शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021

राममंदिर निर्माण में मिले 22 करोड़ के15 हजार चैक बाउंस.दानदाताओं से संपर्क किया जाएगा.




* करणीदानसिंह राजपूत *

देश भर के मीडिया में एक समाचार चल रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए चंदे के तौर पर इकट्ठा किए गए 15,000 से अधिक चेक बाउंस हो गए हैं। दानदाताओं से अब नये चैक लेने के लिए संपर्क किया जाएगा।

जिस इलाके से चैक प्राप्त हुए थे वहां बाउंस चैक लौटाए जाएंगे। लोगों ने आस्था से दिए थे और अनेकों की तस्वीरें भी सोशल साइट्स पर आती रही थी। माना यही जा रहा है कि विभिन्न कारणों से चैक बाउंस हो गए जो नये चैक मिल जाएंगे। 


* विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और अन्य संबद्ध संगठनों द्वारा एकत्र किए गए इन बाउंस  चेकों  का कुल अंकित मूल्य लगभग 22 करोड़ रुपये है। 

मंदिर निर्माण के लिए केंद्र द्वारा बनाए गए न्यास श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र की एक ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि चेक खातों में कम रकम होने या फिर कुछ तकनीकी खामियों की वजह से बाउंस हुए।


न्यास के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के समाधान के लिए बैंक काम कर रहे हैं और वे लोगों से फिर से दान करने के लिए कह रहे हैं।


 ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि इन चेक में से लगभग 2000 चेक अयोध्या से संग्रहित किए गए थे। अन्य 13,000 चेक देश के विभिन्न हिस्सों से एकत्र किए गए थे। स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा, हम बाउंस चेक वापस भेज रहे हैं और उन लोगों से नए सिरे से जारी करने की अपील कर रहे हैं।


विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 15 जनवरी से 17 फरवरी तक चंदा इकट्ठा करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया था। इसी अभियान के दौरान ये चेक संग्रहित किए गए थे। इस अभियान के दौरान करीब 5000 करोड़ की रकम जुटाई गई थी। हालांकि न्यास द्वारा अभी एकत्रित रकम के बारे में अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। इस दौरान 9 लाख कार्यकर्ताओं ने 1,75,000 टोलियां बनाकर घर-घर जाकर 10 करोड़ परिवारों से संपर्क किया था।

इनके द्वारा जमा रकम को 38,125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से बैंक में जमा किया गया। इनके बीच समन्वय के लिए 49 नियंत्रण केंद्र बनाए गए। जबकि दिल्ली स्थित मुख्य केंद्र पर दो चार्टर्ड अकाउंटेंट की निगरानी में 23 लोगों की टीम ने पूरे भारत से जमा राशि और डिपॉजिट राशि पर निगरानी रखी।00

****





****




विधायक रामप्रताप कासनिया ने 5 करोड़ की पेचवेल/मिसिंग लिंक सड़को के निर्माण की अनुशंसा की।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 16 अप्रैल 2021.

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बजट घोषणा वर्ष 2021-22 में रूपये 5 करोड़ की नाॅन पेचवेल/मिसिंग लिंक सड़को के निर्माण घोषणा की गई थी। 

जिसके तहत सूरतगढ़ विधायक श्री रामप्रताप कासनियां ने आज दिनांक 16 अप्रेल 2021 को सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नाॅन पेचवेल/मिसिंग लिंक सड़को के निर्माण हेतु निम्नानुसार अनुषंषा की गई। सड़क का नाम  और  सड़क की लम्बाई (किमी.) निम्न है।




1- मिसिंग लिंक सड़क का निर्माण कार्य सूरजनसर से 6 जीडीएम  3.40 (किमी.) 


2- मिसिंग लिंक सड़क निर्माण कार्य 2 बीजेडब्ल्यू से कानौर 4.50 (किमी.) 


3- मिसिंग लिंक सड़क निर्माण कार्य सिंगरासर से साबणियां  3.00 (किमी.) 


4- सम्पर्क सड़क एनएच 62 (15) से 15 एसजीआर 0.45 (किमी.) 


5 मिसिंग लिंक सड़क हरदासवाली से 5 एपी 3.00 (किमी.) 


6- सम्पर्क सड़क एनएच 62 (15) से 99.150 आरडीआर (गोपालसिंहनगर) नहर की पुली तक 0.45 (किमी.) 

******

****











बुधवार, 14 अप्रैल 2021

👌 भारत में नववर्ष शक संवत के प्रथम दिन से और इंडिया हटा भारत करें।*करणीदानसिंह राजपूत.

 


* भारत सरकार से मेरा आग्रह है कि भारत में भारतीय संवत के पहले दिन से ही वर्ष का प्रारंभ शुरू कर दिया जाए। सरकार को तो आदेश निकालना है। सरकार को अपने बजट व्यवस्था आदि को इसी हिसाब से ही तैयार करना है।
बहुत पहले से लिखा जाता रहा है कि जनवरी 1 को नए साल की शुरुआत भारतीयता के हिसाब से सही नहीं बैठती।
जब बाजार में अन्न आए  उस समय नए साल की शुरुआत हो तो श्रेष्ठ है। यह भाषणों में लेखों में राजनीतिक मंचों पर सामाजिक उदबोधन पर तो होता रहा है असल में ऐसा करने का कोई भी कदम नहीं उठाया गया।
नरेंद्र मोदी सरकार यह कर सकती है।
जिनको मोदी जी पर विश्वास है जो कहते हैं कि मोदी जी है तो मुमकिन है। वे इस कार्य को करवाने में आगे आएं और इसके साथ ही यह जो अंग्रेजी नाम इंडिया है इसको भी खत्म
करें। इस देश का नाम एक ही हो सकता है सरकारी रिकॉर्ड के अंदर या तो इसे भारत करें या इसका नाम हिंदुस्तान करें।




करणीदानसिंह राजपूत
स्वतंत्र पत्रकार (राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़ (राजस्थान)
94143 81356.
*****

सोमवार, 12 अप्रैल 2021

प्रशासनिक अधिकारियों की सफलता कर्मचारियों और जनता से खुशनुमा संबंध हों



* करणीदानसिंह राजपूत *

प्रशासनिक अधिकारियों की कार्य प्रणाली किस प्रकार की होनी चाहिए कि वे जनता में और अपने सरकारी कार्यालय के कर्मचारियों में लोकप्रिय हो। ये संबंध प्रशासनिक अधिकारी को जीवंत बनाए रखते हैं।
दो स्थानों पर कुशलता से कार्य,अपने दफ्तर में कर्मचारियों से और बाहर जनता के काम करने वाले लोकप्रिय होते हैं।
उनकी लोकप्रियता बनावटी नहीं होती इसलिए कभी खत्म नहीं होती। उनका कार्य करने का तरीका आत्मा से होता है। वे दिखाने के लिए काम नहीं करते।
काम निपटाने हैं, यह सोच तो हर अधिकारी करता रहा है। लेकिन बहुत अच्छा करते रहने के बावजूद भी अनेक कार्य बाकी भी रहते हैं और निपटाए कार्यों में कहीं न कहीं खामियां भी  रह जाती है।सारे दिन काम करके भी सरकार की नजरों में  वह कुशल अधिकारी के रूप में फिर भी माना नहीं जाता।
प्रशासनिक अधिकारी यदि कुशलता से जनहित के कार्य करे तो भी उसे अपने दफ्तर से ही यह शुरुआत करनी होगी क्योंकि उसके हर कार्य दफ्तर के छोटे बड़े बाबू कहीं ना कहीं जुड़े हुए होते हैं।
एक दफ्तर में ना जाने कितने काम होते हैं इसलिए सबसे पहले अपने दफ्तर को संभालना देखना और जरूरी होता है। अमूमन अधिकारी कर्मचारियों के कार्य बहुत साधारण में लेता है। कर्मचारी छुट्टी का आवेदन मेडिकल छुट्टी का आवेदन प्रमोशन की पीड़ा भोगता रहता है। फाइल स्वीकृति में पड़ी है लेकिन अधिकारी उनको देखना नहीं चाहता।
पीड़ित कर्मचारी अपने साथ होने वाले व्यवहार से दुखी होकर कार्य में रुचि नहीं लेता और इससे जनता का काम प्रभावित होता है।  प्रशासनिक अधिकारी को कुशलता से जनता के काम करने हेतु पहला कार्य अपने दफ्तर को संभालना साफ सुथरा रखना बहुत जरूरी है।

इसमें कर्मचारियों से संबंधित कार्य जो 1 दिन में या एक-दो घंटे में निपटाए जा सकते हैं उनको तुरंत देखना और निपटाना बहुत जरूरी है। कर्मचारियों के कार्य पहले होने चाहिए। कर्मचारी खुश हैं तो वे अधिकारी की हर बात को निर्देश को शीघ्र ही पालन करेंगे  और अच्छे ढंग से भी करेंगे। अमूमन क्या होता है?
जैसे अधिकारी अपने प्रमोशन और अच्छे स्थान पर जाने की इच्छा रखता है आगे बढ़ने की इच्छा रखता है, वैसे ही अधीनस्थ कर्मचारी की भी अपने प्रमोशन की इच्छा रहती है लेकिन सब कुछ फाइल में होते हुए भी अधिकारी उसकी स्वीकृति के हस्ताक्षर वास्ते देखने का समय नहीं निकालता।
संबंधित बाबू एक बार पेश करता है अधिकारी बाद में देखने का कहता है तो दुबारा वह बाबू फाइल को पेश करने की हिम्मत ही नहीं करता।  इस तरह से किसी का प्रमोशन आदेश जारी होना होता है तो वह रुका पड़ा रहता है हालांकि इससे अधिकारी को व्यक्तिगत कोई भी लाभ नहीं होता बल्कि वह कर्मचारी की निगाह में क्रोधी माना जाता है। कर्मचारी को भी प्रमोशन का लाभ बिना देरी के मिलना ही चाहिए।

अनेक बार कर्मचारी अपने या अपने परिवार की बीमारी में छुट्टी लेने की कोशिश करता है और अधिकारी काम का हवाला दे दे कर छुट्टी नहीं देता।  कर्मचारी इसे पीड़ा जनक मानता है। अधिकारी का घर कुछ भी नहीं लगता। प्रमोशन पर सूची तैयार है फाइल कंप्लीट है तो उसे तत्काल ही स्वीकृति मिलनी ही चाहिए।

अधिकारी को देखना चाहिए कि उसके दफ्तर में यदि वह नया आया है तो पूर्व से कितनी फाइलें पेंडिंग पड़ी है जिनमें कर्मचारियों की फाइलें कितनी हैं?
कर्मचारियों की फाइलें प्रमोशन की है या फिर छुट्टी से संबंधित है तो वे दो चार हो सकती हैं। इतनी कम संख्या हो तो उनको क्यों रोकी जाए जो तत्काल ही निपटाई जानी चाहिए।
उनके निपटाने में महीने क्यों लगें? यदि कर्मचारी प्रमोशन प्राप्त करता है तो वह निश्चित रूप से अधिकारी को बहुत बड़ा आदर देगा, इसलिए अपने दफ्तर के कर्मचारियों के कार्य पहले करने बहुत जरूरी हैं। इसे प्राथमिक रूप से तय किया जाना चाहिए।
यह मानकर चलें कि जब आप अधिकारी प्रमोशन चाहते हैं तो कर्मचारी भी चाहता है।  पूर्व के अधिकारी ने प्रमोशन की फाइल पर या छुट्टी की फाइल पर हस्ताक्षर करने से चूक कर दी,नहीं कर पाया तो नए अधिकारी को अपना दफ्तर जमाने के लिए यह कार्य सबसे पहले कर देना चाहिए। यह उसकी पहली कुशलता का प्रमाण होगा जो कार्यालय से शुरु होगा। 

इसके बाद आता है जनता का कार्य अधिकारी कहते हैं कि वे जनहित के कार्य को प्राथमिकता देंगे लेकिन इसमें चूक होती रहती है।
हो सकता है अधिकारी जानबूझकर कार्य नहीं रोकना चाहता लेकिन फिर भी जो कार्य तत्काल निपटाया जा सकता हो एक-दो दिन में निपटाया जा सकता हो तो उसको उसी तरीके से तत्परता से निपटाया जाना चाहिए। तुरंत निपटाए जाने वाले कार्य के लिए कोई भी व्यक्ति दफ्तर के चक्कर लगाए। स्थानीय शहर से आए या दूर से आए तो यह मानकर चलें कि उसका समय भी लगा है और आने जाने में उसका खर्चा भी लगा है।

यदि कार्य तत्काल कर दिया जाए तो यह मानकर चलना चाहिए कि जिसका कार्य हुआ है वह उस अधिकारी का बिना पैसे का बहुत बड़ा प्रचारक बन जाता है। वह जो बात अपने निकटतम लोगों के बीच में करेगा अपने गांव में करेगा। उसकी आवाज उसके दिल से निकली हुई आवाज होगी। उसकी आवाज में कपट और छल नहीं होगा वह अपने दिल से कहेगा कि अधिकारी कर्तव्य के प्रति समर्पित और इमानदार है और उसने बिना किसी लाग लपेट के बात सुनी और तुरंत कार्य कर दिया। यह अधिकारी की बहुत बड़ी सफलता की निशानी होगी।
उसके कार्य से चाहे वह उपखण्ड, जिला मुख्यालय या फिर राज्य की राजधानी से हो। यदि कर्मचारी और जनता खुश है तब सरकार की योजनाओं को उस क्षेत्र में लागू करने में विकसित करने में आसानहोगी। अधिकारी को किसी प्रकार की परेशानी और  रुकावट का एहसास तक नहीं  हो सकता।
अधिकारी के व्यवहार से जनता खुश होकर कार्य करने के लिए आगे आएगी।
ऐसा भी होगा कि अधिकारी के व्यवहार से अन्य अधिकारियों की टीम सरकारी कार्य और योजनाओं को तत्परता से  करने में जुटेगी।

सरकार की योजनाएं यदि तुरंत लागू होती है सुनके पूरे होने का प्रतिशत अधिक होता है तो उसकी कार्यप्रणाली की गूंज सरकार के हर मंत्री और सचिवालय तक पहुंचती है।
अधिकारी श्रेष्ठ माना जाता है और पूर्व में उसकी श्रेष्ठता की पूंजी बनाई हुई है तो उस पूंजी में और अधिक वृद्धि हो जाती है।
यह कार्यप्रणाली बहुत मामूली सी लगती है लेकिन अधिकारी को जनता की नजरों में शिखर पर पहुंचाने में उत्प्रेरक प्रमाणित होती है।

लेख- दि.11-अप्रैल 2021.
करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
(राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़।
94143 81356.
****





शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

श्री गंगानगर- नये जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने कोरोना बचाव बाबत क्या कहा? जानिए।





 * करणीदानसिंह राजपूत *

श्री गंगानगर 9 अप्रैल 2021.

जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने आमजन से अनुरोध किया है कि कोविड-19 की दूसरी लहर बहुत ही भयावह व खतरनाक है। दूसरी लहर के बढ़ने की गति भी बहुत तेज है। इससे बचने के लिये सरकार द्वारा जो एडवाईजरी जारी की गई है तथा इसके लिये जो अप्रोप्रीएट बिहेवियर है, की पालना की जायें तथा सरकार द्वारा जारी प्रोटोकाॅल निर्धारित किया गया है, की किसी भी सूरत में अवहेलना न हो तभी जाकर इस महामारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के साथ-साथ जनजागरण व प्रोटोकाॅल की पालना नितांत आवश्यक है। 

********




-----------

श्री जाकिर हुसैन ने जिला कलेक्टर श्रीगंगानगर का पदभार ग्रहण किया-विशेष रिपोर्ट.

 






* करणीदानसिंह राजपूत *
श्रीगंगानगर, 9 अप्रैल 2021.

श्रीगंगानगर जिले में 51 वें जिला कलेक्टर श्री जाकिर हुसैन ने प्रातः 10.15 पर जिले के कलेक्टर का कार्यभार संभाला।
जिला कलेक्टर का स्वागत एडीएम प्रशासन श्री भंवानी सिंह ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम श्री उम्मेद सिंह रत्नु, जिला परिषद सीईओ श्री अशोक कुमार मीणा, यूआईटी सचिव डाॅक्टर हरीतिमा जोशी, पीएचईडी अधीक्षण अभियंता श्री बलराम शर्मा भी उपस्थित रहे और जिला कलेक्टर को पुष्पगुच्छ भेंट कर जिला प्रशासन की टीम ने उनका स्वागत किया।

* हनुमानगढ़ में जिला कलेक्टर रहे श्री जाकिर हुसैन का कोरोना काल में शानदार कार्य रहा। जब कर्फ्यू ग्रस्त इलाके से लोगों की डिमांड आई कि हमारा दूध कोई नहीं ले रहा तो एमडी डेयरी को कह कर दूध खरीद करवाई और तत्काल पेमेंट करवाया। कर्फ्यू ग्रस्त इलाके में आवारा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करवाई। कर्फ्यू ग्रसत इलाके में लोगों ने कहा कि कैश पैसे खत्म हो गए तो डोर टू डोर मोबाइल एटीएम की व्यवस्था करवा दी। कोटा की एक लड़की ने लाॅक डाउन में काॅल किया तो उसे कोटा से तुरंत हनुमानगढ़ लाने की व्यवस्था करवाई। कलक्ट्रेट परिसर में ड्राइवर्स के बैठने के लिए कमरा बनवाया। इनके नेतृत्व में जिले में साम्प्रदायिक सौहार्द और मजबूत हुआ। इन्होंने गुरुद्वारे में कई बार माथा टेका तो मंदिरों में कई बार गए। क्रिसमिस पर चर्च में 3 घंटे का समय दिया। यानी सभी जाति धर्म, सम्प्रदाय के लोगों को अपनत्व दिया। पिछले हफ्ते ही कलक्ट्रेट परिसर में गांधी जी की मूर्ति बनवाई और उस्का मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत से उद्धघाटन करवाया।
इनके कार्यकाल में नोहर भादरा में नहरी पानी चोरी को रुकवाने का ऐतिहासिक कार्य किया। नहर बनने के 18 साल बाद पहली बार पानी चोरी रुकी। इन्होंने लाॅ एंड आर्डर के मामले भी शांति से निपटाए।
इनके नेतृत्व में लोकसभा, नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव शांति पूर्वक सम्पन्न करवाये गए।
इन्होंने जिले में हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने में कोई कमी ना छोड़ी। इनका मानना है कि सरकारी पैसे से सेवा का मौका मिला है इसमें कोई पीछे नहीं छूटना चाहिए। आम आदमी के प्रति इनकी सद्भावना व अच्छे व्यवहार ने एक अलग पहचान बनायी है।
श्रीगंगानगर जिले में भी जिला कलेक्टर श्री जाकिर हुसैन के  नेतृत्व में जिला प्रशासन और भी अच्छा कार्य करेगा।*
* जाकिर हुसैन की सेवाएं *
मूल रूप से झुंझुनूं जिले के रहने वाले जाकिर हुसैन का जन्म 29 जनवरी 1962 को हुआ। इससे पहले प्रबंध निदेशक, राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड जयपुर एवं संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-।।।) विभाग, जयपुर के पद पर सेवारत रहे। वर्ष 2017 नवंबर माह में लेखा सेवा से आईएएस बने जाकिर हुसैन के परिवार में कई अफसर हैं। हुसैन पांच भाइयों में से सबसे छोटे हैं। उनसे बड़े भाई अशफाक हुसैन पहले से ही आईएएस है। वह आरएएस से आईएएस बने थे। उनसे भी बड़े भाई लियाकत अली आईपीएस से रिटायर हुए। लियाकत अली आरपीएस से आईपीएस बने थे। एक भाई प्राइवेट जॉॅब में और एक भाई शिक्षक है। परिवार की दूसरी पीढ़ी में भी कई अफसर हैं। लियाकत अली के पुत्र शाहीन अली आरएएस हैं, शाहीन की प|ी मोनिका अग्रवाल राजस्थान जेल सर्विस की अधिकारी हैं। आईएएस अशफाक हुसैन की पुत्री फरहा हुसैन आईआरएस अफसर हैं, फरहा के पति कमर आईएएस हैं।00

***********





बुधवार, 7 अप्रैल 2021

प्रसिद्ध ईंट भट्ठा मालिक महावीर कोठारी सूरतगढ़ का निधन.दुर्घटना से 7 दिन बेहोश रहे।

 



- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 7 अप्रैल 2021.

प्रसिद्ध ईंट भट्ठा मालिक महावीर कोठारी का आज करीब 10 बजे निधन हो गया।
वे 31 मार्च की शाम को अपने ईंट भट्ठे के एक गहरे गड्ढे में गिरने से सिर की चोट से गंभीर घायल हो गए और दुर्घटना के बाद से बेहोश रहे। उनके होश में आने का इंतजार किया जाता रहा।
उनका उपचार घटना के बाद से श्री गंगानगर के टांटिया हास्पीटल में चल रहा था और उपचार के दौरान आज निधन हो गया।

महावीर कोठारी करीब 72 वर्ष के थे।

दुर्घटना उनके भट्ठे पर 31 मार्च 2021 की शाम को करीब 6 -साढे छह के समय हुई थी।

वे असावधानी से फिसल गए और गहरे गड्ढे में गिर गए थे। भट्ठे पर काम करने वालों ने उन्हें निकाला। उनके गिरने पर सिर के अलावा भी चोटें लगी थी।

उन्हें सूरतगढ़ में एपेक्स मल्टीस्पेशलिटी हास्पीटल में पहुंचाया गया और इसके तुरंत बाद गंगानगर लेजाया गया था।

महावीर कोठारी जी के पुत्र पवन कोठारी से मेरी  दुर्घटना के पांचवे दिन दोपहर बाद 2-25 मोबाइल वार्ता हुई थी।  पवन कोठरी ने उनके सिर में गंभीर चोट लगने से कोमा में होना बताया था।

माहेश्वरी समाज में कोठरी कुटुम्ब काफी बड़ा और समाजसेवी और धर्मप्रेमी है।
इस परिवार में महावीर कोठरी के घायल होने से सभी मिलने वाले ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे कि उनको शीघ्र स्वस्थ करें।
होनी प्रबल है।
- परमब्रह्म मोक्ष प्रदान करें। यही प्रार्थना है।-

रविवार, 4 अप्रैल 2021

राजपूत क्षत्रिय संस्था के प्रह्लाद सिंह राठौड़ अध्यक्ष,अजयसिंह चौहान महासचिव निर्वाचित. सर्वसम्मति




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 4 अप्रैल 2021.

राजपूत क्षत्रिय संस्था के चुनाव सर्वसम्मति से हुए जिनमें प्रह्लाद सिंह राठौड़ अध्यक्ष एवं अजयसिंह चौहान महासचिव निर्वाचित हुए। 


करणी माता मंदिर परिसर में राजपूत क्षत्रिय संस्था की अध्यक्ष श्री मल सिंह भाटी जी की अध्यक्षता में मीटिंग हुई।

 संस्था के वरिष्ठ सदस्य पूर्व में अध्यक्ष रहे श्री हरि सिंह भाटी ने नये अध्यक्ष पद हेतु श्री प्रह्लाद सिंह जी के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका मीटिंग में पधारे समाज के सभी राजपूत सरदारों ने समर्थन किया। 

 सर्वसम्मति से श्री प्रहलाद सिंह जी राठौड़ को अध्यक्ष नियुक्त किया और श्री अजय सिंह चौहान को महासचिव नियुक्त किया।

 मीटिंग में अध्यक्ष श्री मल सिंह जी भाटी ने संस्था में किए गए कार्यों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। विदित रहे की मलसिंह भाटी जी के कार्यकाल में कई सराहनीय विकास हुए जिनमें धर्मशाला निर्माण प्रमुख है।

संस्था में पधारे सभी राजपूत सरदारों ने होली स्नेह मिलन समारोह उत्साह पूर्वक एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाया और एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी।

 संस्था के अध्यक्ष श्री मल सिंह भाटी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री प्रहलाद सिंह जी को बधाई दी और संस्था में एक दूसरे का सहयोग करने का आह्वान किया।

संस्था के नवनिर्वाचित अध्यक प्रह्लाद सिंह ने आगामी मीटिंग में अपनी कार्यकारिणी का विस्तार करने का कहा। 

 मीटिंग में संस्था के वरिष्ठ सदस्य श्री हरि सिंह भाटी, डॉ जितेंद्र सिंह राठौड़ भीम सिंह राठौड़ छत्रपाल सिंह राठौड़ लाल सिंह बीका बजरंग सिंह पवार राजेंद्र सिंह परिहार पेप सिंह राठौड़ गोपाल सिंह राठौड़ दीपक सिंह खुशाल सिंह राठौड़ बालू सिंह भाटी मनोहर सिंह ठुकराना लक्ष्मण सिंह शेखावत शायर सिंह रतन सिंह बीका राजकुमार सिंह परमार महेंद्र सिंह पार्षद राजीव प्रताप सिंह चौहान सूरज सिंह भाटी वीरेंद्र सिंह सिसोदिया रामेश्वर सिंह सिसोदिया विक्रम सिंह खींची विक्रम सिंह राठौड़ राजेश सिंह तोमर नारायण सिंह राठौड़ हनुमान सिंह भंवर सिंह शेखावत बलवीर सिंह शेखावत अजीत सिंह भाटी गुरदयाल सिंह महेंद्र सिंह शेखावत प्रमोद सिंह गणपत सिंह भाटी हिम्मत सिंह रेवंत सिंह वीरेंद्र सिंह राठौड़ पूरन सिंह मनोहर सिंह राठौड़ अजीत सिंह राठौड़ अजय सिंह चौहान सहित राजपूत सरदार शामिल हुए।00

********




श्रीगंगानगर: श्री वीरेंद्र बैद को महावीर इंटरनैशनल के अध्यक्ष का दायित्व*

 



श्रीगंगानगर, 4 अप्रेल 2021.

सामाजिक कार्यकत्र्ता वीरेंद्र बैद महावीर इंटरनैशनल की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। 

 बैद पूर्व में भी इस दायित्व को संभाल चुके हैं।


 अर्जुन वधवा एवं राजेश झूंथरा चुनाव अधिकारी थे। संस्था के वृद्धाश्रम में रविवार को इस आशय की घोषणा के बाद बैद ने आभार जताते हुए कहा कि सभी के सहयोग से समाज हित का सिलसिला जारी रखा जाएगा।


वीरेंद्र बैद महावीर इंटरनैशनल की शासकीय परिषद के सदस्य, लायन्स क्लब के अध्यक्ष एवं रीजन चेयरमैन भी रह चुके हैं। जिला बाल कल्याण समिति एवं जिला परिवार कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा उपभोक्ता संरक्षण न्यायालय, लोक अदालत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य के रूप में भी बैद के कार्य सराहनीय रहे हैं।00

*********




शनिवार, 3 अप्रैल 2021

जैनाचार्य विजय नित्यानंद महाराज एवं संतों का सूरतगढ़ में भव्य स्वागत.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 अप्रैल 2021.

श्री आत्म वल्लभ समुद्र इंद्र दिन सुरीश्वर महाराज के  पट्टधर शांतिदूत आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज पन्यास धर्मशील विजय जी प्रखर वक्ता मोक्षानंद विजय जी  के आज सूरतगढ़ पधारने पर श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ व सकल जैन समाज द्वारा आज भव्य स्वागत किया गया।


आचार्य का राठी पेट्रोल पंप से शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए शहर प्रवेश पर जगह जगह पर जैन परिवारों द्वारा स्वागत किया गया।



उसके बाद गुरुदेव चतुर्वेदी संघ के साथ श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर पहुंचे,जहां पर धर्म आराधना की गई।

उसके बाद स्थानीय श्री विजय वल्लभ जैन धर्मशाला चोपड़ा धर्मशाला में सभा का आयोजन किया गया।

 गुरुदेव के मंगलाचरण के साथ आज का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर आचार्य प्रवर नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज ने अपने उदबोधन में कहा कि गुरु के सानिध्य से व्यक्ति हर तरह की ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने बताया कि हम गुरु के चरण क्यों छूते हैं?अपना शीश उनके चरणों पर क्यों रखते हैं?

इस बात को उन्होंने अकबर बीरबल के  एक रोचक प्रसंग को सभी भक्तों को सुनाया। उन्होंने बताया कि गुरु का क्या महत्व है आचार्य प्रवर ने बताया कि भक्तों के बिना गुरु की भी कोई छवि नहीं होती। हम भक्तों के आग्रह उनकी निष्ठा उनकी तपस्या को देखते हुए हर जगह कदम रखते हैं व उनको धर्म लाभ देते हैं। 


धर्म सभा में प्रखर वक्ता मोक्ष आनंद विजय जी महाराज साहब ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि धर्म आराधना से हर तरह के कष्टों का निवारण होता है। 

हमें मंदिर क्यों जाना चाहिए?  भगवान की पूजा क्यों करनी चाहिए? इसके महत्व को बताया और सभी जैन महानुभावों से निवेदन किया कि आप भगवान के मंदिर में दर्शन पूजा का लाभ अवश्य लें  ताकि आपका व आपके परिवार का आपके शहर का कल्याण हो सके। 

 इस अवसर पर आत्म वल्लभ महिला मंडल तरुणी मंडल आत्म वल्लभ बालिका मंडल आत्म वल्लभ नवयुवक मंडल अंजना पटावरी हर्षिता चोपड़ा अभय चोपड़ा तृप्तिजैन  ने गीतिका प्रस्तुत की। 

इस अवसर पर सूरतगढ़ के सकल जैन समाज के महिला पुरुष बच्चे आदि उपस्थित थे  मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष  सुरेंद्र चोपड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया मंच संचालन प्रवीण डी जेन किया।00

***(***(





यह ब्लॉग खोजें