रविवार, 8 मार्च 2020

सूरतगढ़-गौरव पथ की इंटरलॉकिंग दुकानदारों ने उखाड़ी-नाले में पानी नहीं जाएगा.

सूरतगढ़ 8 मार्च 2020.

गौरवपथ (बीकानेर रोड)पश्चिम दिशा में कुछ दुकानदारों ने अपनी सुविधा के लिए किनारे की इंटरलॉकिंग टाईल्स को उखाड़ कर नाले की तरफ ऊंचा उठा कर लगा दिया। इससे सड़क का पानी वहां से नाले में नहीं जा पाएगा। यह अवैध कार्य रविवार को अवकाश के दिन शाम के समय किया गया। विभाग ने जो लेवल निश्चित कर निर्माण किया था उसे बिगाड़ दिया गया।इस कार्य में उखाड़ने में टाईल्स टूट भी गई।

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शुक्रवार, 6 मार्च 2020

सूरतगढ़- टैक्स और फाइनेंसियल सर्विस के लिए विजय वल्लभ एसोसिएट का शुभारंभ


 * करणी दान सिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 6 मार्च 2020.

 राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित प्रसिद्ध शहर सूरतगढ़ में भारत के विभिन्न टैक्सों से संबंधित महत्वपूर्ण सेवाएं देने के लिए विजय वल्लभ एसोसिएट का शुभारंभ आज हुआ है।


एसोसिएट के प्रमुख संचालक मनीष सेठिया ने बताया कि सामान्य रूप से टैक्स का नाम सुनते ही और आयकर आदि के बारे में पूर्ण ज्ञान न होने के कारण लोग घबराते हैं और सही रूप में कार्य नहीं कर पाते। यदि नियमानुसार हर कार्य किया जाए तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ सकती। 

मनीष सेठिया ने बताया कि सूरतगढ़ बहुत प्रसिद्ध शहर है और अनेक प्रकार के व्यवसाय ठेकेदारी नौकरियां  यहां पर हैं इसलिए विभिन्न प्रकार के टैक्स संबंधी कार्य करने के लिए विजय वल्लभ एसोसिएट की सेवाएं शुरू की गई है।

इससे व्यवसाय करने वाले ठेकेदारी करने वाले या इनसे संबंधित लोग व अन्य लोग भी विजय वल्लभ एसोसिएट की सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। 

मनीष सेठिया ने बताया कि जीएसटी आयकर आयकर से संबंधित अन्य कार्य फाइनेंसियल सेवाएं एसोसिएट कंपनी की लोकप्रिय सेवाएं रहेंगी।  जीएसटी आयकर,आयकर रिटर्न और सलाह,कंप्यूटराइज अकाउंट, पैन कार्ड,डिजिटल साइन,ई टेंडर (पीडब्ल्यूडी और नगरपालिका)से संबंधित इसके अलावा हवाई और रेल यात्रा के संबंध में एक ही स्थान पर कार्य हो सकेगा।00


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नयी लुकमीचणी.👌 कविता-करणीदानसिंह राजपूत।



पत्नी ने उनकी नजरों से बचा

कपड़ों के बीच में छिपाए।

सोचा उनके हाथ नहीं लगेंगे।

कपड़ों के बीच में छिपाने का

उनको मालूम कैसे पड़ेगा?

वह निश्चंत हो काम में लगी।


उनकी पारखी बुद्धि ने

अंदाजा लगाया और 

ढूंढा खोज निकाला।

उन्होंने कपड़ों के बीच छिपाने पर

पत्नी की अक्लमंदी को सराहा।


उन्होंने अपने हाथों में लिया।

फिर गिने एक दो ....और चूमा।

बार बार कई बार चूमा।

अपनी बनियान मे छिपाया।

दिल से चिपका कर रखा।


दिल से चिपकाकर मस्त हुए

इधर उधर घर में घूमते रहे।

कमीज के ऊपर से बार बार दबा

दिल से और ज्यादा छुआते रहे।


दिल से लगाया तो बड़ी खुशी

मस्ती आनंद मिला बहुत।

इनमें तो बड़ी गरमी है।

इसलिए जब पास होते हैं

तब आदमी झूमने लगता है।

वह इतराने लगता है।


एक आदमी तो क्या

जिस किसी के पास हो वह भी

मस्त मस्त हो जाता है।

इनके पीछे तो पूरा संसार ही

दीवाना है पागल है।


वह भी तो दीवाना हो जाता है।

बनियान से बाहर निकाल कर

देखता है चूमता है बार बार।

फिर से दिल से लगाता है।

बार बार अनेक बार चिपकाता है

मगर दिल नहीं भरता।

और अधिक चिपकाए रखने की

ईच्छा होती रहती है।


उसे एहसास होता है कि

दिल से चिपकाए चिपकाए

बाहर नहीं जा सकता।

बनियान में दबाए हुए गिर जाएंगे।


वह सोचता है क्या किया जाए ?

उसकी अक्ल भी काम करती है।

बनियान से बाहर निकाला

देखा चूमा हाथ फिराए

बहुत बहुत खुश हुआ।

फिर सजाया संवारा और

वापस कपड़ों में ही रख दिया

घर में ही तो रहेंगे

अपने ही रहेंगे। 


पत्नी तो उस्ताद होती है।

उसने देखा और फिर देखा।

नये तरीके से रखे हुआ देखा तो 

पत्नी समझ गई।

ओह,उनसे छिपाकर रखा मगर

उनके हाथ तो लग ही गए।


पत्नी ने नये तरीके से सजाए रखे हुओं को उस जगह से निकाला और

फिर अपनी सोच से 

कपड़ों में दूसरी जगह छिपाया।

यह सोच कर कि अब नहीं देख पाएंगे।

मगर फिर से खोज ही लिया

और कपड़ों में ही फिर छिपा दिया।

यह छिपाने खोजने का गेम है।

यह गेम चल रहा है।

👌काव्यशब्द💐

करणीदानसिंह राजपूत,

सूरतगढ़।

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गुरुवार, 5 मार्च 2020

हंसता मुस्कुराता चेहरा और फूल: काव्यशब्द-करणीदानसिंह राजपूत.


मैंने तो हंसने हंसाने का 

हर पल मुस्कुराने का ही

संदेश दिया तुम्हें जो

फूलों ने मुझे दिया था।


हंसने हंसाने के और

मुस्कुराते रहने के

समय समय पर अनेक

नये नये गुर भी बताए।


हंसी फूटती रही और

मुस्कुराहट भी आती रही

अब आगे भी हंसो और

मुस्कुराते रहो सदा।


आई हुई खुशियां और

आई हुई मुस्कान को

याद रखना है हर पल

भूलना नहीं है किसी क्षण।


फूल खिले महकते लगते अच्छे

लड़कियां हंसती मुस्कुराती अच्छी

मुस्कुराते चेहरे ही सुहाते सभी को

चिड़ियां चहकती लगती अच्छी।


हंसने मुस्कुराने में कोई पल

परेशानी उदासी का मत सोचो

ऐसे पल बीत गए जैसे भी

उनको भूलो और हंसो हंसाओ।


फूलों की तरह हंसते मुखड़े को

उदासी में कभी मत लटकाना

फूलों ने सदा दिया यह संदेश

और मैंने भी इसे पहुंचाया।


हंसते हंसाते फूल की 

हर पंखुड़ी में प्यार है

ऐसा ही संदेश मिले

तुम्हारे हंसने हंसाने से ।


मैंने तो हंसने हंसाने का 

हर पल मुस्कुराने का ही

संदेश दिया तुम्हें जो

फूलों ने मुझे दिया था।


हंसी फूटती रही और

मुस्कुराहट भी आती रही

अब आगे भी हंसो और

मुस्कुराते रहो सदा।

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करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़।



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मंगलवार, 3 मार्च 2020

आंखों में रहेगी तस्वीर तुम्हारी - काव्यशब्द-करणीदानसिंह राजपूत



तुम्हारे बाहर जाने के बाद

कैसे कटेंगी मेरी रातें?

हर समय आती रहेंगी

यादें तुम्हारी।


मोबाइल गैलरी में

फोटो देखते तुम्हारे

गुजारेंगे रातें और

बिताएंगे समय जुदाई।


तुम्हारा चेहरा रहेगा सामने

उसमें खोजते रहेंगे खूबसूरती

कैसे बढी थी नजदीकियां

कैसे नजरें मिलाते थे हम।


अभी भी नहीं मिलते 

थोड़े से समय में भी

तड़प उठ पूछ लेते हम

कहां हो तुम?


पहले जाने वाले से

कहा जाता था 

बार बार

चिट्ठी पत्री लिखते रहना।


अब तो समय बदला

हम तुम भी बदले

चिट्ठी पत्री का नहीं 

काल का कहते हैं बारबार।


तुम्हारे जाने के बाद

कैसे कटेंगी मेरी रातें?

हर समय आती रहेंगी

यादें तुम्हारी।


*काव्यात्मक संदेश*

करणी दान सिंह राजपूत,


सोमवार, 2 मार्च 2020

प्रिय सुंदर रूप दिखाना.कविता-करणीदानसिंह राजपूत.




प्रिय,

दो मार्च से तुम्हारे

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की

शुरुआत है।


तुम बोलोगी मै चुप रहूंगा,

एक सप्ताह यानि कि

8 मार्च महिला दिवस तक

तुम्हारी हर बात सुनुंगा।


तुम्हारी जो ईच्छा हो

चाट पकौड़ी खाने की

वह पूरी होगी हर शाम

चाहे घर या सड़क आम।


बहना को बुलाना हो

बुला लेना रोकूंगा नहीं

तुम दोगी उसे गिफ्ट

टोकूंगा नही।


कुछ खरीदना हो

तो खरीद लेना

मेरा बटुआ खाली 

अपना पर्स खोलना।


प्रिय ,कुछ मेरी भी मानना

मुझे तुम्हारा गीत सुनाना

घूमर नाच भी दिखलाना

सुंदर रूप भी दर्शाना।


हिन्दुस्तानी साड़ी में तुम

सज धज कर आई

जैसे बरसों पहले

वैसा ही रूप दिखाना।

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करणीदानसिंह राजपूत,

सूरतगढ़।

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रविवार, 1 मार्च 2020

वसुंधरा राजे से मिले विधायक कासनिया, धर्मेंद्र, शाहपीनी व संतोष बावरी

** करणीदानसिंह राजपूत **

पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे से आज 1 मार्च 2020 को पीलीबंगा विधायक श्री धर्मेंद्र मोची, सूरतगढ विधायक श्री रामप्रताप कासनिया, संगरिया विधायक श्री गुरदीप शाहपीनी तथा अनूपगढ़ विधायक श्रीमती संतोष बावरी ने भेंट की। इस शिष्टाचार  भेंट में  विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई।००






रेलवे स्टेशन श्री गंगानगर पर प्लास्टिक बोतल क्रैश मशीन का शुभारम्भ


श्रीगंगानगर,1 मार्च 2020.

 ट्रेनों में पीने के पानी की बोतल का पुनः इस्तेमाल न हो पाए इसके लिये श्री गंगानगर  रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक बाॅटल क्रैश मशीन शुरू हो गयी हैं।

 रेल प्रशासन की मांग पर यह आटोमैटिक मशीन लायन्स क्लब इंटरनेशनल प्रांत 3233 ई-रीजन 16 की रीजन काॅन्फ्रेंस ‘‘नियोम-2020’’ के अवसर पर क्लब से जुड़े परिवार स्व श्री प्रहलाद राय व श्रीमती सरस्वती देवी अग्रवाल व पवन अग्रवाल (बीकानेर वैरायटी स्टोर) के परिवारजनों की ओर से भेंट की गई हैं। 

इस आॅटोमैटिक मशीन में एक मिनट में 7 बोतल नष्ट की जा सकेगी। रेल से उतरने के पश्चात यात्री स्वयं बोतल इस मशीन में डाल सकेंगे। इसका शुभारम्भ  रविवार को नियोन 2020 में भाग लेने के लिये बाहर से श्री गंगानगर पधारे  सर्व श्री विष्णु बाजोरिया, लायन आलोक ठाकुर, विनोद गोयल, आलोक अग्रवाल, सुनील गोयल, श्रीमती शकुंतला गोयल आदि ने अपने कर कमलों से किया।

 इस अवसर पर प्रहलाद अग्रवाल, बनवारीलाल गोयल, पुरुषोत्तम गोयल, नरेश बड़ोपलिया, अजय प्रकाश मित्तल, सुशील जैन, बलबीर गहलोत ज़ेडआरयूसीसी सदस्य भीम शर्मा सहित लायन क्लब के अनेक सदस्य व रेलवे के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।०००

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शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020

मातृवंदना तेरापंथ सभागार का लोकार्पण-सूरतगढ़ समाचार.





सूरतगढ़  27फरवरी 2020.

जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के संरक्षक और पूर्व पालिकाध्यक्ष सोहन लाल रांका "सहज" द्वारा अपनी माताजी श्रीमती दाखां देवी रांका की याद में तेरापंथ भवन में नव निर्मित"मातृ वंदना तेरापंथ सभागार"  का लोकार्पण कार्यक्रम रखा गया। माता जी की पुण्यतिथि 27 फरवरी पर यह लोकार्पण किया गया।


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री माणकचन्द बोरड़ (अध्यक्ष जैन सभा श्रीगंगानगर) ने की, मुख्य अतिथि के रूप में श्री गंगाजल मील (पूर्व विधायक, सूरतगढ़) व विशिष्ट अतिथियों में श्री ओमप्रकाश कालवा (अध्यक्ष नगर पालिका, सूरतगढ़)और हरिमोहन सारस्वत 'रूंख' (साहित्यकार) थे।

इस अवसर पर समणी नियोजिका मल्लि प्रज्ञा जी, समणी सम्यक्तव प्रज्ञा जी व समणी भास्कर प्रज्ञा जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। 


कार्यक्रम की शुरूआत रांका परिवार की महिलाओं द्वारा मंगलाचरण से हुई। 

अतिथियो का स्वागत माँगी लाल रांका (अध्यक्ष श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ आंचलिक समिति) ने किया।

 सोहन लाल रांका ने भवन निर्माण की परिकल्पना पर जानकारी दी,और मां पर अपनी स्व रचित कविता भी सुनाई।अणुव्रत समिति के अनिल रांका ने जीवन विज्ञान और अणुव्रत के बारे में बताया व अतिथियों से निवेदन किया कि सूरतगढ़ के कॉलेज में जीवन विज्ञान विषय की स्नातकोत्तर क्लासेज आरंभ करवाई जाए। 

विशिष्ट अतिथि हरीमोहन सारस्वत ने कहा कि हमें समाज के लिए कार्य करने चाहिए। इसके लिए रांका जी से प्रेरणा ले सकते है। 

ओमप्रकाश कालवा  ने कहा कि ये भवन सिर्फ एक समुदाय के लिए ही नही बल्कि सम्पूर्ण सूरतगढ के लिए उपयोगी होगा।

मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए गंगाजल मील ने कहा कि वे जीवन विज्ञान विषय के लिए पूरा प्रयास करेंगे।उन्होंने कहा कि हमें समाज से सिर्फ़ लेना ही नही बल्कि समाज के लिए कुछ करना भी चाहिए। 

कार्यक्रम अध्यक्ष बोरड़ जी ने भी सोहन लाल रांका की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमें इनसे प्रेरणा लेकर समाज के लिए जितना संभव हो तन, मन, धन से कार्य करना चाहिए।

 कार्यक्रम अध्यक्ष ने सभागार की चाबी तेरापंथ सभा अध्यक्ष आनंद जैन व मंत्री पवन जैन को सौपी।

 समणी सम्यक प्रज्ञा ने अपनी भावनाएं गीतिका के माध्यम से प्रस्तुत की, समणी भास्करप्रज्ञा ने भी समाज को प्रेरित करते हुए उदबोधन दिया। समणी मल्लिप्रज्ञा ने अपने प्रेरणा पाथेय में कहा कि हमें जीवन मे विसर्जन को भी महत्व देना चाहिए, सिर्फ़ एकत्रित करने से लाभ नही होता। विसर्जन का भी अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। माता के ऋण को कोई भी नही उतार सकता, पर माँ को याद करना और उनके नाम पर समाज के लिये कुछ करना बड़ी बात है।

हमें अपने संस्कार नही भूलने चाहिए। 

अन्त में तेरापंथ सभा अध्यक्ष आनन्द जैन ने सोहन लाल रांका व सभी अतिथियों ओर सम्पूर्ण श्रावक समाज का धन्यवाद दिया। 

कार्यक्रम में श्रीमती मंजू गोलछा (पूर्व अध्यक्ष तेरापंथ महिला मंडल, सिरसा), धर्मचंद बांठिया (अध्यक्ष तेरापंथ सभा, रायसिंहनगर) ने भी अपने विचार रखे। 

कार्यक्रम में  सूरतगढ़ के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, रायसिंहनगर, सिरसा, पीलीबंगा, लूणकरणसर आदि स्थानों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने भी भाग लिया। 


मंच संचालन भरत ऋषि रांका ने किया। 

तेरापंथ सभा, महिला मंडल, युवक परिषद और रांका परिवार ने संपूर्ण व्यवस्था की।०००




बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

हनुमानगढ़:विवाह समारोह में सजावट से आकर्षण और आनंद चौगुना बढ़ जाता है

** करणी दान सिंह राजपूत **

विवाह समारोह हो या फिर किसी भी प्रकार की पार्टी हो उसमें सजावट होने से आकर्षण और आनंद कई गुना बढ़ जाता है।


जो लोग समारोहों में भाग लेते हैं शामिल होते हैं वे कई दिनों तक सजावट की चर्चा करते हैं।एक दूसरे से बतियाते समय अच्छी सजावट की प्रशंसा करते हैं। आज सजावट दिन और रात में अनेक प्रकार से होती है जिसमें फूलों का,रंगीन कपड़ों का चुनरियों आदि का इस्तेमाल मंच (स्टेज) का रूप निखार देते हैं। समारोह के परिसर में और प्रवेश द्वार के आसपास विभिन्न प्रकार की सजावट की जाती है। 

रात्रि समारोह में विभिन्न प्रकार की प्रकाश व्यवस्था होती है जो समारोह को आनंदित कर देती है।

समारोह में भाग लेने वाले लोगों का चाहे नर नारी हो या लड़के लड़कियां हो या बच्चे हो उनका उत्साह और अधिक बढ़ जाता है। 

विवाह समारोह का महत्व हर समाज में हर धर्म में है। विवाह एक बार होता है जिसके लिए लाखों रुपए सजावट पर खर्च किए जाते हैं ताकि दूल्हा और दुल्हन ही नहीं बराती और घराती आमंत्रित लोग सभी आनंदित होते हैं।








सजावट के अनेक सीन देखने के लिए यहां संकेत पर क्लिक करें।
























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