सोमवार, 9 दिसंबर 2024

अब होगी जांच:सफाई कर्मियों के अनुभव प्रमाण पत्र

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान के नगर निकायों में सफाईकर्मियों की नियुक्ति का आदेश तो सरकार ने वापस ले लिया लेकिन आवेदकों को जारी किए गये कार्य अनुभव प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच की जाएगी। आरोप लगे कि प्रमाण पत्र दिए जाने में बड़ा घोटाला हुआ।

 कार्यवाही का पहला कदम उठाया जा चुका है। डीएलबी की ओर से नगर निगमों, नगरपरिषदों और नगरपालिकाओं के आयुक्तों और अधिशाषी अधिकारियों को एक आदेश,आज 9 दिसंबर को दिया गया है। आदेशानुसार 27 नवंबर 2024 तक जारी किए गये कार्य अनुभव प्रमाण पत्र जो जारी किए गये वे जिस मूल रिकार्ड से जारी हुए वह रिकार्ड और प्रमाण पत्रों की सूची 11 दिसंबर शाम 6 बजे तक क्षेत्रीय उप निदेशक कार्यालयों में जमा कराने होंगे।०0०

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पूजा छाबड़ा और डा. मंजू की भेंट:नशामुक्ति पर कुछ और होगा.

 

* करणीदानसिंह राजपूत.

श्रीगंगानगर 9 दिसंबर 2024.

शराबबंदी नशामुक्ति आंदोलन की अध्यक्ष पूजा छाबड़ा और डा. मंजू जिलाकलेक्टर श्रीगंगानगर की आज यहां कुछ मिनट की भेंट हुई। नशा मुक्ति दो शब्दों पर आगे यहां श्रीगंगानगर जिले में कुछ और नये कदम उठाए जाने की आशा की जानी चाहिए। डा.मंजू ने श्रीगंगानगर जिले में शिक्षण संस्थानों में युवाओं को नशा मुक्ति के लिए आगे आने की अपील पर जिले में कार्य हो रहा है। शिक्षकों ने इस अभियान के तहत जागरूकता के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम में नशामुक्ति को जोड़कर विद्यार्थियों को समाज में परिवर्तन लाने के लिए तैयार किया है। शिक्षण संस्थानों में लगातार सभाएं हो रही है। डा.मंजू ने यहां से पहले आदिवासियों में शराब की नशे की आदत छुड़ाने पर अच्छा कार्य किया हुआ है। पूजा छाबड़ा में एक विशेषता है कि वे महिलाओं और गरीब लोगों को शराबबंदी नशामुक्ति के लिए शीघ्र ही प्रेरित करती हैं। दोनों की भेंट और क्षणिक बातचीत से श्रीगंगानगर में आगे कुछ और नया होने की आशा की जा सकती है।०0०







रविवार, 8 दिसंबर 2024

पूर्व विधायक भादू अपने शिला पट्टों को तो साफ करालें.सूरतगढ़ में हालात.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 दिसंबर 2024.

राजेंद्र सिंह भादू को अपने विधायक काल में लगाए शिलापट्टों को और उन स्थानों को देख लेना चाहिए कि वे साफ सुथरे हैं। अपनी कोठी को अपने घर को तो सभी साफ सुथरा रखना चाहते हैं लेकिन शहर में गंदगी और कचरे की ढेरियों पर शिकायत करना नहीं चाहते। शिकायत तो तब हो जब उद्घाटन पट्ट स्थान को देखने की कोशिश की हो। यहां तो केवल एक ही स्थान पुरानी धान मंडी का शिला पट्ट स्थल का फोटो है जो 8 दिसंबर 2024 के अपरान्ह 4-32 बजे का है। नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा और उपाध्यक्ष पवन ओझा का नाम भी शिला पर है। इनको भी देख लेना चाहिए कि ये नाम भी किस तरह से गंदगी में ओझल से हो रहे हैं। 

* नगरपालिका प्रशासन ने शहर का सत्यानाश कर दिया है और नेताओं को शहर को देखने की फुर्सत नहीं है। कमसे कम समाचार फोटो छपने,सोशल मीडिया पर गंदगी के फोटो खबरें आने पर तो ध्यान देने में भी कमजोरी। शहर के लिए बोल लिख नहीं सकते तो अपने शिला पट्टों पर गंदे हो रहे नामों को ही साफ करवालें।

* वर्तमान अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने 20 फरवरी 2024 को यहां कार्यभार ग्रहण किया। 10 महीनों में केवल 3 बार शहर में निश्चित स्थानों पर गयी। कभी शहर निरीक्षण को नहीं निकली।अपनी भाभी बबीता शर्मा को नियमविरुद्ध प्रमोशन देने के भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी इस ईओ की शिकायत ये तीनों ही नहीं करना चाहते। इसलिए अपने नाम साफ करा लेने जितना काम तो कर लेना ही अच्छा होगा।

* राजेंद्र सिंह भादू  भाजपा टिकट से 2013 से 2018 तक विधायक रहे। भाजपा के ही काजल छाबड़ा और पवन ओझा  2014 से 2019 तक पदों पर रहे। भादू ने 2023 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। बहुत कम वोट आए। कांग्रेस के टिकट पर डुंगरराम गेदर चुनाव जीत कर विधायक बन गये और भादु कांग्रेस में चले गये। यह एक प्रकार से शरण में चले गये और अब कांग्रेस में स्वतंत्र रूप में अपनी मर्जी से दो कदम भी नहीं चल सकते। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया या विधायक डुंगरराम गेदर कोई आयोजन प्रदर्शन करें तो ही भाग लें। 






* नगरपालिका प्रशासन यानि ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार और शहर को कचरा पात्र बनाने पर कांग्रेस के दिग्गज विधायक डुंगरराम गेदर, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया और पार्टी नहीं बोल रही। अब ऐसे हालातों में लोग डुंगरराम गेदर का नाम ही नहीं लेना चाहते तब ऐसे में यह कमजोर कांग्रेस आने वाले नगरपालिका चुनाव में कैसे जीतेगी और अपना कांग्रेस का बोर्ड बनाएगी? ०0०

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शुक्रवार, 6 दिसंबर 2024

श्रीगंगानगर:भाजपा को जिंदा रखने को जिलाध्यक्ष कैसा हो?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

भारतीय जनता पार्टी में आए दिन विशाल भारत अखंड भारत के नारे और विचार आते रहते हैं लेकिन श्रीगंगानगर जिले में पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणामों की समीक्षा करें भीतर से संगठन को खंगालें तो अनेक टुकड़े  नजर आते हैं जो जोड़ने असंभव हैं। जब संगठन कमजोर होता है तो विधानसभा चुनाव में टिकटों का चयन सही नहीं हुआ और विभिन्न गुटों ने और उपेक्षित मूल ओबीसी ने जाति समाज के नाम पर टिकटों को हराया। मूल ओबीसी के लोगों ने विधानसभा चुनाव में आवाज तो उठाई मगर उनकी वोटिंग पावर को कमजोर आंका गया। जिलाध्यक्ष सरदार शरणपालसिंह मान का चुनावी मंचों पर जो व्यवहार देखा गया वह चुनाव से पहले परिणाम प्रदर्शन कर रहा था। जिलाध्यक्ष पद तो बहुत पावरफुल होता है जो सभी समुदायों को जोड़ कर रखे। लेकिन मान का कार्यकाल चुनाव और संगठन दोनों में कमजोर रहा। जिलाध्यक्ष में चुनाव और संगठन एकाकार हो तब ही पार्टी मजबूत और चुनाव जीतने वाली बनती है। 

श्रीगंगानगर जिले में विभिन्न समुदायों सिख जाट अरोड़ा को संगठन में अधिक बार प्रतिनिधित्व देकर जिलाध्यक्ष बनाया गया।सामान्य और एससी को भी जिलाध्यक्ष बनाया लेकिन मूल ओबीसी को कभी प्रतिनिधित्व की भावना से देखा नहीं गया। चुनाव और संगठन दोनों में ही ओबीसी समुदाय अपने को उपेक्षित समझने लगा और अब यह भावना भीतर तक जमी हुई है। भाजपा के नेता पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि अभी भी इस स्थिति को गंभीरता से नहीं सोच रहे। यह ठीक है कि अनेक व्यक्ति जिलाध्यक्ष पद पर आने के ईच्छुक हैं। लेकिन एक बार यानि इस बार जाट सिख अरोड़ा आदि के अलावा मूल ओबीसी की ताकत को यह पद  देकर भी देखना चाहिए। यह बदलाव का कदम नगर निकायों और पंचायत चुनावों से पहले भाजपा को मजबूती एवं विकास की ओर ले जाने वाला सिद्ध हो जाए। संगठन मजबूत होगा और नगर निकायों एवं पंचायतों में भाजपा पदासीन होगी तो आगामी यानि 2028 के विधानसभा चुनावों तथा 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पार्टी शिखर पर होगी। अब सबसे बड़ा वैचारिक मुद्दा यही है कि पार्टी में यह बोल्ड निर्णय हो कि "एक हों मजबूत हों" विजय का संकल्प और भावना को सर्वोपरि रखते हुए विभिन्न समुदायों के नेता कार्यकर्ता त्याग की भावना को भी साथ रखते हुए मूल ओबीसी के कार्यकर्ता में से ताकतवर को आगे लाकर जिलाध्यक्ष के पद पर आसीन कराने में सहयोगी बनें। इस बदलाव के लिए सभी ओर भ्रमण करते और सभी लोगों को टटोलते खंगालते बोल्ड स्टेप एक  निर्णायक को उठाना होता है।०0०

6 दिसंबर 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 61 वां वर्ष,

( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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सूरतगढ़:पत्रकार महेंद्रसिंह के पुत्र का ब्याह.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 6 दिसंबर 2024.

पत्रकार महेंद्रसिंह के सुपुत्र हिमांशु और नर्मदा ( उज्जैन) का विवाह आज यहां सैनी गार्डन में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ। 

परिजनों, रिश्तेदारों, पत्रकारों, वकीलों,डाक्टर,सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि ने फेरों के बाद वर वधू को आशीर्वाद दिया। महेंद्र सिंह जाटव 'साप्ताहिक ब्लास्ट की आवाज' के संपादक हैं।

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गुरुवार, 5 दिसंबर 2024

संघ और भाजपा की शक्ति:केशव उद्यान में गंदा पानी

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 5 दिसंबर 2024.

संघ और भाजपा की शक्ति की शर्मनाक तस्वीर देखने के लिए राजस्थान के सूरतगढ़ में केशव उद्यान को देखना होगा जिसमें हरियाले पेड़ पुष्प खिले पौधे और उनकी सुगंध नहीं है बल्कि नगरपालिका गंदा पानी डाल रही है।  भाजपा नेताओं और संघ स्वयं सेवकों को मालुम है क्योंकि इस केशव उद्यान पर समाचार प्रसारित हो चुके। शिकायतें हो चुकी। मगर संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेताओं ने नगरपालिका प्रशासन को झिंझोड़ा नहीं। संघ को जगाने की कोशिशें भी सफल नहीं हो पाई। एक भी स्वयं सेवक ने यह मौका नहीं देखा। भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा से जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान तक नहीं जागे। संघ और भाजपा आम लोगों में सर्वाधिक शक्ति प्रदर्शन करने में आगे रहते हैं लेकिन यहां न मालुम उनकी शक्ति क्षीण क्यों हो जाती है?





 भाजपा के अशोक नागपाल ने 2005 में अपने विधायक काल में इस पार्क की चारदीवारी का लोकार्पण किया था। अशोक नागपाल सूरतगढ़ में ही रहते हैं। पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया भी यहीं रहते हैं। नागपाल कासनिया के अलावा यहां भाजपा के नगरपालिका पूर्व अध्यक्षों श्रीमती आरती शर्मा, श्रीमति काजल छाबड़ा, अभी अध्यक्ष से निवृत हुए ओमप्रकाश कालवा भी यहीं हैं। इन सभी के आंख कान बंद हैं। ये देखने सुनने की शक्ति नहीं रखते।

* अब प्रश्न यह है कि यहां वाले तो इस उद्यान के बारे में कुछ भी करना नहीं चाहते तब अन्य स्थानों के संघ स्वयं सेवक और भाजपा के प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता नेता देखना चाहेंगे कुछ करना चाहेंगे? या फिर इस देश प्रसिद्ध नाम केशव के केशव उद्यान में यों ही नगरपालिका द्वारा गंदा पानी डाला जाता रहेगा।०0०

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 61 वां वर्ष.

( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356

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राजस्थान:सफाई कर्मियों की भर्ती आदेश वापस लिया.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान स्वायत्त शासन निदेशालय ने 4 दिसंबर 2024 शाम को प्रदेश में नगरीय निकायों में 23820 सफाई कर्मियों की होने वाली भर्ती का 27 सितंबर 2024 को जारी आदेश वापस ले लिया। हजारों लोग खासकर वाल्मिकी समाज के बेरोजगार इस भर्ती में नौकरी पाने की आशा कर रहे थे वे इस  आदेश वापसी से ठगे से रह गये हैं। असल में इस नौकरी के लिए पिछले कुछ सालों से वाल्मिकी समाज के परिवार ही इंतजार कर रहे थे। 

👌 कोई भूखा पंगत में भोजन परोसे जाने के इंतज़ार में बैठे और अचानक उसे कहा जाए कि भोजन नहीं खिला रहे तो इंतज़ार करने वाले की हालत जो होगी। ठीक वैसी हालत नौकरी का इंतजार कर रहे लोगों की हुई है। 

* इसे भरोसा तोड़ना कहा जाएगा।

* कुछ बेरोजगारों के साथ घिनौनी मजाक कहेंगे।

राजस्थान की भाजपा सरकार ने अपना ही आदेश वापस लिया है इसका कारण तो हो सकता है सही रूप में मालुम ही न पड़े लेकिन इसे अच्छा कोई भी नहीं बताएगा। सरकार स्वयं महीनों से तैयारी कर रही थी। स्वायत्त शासन निदेशालय ने आदेश जारी करना और उसे निरस्त करना या बदलना मजाक बना रखा है। इससे पहले विभिन्न प्रकार के आदेश जारी करके निरस्त कर दिए या बदल दिए। राजस्थान की भाजपा भजनलाल शर्मा सरकार का यह कदम निश्चित ही अपनी पार्टी भाजपा के लिए हानिकारक होगा लेकिन भाजपा अपनी हर आलोचना को हवा में उड़़ाती रही है। सरकार इसे भी मामूली सी बात ही मानेगी और अपनी सफाई में कोई बयान भी दे देगी। असल में सरकारें जनता को कुछ समझती भी नहीं है जिसमें भाजपा सरकार तो सच्च में ही जनता को कुछ भी नहीं समझती। भाजपा को राजस्थान में जीत और उपचुनाव में अच्छी जीत के बाद यह विश्वास हो गया कि उसके अलावा कोई भी नहीं और कुछ भी नहीं। भाजपा सरकार है जो चाहे निर्णय करे कोई तगड़ा विरोध करने वाला नहीं, किसी में इतना दम नहीं जो सरकार को झुका ले। 

👌 वाल्मिकी समाज सरकार के इस दंभ को तोड़ भी सकते हैं। यूनियनों के पास एक ही कदम होता है सरकार को चेताने का और लह कदम होता है काम बंद कर देना। आने वाले आजकल के एक दो दिनों के कुछ घंटे बताएंगे कि मौजूदा सफाईकर्मी यूनियनें सरकार को क्या नोटिस देंगी और क्या कदम उठाएंगी। आदेश वापसी से बेरोजगार और समाज के लोगों का गुस्सा होना वाजिब माना जाएगा।०0०

5 दिसंबर 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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मंगलवार, 3 दिसंबर 2024

डुंगरराम गेदर की आंखों पर परसराम भाटिया का चश्मा:1 साल विधायक काल.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 दिसंबर 2024.

जनप्रिय की मोहर लगाए विधायक डुंगरराम गेदर का एक साल पूरा हुआ जिसमें परसराम भाटिया के लाखों के घोटाले भ्रष्टाचार दिखाई नहीं देना अमिट मिसाल बना कि चुप रहुंगा न देखूंगा न बोलूंगा न कहीं शिकायत करूंगा? परसराम भाटिया के नगरपालिका अध्यक्ष पद 120 दिन के घोटालों पर अनदेखी की। इसे गेदर की मजबूरी समझ सकते हैं। 

* कांग्रेस के सूरतगढ़ के सिक्के पर एक तरफ डुंगरराम गेदर है और दूसरी तरफ परसराम भाटिया है। इसे अनेक तरीकों से बखान किया जा सकता है। गेदर और भाटिया एक ही हैं। एक दूसरे से चिपटे हुए। भाटिया जो भ्रष्टाचार घोटाले करते रहे उसकी पूरी जानकारी गेदर को रही है। 

* लोगों का मानना है कि कांग्रेस के इस सिक्के की मार्केट वैल्यू यानि कीमत गिरी है और आगे और गिरेगी क्योंकि गेदर दूसरी तरफ लगे भाटिया को हटा नहीं सकते। दूसरा सिक्का तो टकसाल में ढाल लें लेकिन कोई और चेहरा दूसरी तरफ लगाने लायक हो। बोल्ड स्टेप उठाएं तो एक तरफ गेदर का चेहरा हो और दूसरी तरफ केवल कीमत और स्लोगन हो। इतनी हिम्मत गेदर दिखा पाएंगे, ऐसा लगता नहीं है।

* गेदर भाजपा पर सवाल उठा सकते हैं तो परसराम भाटिया के सारे भ्रष्टाचारों से पार्टी को अवगत करा सकते हैं। यदि इसमें देरी करते हैं तो सिक्के की कीमत इतनी अधिक गिर जाएगी कि फिर पार्टी में भी चल नहीं पाएगा।

👌 लोगों का यह भी मानना है कि डुंगरराम गेदर को परसराम भाटिया ने घेर रखा है और उस घेरे को अन्य कोई तोड़ नहीं रहा और कोशिश भी नहीं कर रहा। वहीं यह सोच भी है कि कोई कांग्रेसी साथ नहीं दे रहा है और केवल परसराम भाटिया ही हर धरना प्रदर्शन चला रहे हैं तो घेरा परसराम भाटिया का ही रहेगा।


* डुंगरराम गेदर याद करें कि पिछले विधायक रामप्रताप कासनिया कि वे हंसी उड़ाते थे कि " मेरी तो चालै कोनी"। राजस्थान में 2018 से 2023 तक कांग्रेस राज था। सूरतगढ़ से भाजपा के विधायक रामप्रताप कासनिया थे। कासनिया अनेक मामलों में खुला बिना संकोच कहते थे कि उनकी चलती नहीं है इसलिए काम नहीं हो रहे।  

* गेदर कासनिया की खिल्ली उड़ाते रहे थे लेकिन अब बिना संकोच सच्च बताएं कि उनकी  तो कासनिया जितनी भी नहीं चल रही। गेदर नहीं बोलें नहीं बताएं तो भी लोग जानते हैं कि गेदर की कुछ भी नहीं चल रही। अभी तो एक साल ही बीता है और आगे इस सिक्के की कीमत और गिरेगी। 

* नगरपालिका सूरतगढ़ और पंचायत समिति सूरतगढ़ के चुनावों से पहले ही कांग्रेस के इसे डुंगर कांग्रेस कहें जिसके हालात बेकाबू से होंगे कि इन दोनों स्थानों पर चेयरपर्सन यानि अध्यक्ष और प्रधान भाजपा का होगा।

 👌 परसराम भाटिया के कार्यकाल में अनेक पट्टे फर्जी बने,पंप हाऊस की जमीन का पट्टा बना दिया। शिक्षा अधिकारी और शिक्षक के पट्टे बना दिए। आठ पार्षद परिवारों व पार्षदों के पट्टे बना दिए जो नियमानुसार बनाए नहीं जा सकते थे।जानकीदासवाला निवासी एक स्वामी  विधायक के नजदीकी एक कांग्रेस नेता के नाम पट्टा बना दिया जिनमें प्रमाण के लिए तीन वोटर लीस्ट में सूरतगढ़ का निवासी बनाए दस्तावेज लगे। तीनों वोटर लीस्टें स्कैनर से फर्जी तैयार कर लगाई गई। 

सीमेंट कंक्रीट अच्छी हालत सड़क पर इंटरलोकिंग सड़क वार्ड नं 32 में बनी और एक गली में तो बालू रेत पर टाईलें लगा दी,नंदी शाला में तूड़ी खरीद का न्यूनतम टेंडर 810 था जिसका भुगतान 840 से किया जो पकड़ा गया।

* विधानसभा में एक मुद्दे पर कहा सूरतगढ़ में जमीनों के टायर लगते हैं और जमीनें सड़कों के पास आ जाती है। एक बड़े खसरे भूखंड को टायर परसराम भाटिया ने अपने अध्यक्षीय काल में हस्ताक्षर कर टायर लगा दिए थे और उसकी कीमत करोड़ों रूपये की कर दी। इस भूखंड को टायर लगाने से इन्कार करने पर ही मील से विवाद हुआ और ओमप्रकाश कालवा कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गये।

 👍नगरपालिका में ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी बबीता शर्मा का गैरकानूनी पदोन्नति कर सफाईकर्मी से जमादार बनाया। सूरतगढ़ सिटी थाने में प्रदीप शर्मा पर रिवाल्वर हथियार का झूठा मामला बनाने का आरोप थानाधिकारी सीआई और पुलिस कर्मियों पर लगाते हुए महाराणा प्रताप चौक पर धरना लगाया। शहर को बंद करवाया था कि भ्रष्टाचार सहन नहीं होगा। विधानसभा सभा में भी इस पर पुलिस के विरुद्ध सरकार के विरुद्ध बोले। अब इसकी जांच रिपोर्ट और प्रदीप शर्मा ने क्या बयान दिए वे लोगों को बताएं कि क्या हुआ?

 प्रदीप शर्मा का मामला उठाया तो फिर नगरपालिका में ईओ पूजा शर्मा के घोटालों पर चुप क्यों रहे हैं। ईओ ने अपनी भाभी बबीता शर्मा का नियम विरुद्ध प्रमोशन कर जमादार बना दिया। भाभी को अनुचित लाभ देकर नगरपालिका को नुकसान पहुंचाया। लेकिन इस प्रमाणित भ्रष्टाचार पर सरकार को शिकायत नहीं की।

* नगरपालिका गरीबों के घर अतिक्रमण बताते तुड़वाती रही और बड़े लोग अतिक्रमण करते रहे। गेदर नहीं बोले।

** शहर में फैली गंदगी पर पूरा मौन धारण है। ईओ पूजा शर्मा ने 20 फरवरी 2024 को जोईन किया और 10 महीनों में सफाई व्यवस्था सुधारने, वर्षा पानी निकासी पर निरीक्षण नहीं किया। 10 महीनों में कुल दो या तीन दिन एक दो घंटे के लिए ही निरीक्षण को निकली। शहर की इस दुर्गति पर भी नहीं बोला गया।

👍 कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया के कार्यकाल के अनेक घोटाले जो सभी प्रसारित हो गये। शिकायतें हो गई। कुछ मुकदमें भी हो गये लेकिन विधायक डुंगरराम गेदर अपने साथ परसराम भाटिया को चिपकाए रहे हैं।

 * भाजपा नेता सुरेश मिश्रा और शरणपालसिंह की सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर एक कालोनी शिप्रा कालोनी बनी है। उसमें अनेक गड़बड़ी होने के समाचार छपे। परसराम भाटिया ने जांच की मांग उपखंड अधिकारी से की। उन्होंने एक कमेटी तहसीलदार की अध्यक्षता में बनाई और यह समाचार भी छपा। उसके बाद भाटिया चुप हो गये। इस पर या नगरपालिका में बड़े घोटालों पर गेदर एक भी घोटाले पर नहीं बोले।

👌 डुंगरराम गेदर का एक साल का कार्यकाल ऐसा रहा है कि चुनाव में साथ देने वाले मूल कांग्रेसी,मूल ओबीसी के लोग अब साथ नहीं हैं। भाजपा समर्थकों ने अंदरखाने बेमिसाल साथ दिया था उनको तो अलग होना ही था। आज गेदर की हालत बेहद कमजोर है। जो प्रदर्शन आदि हुए उनमें 30-35 लोग और किसी में अधिक हुए तो 50 के करीब लोग आए । 

👌डुंगरराम गेदर के साथ लोग नहीं थे। लोगों ने जलन के कारण भाजपा के रामप्रताप कासनिया को हराने को गेदर को भारी मतों लगभग 60 हजार अधिक से जिताया वे खुद को ठगा हुआ मानते हुए पछतावा कर रहे हैं और इस कारण धरना प्रदर्शन में साथ नहीं दे रहे।

👌 डुंगरराम गेदर और  परसराम भाटिया का साथ कांग्रेस के नेता जो टिकटार्थी रहे वे नहीं दे रहे। वे घरों में खेतों में अपने कामधंधों पर लगे हैं। उन सबका व्यवहार ऐसा है कि हमें कोई मतलब नहीं कांग्रेस से कोई रिश्ता नहीं। 

👌👌 डुंगरराम गेदर का साथ कांग्रेसी नेता चाहे नहीं दें लेकिन भाजपा के नेता नगर मंडल देहात मंडलों से जिले तक के चुप रहकर साथ दे रहे हैं।

👌👌👌 राजस्थान में 2018 से 2023 तक कांग्रेस राज था। सूरतगढ़ से भाजपा के विधायक रामप्रताप कासनिया थे। मील हारे हुए थे लेकिन गंगाजल मील की धड़ल्ले से चलती रही या वे चलाते रहे। अब स्थिति उलट है राजस्थान में भाजपा का राज है विधायक डुंगरराम गेदर है। रामप्रताप कासनिया हारे लेकिन प्रशासन में रामप्रताप कासनिया और उनके बेटे संदीप कासनिया की चल रही है। डुंगरराम गेदर एक दर्शक हैं। जनता की एक भावना यह भी है।

 


* गेदर के पास अभी 4 साल हैं और वे बहुत बदलाव अपने स्तर पर कर सकते हैं।


👍  चर्चा में फिर आया पवन शर्मा का लापता होना और उसका मुकदमा। इसमें सूरतगढ़ के 5 लोग हैं जिन पर आरोप लगा था।

- सूरतगढ़ से लापता पवन शर्मा सिटी थाना मुकदमा नं 240 दि.12 जून 2010 में फाइनल रिपोर्ट कैसे लगी? इसकी चर्चा एक बार ताजी हुई है। इसमें सुशील धानुका, सुरेश मिश्रा, अशोक मिश्रा, नरेन्द्र राठी,राधेश्याम चुघ सभी सूरतगढ़ निवासी, शरद उर्फ पप्पू यादवकैलाश राजपुरोहित और राजेंद्र कुमार ये आमला (बैतूल) मध्यप्रदेश निवासी हैं। सूरतगढ़ के इन लोगों के पास सेना फायरिंग रेंज का ठेका था। आरोप है कि उस ठेके के गोला बारूद गलत लोगों ( अपराधी तत्वों) को बेचा जाने का मालुम पवन शर्मा को लगा तब वह काम छोड़कर आना चाहता था। ठेका कारिंदे उसे काम पूरा होने से पहले काम छोड़ने नहीं दे रहे थे। वह अचानक लापता हो गया। सूरतगढ़ के ठेकेदार उसकी पत्नी को टालते रहे धमकाते भी रहे। आखिर उसने अदालत के माध्यम से मुकदमा किया। उसका अनुसंधान कैसे हुआ कि फाईनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। इसमें मध्यप्रदेश में कितनी जांच हुई? अनेक सवाल हैं। देखते हैं सच्च क्या है? रिपोर्ट्स क्या हैं? वैसे यह प्रकरण मुकदमे तक ब्लास्ट की आवाज में  28 जून 2010 में छप चुका। पुलिस ने कैसे अनुसंधान किया और क्या राजनैतिक  या किसी नेता के दबाव से एफ आर लगी? जो भी सच्च होगा अभी एफआईआर आई है। अन्य रिपोर्ट का इंतजार है लेकिन यह मामला अब एक बार फिर चर्चा में आया है।०0०

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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सोमवार, 2 दिसंबर 2024

एकाउंट्स मेंटेन में आलराउंडर ओमप्रकाश बोथरा का निधन

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़। एकाउंट्स मेंटेन करने के कुशल आल राउंडर  जानकार सलाहकार ओमप्रकाश बोथरा का 73 वर्ष की उम्र में हृदयाघात से 30 नवंबर 2024 को प्रातःकाल में निधन हो गया। 

* ओमप्रकाश बोथरा एकाउंट्स मेंटेन करने और कराने में विशेषज्ञ रहे इसलिए विभिन्न कंपनियां अपने एकाउंट्स मेंटेन कराती और उनसे सलाह लेती। मूल रूप से बीकानेर संभाग के बहुचर्चित लूणकरणसर के निवासी ओमप्रकाश बोथरा ने वर्षों पहले सूरतगढ़ को अपना कार्यक्षेत्र चुना और कुछ ही वर्षों में कार्यकुशलता से प्रसिद्ध हो गए। एकाउंट्स मेंटेन और जानकारी में विशेषज्ञ प्रसिद्ध होने के बाद सूरतगढ़ को अपना स्थाई निवास बना लिया। तेरापंथी जैन धर्म के अनुयायी बोथरा समाज में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखते थे।

स्व.ओमप्रकाश बोथरा के सुपुत्र अजय बोथरा प्रसिद्ध शिक्षण संस्था 'डी.ए.वी.पब्लिक स्कूल सूरतगढ़' के निदेशक मंडल में एक निदेशक हैं। 

* परमब्रह्म उन्हें मोक्ष प्रदान करें। नमन!

करणीदानसिंह राजपूत.

2 दिसंबर 2024.

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रविवार, 1 दिसंबर 2024

भाजपा संगठन चुनावों में सख्ती हो.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनावों की प्रक्रिया चल रही है। इसमें नेताओं कार्यकर्ताओं पर सख्ती हो ताकि गुटबंदी और निकम्मे साबित हो रहे और सदस्यता अभियान में फेल या कमजोर रहने वाले,जैसे तैसे संख्या पूरी करने वाले,मुंह दिखाने वाले चेहरे संगठन में न घुसाए जा सकें। भाजपा राजस्थान में जीती केंद्र में जीती और सरकारें बनाई लेकिन अनेक नेता और कार्यकर्ता सहयोगी नहीं थे, टिकटों को हराने में रहे,जिनको अब संगठन में कोई पद नहीं मिलना चाहिए। ऐसे सदस्य संगठन में घुसाए गये तो आगे के चुनावों के लिए भाजपा कमजोर होगी। अभी अनेक नेता कार्यकर्ता जो कांग्रेस से या अन्य दलों से भाजपा में आए वे अधिकांश पार्टी के लिए कोई काम नहीं कर रहे। 

👌 ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्री स्तर के पदों पर मनोनीत किए जाने व आगामी जो भी चुनाव हो उनमें टिकटों से भी दूर रखा जाए ऐसी आम कार्यकर्ताओं की भावनाएं हैं। आम कार्यकर्ता और भाजपा के वर्षों से समर्थक रहे लोगों के मुंह से निकले शब्द होते हैं कि ये काम नहीं करते। 

👌 यह सच्च भी है कि जब काम पड़ता है तब अनेक नेता और पदाधिकारी बहाने बनाते हैं और कार्यकर्ता रो पिट कर रह जाता है। कार्यकर्ता का और समर्थक का सही काम भी नहीं हो पाता। काम होता है तो उसके लिए चक्कर और बहुत कुछ खर्च करना पड़ जाता है।

👌 संगठन चुनावों में अच्छे काम करने वाले पदाधिकारी बनाए जाएं। जन भावना यह है और  प्रक्रिया में लगे कितनी जिम्मेदारी निभाते हैं यह तो आने वाले कुछ दिनों में सामने आएगा।०0०

1 दिसंबर 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 61 वां वर्ष,

( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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