रविवार, 20 सितंबर 2026

राजाराम गोदारा नाव में कीनिया बड़ा छेद.परमेश्वरी गोदारा की अध्यक्षता पर बढा संकट.

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 20 सितंबर 2026.

कांग्रेसी पार्षद कृष्ण बेनीवाल अधिक नाच रहा था,नारे लगा रहा था,रूपये बांटे जाने के आरोप लगा रहा था। वार्डवालों को उकसा कर प्रदर्शन कर रहा था। अब वह और उसका भाई कहीं पर सेफ हैं। सेफ तो सत्ता के साथ ही होता है। 

👌 अब यह भी मान लेना चाहिए कि वह सेफ स्थान से वोटिंग टाईम के बाद ही प्रगट होगा और बयान अचंभित करने वाले होंगे।

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कांग्रेसी पार्षद कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया व उसके भाई विकास को  रात में कुछ लोगों द्वारा लूनकरनसर के पास उठाया गया और गाड़ी में डालकर कहीं ले जाया गया। सूरतगढ़ में कीनिया की माता व बहन ने कीनिया और विकास को लाकर परिवार को सौंपने की मांग की।विधायक डुंगरराम गेदर ने खूब शोरगुल,धरना प्रदर्शन किया और कराया। गेदर ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर गलत हथकंडे अपनाने के आरोप लगाए। यह कहा कि भाजपा सरकार कितना भी जोर लगाले बोर्ड कांग्रेस का बनेगा।

* विधायक डुंगरराम गेदर के बयानों हंगामों के बाद कीनिया के भाई विकास का एक विडिओ बयान वायरल हुआ जिसने विधायक डुंगरराम गेदर को उलटा कर रख दिया और झूठा साबित कर दिया।


👌विकास का विडिओ लोगों के लिए है।

 विकास कहता है कि वे सेफ हैं और टेंशन नहीं करें।अपने को सूरतगढ़ शहर का विकास करना है। सेफ होने का बार बार कहता है।  विकास की सभी मुद्राओं से संतुष्टि दिखाई देती है। चेहरे पर कहीं भी डर नहीं है। यह संतुष्टि किस प्रकार की है? जिन जिनके पास है,जिनसे बातचीत हुई है,जिनके बीच है,उनमें सेफ है। यह जो सेफगाह है वह कांग्रेस की नहीं है। लेकिन कीनिया सेफ है तो इस सेफ होने के मतलब को सभी समझते हैं। विधायक डुंगरराम गेदर और राजाराम गोदारा व कांग्रेसियों को समझना चाहिए कि वह कांग्रेस के खेमे में नहीं है।

* यदि वे कांग्रेस के लोगों के पास होते तो विकास के बयान में कांग्रेस का नाम होता। वह कहता कि कांग्रेस में रहते सूरतगढ़ का विकास करेंगे, लेकिन वह "अपने" शब्द का इस्तेमाल करता है। अपने मतलब वार्डवासी या सूरतगढ़ के लोग।

* दोनों भाई भाजपा के किसी ठिकाने में सुरक्षित हो सकते हैं। क्योंकि और कोई उनसे बात भी क्यों करता। ऐसा लग रहा है की उनको रोक कर बातचीत के लिए ले जाया गया जहां पर वे सेफ हैं और विकास के वीडियो को देखें तो संतुष्ट हैं। मतलब जिन्होंने बात की उन्होंने राजी कर लिया।

* कीनिया जहां भी किसी ठिकाने में सुरक्षित है, राजी है तो इस राजीनामे में कीनिया का वोट पोल नहीं होगा। कीनिया वोटिंग टाईम पूरा हो जाने के बाद ही प्रगट होगा।

👌 कीनिया राजाराम गोदारा की नाव में सवार नहीं हुआ था। वह बाहर ही खुला घूमता रहा था। अब हो सकता है कि राजाराम गोदारा पछताए कि उसको खुला नहीं छोड़ना चाहिए था। लेकिन क्या नाव में जो पार्षद बाऊंसरों के घेरे में है वे परमेश्वरी देवी गोदारा को वोट पक्का देंगे। इसकी कोई गारंटी नहीं है। 

👍 अध्यक्ष की सीट महिला सामान्य है। कांग्रेस के पास रेखा दुआ,नीरु मुंजाल और कृष्णा कोठारी तीन सामान्य वर्ग की पार्षद होने के बावजूद ओबीसी परमेश्वरी देवी का नाम उनके पति राजाराम गोदारा के दबाव में निकालने से कांग्रेसी लोग कांग्रेसी पार्षद आदि विधायक डुंगरराम गेदर से इस हद तक नाराज है कि क्रोसवोटिंग कर सकते हैं। परमेश्वरी देवी गोदारा जीतती है तो सामान्य महिला पार्षदों रेखा दुआ नीरु मुंजाल और कृष्णा कोठारी को गुडफील कैसे होगा और 5 साल का कार्यकाल कैसे बीतेगा। मतलब अध्यक्ष सीट का आनंद और सभी लाभ ओबीसी की परमेश्वरी देवी लेंगी। रेखा दुआ तो पहले भी पार्षद रह चुकी है। महिलाओं के पढी लिखी शिक्षित होने का मतलब क्या है? 

कांग्रेस में डुंगरराम गेदर के निर्णयों से असंतोष है नाराजगी है और राजाराम गोदारा की कार्यप्रणाली से नाखुशी है जिसके कारण सामान्य महिला पार्षद और पुरूष पार्षद क्रोसवोटिंग कर सकते हैं तथा उनका वोट भाजपा को या फिर नोटा को जा सकता है। ( विभिन्न सूत्रों से एकत्रित सामग्री से)०0०






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