रविवार, 16 जनवरी 2022

सूरतगढ़: नालों के ऊपर एवं आगे लोहे से बने अतिक्रमण हटवाने ही होंगे:अध्यक्ष व ईओ की जिम्मेदारी।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ के बाजारों में शटर से बाहर 3 फुट की जगह छोड़ते हुए नाले का निर्माण किया गया था दुकानदारों को शटर से बाहर सामान रखने की अनुमति नहीं थी लेकिन दुकानदारों ने 3 फुट के आगे भी नालों पर आरसीसी का पक्का निर्माण कर लिया इसके और आगे लोहे की एंगल आईरन लगाकर भी दो-तीन फुट की जगह रोक ली जिस पर सामान रख रहे हैं। नियम पालन करने वाले आगे नहीं बढे जिससे उनकी दुकानें पड़ोसी अतिक्रमणकारियों से दब रही है।
नगर पालिका के अधिकारी घोषणाएं करके भी इन अतिक्रमण को हटाने में आगे नहीं आ रहे। नगरपालिका की ओर से अतिक्रमणों को लाल क्रोस लगा कर चिन्हित भी कर लिया गया था। वे चिन्ह लगे पड़े हैं। नगरपालिका में अतिक्रमण हटाओ दस्ता बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन जानबूझकर बेबस बना हुआ है। नालों की सफाई हो नहीं रही जिसके कारण मामूली बरसात में भी सड़कें भरी रहती है और आवागमन में भारी परेशानी होती है। सूरतगढ़ के बाजारों के नाले अभी भी गंदगी से भरे पड़े हैं। सफाई कर्मचारी उन नालों को साफ नहीं कर पाते मैं उनके पास कोई ऐसे साधन है।
नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा अन्य अतिक्रमण हटवा रहे हैं। जहां अतिक्रमणकारियों को पार्षदों के सहयोग की शंका होती है वे अतिक्रमण खोखे आदि तक हटवाने में सक्रियता होने के,गरीबों के मकानों पर जेसीबी चलाने के समाचार फोटो सहित होते हैं, फिर बाजारों के नालों के अतिक्रमण हटवाने में कार्यवाही नहीं करने के पीछे क्या गडबड़ है?


नगरपालिका ने पहले 2020 में एक बैठक की थी जिसमें व्यापारी भी शामिल हुए थे और व्यापारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि 3 दिन के बाद में नगरपालिका अतिक्रमण हटा देगी व्यापारियों ने वादाखिलाफी की पहले खुद हटाने का वचन दिया था लेकिन आजतक अतिक्रमण नहीं हटाए।
कोरोना कार्य शुरू हो गया और नगर पालिका ने कार्यवाही की नहीं की। 
बाजारों की साफ सफाई के लिए नालों के ऊपर हुए अतिक्रमण हटाए जाएं नगर पालिका के निर्वाचित बोर्ड की यह जिम्मेदारी है कि वह शहर के दो ढाई सौ दुकानदारों के बजाय एक लाख जनता की सेवा करें।
👌 अधिशासी अधिकारी राज्य सरकार का प्रथम प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह सरकारी तौर पर यह निर्णय करें और जेसीबी से रविवार के दिन जब आम जनता की भीड़ नहीं होती और वर्तमान में कर्फ्यू है तब नालों के ऊपर से अतिक्रमण हटाए।
* इस कार्य के लिए आवश्यक हो तो पुलिस और कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी जिला कलेक्टर के माध्यम से लगवाकर काम पक्का किया जाए कि कोई अतिक्रमण बचे नहीं।
**हम यहां 2020 में नगर पालिका भवन में हुई मीटिंग का समाचार हुबहू दोबारा दे रहे हैं**
सूरतगढ़:3 दिन बाद तोड़ देंगे नालों पर बनाए गए पक्के और आरसीसी निर्माण
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 मार्च 2020.
नगरपालिका प्रशासन ने चेतावनी भरी स्पष्ट घोषणा करदी है कि नालों पर किए गए पक्के और आरसीसी निर्माण 3 दिन बाद जेसीबी से तोड़ दिए जाएंगे।
नगरपालिका प्रशासन की ओर से शुक्रवार को शाम 5 बजे आयोजित दुकानदारों की बैठक में प्रशिक्षु आइएएस मो.जुनैद(अटैच ईओ ) और ईओ लालचंद सांखला ने यह घोषणा की। 
मो.जुनैद ने कहा कि पालिका के सफाई कर्मचारी नालों पर किए गए पक्के निर्माण के कारण सफाई नहीं कर पाते। शहर के विकास में सफाई जरूरी है। पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को उपस्थित दुकानदारों ने कहा की नालों के निर्माण के समय दुकानदारों से सात फुट जगह ली गई और अब बिना सूचना के सामान की उठाने की कार्यवाही अनुचित है।
पालिका अध्यक्ष ने दुकानदारों को स्पष्ट जवाब दिया कि आप सात फुट की बात कर रहे हैं लेकिन आपने अपनी रजिस्ट्री शुदा जमीन में से एक ईंच जमीन नहीं दी है। दुकान की जमीन नहीं पालिका ने अपनी जमीन पर ही काम किया है। अध्यक्ष ने चेतावनी की भाषा में कहा कि कर्मचारी दुकान में नहीं घुसेंगे लेकिन दुकान से बाहर सामान रखा होगा तो उठाऐंगे। जो सामान जब्त होगा वह लौटाया भी नहीं जाएगा तथा उसको ओपन नीलाम कर दिया जाएगा।
ईओ लालचंद ने कहा कि अनेक बार चेतावनी दी जा चुकी है की दुकानों से बाहर सामान नहीं रखा जाए, दुकान से बाहर रखा गया सामान जब्त कर लिया जाएगा। 
सिटी पुलिस थानाधिकारी रामकुमार लेघा ने कहा की अधिकारियों की दुकानदारों से कोई रंजिश नहीं है। अधिकारी सैकड़ों किलोमीटर दूर के रहने वाले हैं। अधिकारी इस शहर को व्यवस्थित, साफ सुथरा और सुंदर बनाना चाहते हैं, इसलिए सभी सहयोग करें। 
मो.जुनैद प्रशिक्षु आईएएस नगरपालिका ईओ से अटैच ड्यूटी पर लगे हुए हैं और उन्होंने गुरुवार 12 मार्च को बाजार का निरीक्षण किया तब नालों पर पक्के अतिक्रमण पाए और यह भी जानकारी मिली कि इससे सफाई नहीं हो पाती।
प्रशासन ने तीन दिन बाद नालों पर से पक्के निर्माण तोड़ने की चेतावनी दी है, जिससे लगता है कि शनिवार, रविवार, सोमवार के बाद मंलवार से अतिक्रमण तोड़ने की कार्यवाही होगी। इस चेतावनी के बाद दुकानदार खुद तीन दिन में अपने पक्के निर्माण नहीं हटा पाए तो नगरपालिका जेसीबी से हटा देगी। 00
सूरतगढ़: नालों के ऊपर एवं आगे लोहे से बने अतिक्रमण हटवाने ही होंगे:अध्यक्ष व ईओ की जिम्मेदारी।
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ के बाजारों में शटर से बाहर 3 फुट की जगह छोड़ते हुए नाले का निर्माण किया गया था दुकानदारों को शटर से बाहर सामान रखने की अनुमति नहीं थी लेकिन दुकानदारों ने 3 फुट के आगे भी नालों पर आरसीसी का पक्का निर्माण कर लिया इसके और आगे लोहे की एंगल आईरन लगाकर भी दो-तीन फुट की जगह रोक ली जिस पर सामान रख रहे हैं। नियम पालन करने वाले आगे नहीं बढे जिससे उनकी दुकानें पड़ोसी अतिक्रमणकारियों से दब रही है।
नगर पालिका के अधिकारी घोषणाएं करके भी इन अतिक्रमण को हटाने में आगे नहीं आ रहे। नगरपालिका की ओर से अतिक्रमणों को लाल क्रोस लगा कर चिन्हित भी कर लिया गया था। वे चिन्ह लगे पड़े हैं। नगरपालिका में अतिक्रमण हटाओ दस्ता बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन जानबूझकर बेबस बना हुआ है। नालों की सफाई हो नहीं रही जिसके कारण मामूली बरसात में भी सड़कें भरी रहती है और आवागमन में भारी परेशानी होती है। सूरतगढ़ के बाजारों के नाले अभी भी गंदगी से भरे पड़े हैं। सफाई कर्मचारी उन नालों को साफ नहीं कर पाते मैं उनके पास कोई ऐसे साधन है।
नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा अन्य अतिक्रमण हटवा रहे हैं। जहां अतिक्रमणकारियों को पार्षदों के सहयोग की शंका होती है वे अतिक्रमण खोखे आदि तक हटवाने में सक्रियता होने के,गरीबों के मकानों पर जेसीबी चलाने के समाचार फोटो सहित होते हैं, फिर बाजारों के नालों के अतिक्रमण हटवाने में कार्यवाही नहीं करने के पीछे क्या गडबड़ है?
नगरपालिका ने पहले 2020 में एक बैठक की थी जिसमें व्यापारी भी शामिल हुए थे और व्यापारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि 3 दिन के बाद में नगरपालिका अतिक्रमण हटा देगी व्यापारियों ने वादाखिलाफी की पहले खुद हटाने का वचन दिया था लेकिन आजतक अतिक्रमण नहीं हटाए।
कोरोना कार्य शुरू हो गया और नगर पालिका ने कार्यवाही की नहीं की। 
बाजारों की साफ सफाई के लिए नालों के ऊपर हुए अतिक्रमण हटाए जाएं नगर पालिका के निर्वाचित बोर्ड की यह जिम्मेदारी है कि वह शहर के दो ढाई सौ दुकानदारों के बजाय एक लाख जनता की सेवा करें।
👌 अधिशासी अधिकारी राज्य सरकार का प्रथम प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह सरकारी तौर पर यह निर्णय करें और जेसीबी से रविवार के दिन जब आम जनता की भीड़ नहीं होती और वर्तमान में कर्फ्यू है तब नालों के ऊपर से अतिक्रमण हटाए।
* इस कार्य के लिए आवश्यक हो तो पुलिस और कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी जिला कलेक्टर के माध्यम से लगवाकर काम पक्का किया जाए कि कोई अतिक्रमण बचे नहीं।
**हम यहां 2020 में नगर पालिका भवन में हुई मीटिंग का समाचार हुबहू दोबारा दे रहे हैं**
सूरतगढ़:3 दिन बाद तोड़ देंगे नालों पर बनाए गए पक्के और आरसीसी निर्माण
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 मार्च 2020.
नगरपालिका प्रशासन ने चेतावनी भरी स्पष्ट घोषणा करदी है कि नालों पर किए गए पक्के और आरसीसी निर्माण 3 दिन बाद जेसीबी से तोड़ दिए जाएंगे।
नगरपालिका प्रशासन की ओर से शुक्रवार को शाम 5 बजे आयोजित दुकानदारों की बैठक में प्रशिक्षु आइएएस मो.जुनैद(अटैच ईओ ) और ईओ लालचंद सांखला ने यह घोषणा की। 
मो.जुनैद ने कहा कि पालिका के सफाई कर्मचारी नालों पर किए गए पक्के निर्माण के कारण सफाई नहीं कर पाते। शहर के विकास में सफाई जरूरी है। पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को उपस्थित दुकानदारों ने कहा की नालों के निर्माण के समय दुकानदारों से सात फुट जगह ली गई और अब बिना सूचना के सामान की उठाने की कार्यवाही अनुचित है।
पालिका अध्यक्ष ने दुकानदारों को स्पष्ट जवाब दिया कि आप सात फुट की बात कर रहे हैं लेकिन आपने अपनी रजिस्ट्री शुदा जमीन में से एक ईंच जमीन नहीं दी है। दुकान की जमीन नहीं पालिका ने अपनी जमीन पर ही काम किया है। अध्यक्ष ने चेतावनी की भाषा में कहा कि कर्मचारी दुकान में नहीं घुसेंगे लेकिन दुकान से बाहर सामान रखा होगा तो उठाऐंगे। जो सामान जब्त होगा वह लौटाया भी नहीं जाएगा तथा उसको ओपन नीलाम कर दिया जाएगा।
ईओ लालचंद ने कहा कि अनेक बार चेतावनी दी जा चुकी है की दुकानों से बाहर सामान नहीं रखा जाए, दुकान से बाहर रखा गया सामान जब्त कर लिया जाएगा। 
सिटी पुलिस थानाधिकारी रामकुमार लेघा ने कहा की अधिकारियों की दुकानदारों से कोई रंजिश नहीं है। अधिकारी सैकड़ों किलोमीटर दूर के रहने वाले हैं। अधिकारी इस शहर को व्यवस्थित, साफ सुथरा और सुंदर बनाना चाहते हैं, इसलिए सभी सहयोग करें। 


मो.जुनैद प्रशिक्षु आईएएस नगरपालिका ईओ से अटैच ड्यूटी पर लगे हुए हैं और उन्होंने गुरुवार 12 मार्च को बाजार का निरीक्षण किया तब नालों पर पक्के अतिक्रमण पाए और यह भी जानकारी मिली कि इससे सफाई नहीं हो पाती।
प्रशासन ने तीन दिन बाद नालों पर से पक्के निर्माण तोड़ने की चेतावनी दी है, जिससे लगता है कि शनिवार, रविवार, सोमवार के बाद मंलवार से अतिक्रमण तोड़ने की कार्यवाही होगी। इस चेतावनी के बाद दुकानदार खुद तीन दिन में अपने पक्के निर्माण नहीं हटा पाए तो नगरपालिका जेसीबी से हटा देगी। 00








डा.विशाल छाबड़ा के आवास में आधीरात बाद हुई चोरी: चोर के सीसीटीवी फुटेज मिले

 

सूरतगढ़ 15 जनवरी 2022.

दंत चिकित्सक डा.विशाल छाबड़ा के आवास में  14- 15 जनवरी की रात में जब भयानक सर्दी पड़ रही थी तब एक चोर घुसा। सीसीटीवी फुटेज के हिसाब से चोर 2-29 पर घर में घुसा और 2-56 पर बाहर निकलता है। चोर एक चादर ओढे सड़क पर तेज चलता हुआ गुजरता दिखता है और तेजी से ही घर में घुसता है। वापसी में उसके कंधे पर एक गैस सिलेंडर दिखाई देता है। 

डा. विशाल छाबड़ा ने बताया कि चोर एक एलपीजी सिलेंडर और 5 जोड़ी जूते ले गया। उनका कहना है कि पुलिस को सूचना देने पर पुलिस मौके पर आई व निरीक्षण किया। ०0०

००००





शुक्रवार, 14 जनवरी 2022

पत्रकार महेंद्र जाटव की माताजी को गाय ने उछाल फेंका, वे गाय को गुड़ खिला रही थी

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 14 जनवरी 2022.

पत्रकार महेंद्र सिंह जाटव संपादक ब्लास्ट की आवाज के संपादक की माताजी को कल एक गाय ने उठा कर फेंक दिया। उनकी रीढ में चोट लगी है। डा.चेतन प्रकाश व्यास से चिकित्सा ली गई। दवाओं के अलावा 15 -20 दिन बेड पर रेस्ट करना बताया है। वृद्धावस्था और सर्दी की चोट बहुत दुखदायी होती है। 

13 जनवरी को चटख धूप थी। माताजी धूप का आनंद ले रही थी। वहीं पास में गाय मौजूद थी। माताजी के मन में गाय को गुड़ खिलाने की ईच्छा जाग्रत हुई। वे गाय को गुड़ खिलाने के लिए पास में गई, तब अचानक गाय ने उठाकर उछाल दिया।*

गाय गोधों को गुड़ रोटी खिलाते वक्त दूरी और सावधानी जरूरी है। 

*ईश्वर माता जी को शीघ्र स्वस्थ करे।*

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गुरुवार, 13 जनवरी 2022

प्रधान की गद्दी पर बैठेंगे हजारी राम मील: मक्कर संक्रांति दिन चुनने की है खास वजह

 

करणीदानसिंह राजपूत 

सूरतगढ़ 13 जनवरी 2022.

मील परिवार ने पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान पद पर हजारी राम मील के पद ग्रहण करने का मुहूर्त निकलवाया है। 

14 जनवरी को 11 बजे पद भार ग्रहण किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां चल रही है और निमंत्रण फोन चल रहे हैं।

 मील ने शायद मक्कर संक्रांति को पद ग्रहण का दिन खास होने के कारण चुना है। इस दिन सूर्य का मक्कर राशि में प्रवेश होता है। सूर्य दक्षिणायन पथ से उतरायन पथ पर चलने लगते हैं। प्रकृति प्रफुल्लित होने लगती है। प्रकृति के फलने फूलने और राजनीति के फलने फूलने में बहुत विभिन्नताएं होती है। 

कांग्रेस की जीत कार्य के दम पर नहीं हुई है बल्कि भाजपा नेताओं और पार्टी में लापरवाही एक दूसरे को नीचे रखने और आगामी विधानसभा के टिकट आदि कई कारण जनमानस में मंडरा रहे हैं। सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र का शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया।। भाजपा से पहले नगरपालिका छीनी और चुनौती देकर पंचायत समिति भी छीन ली। भाजपा के नेता तो हार की समीक्षा तक करने से डरे हुए हैं। 

मील कांग्रेस गुट को यह ध्यान रखना ही होगा कि यह जीत विधानसभा 2023 के चुनाव का मार्ग साफ नहीं कर रही। वे नीतियां और लोग दूर रखने होंगे जिनके कारण आम लोगों की अनदेखी हुई और 2013 में गंगाजल मील और 2018 में हनुमान मील को वोट होते हुए भी विधानसभा की सत्ता नहीं मिल पाई। ०0००0०


 








बुधवार, 12 जनवरी 2022

राजस्थान में शीतलहर के आसार-चेतावनी जारी:अपने ये जिले-एकदम ताजा

 



मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वी औऱ उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस ऊपर है. 


* ताजा रिपोर्ट*


मौसम विभाग ने अलवर, झुंझुनू, सीकर, भीलवाड़ा,चुरू, हनुमानगढ़, नागौर व गंगानगर जिले में शीतलहर की चेतावनी जारी की है.


 IMD ने मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ जारी करने के साथ ही महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में अगले दो दिनों के लिए गरज-चमक के साथ मध्यम दर्जे की बारिश का पूर्वानुमान जताया है. आईएमडी के मुताबिक नागपुर सहित पूर्वी विदर्भ के कई जिलों में मंगलवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई.


* पूर्वी और उससे सटे मध्य भारत में बारिश (Rainfall) और गरज के साथ बारिश में इजाफा होगा. वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को जानकारी दी है कि अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत घने से बहुत घने कोहरे की चपेट में रहेगा. साथ ही आज राजस्थान में शीतलहर चल सकती है. इसके अलावा आज बिहार, झारखंड समेत कुछ राज्यों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है.


IMD की तरफ से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 4-5 दिनों तक मौसम शुष्क रह सकता है. वहीं, 14 जनवरी तक विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की या मध्यम बारिश होने की काफी संभावनाएं हैं. साथ ही तेलंगाना में 13 जनवरी तक भारी बारिश हो सकती है.


मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वी औऱ उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस ऊपर है. वहीं, अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान के 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरने की काफी संभावनाएं हैं. राजस्थान और उत्तरी मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश में अगले 4-5 दिनों में रात या दिन के दौरान घने से बहुत घना कोहरा छाने के आसार हैं.


मौसम विभाग ने अलवर, झुंझुनू, सीकर, भीलवाड़ा,चुरू, हनुमानगढ़, नागौर व गंगानगर जिले में शीतलहर की चेतावनी जारी की है. IMD ने मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ जारी करने के साथ ही महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में अगले दो दिनों के लिए गरज-चमक के साथ मध्यम दर्जे की बारिश का पूर्वानुमान जताया है. आईएमडी के मुताबिक नागपुर सहित पूर्वी विदर्भ के कई जिलों में मंगलवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई.


अधिकारी ने बताया कि आईएमडी के नागपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने गुरुवार तक के लिए विदर्भ के नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, यवतमाल, गोंदिया, भंडारा और गढ़चिरौली जिलों के लिए ‘येलो’ चेतावनी जारी की है. उन्होंने बताया कि आईएमडी ने चेतावनी दी है कि आंधी आने और बिजली चमकने के साथ मध्यम दर्जे की बारिश का दौर नागपुर, वर्धा, भंडारा के कुछ इलाकों में एवं आंधी के साथ ओलावृष्टि का दौर चंद्रपुर, गढ़चिरौली और यवतमाल जिले के कुछ इलाके में जारी रह सकता है.०0०





मंगलवार, 11 जनवरी 2022

सूरतगढ़ में बिना मास्क वालों के चालान काटे: घर से बाहर निकले तो मास्क जरूरी .

 

* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 11 जनवरी 2022.


कोरोना संकट के बढ़ने के साथ ही नई गाइडलाइन के अनुसार बाजारों में सख्ती कर दी गई है। आज बिना मास्क वाले दुकानदारों आदि के चालान काटे गए। प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि घर से बाहर जब भी निकले तो मास्क होना जरूरी है।

 प्रशासन का सुझाव है कि अनावश्यक रूप से बाजारों में न जाएं और घर से बाहर जाना जरूरी हो तो मास्क लगा कर ही निकलें।०0०







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सूरतगढ़ में प्रशासन का कौन सा विभाग लूज है कौनसा अधिकारी गाइडलाइन पर गडमड है

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 11 जनवरी 2क ःः022.


 किस अधिकारी की ढील और कर्त्तव्य हीनता के कारण गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है? 

कल 10 जनवरी को एक बाल वाहिनी बच्चों को घर छोड़कर के गई।आज 11 जनवरी को फिर बाल वाहिनी बच्चों को घर छोड़कर के गई। मतलब बाल वाहिनी चल रही है तो स्कूल या कोचिंग भी चल रहे हैं। 

इसकी जांच कौन करेगा? किस की ढील से अनदेखी से यह नियम तोड़े जा रहे हैं। एक अधिकारी नियम तोड़ रहा है या तुड़वा रहा है तो सूरतगढ़ में कोई सर्वोच्च अधिकारी भी होगा। बाल वाहिनी सड़कों पर से निकली है तो यातायात पुलिस की निगाह में भी आई होगी? 

कल और आज बीत गए कह कर कार्रवाई को टाला नहीं जा सकता। जांच में और सीसीटीवी में बस छुप नहीं सकती। 

देखते हैं प्रशासन किन स्कूलों के ताला लगाता है और किन बालवाहिनियों को सीज करता है।०0०





सोमवार, 10 जनवरी 2022

सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन के आगे एक नीमऔर एक पीपल मेरे जीवन से जुड़े:करणीदानसिंह राजपूत *

 



सूरतगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन विशाल बन गया और बहुत बदल भी गया लेकिन जब मैं रेलवे फुट ओवरब्रिज की मुख्यद्वार के पास की ढलान से चढता या उतरता हूं तब पास पास खड़े एक नीम और एक पीपल को देखने कुछ पल रुक जाता हूं। 
इन दो पेड़ों से मेरा जीवन जुड़ा है। मेरा बचपन जुड़ा हुआ है।
नीम का पेड़ मैंने करीब नौ दस साल की उम्र में 1955 के आसपास लगाया था। अब सन 2022 में यह 67 वर्ष का हो चुका है। नीम के पास में ही विशाल पीपल है। पिता रतनसिंह जी इस पीपल के नीचे पुराने घड़ों से पशुओं को पानी पिलाते।
पिताजी रतनसिंह बैस रेलवे में शंटिंग जमादार के पद पर बीकानेर में थे। सन् 1953 में पिताजी की बदली सूरतगढ़ हो गई। हम लोग सूरतगढ़ आ गए। रेलवे स्टेशन के पास ही कुछ क्वार्टर बने हुए थे। एक में हमारा निवास बना। 
मैंने पहली कक्षा बीकानेर में उतीर्ण कर ली थी। मेरा दूसरी कक्षा में सरकारी स्कूल में प्रवेश हुआ। उस समय एक मात्र यही सरकारी स्कूल था जो अब गुरूशरण छाबड़ा राजकीय माध्यमिक विद्यालय बन गया है।



बालपन में एक शौक रहा। पेड़ों के नीचे वर्षा के बाद उगे हुए पौधों को कुछ मिट्टी सहित गट्टा निकाल कर दूसरी जगह पर लगाना। नीम का पेड़ उसी शौक से हमारे क्वार्टर के पीछे लगाया। उसको पानी से सींचने के अलावा झाड़ियां लगाकर सुरक्षित भी किया। महाराजा बीकानेर की कोठी एकदम पास में ही थी। उसमें भी खेलते रहते थे। वहां भी ऐसे गट्टे निकाल कर नीम सरेस खेजड़ी के पौधे लगाए थे जिसमें कोठी के चौकीदार लालूराम नाई का बेटा रूपाराम मेरा साथी सहयोगी रहा। रूपाराम नाई आरसीपी में नौकरी लगा और सेवानिवृत्त होकर गांव चला गया। बीकानेर के नोखा के पास कंवलीसर गांव का निवासी था।
वापस लौटते हैं नीम की कहानी पर। जब नीम ऊंचाई लेने लगा तब रेलवे के निर्माण शाखा कर्मचारियों से आग्रह कर ईंटों से सुरक्षा करवा दी। अधिक बड़ा हुआ तब लोग इसके तने से अपने पशुओं को बांधने लगे। 
हमारे क्वार्टर के पास ही पीपल था। सूरतगढ़ में रेलवे लाईन 1901 में आई थी। उस समय क्वार्टर बने उसके बाद ही पीपल लगाया गया होगा। मेरा अनुमान है कि हम आए तब विशाल पीपल करीब 50 वर्ष का तो होगा। आज 2022 में पीपल करीब 120 वर्ष का हो चुका है। 


पिताजी पुराने घड़ों मटकों को सावधानी से तोड़कर आधा करते थे। उसमें पानी भरते जो पशु पीते रहते थे। पानी करीब दो सौ फुट दूर से लाना होता था। उन दिनों क्वार्टर में नलका बिजली नहीं थी। साप्ताहिक विश्राम के दिन पिताजी का आधा दिन पानी के ठिंगलों की सफाई में लगता। ठीकरी से खुरच खुरच कर काई आदि हटाते। मां बुलाती रहती मगर सफाई पूरी कर और पानी से भरने के बाद ही वहां से हटते। गर्मियों में ठिंगलों की संख्या पांच सात हो जाती थी। पिताजी की सेवानिवृत्ति 1972 में हुई। करीब एक माह तक पार्टियां हुई और ढोल बजते रहे थे। ऐसा प्रेम और भाईचारा जिसकी कोई उपमा नही दी जा सकती।
* रेलवे परिसीमा में इन वर्षों में भी अनेक पेड़ लगाए हैं। उनमें मेरा सहयोग भी रहा है। अनुज प्रेमसिंह सूूर्यवंशी ( सूर्यवंशी उ.मा.विद्यालय) की पर्यावरण प्रेमी टीम ने रेलवे व अन्य स्थानों पर कई सौ वृक्ष लगा दिए हैं।
अब यह कहानी पढ कर आपकी निगाहें भी पुल चढते उतरते जरूर नीम और पीपल को देखेंगी।
* पीपल और नीम के नीचे अब रेलवे विभाग ने कचरा डालना शुरू कर रखा है जबकि एकदम पास ही रेलवे के कार्यालय भी हैं। रेलवे से आग्रह करेंगे वहां साफ सफाई का। पुल भी है तो सफाई तो रखनी ही चाहिए।०0०




मेरे फोटो में सिर पर हैं पिता रतनसिंह और माता हीरा।०0०
दि. 10 जनवरी 2022.
करणीदानसिंह राजपूत
उम्र 76 वर्ष.
( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत वरिष्ठ पत्रकार)
सूरतगढ़ ( राजस्थान - भारत)
*******







शनिवार, 8 जनवरी 2022

गुरु गोविंदसिंह जयंती के पूर्व दिवस पर सूरतगढ़ में नगर कीर्तन:गुरू ग्रंथ की भव्य पालकी

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


गुरु गोविंद सिंह जी की 355 वीं जयंती पर्व 9 जनवरी को मनाया जाएगा। एक दिन पूर्व 8 जनवरी को सूरतगढ़ में भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। 

गुरुवाणी का पाठ सुनाया जाता रहा था।

गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी बहुत सजावट के साथ थी। पालकी के आगे आगे सड़क को श्रद्धालु नर नारी युवा झाड़ुओं से साफ करते हुए चल रहे थे। 

इस नगर कीर्तन में चलने वाले श्रद्धालु नंगे पांव थे। भयानक सर्दी और 2 दिन पहले लगातार बरसात से सड़कें गीली और ठंडी थी लेकिन गुरु गोविंद सिंह के नाम लेवा संगत आनंद से नगर कीर्तन में चल रही थी। सैंकड़ों श्रद्धालु वाहनों पर भी सवार थे।







सड़कों के किनारे खड़े होकर लोगों ने नगर कीर्तन देखा और गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी को सिर नवाया। नगर कीर्तन के कुछ छायाचित्र यहां दिए गए हैं।

फोटोग्राफी- करणीदानसिंह राजपूत।०0०

*****






मंगलवार, 4 जनवरी 2022

लोकतंत्र सेनानियों को पत्र के उत्तर नहीं देने वाले पहले प्रधानमंत्री,बांट देते हैं हजारों करोड़

 


* करणीदानसिंह राजपूत *
लोकतंत्र सेनानियों हमें सम्मान और सम्मान निधि नहीं देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी 5 जनवरी को पंजाब की रैली में पंजाब को हजारों करोड़ों रुपए का पैकेज देने वाले हैं।*
(पांच लाख की भीड़ जुटाने का भी समाचार है। वहां से कोरोना फैलने का भी कोई खतरा नहीं है। रैलियों में जादु की छड़ी घूमती है।)
* समाचारों में सोशल मीडिया में यह खूब प्रचारित हो रहा है। यह झूठ भी नहीं है।
पंजाब में चुनाव होने वाले हैं और बीजेपी जीतना चाहती है इसलिए वहां सरकारी खजाने में से हजारों करोड़ रुपए का पैकेज दिया जाएगा।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी लोकतंत्र सेनानियों को हजारों रुपए का पैकेज देना तो दूर रहा बल्कि कागज से पत्रों के उत्तर भी देना नहीं चाहते।
*गृह मंत्री भी जवाब नहीं दे रहे। एक-दो दिन नहीं 2014 से लगातार ऐसा हो रहा है।
पूर्व में जब कोई पत्र प्रधानमंत्री जी को लिखा जाता था तो उसका उत्तर और वह पत्र किस विभाग और शाखा में गया है यह पत्र लेखक को सूचना दी जाती रही थी,लेकिन आश्चर्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी के आने के बाद से हम लोकतंत्र सेनानियों को कोई पत्र का उत्तर तक नहीं दिया गया।
*  इसका कारण यह है कि चुनाव में हार जाने के भय से वोटरों को प्रभावित करने के लिए सरकारी खजाने का खूब उपयोग होता है।
** लोकतंत्र सेनानियों से नरेंद्र जी मोदी को हार जैसा कोई भय नहीं है। लोकतंत्र सेनानी तो नाराजगी भरा पत्र तक नहीं लिखते तब ऐसे सेनानियों से कोई भी क्यों डरे?
* प्रधानमंत्री जी को शायद हरा नहीं सकते। लेकिन नाराजगी भरा पत्र तो लिखा ही जा सकता है। ऐसे पत्र लगातार लिखे जाएं तो उनके समाचार कुछ हवा तो बिगाड़ ही सकते हैं या कुछ हवा बिगड़ सकती है।
** मोदी जी के पैकेज की घोषणा के बाद भी भाजपा की सरकार नहीं बनी तब क्या होगा?
*** कांग्रेस ने भी गृहणियों को 2000 मासिक और एक साल में 8 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में देने की बात उछाल दी है। हो सकता है जनता कांग्रेस के साथ चली जाए। जनता लोकतंत्र सेनानी तो है नहीं जो मोदी जी के विरुद्ध दो शब्द नहीं बोले। जनता तो पराजय का आशीर्वाद दे सकती है।ऐसा कर भी दे तो आश्चर्य नहीं।
* जनता की जय हो और होती रहे।*
4 जनवरी 2022.
करणीदानसिंह राजपूत
आपातकाल जेलबंदी पत्रकार.
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
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