गुरुवार, 5 जनवरी 2023

कलेक्टर गंगानगर ने सभी स्कूलों में शीत अवकाश बढाया। इन कक्षाओं में बढाया।


श्रीगंगानगर, 5 जनवरी 2023.
अत्यधिक शीत लहर, कोहरा और सर्दी के मददेनजर जिले के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा नर्सरी से लेकर 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिये 6 व 7 जनवरी 2023 को अवकाश रहेगा।

जिला कलक्टर श्री सौरभ स्वामी ने बताया कि अत्यधिक शीत लहर, कोहरा और सर्दी को ध्यान में रखते हुए एवं मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा नर्सरी से लेकर 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिये 6 व 7 जनवरी को अवकाश रहेगा। परन्तु विद्यालयों के समस्त शिक्षक, कार्मिक विभागीय समयानुसार उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे और 7 जनवरी को आयोजित होने वाली पीटीएम शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित होगी।
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राजस्थान के राज्यपक्षी गोडावण बचाव अभियान: SC.1981 हिंदी एक्सप्रेस.

  


* करणीदानसिंह राजपूत *

सुप्रीम कोर्ट के जानकारी मांगने और जेसलमेर क्षेत्र में पर्यटन बढावे व मनोरंजन के लिए हेलीकॉप्टर के उड़ान के समाचारों से राजस्थान के राज्यपक्षी गोडावण यानि सोनचिरैया को बचाव और संरक्षण के संबंध में जीव प्रेमियों और आमजन को सजग होना आवश्यक है। इसके लिए आवाज उठाने का वक्त पुनः आया है।


मेरा एक लेख आज 5 जनवरी 2023 से करीब 42 वर्ष पहले 11 जनवरी 1981 को दी इंडियन एक्सप्रेस के पाक्षिक हिंदी एक्सप्रेस मुम्बई में 'घात में अरब टोली'शीर्षक से छपा था। 


गोडावण के राजस्थान के राज्यपक्षी घोषित होने (1981) से दो तीन वर्ष पहले से इस पक्षी को बचाने के लिए अरब शहजादों के शिकार करने पर रोक लगाने और संरक्षण का बड़ा अभियान राजस्थान पत्रिका ने चलाया था। वह अभियान वन्यजीव प्रेमियों संस्थाओं और लोगों को जगाने में पूर्ण सफल रहा। 

राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण की विलुप्त हो रही गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या बाघ बचाने की परियोजना जैसी कोई परियोजना गोडावण पक्षी को बचाने की भी है क्या? सुप्रीम कोर्ट में इस पक्षी को बचाने के लिए याचिकाएं लगी हुई हैं। यह पक्षी करीब 100 वर्ष पहले से निरंतर मृत्यु की ओर अग्रसर होता रहा है और संख्या कम होती रही है। अब चार पांच वर्षों से यह माना जाता रहा है की सौ दौ सौ के बीच में ही गोडावण बचे हैं। 


राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके जैसलमेर के आसपास और गुजरात में इसकी कुछ संख्या बची है।

अरब के शहजादे इस पक्षी का शिकार करने के लिए 40-50 साल पहले आते रहे थे।  उनके विशाल टेंट लगते थे। वे अपने छह पिस्टन वाली पावरफुल गाड़ियों में बाजों के साथ शिकार किया करते थे। वे शक्तिशाली गाडियां रेतीले टिब्बों पर आसानी से दौड़ती थी।

राजस्थान में जब भैरों सिंह जी शेखावत की सरकार थी। उस समय भी सीमा क्षेत्र में अरब शहजादों के शिविर लग गए थे। वे पेट्रोल नीति के तहत दबाव डालकर अरब देशों में भारतीय राजदूतों पर दबाव डाल कर भारत सरकार से शिकार की अनुमति प्राप्त कर लेते थे।

उनके शिविर जबरदस्त सुरक्षा घेरे में होते। उनके खुद के गार्ड आधुनिक हथियारों से सुसज्जित होते। उनके शिविरों में पुलिस और गुप्तचर एजेंसियां तक प्रवेश नहीं कर पाती थी।

ऐसे हालात में आज से करीब तैयालीस चवालीस वर्ष पहले पत्रकार ओमप्रकाश थानवी ने अपनी युवावस्था में अपनी जान खतरे में डाल कर भेष बदले हुए शिविर में घुसकर  बहुत सी जानकारियां व फोटोग्राफ्स जुटाए जो राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित हुए थे। 

राजस्थान पत्रिका ने इस पक्षी को बचाने के लिए एक बहुत बड़ा अभियान चलाया। यह 1978- 80 की बात है। इस अभियान से बिश्नोई समाज जागृत हुआ। राजस्थान हाई कोर्ट में रिट दायर हुई और भारत सरकार की अनुमति के बावजूद गोडावण शिकार पर रोक लगाई गई।राजस्थान पत्रिका का यह अभियान बहुत बड़ा था जिसने पूरे हिंदुस्तान में हलचल मचा दी थी। राजस्थान पत्रिका में ओमप्रकाश थानवी की रिपोर्ट के अलावा वन्यजीव प्रेमी हर्षवर्धन व अन्य संवाददाताओं के समाचार भी छपे। ओम थानवी की रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण मानी गई थी। मेरे ध्यान में है कि माननीय श्रद्धेय कर्पूर चंद कुलिश जी ने ओमप्रकाश थानवी को राजस्थान पत्रिका से हमेशा के लिए जुड़ने का कहा। उसके बाद वे इतवारी पत्रिका और राजस्थान पत्रिका बीकानेर के स्थानीय संपादक बने। राजस्थान  के हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय जयपुर के वाइस चांसलर भी बने। 

ओम थानवी की रिपोर्ट के बाद में  पत्रिका के इस अभियान को गति मिली। अनेक संस्थाएं अनेक लोग आगे आए।

राजस्थान पत्रिका के 'पत्रिका बढ़ते कदम'

पुस्तक में भी इस अभियान का ओम थानवी का उल्लेख है। यह पुस्तक जनवरी 1996 में प्रकाशित हुई थी। राजस्थान पत्रिका के संपादक रहे लेखक श्री विजय भंडारी ने कुछ पंक्तियों में इस अभियान का वर्णन किया। 

आज उस अभियान से निरंतर होती रही जागृति और प्रेरणा के कारण अनेक संस्थाएं आगे आई और इस विलुप्त हो रहे पक्षी को बचाने के लिए बहुत कुछ कार्य होने लगे। पत्रिका के अभियान के बाद अरब शहजादों को शिकार की अनुमति नहीं मिली।



राजस्थान सरकार ने इस विलुप्त होते पक्षी को बचाने के लिए कदम बढ़ाए और इसे सन् 1981 में राज्य पक्षी घोषित किया। 

वर्तमान में माना जाता है कि गोडावण पक्षी 100 -200 के बीच में ही है। 

 सुप्रीम कोर्ट द्वारा जानकारी लेने के बाद अब हो सकता है कि यह कदम आगे बढ़े और भारत सरकार के निर्देशन में गोडावण के बचाव और संवर्धन के लिए कोई परियोजना बन जाए।०0०

5 जनवरी 2023.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार. उम्र 77 वर्ष.

( 58 वर्ष का पत्रकारिता अनुभव.

35 साल पत्रिका से जड़ाव. पत्रिका के कड़वा मीठा सच्च स्तंभ के राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार तीन बार विजेता।)

* विजयश्री करणी भवन, सूर्यवंशी स्कूल के पास,सूर्योदय नगरी,

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94153 81356.

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बुधवार, 4 जनवरी 2023

अतिक्रमण हटाना अच्छा है और हटाओ:हेतराम मील को सुना:सही पट्टे शीघ्र बनवाएंगे-मील.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

मील परिवार के सजग होने से सूरतगढ़ के भू माफियाओं में व राजनैतिक आकाओं में दहशत फैली हुई है,वहीं नागरिक अतिक्रमण तोड़ने का स्वागत कर रहे हैं।

 वार्ड 4 में आज 4 जनवरी 2023  को हेतराम मील पहुंचे तो लोगों ने एक सभा के रूप में स्वागत किया।  उनको सुना और उनके सामने अपनी समस्याएं रखी। हेतराम मील पंचायत समिति सूरतगढ़ में डायरेक्टर हैं।

 पिछले कुछ दिन पहले एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई थी उसमें बहुत कुछ बातें मील परिवार ने बताई थी। उसमें एक महत्वपूर्ण बिंदु भू माफियाओं का कच्ची बस्तियों में अतिक्रमण का भी आया था। पूर्व विधायक गंगाजल मील ने उसमें चुनौती दी थी कि हमारे परिवार का कहीं कब्जा है तो उसे तोड़ दिया जाए। उसके बाद से निरंतर कब्जे तोड़े जा रहे हैं और उसमें मील परिवार का तो नाम नहीं आया लेकिन अन्य बहुत से लोगों के भू माफियाओं के साथ मिलकर किए कब्जे चर्चाओं में है और निरंतर टूट रहे हैं।

* समाचार फोटोज आगे और है






वार्ड नंबर 4 में भी अतिक्रमण तोड़े गए थे।आज हेतराम मील के समक्ष वार्ड वासियों ने जिसमें महिलाएं भी शामिल थी उन्होंने कहा कि दूसरे वार्ड के लोग आकर के वार्ड नंबर 4 में कब्जे करते रहे।यहां के बाशिंदों को धमका करके वे कब्जे करते रहे। उन लोगों के कब्जे तोड़े गए हैं जो बहुत अच्छी बात है। अतिक्रमण तोड़ने का उन्होंने समर्थन किया।








*वार्ड वासियों से हेतराम ने अपनत्व भरे शब्दों में बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी।

 उन समस्याओं में प्रमुख रूप से पानी की समस्या थी और एक मांग पटों के बारे में थी। लोगों ने कहा कि गरीबों के पट्टे बनवाए जाएं जो लोग वास्तव में रह रहे हैं,उनके पट्टे बनाए जाए। हेतराम मील ने कहा कि जो पट्टे बनाए जाने के योग्य है तुरंत बनवाए जाएंगे। पानी की समस्या के बारे में भी उन्होंने कहा कि शीघ्र ही हल निकाला जाएगा।

लोगों ने हेतराम मील के साथ में सेल्फी ली, फोटो खिंचवाई तौर गदगद हुए।

 हेतराम मीलने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्य घर से धन लगाकर किए।

 * पहले सूरतगढ़ से सीधे गांव में जाते वही के काम करते थे। अब सूरतगढ़ के लोगों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

 विदित रहे कि गंगाजल मील पर मील परिवार पर अनेक आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने नगरपालिका क्षेत्र को अनदेखा कर रखा है जिससे नगर पालिका में लोगों की सुनवाई नहीं होती और भू माफिया सूरतगढ़ में सक्रिय है।

मील परिवार ने अब पूरा ध्यान सूरतगढ़ क्षेत्र पर केंद्रित कर दिया है जिससे भू माफिया और राजनीतिक आकाओं में दहशत फैली हुई है।

* कुछ दिनों से नगरपालिका में कार्य की व्यवस्था बदल गई है।०0०

मुकेश स्वामी,पंकज स्वामी पर सख्त धाराओं 332,353 में मुकदमा.धाराओं में क्या है?

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 4 जनवरी 2023.

नगर पालिका अतिक्रमण निरोधक दस्ते पर हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाने के आरोप में सिटी पुलिस थाने में मुकेश स्वामी,पंकज स्वामी व अन्य  के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं 332 353 और 504 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ है।

 ये दोनों धाराएं 332 353 लोक सेवक के सरकारी कार्य में डर दिखाकर बल प्रयोग करते हुए बाधा डालने और चोट पहुंचाने की हैं,इनमें पुलिस जमानत नहीं ले सकती अदालत ही जमानत ले सकती है।

 

* धारा 332 लोक सेवक को बल प्रयोग करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने में 2 साल तक की कैद और जुर्माने का दंड हो सकता है। 

** धारा 353 में  लोकसेवक को सरकारी कार्य में चोट पहुंचाकर बाधा डालने में  3 साल की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।

*** दोनों धाराओं 332 353 में समझौता नहीं हो सकता। अदालत में ही निर्णय होता है।

*** धारा 504 जानते बूझते अपमानित करते हुए उकसाने का आरोप।

 नगर नगरपालिका के सहायक राजस्व निरीक्षक कालूराम सेन पुत्र ख्यालीराम की ओर से यह मुकदमा 3 जनवरी 2023 की शाम को दर्ज करवाया गया। 

कालूराम सेन की ओर से दर्ज मुकदमे में लिखाया गया है कि अतिक्रमण निरोधक दस्ते के कालूराम सेन प्रभारी  मोहनलाल अठवाल स्वच्छता निरीक्षक मनिंद्र पूर्ण राम जगदीश प्रसाद आदि जमादार व 15- 20 अन्य सफाई कर्मचारी सुबह 7:30 बजे वार्ड नंबर 26 में अतिक्रमण हटाने के लिए गए थे। 

 मुकेश स्वामी ने चार दिवारी दो कमरे बनाए और अन्य निर्माण चालू कर रखा था। कब्जा हटाने व निर्माण रोकने की कार्यवाही शुरू की गई। 

मुकेश व पंकज स्वामी और  दो तीन अन्य लोगों ने विरोध किया। मुकेश स्वामी ने गाली गलौज किया और जानलेवा हमला करते हुए ईंटें मारनी शुरू की। अजय पुत्र कानाराम के साथ जाति सूचक गाली गलौज के साथ ही ईंट मारी जो उसके सिर पर लगी। मेरे ईंट मारी जो हाथ पर लगी। राजकार्य में बाधा डाली गई। जेसीबी मशीन का शीशा तोड़ दिया गया। 

यह अनुसंधान सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार को सौंपा गया है।०0०





मंगलवार, 3 जनवरी 2023

नशा मुक्त भारत अभियान: श्री गंगानगर जिले में आयोजित होंगे शिविर और कार्यशालाएं

 



* करणीदानसिंह राजपूत *
श्रीगंगानगर, 3 जनवरी 2023.
युवा पीढ़ी व समाज में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति को रोकने और आमजन को नशामुक्त जीवन जीने हेतु प्रेरित करने के लिए नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला कलक्टर श्री सौरभ स्वामी व  जिला पुलिस अधीक्षक श्री आनंद शर्मा ने जनवरी 2023 से जून 2023 के बीच आयोजित होने वाले नशामुक्ति शिविर और नशामुक्ति जनजागृति कार्यशालाओं का कार्यक्रम तय किया है।
* ये शिविर प्रत्येक घोषित गांव के बड़े शिक्षण संस्थान, सीनियर हायर सैकेंडरी स्कूल या कॉलेज  में आयोजित किए जायेंगे।
👍 जिला पुलिस अधीक्षक श्री आनंद शर्मा ने बताया कि 7 जनवरी को 14 एस माझीवाला (श्रीकरणपुर), 12 जनवरी को 5 केके (पदमपुर), 20 जनवरी को कालियां (श्रीगंगानगर), 27 जनवरी को रायसिंहनगर, 3 फरवरी को गदरखेडा (सादुलशहर), 10 फरवरी को पुरानी आबादी श्रीगंगानगर, 17 फरवरी को विजयनगर, 24 फरवरी को सेखसरपाल (श्रीकरणपुर), 3 मार्च को रिडमलसर, 10 मार्च को चूनावढ़, 17 मार्च को दौलतपुरा, 24 मार्च को रीको श्रीगंगानगर, 31 मार्च को घुद्दूवाला (पदमपुर), 6 अप्रैल को घड़साना, 13 अप्रैल को मन्नीवाली (सादुलशहर), 20 अप्रैल को केसरीसिंहपुर, 28 अप्रैल को खाटलबाना, 5 मई को चक महाराजका, 12 मई को तीन पुली क्षेत्रा श्रीगंगानगर, 19 मई को नरसिंहपुरा मांझूवास, 26 मई को सागरवाला (चूनावढ़), 24 जून को पालीवाला (सूरतगढ़), 26 जून को पुलिस लाइन श्रीगंगानगर में नशामुक्ति शिविर व नशामुक्ति जनजागृति कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।
इन कार्यशालाओं में स्कूल या कॉलेज के विद्यार्थियों को नशे के दोषों व दुष्परिणामों की वैज्ञानिक जानकारियों से अवगत करवाया जायेगा। प्रत्येक शिविर स्थल पर श्रीगंगानगर से राजकीय नशामुक्ति परामर्श एवम् उपचार केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रविकांत गोयल व उनकी टीम पहुंचेंगी। इन शिविरों में नशा छोड़ने के इच्छुक लोग अपनी शारीरिक जांच करवाकर नशा छोड़ने की प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे। जिला पुलिस अधीक्षक श्री आनंद शर्मा ने संबंधित क्षेत्रों के सीओ व थानाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री पन्नालाल कड़ेला ने भी सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे संबंधित क्षेत्रा के पी. ई.ई. ओ. व प्रधानाचार्य को आदेशित कर संबंधित क्षेत्रा में स्कूल के विद्यार्थियों, अध्यापकों, अभिभावकों को एकत्रित कर आवश्यक व्यवस्थाओं को कर बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्यशालाओं के आयोजन को सुनिश्चित करें।०0०




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पालिका के अतिक्रमण हटाते दस्ते पर हमला दो घायल:दो गिरफ्तार- जमानत पर छूटे.

 




 * करणी दान सिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 जनवरी 2023.

 नगर पालिका अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने आज सुबह वार्ड नंबर 26 में एक अतिक्रमण का सफाया किया। नगर पालिका स्टाफ जब अतिक्रमण हटा रहा था तब उन पर मुकेश स्वामी ने ईंटें फेंक मार कर विरोध किया।







अतिक्रमण हटाने के बाद







कब्जा धारी ने इंटें फेंकने शुरू कर दी जिससे जेसीबी का एक शीशा टूटा। कालूराम सेन के हाथ में चोट आई एक सफाई कर्मी अजय नाम के व्यक्ति के सिर में चोट लगी जिसे हॉस्पिटलाइज किया गया। अधिशासी अधिकारी विजयप्रतापसिंह भी सूचना मिलने पर घायल कर्मचारियों को देखने चिकित्सालय पहुंचे। उनकी उपस्थिति में ईलाज शुरू हुआ।

सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मौके से दो व्यक्तियों मुकेश स्वामी उर्फ फौजी सूरतगढ़ और इंद्रजीत पुत्र दयाला राम मेघवाल निवासी मोकलसर हाल निवासी वार्ड नंबर 26 को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। उन्हें शाम के समय उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष वकील रविकांत शर्मा और वकील चानन मल स्वामी व एक अन्य वकील ने पैरवी की।  

वकीलों ने कहा कि शांति भंग मुकेश आदि ने नहीं की बल्कि नगरपालिका के स्टाफ ने की है।

मुकेश तो अपने घर में सो रहा था। नगरपालिका का स्टाफ सूर्य उगने से पहले 5:30 बजे वहां अतिक्रमण को तोड़ने पहुंच गया जो गलत है।आरोप लगाया गया कि नगरपालिका ने सारा सामान उठाया सोने की चेन ₹10000 आदि भी ले गए इसलिए उन पर भी मुकदमा होना चाहिए।

 शांतिभंग नगरपालिका स्टाफ ने की है।

उपखंड मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारी से भी गिरफ्तारी बाबत पूछा।

उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने दोनों ओर से सुनवाई करने के बाद में आदेश दिया कि दोनों अभियुक्तों की दस दस हजार रू. की  दो दो जमानते और मुचलका दिया जाए।  जमानत दाता की मासिक आय एक लाख रू प्रतिमाह हो।

 रविकांत वकील ने बताया कि दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया है। 

इन्दजीत की तरफ से उपखंड मजिस्ट्रेट के  समक्ष एक एप्लीकेशन नगरपालिका के कालूराम सेन आदि के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने की दी गई थी। जो उपखंड मजिस्ट्रेट ने थानाधिकारी के नाम मार्क कर दी। उक्त एप्लिकेशन थानाधिकारी को प्रस्तुत कर दी गई।०

0०नगरपालिका प्रशासन की ओर से पालिका के अतिक्रमण निरोधक दस्ते पर हमला, नुकसान पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित मामला भी पुलिस में दर्ज करवाने की सूचना है।०0०






रविवार, 1 जनवरी 2023

अम्बेडकर पुस्तकालय का निर्माण शुरू क्यों नहीं करवा रहे ओमप्रकाश कालवा:उठते सवाल.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 जनवरी 2023.

नगर पालिका सूरतगढ़ की ओर से 14 अप्रैल 2022 को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर एक भव्य समारोह में अंबेडकर पुस्तकालय का शिलान्यास किया गया था जो निर्माण के बाद 14 अप्रैल 2023 को शुरू होना था। समारोह में घोषणा के 7 महीने से अधिक बीत गए लेकिन निर्धारित स्थल पर न नींव खुदी न एक ईंट नहीं लगी। बल्कि शहर का गंदा मलबा डाला जा रहा है। आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है? जब यही करना था तो लोगों को सपना क्यों दिखलाया गया? समारोह में पूर्व विधायक गंगाजल मील का भाषण करवाया गया। हजारी राम मील विशिष्ट अतिथि थे। पीसीसी सदस्य हनुमान मील भी मौजूद थे। अम्बेडकर पुस्तकालय का निर्माण शुरू नहीं होना मील की राजनीतिक छवि को प्रभावित करेगा। अम्बेडकर पुस्तकालय की घोषणा के बाद वहां कुछ भी नहीं करवाया जाना मामूली बात नहीं है।



कालवा के मन में क्या है?







अभी तक न पोल हटे न तार हटे।

* ओमप्रकाश कालवा पालिका अध्यक्ष जवाब दें कि 2023 का पहला दिन है और  14 अप्रैल 2023 को केवल साढे 3 महीने शेष है इतने समय में अंबेडकर लाइब्रेरी क्या कोई जादूई तरीके से बन जाएगी और शुरू हो जाएगी? 50 लाख रुपए से निर्माण किए जाने की घोषणा 14 अप्रैल 2022 के समारोह में हुई थी। आश्चर्य यह है कि इस समारोह के बाद में कुछ भी नहीं हुआ। समारोह में शिलान्यास हमेशा निर्माण स्थल पर नींव खोदकर कुछ इंटे लगाकर किया जाता है और बोर्ड लगाया जाता है। लेकिन कालवा जी द्वारा आयोजित समारोह में मंच पर एक बोर्ड पट्टी का रखी है जिस पर शिलान्यास का उल्लेख था उसी पट्टी का के साथ में सभी के फोटोग्राफ्स हुए। मंच पर ही उद्घाटन हुआ। शिलान्यास पट्टिका के पास में एक ईंट भी रखी हुई थी वास्तविक निर्माण स्थल पर एक ईंट भी नहीं लग पाई। मंच पर शिलान्यास कराना और स्थल पर निर्माण शुरू नहीं कराना। सात महीनों से अधिक समय बीत जाना मामूली नहीं। कालवा के मन में क्या है? वे निर्माण शुरू क्यों नहीं करवा रहे? क्या बाधा है? 

* समारोहों में यह विश्वास संकल्प प्रकट किया गया था कि बाबा साहेब की आने वाली जयंती 14 अप्रैल 2023 को यह पुस्तकालय शुरू कर दिया जाएगा और यहां पर बाहर से आने वाले छात्रों को छात्राओं को सभी प्रकार की सुविधाएं प्राप्त हो सकेगी। 

* सवाल बड़ा है कि अब इतने कम समय में यह निर्माण संभव नहीं है। नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को मालुम होना चाहिए कि इससे तो लोग भ्रमित हुए हैं। यहां किसी की भी जेब से पैसा नहीं लगना था। सही समय पर तुरंत निर्माण शुरू करने की बात कही गई थी।समारोह के बाद में 10- 15 दिन के अंदर नींव खुदाई के साथ निर्माण शुरू होना था लेकिन ऐसा किया नहीं गया।आखिर इसका कारण क्या है?  जब शिलान्यास के बाद में निर्माण शुरू नहीं हुआ नींव ही नहीं खुदी तो यह सारा कार्यक्रम झूठा नजर आ रहा है।

 इस कार्यक्रम में जो लोग उपस्थित थे वे ठगे से महसूस करेंगे।उनको भी मालूम नहीं है जिनसे समारोह में कार्यक्रम करवाया गया भाषण दिलवाए गए। 

* इस समारोह ने मुख्य अतिथि जिला प्रमुख कुलदीप इंदौरा विशिष्ट अतिथि डूंगरराम गेदर शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष जो उस समय उपाध्यक्ष के पद पर थे और विशिष्ट अतिथि पंचायत समिति प्रधान हजारी राम मील थे। लोगों को सपना क्यों दिखाया गया?

नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा सवालों के घेरे में है कि यह निर्माण शुरू क्यों नहीं करवाया गया और उनके मन में आखिर क्या है? तीन सालों में उनकी कितनी घोषणाएं कितने वचन झूठ बन गए।०0०



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