* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 11 अक्टूबर 2025.
राजस्थान के उदयपुर में विकास प्राधिकरण ने दस अक्टूबर को 35 दुकानों को नोटिस चिपका कर सीज कर अपने कब्जे में ले लिया। दुकान मालिकों ने ये निर्माण बिना पूर्ण स्वीकृति के किया था। विकास प्राधिकरण ने निर्माताओं को पहले नोटिस दिए थे। इसके बाद सीज की कार्वाई हुई जिसकी पहले आशा नहीं थी। प्राधिकरण की इस कार्वाई के बाद बाजार में हड़कंप मच गया।
* सूरतगढ़ में बीकानेर रोड पर अरोड़ वंश भवन के निर्माण पर आपत्ति और शिकायत है। सामाजिक कार्य के बजाय सड़क की तरफ दुकानें बनाई गई और पट्टे की जमीन से अधिक सड़क भूमि पर निर्माण है। इसकी कार्वाई नगरपालिका प्रशासन ने अधर में लटका रखी है।
* सूरतगढ़ में बीकानेर रोड पर श्री कुंडिया ब्राह्मण समाज की धर्मशाला में सड़क की ओर बिना स्वीकृति के दुकानों का अवैध निर्माण कर लिया गया। समाज के कुछ लोगों ने दुकानों के निर्माण पर आपत्ति की और कार्वाई की मांग की। वर्तमान नगरपालिका प्रशासन ने सीज की कार्वाई या अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्वाई को ऐन सिरे पर आने के बाद अपनी मर्जी से बीच में लटका कर छोड़ रखा है। शिकायत कर्ताओं ने सख्त कार्वाई की मांग कर रखी है।
शिकायत कर्ता लगातार ईओ पूजा शर्मा व प्रशासक एसडीएम भरत विजय प्रकाश मीणा से कार्वाई की मांग करते रहे हैं।
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़,11 अक्टूबर 2025.
घग्घर बाढ के अधिक पानी की किसानों को जरूरत नहीं लेकिन विरोध के बावजूद अभी रंगमहल एस्केप से बहाव क्षेत्र में सिंचाई विभाग के अधिकारी जबर्दस्ती मनमानी पानी छोड़ रहे हैं जिससे करोड़ों की फसल को नुकसान होने वाला है। किसानों की मांग को सही ढंग से सुना नहीं जा रहा। प्रशासनिक अधिकारी सूरतगढ़ के एसडीएम, एडीएम,जिलाकलेक्टर श्रीगंगानगर, संभागीय आयुक्त बीकानेर के समक्ष किसानों ने अवगत करा दिया और रंगमहल एस्केप से पानी छोड़ना बंद करने की मांग भी रखी लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की धौंस और मनमर्जी सारे प्रशासन पर भारी पड़ रही है। घग्घर में पानी अधिक है और मांग नहीं है तो पानी केवल और केवल घग्घर डिप्रेशनों में ही डाला जाए जो वर्षों पहले की बनी हुई और स्वीकृत योजना है।
घग्गर डिप्रेशन अभी पूरे भरे नहीं है और काफी खाली पड़े हैं।
घग्घर डिप्रेशनों की योजना संग्रहित लाखों घनफुट पानी भविष्य में सिंचाई के लिए दिए जाने की है। डिप्रेशनों में सूरतगढ़ में क्षेत्र करीब 7000 बीघा और रावतसर तहसील क्षेत्र में 1000 के करीब सरकार द्वारा अधिकृत क्षेत्र है।
* घग्गर में अत्यधिक पानी आने और बाढ़ से गांव और खेतों में भारी नुकसान हुआ करता था तब सन 19 64 में घग्घर बाढ नियंत्रण की योजना बनी थी। सन 1967 में सूरतगढ़ तहसील और रावतसर तहसील के क्षेत्र के गहराई वाले टिब्बा क्षेत्रों को सरकार ने अधिग्रहित किया। अधिग्रहित खेतों के मालिक किसानों को यहां से अन्यत्र स्थानांतरण मिला। श्रीबिजयनगर अनूपगढ़ घड़साना आदि तहसीलों में स्थानांतरित जमीनों पर जाकर के किसान बस गए और खेती करने लगे। सरकार ने जो डिप्रेशन अधिग्रहण किये थे वे सभी पूर्ण रूप से समुद्र की ऊंचाई के तल एक लेवल पर निर्धारित किये गये थे, कि उक्त ऊंचाई तक कोई फसलें नहीं बोई जाएगी और वह क्षेत्र ही अधिकृत किया गया था। अधिकरण के बाद में जब बहुत अधिक वर्षा हुई तब घग्घर क्षेत्र में पानी अधिक नहीं छोड़ा गया और डिप्रेशनों में यानी कृत्रिम झीलों में छोड़ा गया। सूरतगढ़ के पास में कट नंबर 15 जो रेल मार्ग और सड़क मार्ग पर बने हुए पुल है वहां पर रेगुलेशन सिस्टम है वहां से सूरतगढ़ के नजदीक तक डिप्रेशनों में भरा भी गया। सभी झीलें भरी गई थी। इसके बाद में अनेक बार पानी कम आया तब इन झीलों में पानी नहीं डाला गया या कम डाला गया था।
झीलों के बनाने का एक बड़ा उद्देश्य यह था कि इनको भरने के बाद में जो पानी है उसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा किसानों को जब जरूरत होगी तब सूरतगढ़ के पास से बने हुए चैनल से और रंग महल एस्केप से पानी घग्घर बहाव क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। अनेक बार घग्घर नदी में पानी नहीं आया कम आया तब बहाव क्षेत्र और करणी जी नहर क्षेत्र में चावल की फसल को बचाने और पकाने के लिए पानी छोड़ा गया। घग्गर बहाव क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर से भी पानी छोड़ा गया था। यह प्रक्रिया समुचित ढंग से किसानों की फसल बचाने राष्ट्र का नुकसान होने से बचाने के लिए चल रही थी। सूरतगढ़ के पास मानकसर सड़क पुल के पास में लिंक बनाए गए जो पीएनबी लिंक नहर और आगे करणी जी नहर लिंक को जोड़ने वाले हैं। ताकि आगे के क्षेत्र को पानी घग्घर बहाव क्षेत्र से दिया जा सके और कृत्रिम झीलों से दिया जा सके।
*अभी सन् 2025 के अंदर घग्घर बहाव क्षेत्र में पानी काफी अधिक आया और बरसात भी बहुत हुई है इसलिए घग्घर बहाव क्षेत्र में पानी की अभी आवश्यकता नहीं है।
बहुत अधिक मात्रा में छोड़े जाने से किसानों को निश्चित रूप से नुकसान होगा और वह राष्ट्र का नुकसान है।
घग्घर नदी में पानी अभी अधिक आ रहा है तो वह इंदिरा लिंक साइफन बना हुआ है उससे इंदिरा गांधी नहर में डाला जा सकता है तथा जीडीसी नहर से इन डिप्रेशनों में डाला जाए। डिप्रेशन अभी काफी दूरी तक खाली पड़े हैं। इनमें पानी भरा जाएगा तो वह भविष्य में काम आएगा।
आश्चर्यजनक यह है कि कुछ दिन पहले रंग महल एस्केप से घग्घर बहाव क्षेत्र में पानी छोड़ा गया और वह बिना मांग के छोड़ा गया। अब घग्घर बहाव क्षेत्र के किसान निरंतर मांग कर रहे हैं कि रंग महल एस्केप से पानी बंद कर दिया जाए लेकिन राजस्थान सरकार के प्रशासनिक अधिकारी जिनको विधि वत ज्ञापनों के माध्यम से मांग पत्रों के माध्यम से किसानों ने अवगत कराया लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अधीक्षण अभियंता अधिशासी अभियंता आदि सभी अधिकारियों को मालूम है कि रंग महल एस्केप से पानी बहाव क्षेत्र में छोड़ना गलत है और बनी हुई योजना के तहत पानी घग्गर की इन कृत्रिम झीलों यानि डिप्रेशन में छोड़ा जाना चाहिए लेकिन वह बहुत बड़े घोटाले के कारण षड्यंत्र के कारण पानी डिप्रेशनों में नहीं छोड़ रहे हैं। सरकार ने जो जमीन अधिगृहीत की थी वहां
बड़े रूप में भूमाफिया अवैध खेती कर रहे हैं।
अवैध रूप से खेती होती है उसकी करोड़ों रुपए की खेती में नेताओं शह होती है। अवैध खेती अवैध भूमि अतिक्रमण वालों की कोठियां हैं कारें हैं और करोड़ों की सम्पतियां हैं।
* डिप्रेशनों में पानी डाला जाता है तो अवैध खेत फसलें डूबती हैं। अवैध खेती करने वाले इन भूमाफिया किसानों को बचाना है और अवैध खेती बचानी है और इस गैरकानूनी कार्य के लिए घग्घर बहाव क्षेत्र में जबर्दस्ती से पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों की आवाज है कि
रंगमहल एस्केप से घग्घर बहाव क्षेत्र में पानी डालना तुरंत बंद किया जाए लेकिन एक पखवाड़ा बीत रहा है यह पानी बंद नहीं किया जा रहा।
* इस क्षेत्र में राजनीति करने वाले हर नेता को सत्ता और विपक्ष को अवैध खेती का मालुम है।
सूरतगढ़ से विजयी कांग्रेस के विधायक बने डुंगरराम गेदर को यह सच्च मालुम है। भाजपा के हारे हुए पूर्व में राज्य मंत्री रहे रामप्रताप कासनिया को मालुम है। कासनिया ही यहां शासन चला रहे हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह को भी यह सब मालुम है। यहां के हर सरपंच पंच जीते हारे सभी को मालुम है।
यह वोट की खेती है। लेकिन इसमें सही और वैध किसानों पर मार है।
*विभागों में फैले भ्रष्टाचार के कारण आवाप्त भूमि सिंचाई विभाग के खाते में दर्ज नहीं हुई। राजस्व विभाग की मिलीभगत और सिंचाई विभाग की ढील है जिससे माफिया अवैध खेती कर रहे हैं। ( पूर्व विधायक स.हरचंद सिंह सिद्धू ने 22 दिसंबर 2023 को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा से भेंट कर घग्घर डिप्रेशनों की अधिग्रहित भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में सिंचाई विभाग के नाम से दर्ज करवाने की मांग की थी। अवैध खेती का भी बताया था। मैं पत्रकार भी उस बातचीत में उपस्थित था)
*अधिकारिक रूप में जिला कलेक्टर को यह सच्ची रिपोर्ट सरकार को पहुंचानी चाहिए। वर्तमान में श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर डा.मंजू का यह दायित्व बनता है। सभी कामों से पहले रंगमहल एस्केप से पानी छोड़ना बंद करवाया जाए।
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करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 61 वर्ष का अनुभव,
(राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत लाईफ टाईम)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 10 अक्टूबर 2025.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारिक निरीक्षण में यहां संचालकों से सख्त कहा गया है कि रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है जो शीघ्र करवालें अन्यथा उनके चिकित्सालय या लेबोरेट्री सीज कर दिए जाएंगे। यह निरीक्षण 9 अक्टूबर को किया गया। चिकित्सालय में अग्निशमन उपकरण प्रणाली लगानी भी अनिवार्य है,रजिस्ट्रेशन में जरूरी है। मेडिकल कचरा नियमानुसार निस्तारण का भी पंजियन जरूरी है। मेडिकल कचरा कहीं भी फेंक नहीं सकते जहां निस्तारण किया जाता है वहीं देना जरूरी है। चिकित्सालय का पंजियन तुरंत कराने के निर्देश दिए गए हैं।०0०
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 9 अक्टूबर 2025.शहर के हृदय स्थल महाराणा चौक पर आक और बेरी का उगना शकुन अपशकुन क्या है? एक में जह़र है और एक में कांटे। न जहर अच्छा न कांटे अच्छे। बाजार इन दिनों दीपावली से पहले त्योहारी सीजन पर है। ऐसे सीजन के समय जंगल में उगने वाले ये झाड़ बीच बाजार सड़क में उगकर दिखना किसके लिए क्या करेंगे। क्या नगरपालिका संचालक पर कुछ संकट है या फिर राजनैतिक संचालक पर है? शहर के लोग तो पहले से ही जहरीले कंटीले वातावरण में हैं मगर चुप है। अब हृदयस्थल में जहर और कांटे उगे हैं तो कोई संकेत है। क्या होने वाला है? भावी बताने वाले पतरे देखने वाले बताएं कि किस पर यह भार है?
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 अक्टूबर 2025.
बरसात के पानी का निकास नहीं और नालियों नालों का गंदा पानी सड़कों पर बाजारों में मोहल्लों में फैला है। आवश्यकता है नाले नालियों की साफ सफाई की और ऐसे समय फोटो खिंचवाने को भाजपा के नेता नेतियां लापता है। सेवा पखवाड़ा के नाम पर साफ सड़कों पर झाड़ू लगाते फोटो खिंचवाए और सोशल मीडिया में अपने अपने फेसबुक एकाउंट और ग्रुपों में चलाए। चार पांच के हाथों में सफाई कर्मचारियों की मांगी हुई झाड़ू और पंद्रह बीस खाली हाथ। नाटक करने में किसकी शर्म। पब्लिक को मालुम है कि नाटक कर रहे हैं, सो कर रहे हैं तो फिर शर्म क्यों करें? ऊपर दिखलानी है सो दिखला देंगे। इस सोच से सड़कों की सफाई के दो तीन घंटों के नाटक।
नाटक बाज नेताओं नेतियों के सामने एक सुझाव दिया गया था कि साफ सुथरी सड़कों पर झाड़ू लगाने के बजाय ईमानदारी से करें तो नाले नालियां साफ करें जो गंदगी से भरे हैं। किसी ने हां नहीं की। आज 6 अक्टूबर 2025 को बरसात का पानी नाले नालियों का गंदा पानी बाजारों मोहल्लों की सड़कों पर फैला हुआ पड़ा है। भाजपा के कांग्रेस के नेता नेतियां एक भी सफाई करने नहीं पहुंचे, जबकि नाले नालियां साफ करते तो यह काम सराहा जाता।
👌 विधायक डुंगरराम गेदर ने सड़कें, उपजिला चिकित्सालय में सफाई की लेकिन नाले नालियों की सफाई से दूर रहे। कांग्रेस नाले नालियां साफ की शुरुआत कर देती तो नाक बचाने को भाजपा नेता नेतियों को भी नाले नालियां साफ करना जरूरी हो जाता, वैसे भी कांग्रेस के सफाई करने के बाद भाजपा ने सड़क सफाई का नाटक किया जिसमें बहुत सीमित संख्या बीस पच्चीस ही चेहरे दिखाई दिए।
खैर ! भाजपा की प्रदेश में सरकार है सो काम तो भाजपा को नगरपालिका के माध्यम से कराने की शक्ति होनी चाहिए। लेकिन सफाई का नाटक शहर के निवासी तो देख ही रहे हैं। भाजपाई अपने अपने मन को संमझालें खुश हो लें कि फाईल बना रहे हैं जो विधानसभा की टिकट में सहायक होगी। ये फोटो देखेगा कौन? भाजपा की टिकट मिलना आसान नहीं और सफाई कलाकारों को मिलेगा भी नहीं। समझलेना चाहिए कि टिकट वितरण भी बड़ा नाटक है जिसमें झाड़ू लगाने वालों को तो मामूली रोल भी नहीं मिलता। अब जनता भी नाटक समझती है और कार्यकर्ता भी समझते हैं सो साथ में खड़े होकर फोटो खिंचवाना भी पसंद नहीं करते। नाटक में फोटो खिंचवाना अपनी तौहीन समझते हैं। कार्यकर्ताओं को मालुम है कि उनकी फोटो का यूज होगा इसलिए वे भी दूर हैं।( फोटो नाटक करने वालों के नाम नहीं लिखे गये। उनके चेहरे लोगों ने देखें हैं सो याद ही हैं)०0०
करणीदानसिंह राजपूत.
पत्रकार,
( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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* करणीदानसिंह राजपूत *
नगरपालिका के दशहरा उत्सव में पुतले की आग से फोटोग्राफर लक्ष्मण सिंह राठौड़ झुलस गया जो भाजपा नेता का बेटा, भाजपा नेता का भाई है और इस लापरवाही वाली दुर्घटना पर भाजपा चुप है। लक्ष्मण सिंह के पिता खुशालसिंह राठौड़ चालीस सालों से भाजपा के वरिष्ठ नेतियों में हैं और भाई प्रेमसिंह राठौड़ भी वर्षों से भाजपा के आंदोलनों संघर्षों का नेतृत्वकर्ता है। मीडिया में लगातार प्रसारित हो रहा है कि यह दुर्घटना नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही से हुई,लेकिन भाजपा पदाधिकारी अपना मुंह बंद किए हुए है। भाजपा के मगरमच्छ नेता और दुर्घटनाओं पर मगर के आंसू जो लोगों ने नाले में गिर जाने से हुई मौतों पर देखे। दशहरा उत्सव पर भाजपा के अनेक नेता और कार्यकर्ता थे और भाषण भी दिए लेकिन लक्ष्मण सिंह के परिवार के पास कोई झूठे आंसू बहाने भी नहीं पहुंचा। भाजपा के नेताओं का पदाधिकारियों का यह प्रेम जिसका गुणगान करते रहते हैं कि सभी को कुटुंब समझते हैं। भाजपा परिवार का लक्ष्मण सिंह मीडिया से जुड़ा फोटोग्राफर भी और यहां भाजपा का मीडिया प्रेम भी चौड़े हो गया। दशहरा उत्सव में नगरपालिका की लापरवाही कोई पहली लापरवाही नहीं है बल्कि हर दिन लापरवाही भरा होता है। ऐसी नगरपालिका जिसमें भाजपा सरकार के आदेशों का पालन नहीं होता। भाजपा के नेता अपने स्वार्थों के कारण अपनी ही सरकार के आदेशों का पालन नहीं करवाते,आदेशों को रद्दी बनवाते हैं। वहां लक्ष्मण सिंह के झुलसने पर भाजपा नेताओं पदाधिकारियों का नहीं बोलना कोई आश्चर्य जनक नहीं है। यदि यह दुर्घटना किसी नेता या अधिकारी के साथ होती,तब भी यही रवैया रहता क्या?
* क्या यह दुर्घटना नगरपालिका प्रशासन की ओर से पुलिस को दी गई ? पुलिस मौजूद थी और उसे अपने आप यह दुर्घटना रिकॉर्ड में लेनी और उच्च अधिकारी जिला पुलिस अधीक्षक को सूचित करना था।
* क्या नगरपालिका प्रशासन ने इस दुर्घटना बाबत जिलाकलेक्टर, संभागायुक्त और निदेशक स्वायत्त शासन को सूचित किया या छिपाए रखा। यह एक व्यक्ति की दुर्घटना हुई और अधिक की होती तब भी इसे छिपाते?
दुर्घटना 2 अक्टूबर 2025.
लेख. 5 अक्टूबर 2025.
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 4 अक्टूबर 2025.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पर महाराणा प्रताप चौक मुख्य बाजार से शाम को गाजेबाजे से पथ संचलन हुआ। पथसंचलन में कौन कौन शामिल हुए की चर्चा भी शुरू हुई। पथ संचलन में पूर्व विधायक अशोक नागपाल,श्रीभगवान सेवटा, सुनील छाबड़़ा,संदीप कासनिया,सुरेश सुथार,रविकांत स्वामी, मदनलाल बिश्नोई, एन.डी.सेतिया,मुरलीधर उपाध्याय, चन्द्र प्रकाश जनवेजा,घनश्याम शर्मा,गौरव बलाना,आदि पथ संचलन में थे। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया जीप में सवार शामिल हुए।
पथसंचलन पर शहीद भगतसिंह चौक के समीप किरयाना विक्रेता संघ के अध्यक्ष किशोर गाबा पार्टी ने महाराणा प्रताप चौक पर एडवोकेट पूनम शर्मा पार्टी ने गुलाब पंखुड़ियों की वर्षा से अभिनंदन किया।
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* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 से स्थिति एकदम साफ हो गई कि पब्लिक अपने बीच रहने वाले को चुनती है और पार्टी का टिकट हो तब भी बुरी तरह से हरा भी सकती है। पार्टी की टिकट होना जीत की गारंटी नहीं चाहे वह भाजपा जैसी मजबूत पार्टी की भी हो। पार्टी भी टिकट उसी को देती है जो लोगों में अच्छा संपर्क रखने वाला हो,जनता के बीच रहने वाला हो। एकदम नया होगा तो वह न टिकट ले सकता है न कोई पद ले सकता है। कौन है? हम तो जानते नहीं। कभी देखा नहीं। ये शब्द खतरनाक होते हैं और हार का उद्घोष पहले ही कर देते हैं। चुनाव लड़ने की ईच्छा वालों को पब्लिक के बीच हर दुख दर्द में समस्याओं में खड़ा रहना उठना बैठना प्रथम है। अगर इस स्थिति में कोई किंतु परंतु है और पब्लिक में रहने से कतराते हैं तो वह जनता का नहीं कहलाता। यह बड़ी कमी है जो लगातार पीछे धकेलती है और कुछ भी मिल नहीं पाता। फसल चाहिए तो उचित समय में भूमि की तैयारी और बीज उगाना पड़ता है। भूमि ही तैयार नहीं हो तो बीज उगाना असंभव। भूमि ही बीज को स्वीकार नहीं करती। यही स्थिति राजनीति की है पब्लिक के बीच रहना मतलब अच्छी फसल के लिए भूमि की तैयारी करना। अब राजनीति में अचानक प्रगट होना आसान नहीं, असंभव है।
3 अक्टूबर 2025.०0०
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 अक्टूबर 2025.
महाराणा प्रताप चौक रेलवे रोड पर है जहां सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण वर्षों पहले बीच में गुमटी और घूमचक्कर इसलिए नहीं बनाया गया कि रात्रि को वाहन टकराएंगे और जाम लगेगा। अभी भी रेलवे रोड पर दुकानदार सड़क को छह से आठ फीट तक रोक लेते हैं और वाहनों के सड़क पर चलते घुमाव के लिए जितनी खुली सड़क चाहिए वह नहीं होती। गुमटी या घूमचक्कर बनाने से पहले वाहनों को चलाकर घुमाकर परीक्षण कर लिया जाए तो हालत साफ हो जाएगी। चौराहे पर यातायात नियंत्रण चाहिए उतना ही सड़क पर चाहिए। हालात यह है कि वृद्धों के लिए पैदल पट्टी यानि फुटपाथ पर चलने के लिए जगह नहीं होती। फुटपाथ पैदल पट्टी भी सड़क यातायात का ही भाग है जो पूरी तरह से असुरक्षित है और उसको खुला रखना ट्रैफिक पुलिस का दायित्व है। अनेक बार अखबारों में यह हालात छप चुके हैं।
महाराणा प्रताप की प्रतिमा के आगे कुछ ही फुट सामने गुमटी या घूमचक्कर बनाने से इस स्थल की सुंदरता का अंत तो होगा ही और दुर्घटनाएं और जाम भी शुरू होगा।०0०
* करणीदानसिंह राजपूत *
शस्त्र पूजन करेंगे और अपराधियों दुराचारियों का बचाव भी करेंगे तथा कोशिश करेंगे कि वे अपने ही शहर में स्थापित रहे ताकि अपने गलत कार्यों में साथ लेते रहें।
शस्त्र पूजन मतलब दुष्टों का संहार की नीति लेकिन दुष्टों को अपने लिए अपने ही शहर में अपने ही क्षेत्र में जिंदा रखेंगे और वे दुष्ट अन्य लोगों को परेशान करेंगे,लूटेंगे तो यह दोहरी नीति तो आम लोगों के जीवनशैली को बहुत ही खराब करने वाली है। राजनैतिक खासकर सत्ता पार्टी के जीते हारे नेता नेतियां अपनी संपत्ति विस्तार और गलत कार्यों में अपना और परिवार का बचाव सुरक्षा के लिए ऐसा व्यवहार करते रहे हैं।
सत्ताधारी नेता भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों का स्थानांतरण तक नहीं होने देते,कानून से दंड दिलवाना तो दूर रहा।
शस्त्र पूजन कर किसी को मारना नहीं है लेकिन इस पूजन नीति की गंभीरता को समझते हुए कानूनी कार्रवाई,निलंबन और स्थानांतरण आदि में तो रोक की कोशिश नहीं होनी चाहिए। ये सभी कार्य बहुत छुपकर किए जाते हैं लेकिन लोगों के सामने किसी तरह से खुल ही जाते हैं। यह भी होता रहा है कि अनेक बार सत्ताधारी नेता नेतियां कोशिश करके भी भ्रष्टाचारी को बचा नहीं पाते। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं नेतियों को समझ लेना चाहिए कि ऐसे गलत कामों में ईज्जत दांव पर होती है और जाते देर नहीं लगती।०0०
विजयदशमी 2 अक्टूबर 2025.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत आजीवन)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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