क्या सरकारी कार्यालयों में आने वाली महिलाओं को लघुशंका दीर्घशंका नहीं होती? कार्यालयों के प्रधान अधिकारियों को यह पक्का मालुम है जो वे महिला टायलेट्स पर ताला लगवा कर रखते हैं और तालों की चाबी किसी महिला कर्मचारी के पास होती है और केवल सरकारी महिला कर्मचारी ही उनका इस्तेमाल करती हैं।

* सार्वजनिक टायलेट्स में महिलाओं के हिस्से की सफाई तक नहीं होती। नगरीय क्षेत्रों में तो हालात बहुत ही खराब और सोचनीय हैं। महिला टायलेट्स गंदगी भरे हुए जहां से संक्रमण का खतरा ही रहता है। नगरपालिका नगरपरिषद के अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को कोई परवाह नहीं। टायलेट्स के गंदगी भरे समाचार और फोटो प्रकाशित होते रहते हैं,मगर फिर भी किसी को परवाह नहीं। 

* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान को भी जिले में ठोकर मारी हुई है।

** यहां सूरतगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में सुभाष चौक के महिला टायलेट की फोटो गंदगी के एक  प्रमाण के रूप में दी जा रही है। यह फोटो 16 फरवरी को प्रकाशित की थी और अभी 7 मार्च तक यही हालात थे। टायलेट की दीवार पलस्तर नहीं। छत पर घास ऊगा हुआ। गंदगी भरा। क्या एक्शन होगा?

।०0०

8 मार्च 2025. महिला दिवस.

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शुक्रवार, 7 मार्च 2025

राजनीति व्यवसाय नौकरी में गंदगी की नैगेटिव ऊर्जा.

 

* विशेष:करणीदानसिंह राजपूत.









रोजगार के लिए युवा शिक्षार्थियों का बड़ा प्रदर्शन.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ 7 मार्च 2025. यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले विभिन्न स्थानों से आए हुए युवा राजस्थान में नौकरियों की संख्या बढाने की मांग को लेकर बाजारों में नारे लगाते हुए रैली के रूप में निकले और उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया व ज्ञापन दिया। उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भिजवाया। 

युवाओं का कहना था कि राज्य में खाली पद बहुत है लेकिन नौकरियां बहुत ही कम निकाली गई है। प्रदर्शन में लड़के लड़कियां शामिल थे। 

बेरोजगार छात्र संघर्ष समिति के संयोजक प्रमोद ज्याणी,कादिर खां,महेंद्र बिश्नोई, वीरेन्द्र जोसन,केशव राव, सोहन थोरीराजेंद्र चौधरी, हरीश मूंड,पवन सारस्वत, अमित कड़वासरा, बृजमोहन सेवटा, मांगीलाल बिश्नोई, अमरसिंह, संदीप बिश्नोई, सुभाष सिहाग, महेंद्र पाल कुमावत, महावीर राइका आदि ने उपखण्ड अधिकारी  संदीपकुमार काकड़ को ज्ञापन दिया है और 15 दिन का समय दिया है। इसमें मांग पूरी नहीं हुई तो जयपुर कूच की चेतावनी दी है।






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