शनिवार, 3 अगस्त 2024

सूरतगढ़:ओमप्रकाश कालवा ने पालिकाध्यक्ष कार्यभार ग्रहण किया.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ 3 अगस्त 2024.

ओमप्रकाश कलवा ने नगरपालिका अध्यक्ष पद पर बहाल किए जाने के बाद आज 3 अगस्त को दोपहर में अपना कार्य भार ग्रहण किया। इस अवसर पर भाजपा नेता संदीप कासनिया पार्षद गण शहर की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी जिला लोकपाल अनिल धानुका आदि उपस्थित थे। ओमप्रकाश कालवा और संदीप कासनिया को मालाएं पहनाई गयी और पुष्पगुच्छ भेंट किए गये।

अपनी बहाली पर पत्रकारों को अपने पहले वक्तव्य में  भाजपा के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,स्वायत्त शासन मंत्री खर्रा को इसके लिए आभार प्रगट किया। कालवा ने भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शरणपाल सिंह, पूर्व विधायक राम प्रताप कासनिया को भी उनका नाम लेकर धन्यवाद दिया।

* शहर की पानी निकासी आदि की समस्या के बारे में कहा कि वे इस संबंध में सफाई कर्मचारियों से मीटिंग लेकर बात करेंगे।

* इस अवसर पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहला पत्र करणीदानसिंह राजपूत की ओर से शहर की बरसाती पानी की निकासी,सफाई, कार्यालय व्यवस्था बाबत दिया गया।









०0०*



*****






शुक्रवार, 2 अगस्त 2024

सूरतगढ़:ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष बहाल:विरोधियों को झटका.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 2 अगस्त 2024.

ओमप्रकाश कालवा को नगर पालिका अध्यक्ष पद व सदस्यता पर बहाल कर दिए जाने के आदेश के बाद समर्थकों में खुशियां और विरोधियों को बड़ा झटका लगा है। समर्थकों ने नगरपालिका भवन के आगे पटाखे बजाए और भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए।


 ओमप्रकाश कालवा को अपनी बहाली के बाद अब कुछ काम प्राथमिकता से तुरंत ही करने होंगे। 

शहर की बरसात की पानी निकासी की समस्या जिसमें नालों आदि की गाद निकाल कर सफाई करना और पट्टे बांटने हैं। यह दो काम सबसे पहले होने बहुत जरूरी हैं।पट्टे बांटने के कार्य में तो राजस्थान सरकार ने 8 अगस्त तक की तिथि घोषित कर रखी है। बरसात के मौसम को देखते हुए जो अव्यवस्था शहर में हुई है, दुकान घर डूबे हैं,उनके लिए नाले नालिया तुरंत साफ कराए जाने बहुत जरूरी है। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं इंटरलॉकिंग उखड़े हुए हैं नालों के ऊपर फेरो कवर टूटे हैं उनको भी दुरुस्त करना जरूरी है ताकि बरसात के पानी में किसी को आवागमन परेशानी ना हो और कोई दुर्घटना ना हो।

* उचित समय पर नगर पालिका के ठेकेदारों को भुगतान भी करना बहुत जरूरी है जिसके लिए कहा जाता है कि करीब 8 करोड़ से अधिक की राशि ठेकेदारों की नगर पालिका में बकाया पड़ी है। सूरतगढ़ में जो ठेकेदार हैं उनके लिए यह भुगतान होना बहुत जरूरी है। वहीं ठेकेदारों पर अंकुश भी लगाया जाना जरूरी है कि कार्य सही हों।

 विकास के जो निर्माण कार्य बीच में ठप्प पड़े हैं उनको भी शुरू करवाया जाना बहुत जरूरी है।

👍 नगर पालिका कार्यालय में जो  अव्यवस्था चल रही है उसको भी शक्ति के साथ अधिशासी अधिकारी को आदेशित कर सुधार किया जाना बहुत जरूरी है। अभी हालात यह है कि कांंग्रेसियों की कोई भी मांग हो उसका निस्तारण ऐसे किया जाता है जिससे लगता है कि कांंग्रेसियों का दफ्तर है,उनकी गड़बडिय़ों पर पकड़ और कार्यवाही जरूरी है।

** ओमप्रकाश कालवा को बहाल किए जाने के अलावा सरकार के पास में अन्य कोई ऐसा मुद्दा नहीं था जिसके कारण और अधिक दिन सस्पेंड रखा जाए। पहले भी बहुत समय बीत चुका  जिसका नुकसान इस शहर को हुआ है। 

* कालवा के विरुद्ध शिकायतें करने वाले खुद प्रमाणित आरोपों से घिरे हुए हैं बल्कि उन पर आरोप भी प्रमाणित हैं। भाजपा के ही दो चार कार्यकर्ता जिनमें कोई अधिक पावर नहीं मानी जा रही उन लोगों ने कांग्रेसियों के साथ मिलकर ओमप्रकाश कालवा का विरोध किया और अभी सरकार के ऊपर भी दबाव डालने की कोशिश की लेकिन उनकी चालें सफल नहीं हो पाई।

 * राजस्थान उच्च न्यायालय के डबल बेंच की ओर से ओमप्रकाश कलवा की याचिका पर जो फैसला दिया गया उसके अनुसार राजस्थान सरकार ने फ्रेश आदेश जारी किया है। ओमप्रकाश कालवा बहाली आदेश से किसी भी समय कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। इससे विरोधियों विधायक डुंगरराम गेदर कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष परसराम भाटिया कुछ अन्य लोगों को बड़ा झटका  लगा है। परसराम भाटिया को 120 दिन अध्यक्ष पद मिला और उसमें अनेक गलत कार्य किए जिससे नगरपालिका कोष को हानि हुई। भाटिया ने फर्जीवाड़े में अनेक पट्टे जारी किए। 


इनके अलावा एक पूर्व घोषणा भी पूरी करनी चाहिए।पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया और ओमप्रकाश कालवा की ओर से 20 फरवरी 2024 को घोषणा की गई थी कि भूमाफिया लोगों के अतिक्रमण तोड़े जाएंगे,झुग्गी झोपड़ी वालों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा,पात्र लोगों को पट्टे दिए जाएंगे।०0०






०0०

ओमप्रकाश कालवा की बहाली शीघ्र:तुरंतकराने होंगे ये काम.


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 2 अगस्त 2024.

नगर पालिका अध्यक्ष पद पर बहाल होने के तुरंत बाद ही ओमप्रकाश कालवा को कुछ काम प्राथमिकता से तुरंत ही करने होंगे। 

शहर की बरसात की पानी निकासी की समस्या जिसमें नालों आदि की गाद निकाल कर सफाई करना और पट्टे बांटने हैं। यह दो काम सबसे पहले होने बहुत जरूरी हैं।पट्टे बांटने के कार्य में तो राजस्थान सरकार ने 8 अगस्त तक की तिथि घोषित कर रखी है लेकिन बरसात के मौसम को देखते हुए जो अव्यवस्था शहर में हुई है, दुकान घर डूबे हैं,उनके लिए नाले नालिया तुरंत साफ कराए जाने बहुत जरूरी है। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं इंटरलॉकिंग उखड़े हुए हैं नालों के ऊपर फेरो कवर टूटे हैं उनको भी दुरुस्त करना जरूरी है ताकि बरसात के पानी में किसी को आवागमन परेशानी ना हो और कोई दुर्घटना ना हो।

* उचित समय पर नगर पालिका के ठेकेदारों को भुगतान भी करना बहुत जरूरी है जिसके लिए कहा जाता है कि करीब 8 करोड़ से अधिक की राशि ठेकेदारों की नगर पालिका में बकाया पड़ी है। सूरतगढ़ में जो ठेकेदार हैं उनके लिए यह भुगतान होना बहुत जरूरी है वहीं ठेकेदारों पर अंकुश भी लगाया जाना जरूरी है कि कार्य सही हों।

 ंज निर्माण कार्य बीच में ठप्प पड़े हैं उनको भी शुरू करवाया जाना बहुत जरूरी है।

👍 नगर पालिका कार्यालय में जो  अव्यवस्था चल रही है उसको भी शक्ति के साथ अधिशासी अधिकारी को आदेशित कर सुधार किया जाना बहुत जरूरी है। अभी हालात यह है कि कांंग्रेसियों की कोई भी मांग हो उसका निस्तारण ऐसे किया जाता है जिससे लगता है कि कांंग्रेसियों का दफ्तर है,उनकी गड़बडिय़ों पर पकड़ होनी और कार्यवाही जरूरी है।

** ओमप्रकाश कालवा को बहाल किए जाने के अलावा सरकार के पास में अन्य कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसके कारण और अधिक दिन सस्पेंड रखा जाए। पहले भी बहुत समय बीत चुका है, जिसका नुकसान इस शहर को हुआ है। 

* कालवा के विरुद्ध शिकायतें करने वाले खुद प्रमाणित आरोपों से घिरे हुए हैं बल्कि उन पर आरोप भी प्रमाणित हैं। भाजपा के ही दो चार कार्यकर्ता जिनमें कोई अधिक पावर नहीं मानी जा रही उन लोगों ने कांग्रेसियों के साथ मिलकर ओमप्रकाश कालवा का विरोध किया और अभी सरकार के ऊपर भी दबाव डालने की कोशिश की लेकिन उनकी चालें सफल नहीं हो पाई।

 * राजस्थान उच्च न्यायालय के डबल बेंच की ओर से ओमप्रकाश कलवा की याचिका पर जो फैसला दिया गया उसके अनुसार राजस्थान सरकार को एक फ्रेश आदेश जारी करना है। फ्रेश आदेश ओमप्रकाश कालवा के अलावा किसी अन्य का नहीं हो सकता। किसी भी समय ओमप्रकाश कालवा के पक्ष में अध्यक्ष पद पर बहाली के आदेश स्वायत शासन विभाग द्वारा जारी किए जा सकते हैं। ओमप्रकाश कालवा के बहाली आदेश से कालवा किसी भी समय कुछ घंटों बाद ही चेयरमैन की कुर्सी पर बैठ सकते हैं। इससे विरोधियों विधायक डुंगरराम गेदर कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष परसराम भाटिया को बड़ा झटका लगेगा। परसराम भाटिया को 120 दिन अध्यक्ष पद मिला और उसमें अनेक गलत कार्य किए जिससे नगरपालिका कोष को हानि हुई। भाटिया ने फर्जीवाड़े में अनेक पट्टे जारी किए।ओमप्रकाश कालवा  बहाल होने के बाद भाटिया के भ्रष्टाचार उजागर करेंगे यह संभावना मानी जा रही है।०0०

०0०







गुरुवार, 1 अगस्त 2024

भाजपा सूरतगढ़ तो नगरपालिका बोर्ड कांग्रेस पार्टी को सौंप रही है.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

भाजपा सूरतगढ़ के नेता संगठन पदाधिकारी नगरपालिका बोर्ड कांग्रेस को सौंपने वाले हैं।भाजपा नेताओं संगठन पदाधिकारियों की पांच साल की निद्रा से यह लग रहा है और प्रमाणित हो रहा है। नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा महामंत्री लालचंद शर्मा ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसे राजनैतिक दृष्टि से कार्य बताया जा सके। कंट्रोलर जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान ने सूरतगढ़ के होते हुए भी कभी जगाया नहीं।

* भाजपा तो 2019 में भी बहुत बुरी तरह से कांंग्रेस से हारी थी। कुल 45 वार्डों में भाजपा को केवल 12 वार्डों में ही जीत मिल पाई थी। अध्यक्ष के चुनाव में शर्मनाक घटना हुई कि एक वोट कम हो गया। भाजपा को 11 वोट ही मिले।

** हालांकि 2019 के चुनाव में कांंग्रेस को बहुमत नहीं मिला। 45 वार्डों में बहुमत के लिए 23 पार्षद जीतने चाहिए थे जो 22 ही जीते, लेकिन अध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय सहयोग से 30 वोट कांंग्रेस को मिले। कांंग्रेस के ओमप्रकाश कालवा चेयरमैन निर्वाचित हुए। सूरतगढ़ में कांंग्रेस में पूर्व विधायक गंगाजल मील की ही चलती थी। ओमप्रकाश कालवा कुछ महीने मील के कहे चलते रहे लेकिन बाद में इतनी अधिक बिगड़ी कि ओमप्रकाश कालवा ने स्वतंत्रता में सांस लेने के लिए कांंग्रेस को छोड़ भाजपा में प्रवेश ले लिया। 

👍 ओमप्रकाश कालवा को सबक सिखलाने के लिए मील ग्रुप के लोगों ने शिकायतों पर शिकायतें कर कांंग्रेस सरकार के होते ओमप्रकाश कालवा को सस्पेंड करवा दिया। भाजपा राज आने पर ओमप्रकाश कालवा को  करीब 7 महीने बाद बहाल कर दिया। बहाली आदेश में कुछ कमी रही। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया व तीन अन्य पार्षदों ने उच्च न्यायालय में रिट लगा कर आदेश निरस्त करवा दिया। कालवा ने इसके विरुद्ध उच्च न्यायालय में डबल बैंच में रिट लगाई। वहां से आदेश हुआ कि याचिका कर्ता के लिए सरकार फ्रेश आदेश जारी करे। इसमें सरकार भाजपा की होते हुए भी देरी हो रही है। देरी का कारण एक तो यह है कि 5 साल काम नहीं करने वाला नगर मंडल जागा और आधा जागा आधा नींद में रहा और कांंग्रेस से जुड़े भाजपाइयों की कान भराई से प्रभावित होकर भाजपा के कालवा का विरोध कर बैठा। कांंग्रेसियों ने भाजपा के कुछ लोगों से मिल कर स्वायत्त शासन मंत्री आदि को शिकायत करवा दी। यानि यहां भाजपा ने भाजपा का विरोध किया। यह तमाशा भाजपा के लिए हितकारी सिद्ध नहीं हो रहा। भाजपा के राज में कांंग्रेसियों की शिकायतों पर कार्यवाही हो रही है। शिकायत कर्ता कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया को कांंग्रेस सरकार में नगरपालिका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। भाटिया 120 दिन अध्यक्ष रहे और जमकर भ्रष्टाचार किया। गलत पट्टे जारी कर पालिका कोष को लाखों का नुकसान पहुंचाया। आश्चर्य यह है कि भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह परसराम भाटिया के भ्रष्टाचार पर चुप है और उसकी शिकायत नहीं करते। परसराम भाटिया जो नगरपालिका में लिख कर देते हैं वह काम तुरंत हो जाता है। कांंग्रेसियों की गतिविधियों से लगता है कि नगरपालिका कांग्रेस कार्यालय के रूप में चल रही है और भ्रष्टाचार लगातार हो रहा है।

* अधिशासी अधिकारी श्रीमती पूजा और कुछ कर्मचारी अपनी चला रहे हैं। अधिशासी अधिकारी आरोपों से घिरी है। अध्यक्ष के नहीं होने से लोगों के पट्टे आदि के काम नहीं हो रहे। अनेक कार्य ठप्प हैं।

👍 ऐसी स्थिति में कांग्रेस और अधिक दबाव के लिए कांग्रेस द्वारा लगातार धरने प्रदर्शन किए जि रहे हैं और उनका नेतृत्व परसराम भाटिया ही कर रहे हैं। कांग्रेस नगरपालिका पर फिर से कब्जा करने के लिए तैयारियों में जुटी है। अल्पसंख्यक को अध्यक्ष तक बनाने की तैयारी है। लेकिन भाजपा सरकार में भाजपा का अध्यक्ष कांग्रेसियों भाजपाइयों के बने गुट से अधर में झूल रहा है।०0०





 

सूरतगढ़:बंद नालों के कारण बरसात का पानी दुकानों घरों में घुसा.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 अगस्त 2024.

बरसात की चेतावनी थी मगर नगरपालिका की ओर से अतिवृष्टि आपदा संबंधी पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण सड़कें गलियां मोहल्ले लबालब हालत में अनेक दुकानों और घरों में बरसात का पानी घुस गया। 





दोपहर में बरसात हुई और कुछ ही समय में सड़कें पानी से भर गई। हालात खराब हो गये। ऐसी दुर्दशा में अतिरिक्त जिलाकलेक्टर कन्हैयालाल सोनगरा को सूचना दी गई कि वे शहर को बचाएं निरीक्षण करें। तुरंत ही करीब 15 मिनट बाद  दोपहर में करीब 2-30 बजे अतिरिक्त जिला कलेक्टर की कार महाराणा प्रताप चौक पर पानी में चलती हुई दिखाई दी। 

अतिवृष्टि का पानी किसी का लिहाज नहीं करता। इस खतरे के हालात में नगरपालिका प्रशासन को भी हालात निरीक्षण के लिए सड़कों पर निकलना चाहिए था। 







नगरपालिका की ओर से नालों की सफाई नहीं करवाई गई। नालों में गाद भरी है। मानसून की बरसात आने से पहले मई माह में नालों की सफाई हो जानी चाहिए थी लेकिन जुलाई माह बीत गया।नगरपालिका द्वारा अतिवृष्टि से निपटने के लिए आपदा टीम और कंट्रोल रूम व उसके फोन नं की कोई सूचना सामने नहीं आई जबकि ये अनिवार्य हैं। जिलाकलेक्टर, संभागीय आयुक्त,मुख्य सचिव और डीएलबी को सूचना दी गई। वीडियो देखें मेरे फेसबुक एकाउंट karnidansinghrajput पर.

०0०






विधायक डुंगरराम गेदर विधायक निधि से स्कूलों में निर्माण कराएं

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में अनेक परेशानियां है।विशेष करके विद्यार्थियों के बैठने के लिए पूरे कमरे नहीं है, वहां पर विधायक निधि से निर्माण करवाए जाने बहुत जरूरी है। राजस्थान पत्रिका श्रीगंगानगर में 1 अगस्त के संस्करण में बीरमाना के महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कमरों की कमी से हो रही परेशानियों पर एक विस्तृत समाचार प्रकाशित हुआ है। इससे पहले भी ग्रामीण क्षेत्र के टिब्बा क्षेत्र के  राजियासर बीरमाना आदि इलाकों में विद्यालयों पर कमरों की कमी शौचालय की कमी आदि के समाचार प्रकाशित होते रहे हैं। सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी में राजकीय गांधी विद्यालय है जिसके कमरे चारदीवारी क्षतिग्रस्त हैं। इसमें भी पुनः निर्माण व मरम्मत की आवश्यकता है।

 👍शिक्षा के विकास से ही देश का विकास समाज का विकास संभव होता है। सूरतगढ़ के विधायक डूंगर राम गेदर जब बहुजन समाज पार्टी में होते थे तब स्कूलों की कमी पर विशेष ध्यान रखते हुए धरना प्रदर्शन आदि में भी आगे रहते थे। गेदर बाबा अंबेडकर के सिद्धांत पर समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने वक्तव्य दिया करते थे। अब वे कांंग्रेस पार्टी की ओर से स्वयं सूरतगढ़ के विधायक हैं।गेदर अपने पिछले सालों के वक्तव्यों पर ही ध्यान दें। ग्रामीण क्षेत्र के या शहरी क्षेत्र के जो भी विद्यालय जिन में कमरे कम है या प्रयोगशाला कंप्यूटर आदि की कमी है वहां पर विधायक निधि से सहयोग देकर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा कार्य कर सकते हैं।

👍 सूरतगढ़ शहर में भी दो शिक्षा संस्थान सेठ रामदयाल राठी उ.मा.विद्यालय और स्व.गुरूशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय में भी विकास के लिए बहुत कुछ करना है। इनके प्रिंसिपल से वार्ता करके विधायक निधि का उपयोग किया जाना चाहिए।

 विधायक निधि का अधिक हिस्सा शिक्षा संस्थाओं पर ही लगाया जाए तो 5 वर्षों में बहुत से विद्यालयों की स्थिति सुधर सकती है।

 समाज में शिक्षा बढाकर ही बहुत बदलाव किए जा सकते हैं और सर्वश्रेष्ठ नयी पीढी तैयार कर सकते हैं। 

1 अगस्त 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

०0०





यह ब्लॉग खोजें