रविवार, 25 अप्रैल 2021

अनूपगढ़ में नो मास्क नो मुवमेंट का सन्देश: हिन्दुस्तान स्काउट एण्ड गाइड

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 24 अप्रैल 2021.

 हिन्दुस्तान स्काउट एण्ड गाइड राजस्थान राज्य जिला मुख्यालय श्रीगंगानगर के तत्वाधान शनिवार को अनूपगढ में कोरोना महामारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कनाॅट पैलेस  27 ए चौक पर रोवर रेंजर द्वारा रंगोली बनाई। 

 ब्लाक सचिव श्री सत्तार खान ने बताया कि जिला आॅर्गेनाइजर श्री संदीप मांझू नें अनूपगढ़ पहुंच कर लगातार कोरोना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे तथा उन्होने रोवर रेजंर का हौसला बढ़ाया तथा उन्हें कहा कि आपके द्वारा निःस्वार्थ भाव से जो सेवा की जा रही वह सराहनीय है। स्वायत शासन विभाग द्वारा जारी जन जागरूकता अभियान को लगातार जारी रखने का संदेश दिया।

 रंगोली का अवलोकन डीएसपी श्री जयदेव सिहाग व नगर पालिका ईओ श्री संदीप बिश्नोई ने किया तथा मुख्यमंत्री के संदेश ’’नो मास्क नो मूवमेंट‘‘ को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान  किया। 

रेंजर लीडर कोमल चुचरा, रमनदीप कौर, वीना, ज्योति, सुलोचना, मनीषा बिश्नोई, कान्ता, बिरमा, अनू, रोवर सुनील कडेला, गोपाल, नमन, बीरबल, विशाल ने अनूपगढ़ के कनाट पैलेस  27 ए चौक  पर  रंगोली बनाई। इसमें ’’स्टे होम सेफ लाइफ‘‘ व ’’नो मास्क नो मूवमेंट‘‘का संदेश दिया गया। सुचना एवं जनसंपर्क कार्यालय से प्राप्त मुख्यमंत्री की कोरोना संक्रमण की अपील और कोरोना संक्रमण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने संबंधित स्टीकर वितरित किए, बाजार में लोगों में मास्क लगाने और 2 गज की दूरी की पालना करने की समझाइश की तथा निःशुल्क मास्क वितरित किए गए।

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श्रीगंगानगर जिला: अधिकारी व कर्मचारी मुख्यालय नही छोड़ेंगे जिला कलक्टर

 



* विशेष समाचार- करणीदानसिंह राजपूत *


श्रीगंगानगर, 24 अप्रैल 2021.

 जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने कोविड-19 के प्रकोप को देख्ते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए है।  

जिला कलक्टर ने जिले में कार्यरत समस्त अधिकारियों व कर्मचरियों को निर्देशित किया है कि वर्तमान में कोरोना महामारी की रोकथाम के कार्यो को देखते हुए कोई भी अधिकारी व कर्मचारी बिना अनुमति के अपना मुख्यालय नही छोड़ेंगे तथा बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। 0०0

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शनिवार, 24 अप्रैल 2021

राजस्थान में सरकार ने शादी कार्यक्रम का समय 3 घंटे कैसे क्यों किसकी राय लेकर निर्धारित किया?

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* सामयिक लेख - करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान सरकार की 23 अप्रैल 2021 को जारी कोरोना गाइड लाईन में विवाह कार्यक्रम के लिए 3 घंटे निर्धारित किया है अर्थात 3 घंटे में समारोह पूरा करना है। यह समारोह भी एक ही स्थान पर करने का भी निर्देश है।

राजस्थान सरकार शादी ब्याह के समारोह का समय 3 घंटे आखिर कैसे तय किया?
सरकार को बताना चाहिए कि इस 3 घंटे के कार्यक्रम में क्या-क्या किया जा सकता है और प्रत्येक विधि में कितना कितना समय लगाना चाहिए ताकि 3 घंटे में समारोह पूरा हो जाए। इसमें वरमाला फेरे विदाई आदि सभी हो।

क्या राजस्थान सरकार ने यह तय करने से पहले राय ली थी। उस राय देने वालों में कौन थे? मंत्री और सचिव आदि।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 3 घंटे समय कैसे निर्धारित किया गया? यह कैसे तय किया गया कि 3 घंटे में सारे कार्यक्रम ब्याह के संपन्न हो जाएंगे।
किसी ने तो यह राय दी ही होगी। फिर इस पर चर्चा हुई होगी। चर्चा के बाद यह तय किया गया होगा कि 3 घंटे उचित है।
सरकार ने ब्याह कार्यक्रम तीन घंटे निर्धारित कर दिया। इन तीन घंटों पर किसी की प्रतिक्रिया अभी आज नहीं आई।
कितना समय होना चाहिए। यह समय कम है या ज्यादा है। फिलहाल कोई नहीं बोला। इस अवधि 3 घंटे पर कोई नहीं बोला। यदि सरकार समय 2 घंटा कर देती या एक घंटा कर देती फिर भी कोई नहीं बोलता। मतलब 2 घंटे और 1 घंटे में भी शादी ब्याह कार्यक्रम के लिए लोग तैयार हैं।
जो पंडित लोग ब्याह करवाते हैं।वे बताएं तो सही की 3 घंटे में केवल फेरे भी हो सकते हैं या नहीं हो सकते?
पंडित जी कौन कौन से मंत्र और कौन-कौन सी विधियां तरीके छोड़ेंगे ताकि कार्यक्रम इस  अवधि 3 घंटे में पूरा हो जाए।
लड़की वाले और लड़के वाले दोनों ही क्या 3 घंटे में सब कुछ शादी विवाह के शगुन से लेकर विदाई तक पूरा कर लेंगे?
यदि इतने समय में पूरा करना संभव नहीं है तो कम से कम सरकार को एक पत्र तो स्थानीय अधिकारी के माध्यम से भेज ही सकते हैं।
इस प्रकार की शादी जिसमें बहुत कुछ छोड़ कर के फेरे करवाने हैं क्या यह पूर्ण शादी कहलाएगी या विधि विधान के हिसाब से आधी अधूरी शादी कहलाएगी।  सरकारी रिकॉर्ड में तो रजिस्ट्रेशन करवाना होता है उसके हिसाब से तो कागजात में पूरी हो जाएगी।
आश्चर्य यह है कि किसी ने राजस्थान सरकार से पूछा नहीं कि सवाल नहीं किया कि आखिर आपने 3 घंटे समय तक कैसे किया ?
यह अवधि समय 3 घंटे किस तरह से सोच कर तय किया गया? यह सवाल महत्वपूर्ण है
और इसके लिए एक ही स्थान पर आयोजन होगा। चट मंगनी पट ब्याह का मुहावरा याद आएगा।
सोशल साइट्स पर बात बात में लिखने वाले चुप हैं। संस्कार और संस्कृति की बातें करने वाले भी चुप हैं।
सरकार को ब्याह कार्यक्रम के  निर्धारित समय में छूट देनी चाहिए और एक दिवस तो अवश्य ही करना चाहिए।0०0
सामयिक लेख-
करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

साधारण बीमारी के लिए अस्पताल की बजाए ई-संजीवनी से ऑनलाइन लें उपचार: डॉ. मुकेश कुमार

 


* करणीदानसिंह राजपूत *
हनुमानगढ़ 23 अप्रैल 2021.
जिला हनुमानगढ़ में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या में भी दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में आमजन को घर पर रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर बाजार भी बन्द हो गए हैं। ऐसे में किसी भी बीमारी से ग्रस्त रोगी अब ई-संजीवनी ऐप्प के जरिए ऑनलाइन उपचार ले सकते हैं। 
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. मुकेश कुमार डिग्रवाल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के ई-संजीवनी ऐप्प के जरिए आमजन कोविड-19 के दौरान घर बैठे ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं। इस ऐप्प से कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेते हुए घर बैठे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाएं निःशुल्क प्राप्त कर सकता है। इससे आमजन कोरोना संबंधी नियमों की पालना भी कर रहे हैं और भीड़ में नहीं जाना पड़ रहा। जिले में पिछले कुछ महीनों में अनेक लोगों ने इस सेवा का लाभ लिया है। विभाग ने पुनः अपील जारी की है कि हनुमानगढ़ जिलावासी अधिकाधिक इस सेवा का लाभ लें।
उन्होंने बताया कि लगभग सभी परिवार के सदस्यों के पास अपने-अपने मोबाइल फोन है। चिकित्सकीय सेवा लेने के लिए अब हमें अस्पतालों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं हैं। हम घर बैठे ही ऑनलाइन तरीके से उपचार ले सकते हैं। जिलेवासियों के लिए सरकार ने ऐप्प के माध्यम से ऑनलाइन टेली-कन्सल्टेशन सेवा शुरू की है। कोई भी व्यक्ति सोमवार से शनिवार सुबह नौ बजे से अपरान्ह तीन बजे तक सामान्य बीमारियों के लिए टेली कंसलटेंसी सेवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके लिए राज्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया है जो ऐप्प के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। 
सीओ-आईईसी मनीष शर्मा ने बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सबसे पहले गूगल ऐप्प से ई-संजीवनी एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद अपना मोबाइल नम्बर ओटीपी के माध्यम से सत्यापित कर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए नाम, पता, जेंडर व आयु आदि सूचना दर्ज करनी होगी और यदि चाहें तो अपनी पिछली पर्ची भी अपलोड करें। ऐप्प पर दी गई जानकारी अनुसार पेशेंट आईडी और टोकन नंबर मरीज के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भेज दिए जाएंगे। मरीज अपने मोबाइल नम्बर या पेशेंट आईडी या टोकन नंबर डालकर सिस्टम में लॉग-इन करें। मरीज अपने बारी का इन्तजार करें और टोकन नम्बर आने पर ऑनलाइन चिकित्सक से परामर्श प्राप्त करे। परामर्श के दौरान आप संबंधित चिकित्सक को परेशानी, बीमारी, लक्षण आदि के बारे में बताएं ताकि चिकित्सक आपको दवाएं, सावधानी व परहेज आदि बता सकें। टेली-कन्सल्टेशन पूर्ण होने पर ई प्रिस्क्रिप्शन प्राप्त करें। इसके जरिए आप निकटतम सरकारी डीडीसी अथवा किसी भी मेडिकल स्टोर से दवा प्राप्त कर सकेंगे। जरूरत होने पर आप फॉलोअप परामर्श कर सकते हैं। 00

Manish Sharma

    IEC Coordinator

    District Hanumangarh

    M. 9783552230
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गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

👌 अपन तो नेता हैं! वाह! तेरी बेशर्मी! शब्द - करणीदानसिंह राजपूत.

 


अपन तो नेता हैं।

किसी को कोरोना होता है।

कोई मरता है।

किसी को सुविधा नहीं है।

ऑक्सीजन नहीं है।

बेड नहीं है तो अपन का क्या?

अपन तो मजे से है।

टाइमपास के लिए फेसबुक पर जयंतिया,जन्मदिन विवाह वर्षगांठ पर बधाई और  पुण्यतिथि पर संदेश लगाकर फ्री।

बस! ये इत्ते सारे काम। अपन जनता को समर्पित। 

ब्याह शादी में बुलावे पर जाने का धर्म है और अपन निभाते भी हैं। 

* सरकार ने भी कह रखा है।

बिना काम के घर से बाहर नहीं निकले।

अपन ने सरकार की बात ही मान रखी है।

घर में बंद हैं।

* चुनाव में निकलेंगे बाहर।टिकट मांगने।अभी चुनावों में टाइम काफी पड़ा है।

* 22 अप्रैल 2021.

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करणीदानसिंह राजपूत

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़  (राजस्थान)


बुधवार, 21 अप्रैल 2021

सूरतगढ़:ईओ शैलेंद्र गोदारा ने नगरपालिका में कार्यभार ग्रहण किया.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 21 अप्रैल 2021.

 नगरपालिका में शैलेंद्र गोदारा ने आज सुबह अधिशासी अधिकारी का पदभार ग्हण कर कार्य शुरू किया। 

पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा उपाध्यक्ष सलीम कुरेशी व पालिका स्टाफ ने कार्यभार ग्रहण करवाया। 

अधिशासी अधिकारी का स्वागत किया गया। 




नगरपालिका अध्यक्ष ओम प्रकाश कालवा ने शैलेंद्र गोदारा के कार्यग्रहण पर अपना विश्वास व्यक्त करते कहा कि अधिशासी अधिकारी गोदारा,पालिका स्टाफ और पार्षद गण मिलजुल  कर टीमभावना से कार्य करेंगे जिससे शहर की जनता का हित होगा। गोदारा चुरू से यहां स्थानांतरित हुए हैं।00

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सोमवार, 19 अप्रैल 2021

श्रीगंगानगर जिले में कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव निषेधाज्ञा अंतर्गत धारा 144

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 19 अप्रैल 2021.


जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री जाकिर हुसैन ने कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रसार को रोकने के लिये गृह विभाग राजस्थान के आदेशों की निरन्तरता में 18 अप्रैल 2021 के अनुसरण में 19 अप्रैल 2021 से 3 मई को प्रातः 5 बजे तक सम्पूर्ण जिले में जन अनुशासन पखवाड़ा मनाया जायेगा।

 इस पखवाड़े के अंतर्गत सभी कार्य स्थल व्यवसायिक प्रतिष्ठान व बाजार बंद रहेंगे। 

आदेशानुसार उपयुक्त पहचान पत्र के साथ राजकीय कार्मिकों व आवश्यक सेवाओं से जुड़े, केन्द्र सरकार की आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यालय अनुमत रहेंगे। कार्मिक उपयुक्त पहचान पत्र के साथ अनुमत होंगे। 

* बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट से आने वाले यात्रियों को टिकट दिखाने पर अनुमति होगी। 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी। 

*गर्भवती महिलाओं, रोगियों, सभी निजी चिकित्सालय, लैब के कार्मिक उपयुक्त पहचान पत्र के साथ अनुमत होंगे। 

*खाद्य पदार्थ, किरयाने का सामान, मंडियां, फल, सब्जी, पशु चारा संबंधी दुकानें सायं 5 बजे तक अनुमत है। 

*इसके अलावा डेयरी, दूध एवं दूधिये संबंधित दुकानें प्रातः 5 बजे से सायं 8 बजे तक खुली रहेगी। 

* आदेशानुसार सब्जियों एवं फलों के ठेले, साईकिल रिक्शा, आॅटो रिक्शा, मोबाईल वेन द्वारा सायं 7 बजे तक बेचा जा सकेगा।

** अंतरर्राज्जीय एवं राज्य के अंदर माल परिवहन वाले भार वाहनों के आवागमन, राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर संचालित ढ़ाबे एवं वाहन रिपेयर की दुकानें अनुमत होगी।

* कृषकों को मण्डी में समर्थन मूल्य पर फसलों का विक्रय तथा जाते समय ब्रिक्री की रसीद का सत्यापन करवाना होगा।

* राशन की दुकानें बिना अवकाश के खुली रहेगी। 

*45 वर्ष से अधिक आयु के लोग टीकाकरण के लिये जाने की अनुमति होगी।

 समाचार पत्र वितरण के लिये सुबह 4 से 8 बजे तक तथा इलेक्ट्रोनिक, प्रिंट मीडिया के कार्मिकों को परिचय पत्र के साथ आने-जाने की अनुमति होगी।

*विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार संबंधी गतिविधियां पूर्व के 15 अप्रैल 2021 के आदेशों के अनुरूप अनुमत है। 

*प्रतियोगी परीक्षा के लिये प्रवेश पत्र दिखाने पर आवागमन अनुमत, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, इंटरनेट, डाक, कुरियर, प्रसारण, आईटी, बैंक, एटीएम, सेबी, स्टाॅक व्यक्तियों का उपयुक्त पहचान के साथ अनुमति होगी।

* फूड, मिठाई की होम डिलीवरी रात 8 बजे तक, इंदिरा रसोई का भोजन रात 8 बजे तक, नरेगा श्रमिकों, एलपीजी, पेट्रोल पम्प, गैस, आउटलेट की सेवाएं रात्रि 8 बजे तक अनुमत होगी। कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउसिंग, निजी सुरक्षा, ऐसे उधोग जहां श्रमिक वर्ग का उपयोग हो, छूट रहेगी। 

*** आदेशों का उल्लंघन करने पर धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 के तहत कार्यवाही होगी। 

*सार्वजनिक स्थलों पर एवं परिवहन के दौरान फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सामाजिक दूरी कार्य स्थलों को सेनेटाईज करना, जांच एवं स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों पर थूकना निषिद्ध है। 

* सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान, गुटका, तम्बाकू आदि का सेवन निषिद्ध है।

* जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार यथा फेस मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता और सामाजिक दूरी बनाये रखने को बढ़ावा देने के लिये सभी आवश्यक उपाय करने होंगे। फेस मास्क पहनना एक आवश्यक निवारक उपाय है। मुख्य आवश्यकता को लागू करने के लिये सार्वजनिक और कार्य स्थलों पर चहरे पर मास्क नहीं पहनने वाले व्यक्तियों पर उचित जुर्माना की कार्यवाही की जायेगी। ००

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राजस्थान में कोरोना रोकने को सख्ती,जनजागरण पखवाड़ा नाम से गाइड लाईन, पढें..

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

19 अप्रैल 2021.

राजस्थान में कोरोना वायरस के फैलाव को अधिक मानते हुए राज्य में बचाव के लिए सख्ती अधिक कर दी है जिसे जन जागरण पखवाड़े का नाम दिया है। 

इसके लिए 18 अप्रैल 2021को नई गाइड लाईन जारी की गई है जो 19 अप्रैल से 3 मई तक रहेगी।

*राजस्थान में सख्त कर्फ्यू रहेगा सरकार ने जिन सेवाओं को छूट दी है उनका और जिन्हें बंद रखने का निर्देश है उनका वर्णन इस नई गाइडलाइन में किया गया है इसे क्रम से देखें।00





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रविवार, 18 अप्रैल 2021

व्यापारी दुकानदार खुद बोलें कि कोरोना उन्होंने नहीं फैलाया है ना उनसे फैल रहा है?

 



  * करणीदानसिंह राजपूत *


कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देख कर राजनैतिक कार्यक्रमों में जहां भीड़ होती है उनकी विवेचना और उन पर रोक की कार्रवाई न करके केवल बाजार बंद लॉकडाउन कर्फ्यू पर निर्णय हो जाता है।


 सोशल साइट पर और ग्रुपों में संचालक समाजसेवा करने वालों द्वारा ऐसा माहौल बनाया जाता है कि लॉकडाउन हो जाए। बड़ी तत्परता से ऐसे समाचार प्रसारित किए जाते हैं कि लॉक डाउन होने का हव्वा खड़ा हो जाए।


 सबसे बड़ा प्रश्न है कि क्या बाजार में दुकानदार व्यवसायी कोरोना रोग फैलाने में है? 

क्या उनके बाजार खोलने से कोरोना फैल रहा है? आखिर यह समीक्षा क्यों नहीं हो रही?


 प्रशासनिक अधिकारी जब बैठक करता है तब व्यापारियों के अगुआ नेता हां में हां मिलाते हुए बाजार बंद का निर्णय,कम समय तक खोलने का निर्णय कर बैठते हैं। ये प्रतिनिधि उपखंड में बैठक में 5- 7 ही होते हैं। 15:20 मिनट की बैठक में यह निर्णय हो जाता है। 

व्यापारियों ने दुकानदारों ने आपस में बैठकर कभी चर्चा की?कोरोना रोगी जिस किसी शहर में मिले हैं तो उनकी हिस्ट्री देखी गई? क्या उस हिस्ट्री में दुकान से या बाजार से कोरोनावायरस फैलना सामने आया?

व्यापारी प्रतिनिधि हां में हां मिलाते हुए बंद का,लोक डाउन कर्फ्यू निर्णय कर लेते हैं। व्यापारियों ने कभी भी उपखंड अधिकारी को लिखित में यह क्यों नहीं दिया कि केवल व्यापार पर अंकुश लगाया जाता है। राजनीतिक रैलियों चाहे वह किसी भी पार्टी की हो उन पर रोक क्यों नहीं है? उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं है? यह समीक्षा क्यों नहीं हो रही कि दुकानदार व्यापारी कोरोना फैलाते हैं या नहीं फैलाते? इसकी समीक्षा होनी चाहिए। रेलें,बसें चल रही है जिनमें भीड़ होती है। वहां कोरोना फैलने का खतरा अधिक है। यहां तक कि चिकित्सालयों में रजिस्ट्रेशन के लिए कतारों में,प्रचार रैलियों को झंडी दिखाने में,कोरोनावारियों को सम्मानित करने के फोटोशूट,मंत्रियोंअधिकारियों को भेंट ज्ञापन में कोई सोशल डिस्टेंस नहीं होता।


हिंदुस्तान में पिछले 1 साल से व्यापार बहुत बुरी हालत के अंदर है। दुकानदार व्यापारी जिनसे लाखों करोड़ों लोग परिवार पलते हैं। उनके कर्मचारी पलते हैं। वे सभी लोकडाउन और बंद से बेहाल हो जाते हैं। बाजार खुलते हैं तो अनेक प्रकार के कार्य भी मजदूरी और रोजगार साथ साथ चलते हैं। बाजार बंद होने से मजदूरी करने वाले रेहड़ी,थड़ी,खोमचे  लगाने वाले भी प्रभावित होते हैं। 


 हिंदुस्तान में अधिकतर बल्कि कहना चाहिए कि 90% व्यापारी दुकानदार मध्यम वर्गीय और कम आय वाले परिवारों से जुड़े हुए हैं। बंद से उनकी रोजी रोटी पर संकट आता है तो मध्यमवर्गीय परिवारों के हर प्रकार के कार्य रुक जाते हैं। अच्छा खासा परिवार जमीन पर आ पड़ता है। 

उसे घर चलाने के लिए और दुर्भाग्य से कोई बीमारी हो जाए तो कर्जा भी लेना पड़ जाता है।


 यहां स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए कि शासन और प्रशासन दुकानदारों पर अंकुश लगाने के लिए आगे रहने की प्रवृति और सोच बंद करे। 


राजनीतिक रैलियों पर राजनेताओं के कार्यक्रमों की भीड़ पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाता।


 बाजार में जो लोग मास्क के बिना घेरे में आते हैं उन पर तो जुर्माना लग जाता है लेकिन रैलियों की भीड़ पर किसी प्रकार का कोई जुर्माना नहीं लगता। आज तक शासन प्रशासन ने रैलियां निकालने वाले नेताओं के विरुद्ध कोई मुकदमे दर्ज नहीं किए और किसी को गिरफ्तार नहीं किया। 

ये सारे सवाल व्यापारी नेताओं को लिखित में शासन प्रशासन को देना चाहिए। 


आखिर अकेले व्यापारी और दुकानदार ही क्यों बंद और जुर्माने के शिकार किए जाते रहें जब उनकी कोई गलती नहीं है। 

उनकी कोई भूल भी नहीं है तो हमेशा सरकार का कड़ा निर्णय व्यापारियों पर ही लागू क्यों होता है? 

व्यापारी संगठनों को सोशल मीडिया चलाने वाले स्थानीय ग्रुप वालों से भी सीधा सवाल करना चाहिए और मिलना चाहिए कि वह ग्रुपों में केवल व्यापारियों के पीछे ही हाथ धो करके क्यों पड़े रहते हैं? व्यापार बंद कराने से दुकानें बंद कराने से सोशल मीडिया वालों को क्या लाभ है? यह कौनसी समाजसेवा है? 

स्थानीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के विरुद्ध ग्रुपों में क्यों नहीं लिखते? व्यापारी ही उनको कमजोर नजर आते हैं इसलिए जब चाहे व्यापारियों के विरुद्ध माहौल बनाना शुरू कर दिया जाता है? 

व्यापारी नेताओं को शासन प्रशासन के सामने सीधा एक ही सवाल करना चाहिए कि देश में कानून सबके लिए बराबर है।  उनके अनुसार ही कार्रवाई हो। राजनीतिक रैलियों की राजनेताओं द्वारा भीड़ इकट्ठी करने की छूट है तो व्यापारी तो केवल अपनी दुकान करता है जिसके अंदर भीड़ नहीं होती। शासन प्रशासन से बात करने के लिए लिखित में देने के लिए वे प्रतिनिधि भेजे जाने चाहिए जो मुंह के ताला लगाए और हाथ बांधे हों। सरकार धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने से भी कतराती है यह साबित हो रहा है। 

सरकार के पास नौकरियां जरूरत के अनुसार है नहीं और होती भी नहीं है। लोग निजी क्षेत्रों में रोजी रोटी पाते हैं। 

कोरोना से बचाव के लिए तय गाइड लाईन का सख्ती से पालन हो और उस पर शासन प्रशासन को जोर लगाना चाहिए।00


सामयिक लेख.

दि. 18 अप्रैल 2021.



करणीदान सिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार (राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356.

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रेल परिसर व ट्रेनों में यात्री हमेशा मास्क, फेस कवर लगाकर रखें.नहीं होने पर कार्यवाही होगी.

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* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 17 अप्रैल 2021.

रेलवे सभी यात्रियों से अपील करता है कि कोविड-19 समस्त प्रोटोकाॅल की कड़ाई के साथ पालना सुनिश्चित कर रेलवे का सहयोग करें।

 वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर कोरोना संक्रमण को देखते हुए रेलवे द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना कर करोना संक्रमण को रोकने में अहम भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। रेलवे द्वारा ट्रेनों व रेल परिसरों में साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेसन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों को कोविड से बचाव के लिए अनेक जागरूकता अभियान भी निरंतर चलाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को इसके प्रति प्रोत्साहित किया जा सके। सभी यात्री कोविड-19 प्रोटोकाॅल नियमों की पालना कर कोविड को फैलने से रोकने में रेलवे का सहयोग करें।

 रेलवे द्वारा यात्री रेलसेवाओं के संचालन को प्रारंभ करने के समय से ही यात्रियों को निरंतर सलाह दी जा रही है कि वे अपने तथा दूसरे यात्रियों के बचाव के लिए ट्रेनों एवं रेल परिसर में हमेशा मास्क, फेस कवर लगाकर रखें। स्वच्छता परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा रेल परिसर में थूकने पर रूपयें 500 तक के जुर्माने का प्रावधान पूर्व में ही किया हुआ है, जिससे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर आमजन के स्वास्थ्य पर होने वाले बुरे प्रभाव को रोका जा सके।

 वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किसी भी यात्री के ट्रेन व रेल परिसर में मास्क, फेस कवर न पहनने पर रूपयें 500 तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। रेल परिसर व ट्रेनों में थूकने (समान प्रकृति के कार्य) और मास्क, फेस कवर ने पहनने पर रूपयें 500 तक के जुर्माने का प्रावधान भारतीय रेलवे के रेल परिसर में स्वच्छता नियम 2012 के तहत किया गया है।

 सभी रेल यात्रियों से अपील है कि वह स्टेशनों व यात्रा के दौरान ट्रेनों में हमेशा मास्क,  फेस कवर लगाकर रखे तथा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की पालना सुनिश्चित कर कोरोना संक्रमण को रोकने की लड़ाई में भारतीय रेलवे का सहयोग करें।00

( पीआरओ. श्री गंगानगर)

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