शुक्रवार, 28 जुलाई 2017

विधायक राजेन्द्र भादू की कोठी सड़क पर अतिक्रमण:बसपा की प्रेसवार्ता:



बसपा नेता डूंगर राम गेदर ने दावा किया था कि कोठी की शिकायत की जाएगी:



विधायक भादू के 2 सालों की उपलब्धियों को बसपा ने झूठा बताया था:

- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 24 दिसम्बर 2015.  
UP DATE 15-6-2016
Up date 8-5-2017.
 अपडेट  28-7-2017.

भाजपा विधायक राजेन्द्र भादू के 2 सालों के राज में सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों के दावों को बसपा पे्रसवार्ता में डूंगर राम गेदर ने झूठ का पुलिंदा बताया। बसपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डूंगर राम गेदर ने कहा कि विधायक ने भू माफिया पर नकेल कसने का दावा किया है लेकिन सच्च यह है कि विधायक का खुद का मकान सड़क पर अतिक्रमण करके बनाया हुआ है।
सवालों के जवाब में गेदर ने कहा कि बसपा इसकी शिकायत कर जाँच करवाएगी। शिकायत का भी स्पष्ट पूछा गया कि केवल ज्ञापन ही दिया जाएगा या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो या लोकायुक्त को शिकायत की जाएगी? उन्होंने कहा कि ज्ञापन नहीं कार्यवाही के लिए कदम उठाया जाएगा।
विदित रहे कि भादू की कोठी की शिकायत वसुंधरा राजे को व विभागों को पूर्व विधायक स.हरचंदसिंह सिद्धु 15 नवम्बर को कर चुके हैं। यह प्रकरण करीब तीन सालों से जनता में छाया हुआ है तथा बार बार अखबारों में उठ चुका है। पूर्व विधायक गंगाजल मील भी किसान मजदूर मोर्चा आंदोलन में उपखंड के आगे हुई एक प्रेस वार्ता में भादू की कोठी पर सवाल दाग चुके हैं।
अभी तक गंगाजल मील व कांग्रेस ने कोई शिकायत कोठी जाँच के लिए नहीं दी है। मील ने भादू के दावों को झूठा बतलाते हुए प्रेस बयान तो दिया है कि जल्दी ही भादू की पोल खोलेंगे। मील कब पोल खोलते हैं उस दिन का इंतजार है। मील इस स्पष्ट प्रकरण को न्यायालय मे ले जाने का दावा नहीं कर रहे। मील से यह सवाल तीन सालों से पूछा जा रहा है कि अदालत में कब जाओगेï?

कांग्रेस लुंज पुंज हो जाएगी लोकसभा चुनाव के बाद


- करणीदानसिंह राजपूत-

भाजपा और मोदी। मोदी और भाजपा।
दोनों ही आक्रामक है। जब जब ऐसी स्थितियां इतिहास में आई हैं तब तब आक्रामक की फतह यानि कि जीत हुई है। आक्रामक पूरे जोश में होता है तथा बचाव का रूख अपनाते हुए युद्ध करने वाला कमजोर होता है।
यह हालत लोकसभा के वर्तमान चुनाव युद्ध में दृष्टिगोचर हो रही है।
मोदी की ललकार के आगे राहुल का जवाब मिमयाता हुआ सा लग रहा है। एक दिन में यह नतीजा नहीं निकाला गया है। कई दिनों से चैनलों पर मोदी का आक्रामण शेर का शिकार पर होता है वैसा लग रहा है। राहुल के जवाब में ललकार नहीं मिलती। राहुल की आवाज खरखराहट से भरी हुई दबी दबी सी लगती है।
राहुल की आवाज से यह मतलब निकलता सा लगता है कि...मैं अकेला लड़ तो रहा हूं...आखिर कितना लड़ूं...बाकी ने तो मलाई खा खाकर स्वास्थ्य को इतना बेकार कर लिया है कि लडऩे के काबिल ही नहीं रहे हैं।
सच तो यह है कि जब सामने पराजय नजर आने लगे तो हालत ऐसी हो ही जाती है। राहुल को साफ साफ पराजय दिखाई पडऩे लगी है। लेकिन चुनाव का युद्ध तो लडऩा ही होगा। उससे भाग कर भी कहां जाऐं?
राहुल ने अभी कुछ दिन पहले रेलवे के कुलियों से,मजदूरों से,खान मजदूरों से,कहीं किसानों से बात की है। कांग्रेस नें उसका लाइव प्रसारण करवाया। जिन लोगों ने भी देखा। वे सभी मेरे दावे की सत्यता की पुष्टि करेंगे।
एक छोटा बच्चा जैसे अपने बाप या दादा से बार बार पूछता है यह क्या है?
वह बार बार जवाब देता है कि यह कौवा है....यह कौवा है....यह कौवा है..।
यहां इस उदाहरण को देने का मतलब है।
बेचारे राहुल...कांग्रेेस के उपाध्यक्ष। इतने अनजान बन पूछ रहे थे मानो उनको सच्च में ही मालूम नहीं कि भारत में गरीबों की मजदूरों की यह दुर्दशा है कि उनके पास खाने को आज भी दो वक्त का अनाज नहीं होता। उनके पास रहने को मकान नहीं है। उनके बच्चे आज भी स्कूलों में नहीं जाते। उनके पास चिकित्सा के लिए भी दो पैसे नहीं है।
यह सब सच्च है। यह सारा सच्च सामने आ रहा है तो यह भी सच सामने आ रहा होगा कि आजादी के इतने साल बाद भी भारत में ऐसे हालात क्यों हैं?
देश में राज तो सबसे ज्यादा कांग्रेस का ही रहा था। कांग्रेस में भी राज जवाहर लाल नेहरू का,इंदिरा गांधी का, राजीव गांधी का रहा। कौन थे ये लोग? राहुल गांधी के क्या लगते थे?
अब राहुल के मिमियाते बयानों से जर जर बीमार हुई कांग्रेस ठीक होने वाली नहीं है।


यह रपट दिनांक  29~3~2014  को लिखी गई थी।
अपडेट 28-7-2017.

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सोमवार, 24 जुलाई 2017

राष्ट्रीय उच्च मार्ग के सीमा में पट्टे शुदा भवनों को तोड़ने का अधिकार नगर पालिका को नहीं है

- करणी दान सिंह राजपूत-

 राष्ट्रीय उच्च मार्ग की तय सीमा में आने वाले पट्टे सुदा भवनों को अतिक्रमण मानने व तोड़ने का अधिकार नगरपालिका के क्षेत्राधिकार में नहीं आता। 

राष्ट्रीय उच्च मार्ग की सीमा में किसी प्रकार से पट्टे शुदा भवन आता है तो उस पर कोई कार्यवाही करने व तोड़ने का अधिकार केवल राष्ट्रीय उच्च मार्ग अथोरिटी को ही है। 

राष्ट्रीय उच्च मार्ग भूमि एवं आवागमन अधिनियम 2002 के अनुसार राष्ट्रीय उच्च मार्ग में जो भूमि आती है और उसका मालिकाना अधिकार किसी निजी क्षेत्र में निहित है​, तो सबसे पहले उसका अधिग्रहण किया जाना व मुआवजा चुकाना जरुरी है। बिना अधिग्रहण के कोई भी मकान आदि ध्वस्त नहीं किए जा सकते, इसके बिना कोई भी कार्यवाही गैरकानूनी है।


 सूरतगढ़ में से राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 निकल रहा है।इसके आसपास के जो भवन निर्धारित मार्ग सीमा में आते हैं तो उनका अधिग्रहण किया जाना जरूरी है, लेकिन सूरतगढ़ के इन भवनों का अधिग्रहण  राष्ट्रीय उच्च मार्ग अथोरिटी  ही कर सकता है।अधिग्रहण के पश्चात मुआवजा भी दिया जाना जरूरी होता है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग अथॉरिटी को जब टाइटल मिल जाता है यानी की मालिकाना अधिकार मिलता है,उसके बाद में ही वह कोई कार्यवाही कर सकता है। मालिकाना अधिकार से पहले वह भी कोई कार्यवाही करने का हक नहीं रखता। सूरतगढ़ में तो अभी अधिग्रहण की कार्यवाही भी नहीं हुई है।


 सूचना है कि पूर्व में राष्ट्रीय​ उच्च मार्ग के मध्य से भवन सीमा दोनों और 75-75 फुट रखी हुई थी जिसके अनुसार भवन बनाए गए।

सूरतगढ़ के मास्टर प्लान में यह सीमा दोनों और 100 -100 रखी गई है, लेकिन आस-पास के जो भवन इस 25 फुट अधिक के दायरे में आते हैं उनका अधिग्रहण किया हुआ नहीं है। नगरपालिका सूरतगढ़ के क्षेत्राधिकार में नहीं है कि वह पट्टे शुदा मकानों को तोड़े। 

सूचना है कि  एक भवन मालिक श्री निश्चल सिडाना ( पट्टे शुदा) ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग भूमि एवं आवागमन अधिनियम 2002 की प्रति सहित एक पत्र नगरपालिका को दिया है। जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि नगरपालिका के क्षेत्राधिकार में यह कार्य नहीं आता। नगरपालिका राष्ट्रीय उच्च मार्ग की सीमा में आने वाले पट्टे शुदा किसी भी भवन को एवं उसकी चारदीवारी को तोड़ने का अधिकार नहीं रखती है। 

सूरतगढ़ में सूरतगढ़ PG कॉलेज, शेरवुड स्कूल,सन सिटी रिसोर्ट, निरंकारी भवन आदि राष्ट्रीय उच्च मार्ग के पास में सटे हैं और ये पट्टे शुदा खातेदारी जमीन पर बने हुए हैं। 


नगर पालिका ने पहले इंदिरा सर्कल के आगे मीणा पेट्रोल पंप के पास से उन अतिक्रमणों को हटाया जिनके पास पट्टे नहीं थे । नगर पालिका ने शनिवार रविवार के अवकाश के बाद अब  24 जुलाई को आगे अतिक्रमण तोड़ने की कार्यवाही राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर शुरू कर दी है। पालिका उन अतिक्रमणों को तोड़ रही है जिनके पास में पट्टे नहीं है।



शनिवार, 22 जुलाई 2017

सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग के पास पट्टे शुदा भवनों पर खतरा


करणीदानसिंह राजपूत

राष्ट्रीय उच्च मार्ग की चौड़ाई 150 फुट तय की गई थी। मार्ग के मध्य से 75 की दूरी के हिसाब से लोगों ने अपने व्यावसायिक एवं आवासीय निर्माण करवा लिए थे। अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग की  चौड़ाई  200 फुट की जाने से पूर्व में बने भवनों पर खतरा मंडरा रहा है।

 अब मध्य से 100 फुट की दूरी के बाद ही कोई निर्माण होने  चाहिए।  पूर्व में बने भवन 25 फुट की चौड़ाई में तोड़े जाते हैं तो उनका स्वरूप बिगड़ कर मिट्टी के मोल पर जा सकता है। यानि कि 25 फुट तोड़े जाने के बाद पीछे उपयुक्त जगह ही न बचे। भवन के आगे का भाग बहुत अच्छा लुक देने वाला बनाया जाता है। पूर्व में बने करोड़ों रुपए के पट्टे शुदा भवनों​ पर खतरा मंडरा रहा है।

राष्ट्रीय उच्च मार्ग जहां शहर के बीच में से निकल रहे हैं वहां पर यह खतरा पैदा हुआ है।

‌ सूरतगढ़ में भी यह खतरा मंडरा रहा है। पूर्व में बने भवनों को बचाने के वास्ते और संपदा का करोड़ों रुपए मुआवजा चुकाने से बचने के लिए सरकार चाहे तो शहर के बीच में मार्ग पूर्व निर्धारित चौड़ाई रख सकती है।सूरतगढ में बाई पास की मांग है व बाई पास वास्ते जमीन भी है। पूर्व में बने भवनों और जमीन का मुआवजा देने के बजाय तो बाई पास का बनाना बुद्धिमानी  हो सकता है। लेकिन आजकल बिना दबाव के कुछ भी संभव नहीं हो सकता।

‌ भवन मालिकों​ के पास फिलहाल उच्च न्यायालय में पेश होने का ही  एक रास्ता बचा है।



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शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

गांधी ने आजादी के बाद कांग्रेस को बिखेरने का कहा था :आज कांग्रेसी खुद यह कर रहे हैं- अमित शाह

 भाजपा ने सत्ता में आने के बाद  परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण जैसे 3 नासूरों को उखाड़ फेंका है। 

 अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस का गठन आजादी के लिए हुआ था। उस समय कांग्रेस पार्टी में सभी विचारधाराओं​  के लोग शामिल थे। इसकी स्थापना अंग्रेज ने की थी और गांधी जी ने आजादी के बाद कहा था कि कांग्रेस को बिखेर दो, जो आज कांग्रेस के लोग ही कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक अमित शाह अपने तीन दिवसीय राजस्थान दौरे के दौरान आज 21जुलाई को  जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित प्रबद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा समेत कुछ ही पार्टियां है जिनमें आंतरिक लोकतंत्र है।

इसका उदाहरण उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वयं को बताया। दोनों ने ही अपना सफर एक साधारण कार्यकर्ता से शुरू किया और अपनी मेहनत एवं तेजस्विता के बल पर इतने बड़े पदों पर पहुंचे। देश में 1670 राजनीतिक दल हैं और इनमें से सिद्धांतों और आंतरिक लोकतंत्र केवल भाजपा समेत कुछ दलों में है। इसकी बदौलत एक साधारण सा कार्यकर्ता इस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बनता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं अन्य दलों की तरह भाजपा परिवारवाद, जातिवाद या क्षेत्रवाद के आधार पर नहीं चलती। शाह ने कहा कि उनकी जाति सुपारी के आकार से भी छोटी है। परिवार में कोई राजनीति में नहीं था। मैं पोस्टर लगाता था और बूथ नंबर 297 का एक साधारण सा कार्यकर्ता था।

उन्होंने कहा कि आज मैं दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। इसी तरह चाय बेचने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बना।  यह  भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र और सिद्धांतों की वजह से संभव हुआ।


सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर अतिक्रमण हटाए गए

- करणीदान सिंह राजपूत-

सूरतगढ़ 21 जुलाई 2017.

 नगर पालिका ने आज 21 जुलाई से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया। 

 यह अभियान राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर शुरू किया गया। राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62  पालिका क्षेत्र के अंदर से निकलता है।वर्षों से यहां व्यावसायिक रूप में बड़े-बड़े शोरूम कारखाने दुकानें आदि चल रही थी जिनका प्रतिवर्ष लाखों का टर्न ओवर था। काफी समय से आवाज उठ रही थी इन अतिक्रमणों को हटाने की। आज अतिक्रमण हटाने वाले स्थल पर प्रभावशाली लोगों के चेहरे नजर आए क्योंकि बहुत बड़े-बड़े अतिक्रमण शोरूम और दुकानों में राजनीतिज्ञों की और पैसे वालों की मालकियत थी। नगरपालिका की दो जेसीबी मशीनें अतिक्रमण तोड़ने में लगी थी, वहां पर अतिक्रमण वालों की ओर तमाशबीनों की भारी भीड़ थी। अनेक लोगों ने अपने अतिक्रमण खुद हटाने शुरू कर दिए ताकि जो सामग्री है वह नगरपालिका वाले ने ले जा सके। नियम के हिसाब से नगरपालिका कब्जा हटाती है तो सामग्री जप्त करके नीलाम करती है और कब्जा तोड़ने का सारा पैसा कब्जेदारी से ही वसूल किया जाता है। शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए 10 दिन काम समय दिया गया है। यह समय दुकानदारों ने लिया है लेकिन यह निश्चित है कि अतिक्रमण किसी भी हालत में बचाए नहीं जा सकेंगे चाहे वह कितने ही प्रभावशाली व्यक्ति के हों,अगर अतिक्रमण बचाने में नगरपालिका के स्टाफ ने कोई कोताही की तो अधिशासी अधिकारी और कार्य प्रभारी अतिक्रमण हटाओ अभियान के सहायक अभियंता तरसेम अरोड़ा पर ड्यूटी में कोताही बरतने की शिकायत हो सकेगी। बीकानेर रोड पर बड़े-बड़े लोगों के कब्जे हैं और लोगों की निगाहें बीकानेर रोड, महाराणा प्रताप चौक छवि सिनेमा रोड आदि के ऊपर लगी हुई है।





       





 

अस्पतालों का कचरा बायोवेस्ट जानलेवा :मानव स्वास्थ्य के लिए हर समय खतरा


श्रीगंगानगर, 20 जुलाई। अस्पतालों का कचरा  जानलेवा भयानक प्रदूषण फैलाता है और मानव स्वास्थ्य के लिए हर समय खतरा है।आश्चर्य है कि श्रीगंगानगर जिले में 107 चिकित्सालयों का कचरा नहीं उठाया जा रहा। वह कहां फेंक रहे हैं यह कचरा?

 जिले में कुल 87 सरकारी अस्पताल और 86 प्राइवेट अस्पतालों ने यानि कुल 173 सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों ने सीटीएफ के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रखा है, जिनमें से अब 66 ही वेलिड है 107 के रजिस्ट्रेशन एक्सपायर हो चुके हैं। इनका नवीनीकरण नहीं करवा गया है।

बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर गठित जिला स्तरीय  मॉनिटरिंग कमेटी की पहली बैठक 20 जुलाई 2017 में यह गंभीर तथ्य सामने आए। यह बैठक जिला कलक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण मामले को गंभीर मानते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों को जिला मुख्यालय पर जल्द ही रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण का शिविर लगाने के निर्देश दिए। ताकि जिन हॉस्पिटल ने बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया हुआ है वो रजिस्ट्रेशन करवा सकें और जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो रहा है वो नवीनीकरण करवा सके। समिति के सदस्य सचिव सीएमएचओ डॉ नरेश बंसल ने बताया कि जिला कलक्टर ने इसे गंभीर मानते हुए जिले की सभी अस्पतालों को इसमें जोड़ने के निर्देश देते हुए इसकी सूची बनाने के निर्देश दिए। सीटीएफ प्रदाता कंपनी के प्रतिनिधियों को जिले की सभी अस्पतालों की सूची चिकित्सा विभाग और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सदस्यों को देने के निर्देश दिए। ताकि अन्य अस्पतालों को भी जोड़ा जा सके। 


                                      बैठक में सीएमएचओ डॉ नरेश बंसल और डिप्टी सीएमएचओ डॉ अजय सिंगला ने बताया कि सीटीएफ प्रदाता कंपनी ऑन रोड़ पीएचसी का कचरा तो उठा लेती है लेकिन इंटीरियर में स्थित पीएचसी का बायो मेडिकल वेस्ट नहीं उठाते। इस पर जिला कलक्टर ने कंपनी के साथ हुए एग्रीमेंट को देखने के निर्देश देते हुए कहा कि अगर एग्रीमेंट में इंटीरियर में स्थित पीएचसी से कचरा उठाने का उल्लेख है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ डीएलबी को लिखा जाए। इसके अलावा जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ में बाइपास रोड़ पर स्थित प्लांट का भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए कि वहां बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार होता है या नहीं। बैठक में सीएमएचओ और डिप्टी सीएमएचओ ने बताया कि सीटीएफ के 75 किलोमीटर के रेडियस में जितने भी अस्पताल आते हैं उनका बायो मेडिकल वेस्ट सीटीएफ प्रदाता कंपनी को उठाना जरूरी है चाहे वो इंटीरियर में आए या रोड़ पर। इसको लेकर संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए। 


                              सीएमएचओ और डिप्टी सीएमएचओ ने बताया कि राजकीय चिकित्सा संस्थानों में बीएमडब्ल्यू सेगरिगेशन है। बीएमडब्ल्यू मद में निदेशालय को बजट मांग भिजवाई गई है। कार्मिकों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही जिन संस्थानों में सीटीएफ द्वारा कचरा नहीं उठाया जा रहा वहां बैरल पिट्स का उपयोग किया जा रहा है।  जिला कलक्टर ने बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर गठित  जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक प्रत्येक तीन महीने में एक बार बुलाने के निर्देश दिए। 


                         बैठक में जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम के अलावा सीएमएचओ डॉ नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, पीआरओ श्री सुरेश बिश्नोई, पीएचईडी के सहायक अभियंता श्री मक्खन सिंह, प्रदूषण निंयत्राण बोर्ड बीकानेर के प्रतिनिधि श्री दारा सिंह श्योरान और श्री ए.के. जेलिया, सीटीएफ प्रदाता प्रतिनिधि श्री घनश्याम राजपुरोहित और श्री कविन्द्र खन्ना उपस्थित थे।

गुरुवार, 20 जुलाई 2017

रामनाथ कोविंद भारत के राष्ट्रपति निर्वाचित

नई दिल्‍ली :20 जुलाई 2017. एक ऐतिहासिक दिन एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्‍ट्रपति चुन लिए गए हैं. उन्होंने यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार को 34.35 प्रतिशत से अधिक वोट से हराया. राष्ट्रपति चुने जाने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा, "मुझे समर्थन देने के लिए सभी दलों का धन्यवाद, ये मेरे लिए भावुक पल है. मेरा चयन लोकतंत्र की महानता का प्रतीक है. राष्ट्रपति के तौर पर चयन बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनना मेरा लक्ष्य नहीं था. मुझ पर भरोसा जताने के लिए सभी का आभारी हूं." कोविंद ने ये भी कहा कि वे सर्वे भवंतु सुखिन: के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के लिए काम करेंगे.17 जुलाई को भारत के 14वें राष्ट्रपति के लिए हुए मतदान के नतीजों के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे से संसद भवन में मतगणना शुरू हुई थी. नया राष्‍ट्रपति चुनने के लिए करीब 99 फीसदी मतदान हुआ था. मतगणना में कोविंद को 65.65 फीसदी वोट मिले, जबकि मीरा कुमार को करीब 34.35 फीसद मतदान मिले हैं. रामनाथ कोविंद को 7 लाख 2 हजार 44 वोट वैल्यू मिले. वहीं मीरा कुमार को 3 लाख 67 हजार 314 वोट वैल्यू मिले.पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद को शुभकामनाएं दी.

रामनाथ कोविंद की जीत पर प्रधानमंत्री ने उनके साथ की दो तस्वीर भी ट्विटर पर साझा की. एक साथ साझा की गई इन दोनों तस्वीरों में से एक तस्वीर 20 साल पहले की तस्वीर थी और एक तस्वीर वर्तमान की है. चुने हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बारे में ट्वीट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि चाहे 20 साल पहले की बात हो या आज की, उनके साथ हमेशा गर्व की अनुभूति हुई. पीएम मोदी ने यूपी प्रत्याशी मीरा कुमार को लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव प्रचार के लिए शुभकामनाएं दी. मतगणना के पहले और दूसरे राउंड में रामनाथ कोविंद ने विपक्ष की मीरा कुमार से काफी बढ़त बनाई हुई थी. पहले राउंड में कोविंद को जहां 60683 वोट वैल्‍यू मिले थे, वहीं मीरा कुमार के खाते में 22941 वोट वैल्‍यू गए हैं. पहली राउंड के आंकड़ों के मुताबिक एनडीए उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद को 552 सांसदों ने वोट दिया है. जबकि मीरा कुमार के पक्ष में 225 सांसदों के वोट गए हैं.रामनाथ कोविंद की जीत के बाद बीजेपी समर्थकों ने मनाया जश्न (फोटोः पीटीआई) आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने से ही जीत तय नहीं होती है. राष्‍ट्रपति वहीं बनता है, बल्कि राष्ट्रपति वही बनता है जो सांसदों और विधायकों के वोटों के कुल वेटेज का आधा से ज्यादा हिस्सा हासिल कर ले और रामनाथ कोविंद ऐसा कर पाने में सफल रहे. 25 जुलाई को नए राष्‍ट्रपति शपथ लेंगे.

यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार ने राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा "आज 20 जुलाई 2017 को मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहती हूं, विचारधारा को लेकर मेरी लड़ाई खत्म नहीं हुई है, ये जारी रहेगी"

ऐसी रही मतगणना की प्रक्रिया- सबसे पहले संसद भवन की मतपेटी खोली गई और फिर राज्यों से आई मतपेटियों को वर्णमाला के आधार पर खोला गया.- वोटों की गिनती चार अलग- अलग मेजों की गई, यानी चार जगह पर एक साथ वोटों की गिनती हुई.- राष्‍ट्रपति चुनाव की मतगणना आठ चरणों में की गई इसमें कुल साढ़े दस लाख वोट रहे.

- राष्ट्रपति चुने जाने के लिए कुल वोटों के आधे से एक वोट अधिक हासिल करना ज़रूरी था.

- इस समय राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए कुल वेटेज 10,98,882 है. यानी जीत के लिए उम्‍मीदवार को 5,49,442 वोट हासिल करने थे.


जीवन के ये 37 साल बेमिसाल: अपनी बात-करणीदानसिंह राजपूत


20 जुलाई 1980 से शुरू हुआ सफर 20 जुलाई 2017 तक के 37 सालों में बेमिसाल रहा। वैवाहिक बंधन शब्द इस सफर के लिए जंचता नहीं। यह तो संग संग चलने का एक अनूठा संकल्प था जो संघर्षों में कठिनाईयों में सुख और दु:ख में निरंतर कुछ न कुछ उपलब्धियों के साथ आगे बढ़ रहा है। समय अच्छा बुरा दोनों ही प्रकार का आता रहा लेकिन उस पर कुछ कहने के बजाय सीख के रूप में ग्रहण करते हुए आनन्द के साथ कदम दर कदम चलते रहे।

इस साथ चलने की कल्पना नहीं की जा सकती मगर कर्म को महान मान कर चलने का मार्ग तय कर आगे बढते रहे।

मेरी माँ हीरा और पिता रतन ने हीरा रतन के रूप में जो शिक्षा दी थी वह अतुल्रीय थी। उस पर मैं चल रहा था।

विवाह के बाद जब विनीता का संग भी शुरू हुआ तब माँ और पिता ने  माना कि विनीता बहुत समझदार है।

मैं माँ को बहुत समझदार मानता था कि उनकी हर बात में सहजता के साथ परिवार उत्थान झलकता था।

पत्नी विनीता ने अपने तोमर परिवार की सीख के साथ यहां आने के बाद बैंस परिवार की सीख को भी आत्मसात कर लिया। मां को लगने लगा कि विनीता भी बहुत समझदार है। कुशलता भरा हर कदम होता है। 


लोग आजकल कहने लगे हैं' कन्या बचाओ' लेकिन हमारे बैंस परिवार में तो कन्या सदा सर्वदा पूजनीय रही।अपने घर का नाम पुत्री के नाम पर हो तो इससे बड़ा प्रेरणादायी और कुछ नहीं हो सकता।

विनीता को अपने घर की चाह थी। कुछ साल पहले अपने घर का निर्माण हुआ। 

यह अपना घर पुत्री विजयश्री के नाम पर विजयश्री करणी भवन किया गया। सूर्याेदय नगरी में भवन के प्रवेश पर यही नाम विजयश्री करणी भवन लिखा हुआ दिल को हर्षाता है। प्रथम संतान पुत्री ही थी जो अब संसार में नहीं है। वह दिव्य संदेश देकर अनन्त में विलीन हो गयी। मगर उसकी तस्वीर उस पूजा स्थान पर है जहां सभी सुबह शाम पूजा अर्चना करते हैं। इसे भावना कह सकते हैं जो पूरे परिवार में समाई है। 

बड़ा पुत्र योगेन्द्र प्रतापसिंह तो नमन करता है सुबह शाम। विजयश्री ने अपनी तीन साल की आयु में योगेन्द्र का नाम रखा था बंटी। आज भी घर पर यही नाम चल रहा है। मेरे व विनीता के इस बेमिसाल सफर में योगेन्द्र प्रतापसिंह का विवाह रीतिका भाटी से 3 दिसम्बर 2014 में हुआ। बहु रूप में आई रीतिका  बेटी के रूप में आनन्दित है। 

छोटा पुत्र रविप्रतापसिंह सोफ्टवेयर इंजीनियर है। उसका विवाह सोफ्टवेयर इंजीनियर साक्षी अरोड़ा संग हुआ है। पुत्रों के विवाह के बाद मेरे और विनीता के  संग संग उठ रहे कदमों को और अनूठी कल्पनाएं और शक्ति मिली है।

पत्रकारिता और लेखन ईश्वरीय देन है जो सन 1966 से जारी है। यह कर्म करते 52 वर्ष हो गए हैं।

 समय बलवान होता है। समय की महानता को सभी ने स्वीकार किया है,मगर सब कुछ ईश्वर के हाथ में है।

उसी ईश्वर को परम ब्रह्म को नमन।

बुधवार, 19 जुलाई 2017

मात्र बयानों से कैसे हो पाक सफाया-कविता: कविराज मुंशीराम कम्बोज

अमरनाथ के संघ के ऊपर जो हुई गोलाबारी

आंतक की निंदा करते हैं हम सब बारी बारी  

👍 ब्यानवीरो का बयां सुना तो मेरा मन हरसाया।

 मात्र बयानों से कैसे हो पाक का यारो सफाया।

 भारत
मां का सीना छलनी हुआ है कितनी बारी।

 आतंक की  निंदा करते हैं,हम सब बारी बारी।

👍सबक सिखाने की चर्चा,हम सुन चुके कई बार,

क्या देश को कुछ बताएंगेये देश के खेवनहार

तोड़ क्यों  नही देते हो तुम शत्रु की नाडी नाडी

आंतक की निंदा करते हैं हम सब बारी बारी।

👍कश्मीर सुलगता देखा हमने, धधका कोना कोना,

दिए ब्यान,कुछ किया क्यों नही,यही है भाई रोना।

भारत बोला सबक सिखाओ,यही है रायशुमारी।

आंतक की निंदा करते हैं,हम सब बारी बारी।

अमरनाथ का तीर्थ हो या अन्य कोई शिवाला।

दुश्मन से नही,भारतवासी कोई भी डरने वाला।

पाक हमेशां लेता आया, हमसे राड उधारी।

आतंक की निंदा करते हैं,हम सब बारी बारी।

बातों और बयानों से होते देखे बड़े धमाके।

कितने सिर लाये हो भैया,जाना जरा बताके।

हैं हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई,भारत की फुलवाड़ी।

आतंक की निंदा करते हैं, हम सब बारी बारी।

मुंशी मेरे मुख मण्डल पे, छाई रही उदासी।

बिना वजह मरते देखे हैं,जब से भारतवासी।

पाकिस्तान की मार मार के,कर दो हालत माडी।

आतंक की निंदा करते हैं, हम सब बारी बारी।

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कविराज मुंशीराम कम्बोज,

गांव मानेवाला,

सूरतगढ़ ,श्रीगंगानगर, राजस्थान।

मो 9783792692,7568915504



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