शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

सूरतगढ़ नगर पालिका की संपत्ति- पचासों जगह है संपत्ति.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

एज्युकेशन हब के नाम से प्रसिद्ध हो रहे सूरतगढ़ में जहां जनप्रतिनिधियों विधायक, पूर्व विधायकगण बड़े धन्ना सेठों की कोठियां, शानदार कालोनियां, करोड़ों के शापिंग काम्प्लेक्स,करोड़ों के शौ रूम हैं पालिकाध्यक्ष, पार्षदों के भव्य आवास हैं, वहीं पचासों जगह नगरपालिका की बेशकीमती संपत्ति भी है जहां पालिका के बोर्ड लगे हैं।

सूरतगढ़ नगरपालिका बोर्ड में वर्तमान में 45 वार्ड पार्षद हैं जिनमें एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष हैं। ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष और सलीम कुरैशी उपाध्यक्ष हैं। यह कांग्रेस का बोर्ड है।

नगरपालिका की यह संपत्ति मामूली नहीं है। इतना मोह है कि इसे शहर में संग्रह करके ही रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चलाते रहे स्वच्छता अभियान। जिला प्रशासन देता रहे स्वच्छता के निर्देश।

सूरतगढ़ का श्रंगार है तो नगरपालिका नष्ट तो कर नहीं सकती,सहेज कर रखना अध्यक्ष का कर्तव्य है। श्रंगार है तो फिर शर्म किस बात की!

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सरकारी आवास सेवारत वास्ते:सेवानिवृत्त के लिए नहीं- सुप्रीम कोर्ट

 

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* विशेष समाचार *

7th Pay Commission: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारी आवास सेवारत अधिकारियों के लिए है न कि ‘‘परोपकार’’और उदारता के रूप में रिटायर लोगों के लिए नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारी आवास सेवारत अधिकारियों के लिए है न कि ‘‘परोपकार’’और उदारता के रूप में रिटायर लोगों के लिए। शीर्ष अदालत ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की जिसमें एक रिटायर लोक सेवक को इस तरह के परिसर को बनाये रखने की अनुमति दी गई थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राइट टू शेल्टर का मतलब सरकारी आवास का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि एक रिटायर लोक सेवक को अनिश्चितकाल के लिए ऐसे परिसर को बनाए रखने की अनुमति देने का निर्देश बिना किसी नीति के राज्य की उदारता का वितरण है। 

केंद्र की अपील को मंजूर करते हुए, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने हाई कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया और एक कश्मीरी प्रवासी रिटायर खुफिया ब्यूरो अधिकारी को 31 अक्टूबर, 2021 को या उससे पहले परिसर का खाली भौतिक कब्जा सौंपने का निर्देश दिया।


बेंच ने केंद्र को 15 नवंबर, 2021 तक हाई कोर्ट के आदेशों के आधार पर उन रिटायर सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया, जो रिटायर होने के बाद सरकारी आवास में हैं।

अधिकारी को फरीदाबाद स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां उन्हें एक सरकारी आवास आवंटित किया गया था। अधिकारी ने 31 अक्टूबर, 2006 को रिटायर हुए थे। बेंच ने पिछले सप्ताह पारित अपने फैसले में कहा, ‘‘आश्रय के अधिकार का मतलब सरकारी आवास का अधिकार नहीं है। सरकारी आवास सेवारत अधिकारियों के लिए है, न कि ‘‘परोपकार’’और उदारता के रूप में रिटायर लोगों के लिए।’’

शीर्ष अदालतने हाई कोर्ट के खंडपीठ के जुलाई 2011 के उस आदेश के खिलाफ अपील पर यह फैसला सुनाया जिसने अपने एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ एक याचिका खारिज कर दी थी।

( मीडिया साभार 12अगस्त 2021.)

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गुरुवार, 12 अगस्त 2021

महेंद्र सिंह भादू के बसपा ग्रहण कर सूरतगढ इलाके के दौरों से राजनीति में तूफान






करणी दान सिंह राजपूत


 सूरतगढ़ 12 अगस्त 2021.


भादू परिवार के दिग्गज महेंद्र सिंह भादू के बहुजन समाज पार्टी ग्रहण करने के बाद सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव में दौरों  से राजनैतिक तूफान मचा है।

 महेंद्र सिंह भादू ने 2 अगस्त को बसपा की सदस्यता ग्रहण की थी।

राजस्थान बसपा प्रभारी सीताराम ने महेंद्र सिंह भादू को बसपा की सदस्यता ग्रहण करवाई।


महेंद्र सिंह भादू सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा के कर्मठ लोगों के साथ निरंतर भेंट व संपर्क में लगे हुए हैं और प्रतिदिन पांच सात  गांवों में संपर्क कर रहे हैं।

उनका महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं से 18 अगस्त को सूरतगढ़ में भेंट और बातचीत का कार्यक्रम है।

महेंद्र सिंह भादू श्रीगंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। महेंद्र सिंह भादू

राजनैतिक नाम भारी है और बसपा के लीडर के रूप में इलाके की राजनीति में बहुत बड़ा दबाव बनाने वाला है इसलिए अन्य राजनीतिक दलों में हलचल मची है कि आगे क्या हो सकता है।

राजनैतिक प्रभाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों में ही टूट-फूट संभावित है।


 सूरतगढ़ की राजनीति में पिछले कुछ समय से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों में राजनैतिक जोश खरोश नहीं है और केवल यदा-कदा 2- 4 घंटे का प्रदर्शन करके ही अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।


कांग्रेसमें पूर्व विधायक गंगाजल मील और उनके भतीजे हनुमान  सर्वे सर्वा हैं।

हनुमान मील पिछले चुनाव 2018 में पराजित हो चुके हैं और गंगाजल मील 2013 के चुनाव में पराजित हो चुके हैं।

गंगाजल मील 2003 में पीलीबंगा से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन वहां रामप्रताप कासनिया निर्दलीय ने हराया।

2008 में पीलीबंगा में सीट अनुसूचित जाति आरक्षित होने के बाद सभी नेता सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आ गये।

सूरतगढ़ में 2008 में गंगाजल मील कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ कर  विधायक चुने गए।


उन्होंने रामप्रताप कासनिया भाजपा को हराया उस समय भादू परिवार के राजेंद्र सिंह भादू निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था और हारे।

बाद में राजेंद्र सिंह भादू ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

 2013 से दो हजार अट्ठारह तक राजेंद्र सिंह भादू सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।


भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट के लिए राजेंद्र सिंह भादू निरंतर तैयारी में लगे हुए हैं और 2023 के चुनाव में टिकट के दावेदार भी हैं। भारतीय जनता पार्टी में राजेंद्र सिंह भादू के अलावा अशोक नागपाल भी दावेदार हैं टिकट किसको मिलता है यह अलग बात है।

 डूंगर राम गेदर बसपा की टिकट पर 2013 में विधानसभा चुनाव में दूसरे क्रम पर रहे थे।

 दो हजार अट्ठारह के चुनाव में रामप्रताप कासनिया ने चुनाव जीता दूसरे क्रम पर हनुमान मिल रहे और बसपा नेता कहे जाने वाले डूंगरराम गेदर तीसरे क्रम पर धकेल दिए गए।


 इसका कारण भी यह रहा कि डूंगरराम गेदर अच्छे खासे वोट मिलने के बाद कुछ निष्क्रिय से हुए जिसके कारण 2018 के चुनाव में उन्हें भरपूर वोट नहीं मिल पाए।

 डूंगरराम गेदर तीसरे क्रम पर रहने के बाद राजनीतिक आकांक्षा के घेरे में आए और लोगों ने यह सुझाव दिया कि कांग्रेस पार्टी में आप का महत्व बन सकता है। उन्होंने बसपा को छोड़ कर कांग्रेस जोइन कर ली।

कांग्रेस ने चुनाव में तो उनका विभिन्न स्थानों पर प्रचार के लिए उपयोग किया लेकिन उनके पास कोई अधिकार नहीं है।

 सूरतगढ़ में डूंगरराम गेदर की अपनी अलग कार्यालय व्यवस्था है। उनकी शक्ति और अस्तित्व बसपा में था वह कांग्रेसमें दिखाई नहीं पड़ रहा है।

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों के नेता और कार्यकर्ता कागजी धरना प्रदर्शन के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

 ऐसे में महेंद्र भादू का बसपा ज्वाइन करना और आगे सूरतगढ़ की राजनीति में प्रवेश करना बहुत बड़ी राजनीतिक हलचल मचाने वाली बात है।

महेंद्र भादू के बसपा ज्वाइन करने से अन्य राजनीतिक दलों के कुछ लोग भी बसपा में प्रवेश कर सकते हैं।

आगे की स्थिति क्या कुछ रोचक रहती है यह समय बताएगा।

महेंद्र भादू से वार्ता में उन्होंने बताया कि गांवों में संपर्क शुरू कर दिया है। विधानसभा चुनाव में अभी दो साल है लेकिन पूछने पर बताया कि बसपा सूरतगढ से चुनाव लड़ाएगी तो निश्चित रूप से लड़ेंगे। यह एक पूरी तैयारी से कार्य हो रहा है। महेन्द्र भादू के सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही निश्चित रूप से सक्रिय होंगी।

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रविवार, 8 अगस्त 2021

महावीर इन्टरनेशनल अपेक्स जयपुर का सूरतगढ़ में शहीदों को समर्पित रक्तदान शिविर: सचित्र रिपोर्ट.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 अगस्त 2021.

महावीर इन्टरनेशनल अपेक्स कार्यालय जयपुर द्वारा अपने 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों में 75 वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में मनाये जा रहे *शहीदों को समर्पित रक्तदान सप्ताह* के अन्तर्गत महावीर इन्टरनेशनल, सूरतगढ़ व वीरा केन्द्र सूरतगढ़ द्वारा आज दिनांक 08 अगस्त 2021, रविवार को चौपड़ा धर्मशाला, सूरतगढ़ में स्वेच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। 

परियोजना निदेशक वीर रमेश कुमार शर्मा व वीर कालू राम बिश्नोई के अनुसार शिविर में सूरतगढ़ केंद्र की ओर से तपोवन ब्लड बैंक श्रीगंगानगर की मोबाइल टीम ने 60 यूनिट व वीरा केंद्र की ओर से मैत्री ब्लड बैंक सूरतगढ़ की मोबाइल टीम ने 65 यूनिट रक्त संग्रह किया। इस प्रकार सूरतगढ़ के दोनों केन्द्रो के प्रयासों से  कुल 125 यूनिट रक्तदान हुआ।




 केंद्र अध्यक्ष वीर दिलीप मिश्रा के अनुसार सीआरपीएफ के उप कमांडेंट श्री कमल सिंह मीणा ने रिबन काट कर शिविर का उद्घाटन किया और शहीदों को समर्पित इस शिविर के लिए संस्था की भूरी भूरी प्रशंसा की।



 वीरा केंद्र की परियोजना निदेशक वीरा नीतू बैद के अनुसार रक्तदान में महिलाओं व वृक्ष मित्र समिति के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।


 इस अवसर पर  वृक्षमित्र विकास मदान ने समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए समिति द्वारा निकट भविष्य में कपड़े के थैले वितरित किए जाने की योजना से अवगत कराया। इस हेतु उन्होंने सभी शहर वासियों से सहयोग की अपील की। 


वीरा केंद्र की अध्यक्ष वीरा अंजना सिंह ने बताया कि सभी रक्त दाताओं को प्रोत्साहन स्वरूप प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। 


शिविर में अनेक महिलाओं सहित कई सदस्यों ने सपरिवार भी रक्तदान किया।




सचिव वीर राजेश वर्मा के अनुसार शिविर में दोनों संस्थाओं के सदस्यों के अतिरिक्त रोवर श्रवण कुमार, विक्रम कुमार, रोहित, सुखप्रीत, अरविंद, लालचंद, निहालचंद व सूरतगढ़ ओपन रेंजर की 25 वीं टीम की रेंजर निशा, मनीषा, ममता एवं समाजसेवी इंजीनियर रमेश माथुर, सरदार तारा सिंह, संजय खेमका, विनोद देवी नवलखा का विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग रहा। 


डॉक्टर टी एल अरोड़ा के नेतृत्व में सुनील योगी, बृजेंद्र बिश्नोई, अश्वनी, रमनदीप, गुनगुन, विनोद बांगड़वा, राजाराम, कान्ता ने रक्त संग्रहण किया।०0०

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शुक्रवार, 6 अगस्त 2021

सूरतगढ़ कांग्रेस में भूखंड नीलामी रुकने से तूफान- दो पार्षदों को पार्टी से निकालने की मांग।

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

नगर पालिका नगर सूरतगढ़ की ओर से भूखंडों की तीसरी बार नीलामी रोके जाने से मची हड़कंप के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस पार्टी के पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी के ही दो पार्षदों व एक संगठन पदाधिकारी को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।

इन लोगों ने भूखंडों की नीलामी का विरोध किया।

नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के सानिध्य में आज उन्हीं के कक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित की गई जिसमें एक पत्र प्रसारित किया गया जो कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम से है।

उसमें लिखा गया है कि पार्षद परसराम भाटिया एवं पुष्पेंद्र शर्मा और संगठन मंत्री धर्मदास सिंधी निरंतर पार्टी के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं और नगर पालिका में विकास कार्यों को अवरुद्ध कर रहे हैं। इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। 

यह भी लिखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामप्रताप कासनिया के साथ मिलकर यह विरोध इलैक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया में किया जा रहा है।

परसराम भाटिया भाजपा की कठपुतली बने हुए हैं और उन्हीं के इशारे पर कांग्रेस के इस बोर्ड को धाराशाही कर शहर का विकास रुकवाना चाहते हैं। 

पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीते हुए इन पार्षदों से इस्तीफा भी लिया जाने की मांग इस पत्र में की गई है।

 पत्र की प्रतिलिपि बी.डी.कला को भी दिए जाने का लिखा गया है।

* नगर पालिका चेयरमैन के कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता खुद चेयरमैन ओमप्रकाश कालवा ही पत्रकारों को संबोधित करते रहे और उत्तर देते रहे।

* पत्रकारों ने महत्वपूर्ण प्रश्न किया कि नीलामी नए नियमों के बजाय पुराने नियमों से क्यों की जा रही थी जो आम जनता के हित में नहीं थी। सरकार ने कोरोना में आर्थिक हालात देखते हुए रकम के टुकड़े करके जमा कराने का नियम बनाया ताकि आम आदमी को लाभ मिल सके ।आम आदमी नीलामी में भाग ले सके। इन नियमों के विपरीत पुराने नियमों से नीलामी की जाने वाली थी। आम जनता को मिलने वाला लाभ था उसे जानबूझकर क्यों छुपाया गया। इसका समुचित उत्तर अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा की ओर से नहीं मिला।उन्होंने कहा कि नियम का पालन करना नियम के बारे में जानना अधिशासी अधिकारी का कार्य था।

*एक प्रश्न था कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है तो पार्टी के अंदर ही इसे तय क्यों नहीं किया जा रहा। इसका उत्तर दिया गया कि पूर्व विधायक गंगाजल मील और हनुमान मील के समक्ष यह रखा जा चुका है और उनकी तरफ से भी कार्यवाही की जा रही है। यह बात भी उठी कि मील चाहे तो ये पार्षद तुरंत ही पार्टी से निष्कासित हो सकते हैं, फिर यह पार्षदों की मांग की तो जरूरत ही नहीं है।

* यह बात भी उठी कि 40 करोड़ का निर्माण होना है. उसका भी तो उपयोग होना है। यह कमीशन के बाबत एक संकेत था। इसका उत्तर अध्यक्ष ने दिया कि उनका अच्छा खासा बिजनैस है जिसका लाखों का टर्न ओवर है।

* एक प्रश्न था कि आप पर लग रहे आरोप गलत हैं तो आप उन लोगों पर मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं कर रहे? इसका कोई समुचित उत्तर चेयरमैन की ओर से नहीं मिला।


* एक प्रश्न यह भी था कि जिनकी आशा है चेयरमैन बनने की,क्या यह खेल उनकी ओर से किया जा रहा है।

 तब अध्यक्ष ने कहा कि मेरे साथ अभी खड़े पार्षदों की संख्या ही गिन ली जाए कि वे इसमें कामयाब होते हैं या नहीं होते। चेयरमैन ने यह भी कहा कि परसराम भाटिया की पत्नी भी चेयरमैन रह चुकी है। उनके कार्यकाल में क्या कुछ हुआ सभी जानते हैं। हमें अगर ज्यादा परेशान किया गया तो हम उनके कार्यकाल के बातें भी सामने लाएंगे जो इस समय खोजबीन चल रही है,जिसका रिकॉर्ड तैयार हो रहा है। यह कब तक सामने लाएंगे?इसका कोई उत्तर नहीं दिया गया। यह केवल भभकी लगी।


सूरतगढ़ में कांग्रेस का बोर्ड है जिसने 2 दिसंबर 2019 को पद ग्रहण कर कार्य शुरू किया था। नगर पालिका के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पर भ्रष्टाचार के आरोप निरंतर लग रहे हैं।

पार्षदों की ओर से लिखे गए पत्र पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष क्या कार्यवाही करते हैं यह तो बाद में पता चल पाएगा लेकिन जो नियम है उनके हिसाब से तो जो पार्षद अध्यक्ष का विरोध कर रहे हैं उनसे भी जवाब मांगा जाएगा। उसके बाद ही कोई कार्यवाही होना न होना संभव होगा। 

* नगरपालिका अध्यक्ष पर पालिका के बाहर व अंदर भ्रष्टाचार के जो आरोप लग रहे हैं उन्हें कांग्रेस पार्टी का विरोध माना जाएगा या नहीं माना जाएगा। वे कालवा के विरुद्ध भी माने जा सकते हैं।

यह पार्टी पर निर्भर करता है क्योंकि जो आरोप लगाए गए हैं वह कांग्रेस पार्टी पर नहीं,नगर पालिका चेयरमैन के ऊपर लगाए गए हैं।

** इस कांग्रेस पार्टी पार्षदों की पत्रकार वार्ता में महिला पार्षद एक भी नहीं थी। उनका सही पक्ष क्या होगा? जो पार्षद व महिला पार्षदों के पति उपस्थित थे उनके साथ फोटो भी सबूत के रूप में खिंचवाए गए।




* नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा इन पार्षदों के बीच कुछ जोश में और उत्तेजित प्रसन्न नजर लग रहे थे मगर प्रश्नों के उत्तर में सटीकता नहीं थी। नीलामी में आखिर सरकारी नये नियमों को लागू क्यों नहीं किया गया। इसे वे भ्रष्टाचार नहीं मान रहे।

* ऐसा लग रहा था कि नीलामी रुकने के बाद जो प्रतिष्ठा डावांडोल हुई और भ्रष्टाचार की चर्चा गर्माई उसका खंडन सा हो जाए तथा पत्रकार वार्ता से मीडिया के माध्यम से नीलामी रुकवाने वालों पर दबाव बन जाए। लेकिन मीडिया ने तो उलटा प्रश्नों की झड़ी लगादी। 


* राजनीति में क्या हो जाए इसकी प्रतीक्षा ही की जा सकती है। ओमप्रकाश कालवा की ताकत का पता भी लगेगा।

* परसराम भाटिया, पुष्पेंद्र, धर्मदास सिंधी और पूर्व पालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल ने भूखंड नीलामी रोकने और पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग प्रशासन से की थी। जिस पर नीलामी रोकी गई।
कांग्रेस के सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिख कर ओमप्रकाश कालवा के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। इस पत्र की प्रति जिला प्रभारी मंत्री बी.डी.कल्ला को भी भेजी गई है।*


* आज की पत्रकार वार्ता वार्ता में वितरित पत्र की प्रति जो प्रदेशाध्यक्ष को लिखा गया उस पत्र पर जिन पार्षदों के हस्ताक्षर मोहर है कुछ के मोहर नहीं लगे हुए हैं,उनके नाम यहां दे रहे हैं।










 1- ओमप्रकाश कालवा चेयरमैन में वार्ड नंबर 26,

2- सुरेंद्र टाक,

3-नितिन कुमार वार्ड 10,

4-मदन लाल बेनीवाल वार्ड 35,

5-लिछमा देवी

6-रोहिताश कुमार वार्ड 45,

 7- मुमताज अली वार्ड 46,

8- सुनील सैनी वार्ड 42,

9- भागीरथ वार्ड नंबर 4,

10- प्रकाश कौर वार्ड नंबर 3,

11- जसराम टाक,

12- रोशनी बानो,

13- महेंद्र गोदारा वार्ड 17,

14-कमला बेनीवाल वार्ड 40,

15- सुरेश कुमार वार्ड 12,

16-सुरेश कुमार बिश्नोई वार्ड 8,

17- लखविंदर सिंह वार्ड 18,

18- संदीप कुमार वार्ड 41,

19- मोहम्मद फारुख वार्ड 2,

20-सलीम कुरेशी उपाध्यक्ष,

21- परमेश्वरी देवी गोदारा वार्ड 15,

22- दलीप वार्ड 5,

23- शबनम बानो वार्ड 11,

24- भारत भूषण वार्ड 23,

25- पार्षद वार्ड ( नाम अस्पष्ट)

इसके अलावा मनोनीत पार्षद भारती जैन, रामनिवास वाल्मीकि,विक्रम वाल्मीकि घनश्याम दास आहूजा आदि के हस्ताक्षर किए हुए हैं।

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सोमवार, 2 अगस्त 2021

एसडीएम कपिल कुमार यादव ने सूरतगढ़ में कार्यभार ग्रहण किया.जानकारी।

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 2 अगस्त 2021.

सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट कपिल कुमार यादव ने आज सोमवार 2 अगस्त को यहां कार्यभार ग्रहण किया। यादव हनुमानगढ़ में एसडीएम थे जिनकी बदली यहां हुई है। हनुमानगढ़ से पहले यादव संगरिया में भी एसडीएम पद पर रहे थे।यादव मूलतः सीकर के रहने वाले हैं। सन 1983 में जन्में यादव विज्ञान और लोक प्रशासन में शिक्षित हैं।

वनस्पति विज्ञान, रसायन,जूलोजी में स्नातक और  लोक प्रशासन विषय में स्नातकोत्तर हैं।

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सूरतगढ़ के भोपालपुरा सरपंच सतपाल और सहयोगी को मनरेगा में रिश्वत लेते एसीबी ने पकड़ा

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 2 अगस्त 2021.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो  टीम ने सूरतगढ़ पंचायत समिति के गांव भोपालपुरा  ( चक 1 एल एम ) सरपंच सतपाल और उसके सहयोगी भाई  को 15 हजार रू से अधिक की  रिश्वत लेते पकड़ा। 

यह कार्यवाही दो अगस्त को सुबह करीब 7 बजे की गई।  ब्यूरो की टीम अधिकारी रात को ही पहुंच गए और तैयार होकर इंतजार कर रहे थे। 

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर के डीएसपी वेद लखोटिया,डीएसपी भूपेन्द्र सोनी सीआई विजेन्दर शीला ने की कार्यवाही की।

मनरेगा में हाजिरी लगाने के लिए यह रिश्वत मांगी गई थी।०0०

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रविवार, 1 अगस्त 2021

विधायक राजकुमार गौड़ व जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने प्रचार रथ किया रवाना- घर घर औषधी योजना

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

श्री गंगानगर 1 अगस्त 2021.


घर घर औषधि वितरण योजना के तहत जिले में पौधा वितरण के लिए प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर विधायक श्री राजकुमार गौड़ व जिला कलेक्टर श्री जाकिर हुसैन ने जिला कलेक्ट्रेट से रवाना किया। श्री गौड़ ने कहा कि घर घर औषधि योजना राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रही बहु उपयोगी योजना है तथा पर्यावरण का संरक्षण अति आवश्यक है। जिला कलेक्टर श्री जाकिर हुसैन ने सभी लोगों को औषधीय पौधे लेने व उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने सीएमएचओ गिरधारीलाल मेहरड़ा को केरल से आने वाली ट्रेन की माॅनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन से भंवानी सिंह पंवार, नगर परिषद सभापति श्रीमति करुणा चांडक, सीईओ जिला परिषद अशोक कुमार मीणा, नगर परिषद आयुक्त श्री सचिन यादव सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। 

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वन महोत्सव:घर-घर औषधि योजना- कलक्टर, एसपी, विधायक, उपवन संरक्षक के बोल: सचित्र रिपोर्ट.

 





* करणीदानसिंह राजपूत *


श्रीगंगानगर, 1अगस्त 2021.

गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड ने कहा कि राजस्थान सरकार की घर-घर औषधि योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने निरोगी राजस्थान का जो नारा दिया था, वह नारा घर-घर औषधि योजना से साकार होगा।

श्री गौड़ रविवार को टांटिया यूनिवर्सिटी में राजस्थान सरकार की घर-घर औषधि योजना की शुरूआत से संबंधित जिला स्तरीय कार्यक्रम एवं 72 वां वन महोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक रूप से समृद्धशाली है। हिन्दुस्तान जैसी सम्पदा अन्य देशों में नही है। इस सम्पदा को नष्ट करने व दोहन करने में कमी नही छोड़ी गई । उन्होंने कहा कि प्रकृतिक ने हमे बहुत दिया है, उसे नुकसान न पहुंचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोगकर रखना है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने पीपल, नीम, इत्यादि व औषधिय पौधो की परम्परा को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथों में देश का भविष्य है। हमे पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक ध्यान देना चाहिए।

श्री गौड़ ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जो कहते है, वो पूरा करते है। उन्होंने ढाई वर्ष पूर्व जो घोषणाए की थी, उनमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा घोषणाएं पूरी हो चुकी है। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया कि प्रत्येक नागरिक को पौधे लगाकर बच्चें की तरह परवरिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गिलोय, तुलसी, कालमेघ तथा अश्वगंधा के पौधे हर घर में होने चाहिए। भारत में सदियों से इन औषधिय पौधों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 1.26 करोड परिवारों को आने वाले 5 वर्ष मे 8-8 पौधे हर घर को दिए जाएंगे। 

श्री गौड ने कोविड-19 पर चर्चा करते हुए कहा कि हमने प्रथम व द्धितीय लहर का प्रकोप झेला है, लेकिन जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, चिकित्सक, नर्सिंंग, सामाजिक संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से हम कोरोना से जीत पाए है। उन्होने कहा कि जिले में व्यवस्थाओं, दवाओं व आॅक्सीजन की कमी नही आने दी। सभी राजकीय व निजी चिकित्सालयों ने मन सेवा की है।

जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने कहा कि 72 वां वन महोत्सव एवं घर-घर औषधि योजना की शुरूआत 11.30 बजे माननीय मुख्यमंत्री ने वीसी के मध्यम से की है। उन्होंने कहा कि हर घर को 4 प्रकार के पौधे दिए जाएंगे। घर-घर औषधि योजना की शुरूआत आज जिले में की जा चुकी है। घरो तक पौधे पहुंचाने के लिए जिले में व्यापक योजना तैयार कर ली गई है। राजस्थान सरकार की यह अभिनव योजना है। यह पहला राज्य है जहां औषधिय पौधे घर-घर वितरित किए जा रहे है। जिला कलक्टर ने कहा कि इन पौधो को लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल व संरक्षण किया जाए। उन्होने कहा कि पहला सुख निरोगी काया के लिए औषधिय पौघो की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होने कहा कि स्वयं पौधे लगाए व अन्य को प्रेरित करे।

पुलिस अधीक्षक श्री राजन दुष्यन्त ने कहा कि घर-घर औषधि योजना एक उपयोगी कार्यक्रम है। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में जनरेशन गैप आ रहा है, उसे मिटाना होगा, युवाओं में फास्टफूड व जंकफूड की आदतों को छोडना होगा, क्योकि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कोविड-19 के दौरान इम्युनिटी बढाने पर जोर दिया गया। कोविड के दौरान औषधिय पौधो का काडा घर-घर बनने लगा, जिससे लोगों में इम्यूनिटी बढी। वर्तमान दौर में नागरिक घरों में औषधिय पौधे लगा रहे है। उन्होंने कहा कि हर घर में औषधिय पौधे व अन्य पौधे लगाने चाहिए। 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार मीणा ने कहा कि जिले में 4.25 लाख परिवार चिन्हित किए गए है, जिनमें से 50 प्रतिशत परिवार को इस वर्ष पौधे दिए जाएंगे। 344 ग्राम पंचायतों में इस वर्ष 2.11 लाख औषधि पौधे दिए जाएंगे। जिले में 22 नर्सरियों में पौधे तैयार किए गए है तथा घर-घर पहुंचाने का प्लान बना लिया गया है।

उपवन संरक्षक श्री आशुतोष औझा ने कहा कि पर्यावरण को नष्ट करने के लिए अंधा धुध वनो का दोहन किया गया। पर्यावरण प्रदूषण बढ रहा है। आॅक्सीजन की कमी से कोविड-19 के रोगियों को तडफते देखा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वनो की रक्षा के साथ-साथ पेडो व औषधिय पौधे घर-घर लगाए जाए। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव एक दिन नही 365 दिन मनाया जाए। 










जिला स्तरीय कार्यक्रम में डाॅ0 राजकुमार ने औषधिय पौधो के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर प्रवीण शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा वीसी प्रोफेसर एम.एम. शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम से पूर्व विधायक श्री गौड़, जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन तथा पुलिस अधीक्षक श्री राजन दुष्यन्त ने पौधारोपण किया। वन विभाग द्वारा तैयार किए गए पोस्टर का विमोचन किया तथा अतिथियों व नागरिकों को औषधिय पौधे वितरित किए गए। 

आयोजित कार्यक्रम में नगर परिषद आयुक्त श्री सचिन यादव, उपनिदेशक आयुर्वेद श्री हरिन्द्र दावडा, श्री मोहित टांटिया, स्काउट मोनिका यादव, पेयजल के अधीक्षण अभियन्ता श्री धीरज चावला, बीडीओ श्री जीतेन्द्र खुराना सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। ०0०

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