विधायक डुंगरराम गेदर के विरुद्ध शहर में तूफान:राजाराम गोदारा से अध्यक्ष पद की सौदेबाजी से शहर बचाओ की आवाज़ उठी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 सितंबर 2026.नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजाराम गोदारा की सौदेबाजी से उनकी पत्नी परमेश्वरी देवी गोदारा का नामांकन विधायक डुंगरराम गेदर द्वारा पेश कराने के बाद से तूफान मचा है। सोशल मीडिया पर डुंगरराम गेदर पर बहुत कुछ प्रसारित हो रहा है। गेदर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
* शहर में गेदर की हवा खराब हुई है। एक ही बात निकल रही है कि राजाराम गोदारा की शर्त गेदर ने क्यों मानी?
👌 राजाराम गोदारा के पास दो निर्दलीय पार्षद उनकी पत्नी परमेश्वरी देवी व पुत्र महेंद्र गोदारा थे। राजाराम ने कांग्रेस का साथ देने में शर्त रखी कि उनकी पत्नी परमेश्वरी देवी को अध्यक्ष बनाया जाए। कांग्रेस पार्टी के 16 पार्षद चुन कर आए हुए थे, उन पर निर्दलीय परमेश्वरी देवी को थोप दिया गया। सोलह पार्षदों से पूछा तक नहीं गया।
👌 अध्यक्ष की महिला सामान्य सीट पर ओबीसी की परमेश्वरी देवी का नाम विधायक डुंगरराम गेदर ने कैसे और क्यों तय कर लिया जबकि सामान्य वर्ग की महिला पार्षद भी कांग्रेस में जीत कर आई हुई थी।
👌 कांग्रेसी खेमे में जो निर्दलीय शामिल हुए, वे भी खुश नहीं है।
👌👌 हालात राजाराम गोदारा से शहर बचाओ की आवाज़ जोर पकड़ रही है। अब केवल वोटिंग ही बची है जिसमें शहर बचाओ के तहत परमेश्वरी देवी गोदारा को कांग्रेसी खेमे में से निर्दलीय पार्षद व कांग्रेसी नाखुश पार्षद वोट नहीं देंगे। निर्दलीय पार्षद भाजपा की अध्यक्ष प्रत्याशी ज्योतिकंवर को वोट दे सकते हैं। कांग्रेस के नाखुश पार्षद भी क्रोस वोटिंग कर सकते हैं। अध्यक्ष पद की वोटिंग 21 सितंबर को है और उसके परिणाम से मालुम होगा कि शहर बचाओ आवाज़ का कितना असर हुआ है? अभी कांग्रेस और भाजपा के पास 22-22 पार्षद हैं। कांग्रेस का या कांग्रेस खेमे का एक पार्षद भी बदल गया तो शहर बच जाएगा। एक वोट बदलते ही राजाराम गोदारा की पत्नी परमेश्वरी देवी अध्यक्ष पद पर नहीं जीत पाएंगी। ऐसा होने पर विधायक डुंगरराम गेदर की पोजीशन भी पाताल में जाएगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर विधायक डुंगरराम गेदर पर जो कुछ तूफान मचा है वह देखें पढें।०0०