शनिवार, 4 जुलाई 2020

श्रीगंगानगर जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने संभाला कार्यभार



श्रीगंगानगर, 4 जुलाई 2020.

श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने शनिवार सायं जिला कलक्टर का पदभार ग्रहण किया। जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा इससे पूर्व वन विभाग के संयुक्त शासन सचिव के पद पर थे। श्री महावीर प्रसाद वर्मा की पहली पोस्टिंग विकास अधिकारी के पद पर अनूपगढ़ में रही। जिला कलक्टर काल के रूप में यह   शुरुआत है।

प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा कि लोक सेवक के रूप में कार्य करूंगा। कार्यः- जिला कलक्टर

जिला कलक्टर ने पदभार ग्रहण करते ही सबसे पहले श्रीगंगानगर के मीडिया प्रतिनिधियों से प्रेसवार्ता की और कहा कि वे इस पद पर जनता के लोक सेवक के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वे कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए कृत-संकल्प हैं।

 उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर अभी अन्य जिलों से बेहतर स्थिति में है और वे उसे बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कोविड-19 की हालात की सबसे पहले समीक्षा की व सीएमएचओ को निर्देशित किया कि वे कोविड-19 पर राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्णतया पालन कराएं।

उन्होंने कहा कि जहां भी कोरोना के नये मरीज आएंगे, वहां कर्फ्यू लगाना, आइसोलेट करना, आसपास के घरों का सर्वे किया जाएगा व ट्रीटमेंट तथा कैंटोनमेंट जोन यथाशीघ्र तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे कोरोना से संबंधित सभी मामलों को स्वयं माॅनिटर करेंगे।

जिला कलक्टर ने कहा कि वे श्रीगंगानगर के ड्रेनेज सिस्टम पर कार्य करेंगे तथा शहर को पानी भरने की समस्या से छुटकारा दिलाने का पूर्ण प्रयत्न करेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी तथा किसानों की समस्या का जल्द हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या यदि तहसील स्तर पर हो तो उसे तहसील स्तर पर ही हल किया जाएगा। जिला कलक्टर के रूप में वे हर समस्या का समाधान 24 घंटे करने के लिए स्वयं उपलब्ध रहेंगे। 

प्रेस वार्ता में एडीएम प्रशासन डाॅ. गुंजन सोनी, एडीएम सर्तकता श्री अरविंद जाखड़ तथा सभी मीडिया जन व सूचना केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।**

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शुक्रवार, 3 जुलाई 2020

👌तुम्हारे मिलन से मैं भीग भीग मस्त हो जाऊंगा।* कविता- करणीदानसिंह राजपूत।


तुम आओ दोनो गले मिलें
पचास डिग्री गरमी भीतर।
तुम्हारे मिलने से मेरा तन
शीतल शीतल हो जाएगा।


तुम्हें भेज रहा रोज संदेश
तुम पढती हो हर संदेश।
रात में जब वो चली जाती
तब कितने बुलावे देता हूं।


दिन में गरमी में आ मिलो
तुमसे मिले बिना चैन नही।
दिन में आओ तो बुरा नही
रात के अंधेरे में मिललो।


तुम समझो मेरी बेचैनी
यह गरमी झुलसा रही है।
तुम आओ और मिल लो
प्रिय क्यों सता रही हो ।


मेरे संग  दूजों से भी  मिलन
कितना अच्छा मौका होगा।
बस,जल्दी से आओ मिलो
मुझे शीतल शीतल कर दो।


आकाश से उतर परी जैसे
लिपटो चिपटो मेरे अंगों से।
मेरे हर अंग को तर करदो
मैं भीग भीग मस्त हो जाऊं।


तुम आओ दोनो गले मिलें
पचास डिग्री गरमी भीतर।
तुम्हारे मिलने से मेरा तन
शीतल शीतल हो जाएगा।


मुझे भरोसा है तुम आओगी
मैं भीगा भीगा गाऊंगा गीत।
तुम्हारे मिलन से मेरा तन ओ
मेरी धरा शीतल शीतल होंगे।


***शब्द विन्यास.
करणीदानसिंह राजपूत,
सूरतगढ़।
94143 81356.
******



गुरुवार, 2 जुलाई 2020

पत्रकारवार्ता में कालवा और मील ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए खूब धोया

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 2 जुलाई 2020.

नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा और पूर्व विधायक गंगाजल मील ने आज पत्रकार वार्ता में भाजपा नेताओं और  विधायक रामप्रताप कासनिया पूर्व पालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा पर आरोपों की झड़ी लगाकर खूब धोया। 

हालांकि आरोपों के बाद एक पत्रकार ने ओमप्रकाश कालवा से स्पष्ट कहा कि भाजपा  नेता कार्यकर्ता भ्रष्टाचार में दोषी हैं तो अभी तक उनके विरुद्ध मुकदमे करवाने में पीछे क्यों रहे हैं।

मील ने कई मामले मौखिक आरोप लगाते हुए बताए और कहा कि मीडिया छापता नहीं है। काजल छाबड़ा के राज में सबसे अधिक पट्टे बांटने और उनमें भ्रष्टाचार होने के आरोप मील द्वारा लगाए गए। काजल छाबड़ा के राज में अतिक्रमण नियमन और स्टेट ग्रांट कमीशन पट्टे जारी करने के आरोप चर्चित रहे थे। काजल छाबड़ा भाजपा का पिछला बोर्ड था।

यह भी कहा कि हमारे पूर्व पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल अब पट्टों में भ्रष्टाचार होने का आरोप कालवा पर लगा रहे हैं जबकि उनके द्वारा गलत पट्टे बनाए गए और खुद बचने के लिए कह रहे हैं कि भ्रमित कर तत्कालीन ईओ ने उनसे पट्टे बनवा लिए। यह सरकार को लिखा। मील ने कहा मीडिया ने उन पर नहीं छापा। एक पत्रकार ने कहा कि अनेक बार यह गबर छपी लेकिन आप मुकदमें नहीं करते। उनमें भाजपा के पट्टे हैं और आप आपस में मिले हुए हो,कार्रवाई नहीं करते। बनवारी लाल द्वारा जारी पट्टों और बाद में बनवारीलाल द्वारा स्वायत्त शासन मंत्री को लिखे पत्र का समाचार ब्लास्ट की। आवाज में दो बार छप चुका है। उसमें भाजपा के क ई नेताओं के नाम पट्टे बनाने का लिखा है। मील को भी उसकी कोपी दी गई थी। पालिकाअध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के पास वह सूची भी थी जो दिखाई।

कोरोना लाक डाउन में पट्टे काटने की चर्चा होने की बात एक पत्रकार ने उठा कर सवाल किया। अध्यक्ष ने कहा कि उनकी जांच एसडीएम कर रहे हैं। उन्हें सभी कागजात दे दिए गए हैं। यदि पट्टे जारी होने में नियम विरुद्ध होंगे तो उन पर कार्रवाई होगी। भू माफिया पर अध्यक्ष कालवा और मील दोनों बोले कि अतिक्रमण तुड़वाए हैं और कुछ पर मुकदमा भी करवाया है। अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।  मील और कालवा के हावभाव से लग रहा था कि आगे मुकदमे कराए जा सकते हैं। अब कोई तनातनी बढी है। ऐसा लग रहा था। मील ने कासनिया की जाखड़ावाली भूमि मुआवजा पर टिप्पणी की जो नये उच्च मार्ग में आई है। एक जाखड़ावाली स्कूल का मामला भी बताया। मील कासनिया और पूर्व पालिकाध्यक्षों बनवारीलाल मेघवाल और काजल छाबड़ा पर आक्रामक रुख में थे। मील और कालवा मंच पर थे जबकि उनके अलावा पत्रकारवार्ता में उपाध्यक्ष सलीम कुरैशी,संगठन के शहर अध्यक्ष विकासदीप गाबा,ब्लॉक महामंत्री धर्मदास सिंधी,महेंद्र गोदारा,सुरेश गवारिया व अन्य पार्षद भी थे।


कालवा ने विकास और निर्माण कार्य करवाने का,सीवरेज के नये चरण,विशाल बाजार,पालिका के नये कार्यालय आदि का विस्तृत ब्यौरा दिया,जिसका समाचार अलग से विभिन्न रूपों में देंगे।



( करणी प्रेस इंडिया समाचार)





बुधवार, 1 जुलाई 2020

💐 प्रिय आओ,मैं झूम झूम नाचूंगा: काव्य शब्द- करणीदानसिंह राजपूत*


अगर तुम आज आई
मैं झूम झूम नाचूंगा।
मैं समझूंगा मेरे संदेश
तुमने स्वीकार किये।


मेरा तप मेरे संदेश
तुम देखती रही हो।
मगर कोई उत्तर नहीं
बस तुम्हारा इंतजार।


यह अनोखी परीक्षा
मैं होता पसीना पसीना।
तुम्हें तो सभी चाहते हैं
सभी मिलने को आतुर।


तुम आओगी आज
मुझे बुलाओगी आज।
प्यार बरसाओगी आज
तन मन नहाएगा आज।


मेरे संदेश प्यार भरे
तुम पढती रही हो।
बस नखरा तुम्हारा
कर रहा हूं सहन।


आज तुम आई तो
मैं झूम झूम नाचूंगा।
मैं समझूंगा मेरे संदेश
दिल से स्वीकार किए।


तुम्हारी दूरी बढाती बेचैनी
क्यों आग में झुलसाती हो।
आज आओ बरस पड़ो
तन मन को भिगो डालो।


प्रिय आज आओ न
मैं झूम झूम नाचूंगा।
मैं समझूंगा मेरे संदेश
तुमने स्वीकार किये।


तुम्हारी ठंडी ठंडी बूूंदें
भिगोएगी अंग प्रत्यंग।
बरसने की चाह तुम्हारी
मिलन ईच्छा पूरी होगी।


तुम आओ न आज
मैं झूम झूम नाचूंगा।
००००००
शब्द विन्यास:-
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार
सूरतगढ़।
94143 81356.
*******






रविवार, 28 जून 2020

बिजली पानी संकट में सुलगता सूरतगढ़- बेकाबू हालात * करणीदानसिंह राजपूत*

सूरतगढ़ कोरोना लॉकडाउन की समस्या से भी अधिक बिजली,पेयजल में सीवरेज की गंदगी से लग रहा है कि हालात बेकाबू से है। 

सूरतगढ़ शहर और इलाका सुपर ताप विद्युत परियोजना के होते हुए भी बार-बार के अघोषित कट और पूरे वोल्टेज नहीं मिलने से गर्मी के दिनों में भयानक परेशानी से जूझ रहा है।


 विद्युत वितरण निगम के अधिकारी लापरवाही और अनदेखी में भारी भरकम वेतन उठा रहे हैं। उनकी लापरवाही से सूरतगढ़ में भारी रोष पैदा होने पर सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के नगर के प्रथम व्यक्ति ओमप्रकाश कालवा नगर पालिका अध्यक्ष को बिजली विभाग पर धरना देते हुए अधिकारियों को बहुत कुछ सुनाना पड़ा। ब्लॉक कांग्रेस पार्टी के  आह्वान पर 1 दिन का सांकेतिक धरना देते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी गई जिसमें गंगाजल मील पूर्व विधायक ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया उपाध्यक्ष सलीम कुरेशी धर्मदास सिंधिया आदि अनेक पदाधिकारियों ने विद्युत वितरण निगम को व्यवहार और कार्य में सुधार कर लेने की बातें गरमा गरम शब्दों से कही।

 बिजली की  कमी से कांग्रेस जनों की बेहद नाराजगी से स्पष्ट है कि अधिकारियों की लापरवाही से ही व्यवस्था बिगड़ी हुई है। शहर के नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पूर्व विधायक गंगाजल मील को धरना प्रदर्शन करना पड़े यह बहुत बड़ा प्रमाण है।

ओमप्रकाश कालवा ने तो कहा है कि ऐसे अधिकारियों को यहां से चले जाना चाहिए।अधिकारी खुद तो नहीं जाएंगे सत्ताधारी पार्टी है इसलिए इनका रिपोर्ट कार्ड उच्चाधिकारियों को पेश हो कि वह लापरवाही करने वाले अधिकारियों को यहां से कहीं स्थानांतरित करें।


 सूरतगढ़ में शुद्ध पेयजल के नाम पर अभी भी मिट्टी मिला हुआ पानी वितरित किया जा रहा है जिससे अनेक प्रकार की बीमारियां और पथरी की शिकायत आम हो गई है।

गंदे पानी से अनेक लोग पीलिया की बीमारी का शिकार भी हो रहे हैं।

 आश्चर्यजनक है कि अशुद्ध जल में कई वार्डों में सीवरेज का मल मूत्र वाला पानी शामिल हो रहा है और यह वितरित हो रहा है। नागरिक चिल्ला रहे हैं लेकिन इसका कोई सही इलाज अभी तक नहीं हो पाया है।

नगर पालिका में सीवरेज की गड़बड़ी को लेकर पहली बैठक प्रशिक्षु जुनैद मोहम्मद आईएएस अधिकारी ने की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि सरकारी धन को अव्यवस्थित तरीके से लगाया जाना तो दुरूपयोग है जो सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने सीवरेज के सारे त्रुटिपूर्ण निर्माणों को ठीक किया जाने का सख्त निर्देश दिया था। उस बैठक के अंदर शहर के नागरिक नगर पालिका अध्यक्ष पार्षद जलदाय विभाग के अभियंता सीवरेज सिस्टम से जुड़े हुए अभियंता व स्टाफ शामिल था। इस महत्वपूर्ण मीटिंग के बाद भी पूरा ध्यान नहीं दिया गया।

इसके बाद सिवरेज और मल मिले पेयजल को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर अशोक कुमार मीणा की अध्यक्षता में एक बैठक उन्हीं के कार्यालय में हुई।जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष नगर पालिका के इंजीनियर जलदाय विभाग के इंजीनियर और सीवरेज सिस्टम के इंजीनियर स्टाफ शामिल हुआ।

अशोक कुमार मीणा ने स्पष्ट कहा था कि सीवरेज निर्माण कंपनी सही निर्माण नहीं कर रही सुधार नहीं कर रही तो इसको नोटिस दिया जाए ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई में डाला जाए। 

एडीएम की अध्यक्षता में इसके बाद एक और बैठक हो चुकी है।  लोग सीवरेज की शिकायतें लगातार कर रहे हैं। 

यह आश्चर्यजनक है कि सीवरेज से मल मूत्र वाला पानी शहर से बाहर संयंत्र में जाना था लेकिन वह पेयजल के साथ यत्र तत्र घरों में पहुंच रहा है। यह शर्मनाक है कि लोगों को मल मूत्र युक्त पानी मजबूर होकर के पीना पड़ रहा है। 

अशुद्ध पानी वितरण में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध न तो कोई कार्रवाई हो रही है और न कोई मुकदमा हो रहा है। 

पेयजल के स्रोत कुआ बावड़ी तालाब नहर में गंदगी डालने फैलाने पर मुकदमा हो जाता है। यहां किसी भी नागरिक की ओर से अभी तक शुद्ध पेयजल सप्लाई में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कोई मुकदमा दर्ज नहीं करवाया गया है। सीवरेज सिस्टम के सही निर्माण में गड़बड़ी और शुद्ध पेयजल में गंदगी मिलाने  का मुकदमा आईपीसी की धाराओं के अंदर भी करवाया जा सकता है,जब तक मुकदमा नहीं होता तब तक यह गड़बड़ी और अधिकारियों की मीटिंग को में लीपापोती आदि चलती रहेगी। सीवरेज सिस्टम ने शहर के अंदर जगह जगह गड्ढे बना दिए उनकी भराई में सही कार्य नहीं होने से वह गड्ढे अभी भी बने हुए हैं। मुख्य सड़कों पर मेन हॉल ऊंचे नीचे लगे हुए हैं जहां हर समय दुर्घटनाएं होती रहती हैं। समाचार भी छपते रहते हैं।फोटो छपते रहते हैं लेकिन कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई। 

सीवरेज सिस्टम की इस गड़बड़ी में एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि नगर पालिका के अधिकारी इंजीनियर का ध्यान नहीं है और मौके पर कोई रहता नहीं है। 

नगर पालिका की ओर से देखरेख के लिए करमचंद अरोड़ा सहायक अभियंता को लगाया हुआ है जो कार्यकारी अधिशासी अभियंता के रूप में यहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर बालोतरा में नियुक्त है। वे इतनी दूरी से क्या निरीक्षण करते हैं?

 यह व्यवस्था आश्चर्यजनक ढंग से इसलिए की गई है कि करमचंद अरोड़ा बालोतरा से सूरतगढ़ अपने घर सीवरेज की सार संभाल में आते रहें। बालोतरा में सीवरेज की इसी कंपनी का कार्य चल रहा है जिसने सूरतगढ़ में निर्माण किया है। यह भी आश्चर्यजनक है कि सीवरेज सिस्टम में गड़बड़ी होने के बावजूद नगर पालिका की ओर से जनवरी 2020 में बहुत बड़ी रकम का भुगतान किया जाने की चर्चा है।

चर्चा है कि यह भुगतान करमचंद अरोड़ा के कारण हुआ। सीवरेज सिस्टम जब बिगड़ा हुआ है लोगों को मल मूत्र युक्त पानी पीना पड़ रहा है तो हरेक भुगतान किस आधार पर हुआ।

 सूरतगढ़ के विधायक रामप्रताप कासनिया ने सीवरेज में गड़बड़ी का आरोप करोड़ों रुपए के गलत भुगतान आदि पर विधानसभा में प्रमाणों सहित वक्तव्य दिया था। 

सीवरेज सिस्टम पर गड़बड़ी के समाचार रिपोर्ट समाचार पत्रों में लगातार आ रही है मगर सुधार की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही।

शहर के लोग सिस्टम से बुरी तरह से पीड़ित है और उनकी मजबूरी है कि पेयजल मल मूत्र युक्त पीना पड़ रहा है। शहर में जहां सिवरेज नहीं है वहां भी पेयजल रेतीला मटमैला वितरित होना आम बात है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कभी मोहल्लों और गलियों में घूमे तो अशुद्ध पेयजल का मालूम हो।

बिजली पानी के कारण शहर में उबाल हो रहा है। 

प्रशासनिक अधिकारियों को भी शहर में भ्रमण करके मालूम करना चाहिए कि यह आग सुलग रही है जो कभी भी भड़क कर आंदोलन का रूप ले सकती है। प्रशासनिक अधिकारी विभागों के लापरवाह अधिकारियों और अव्यवस्था पर अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजें तो शायद कोई सुधार की उम्मीद हो या फिर नाकाम अधिकारियों का यहां से स्थानांतरण हो।०००ब्लास्ट की आवाज/कापी नहीं करें।






शनिवार, 27 जून 2020

👌 तेरी बांसुरी बजेगी मौसम खुशनुमा होगा* कविता- करणीदानसिंह राजपूत.




तेरी बांसुरी बजाने को
मेरा जी करता रहता है
तूं बुलाले या मैं आऊं
यह तुझे ही सोचना है।
तेरी बांसुरी बजाने को
मेरा जी करता रहता है।
मैं आकर बांसुरी बजाऊं
इससे मुझे खुशी तो होगी
तूं मुझे बुलाकर  बजवाए
उससे तुझे भी खुशी होगी।
तेरी बांसुरी बजाने को
मेरा जी करता रहता है।
मेरे बजाने से बांसुरी की
नयी गूंज नयी बहार होगी
समझ में आए तब बुलाना
वह समय मनोरम   होगा।
तेरी बांसुरी बजाने को
मेरा जी करता रहता है।
यह मौसम बदलते रहना
कभी गरमी कभी बरखा
बांसुरी बजेगी तो और
खुशनुमा सुगंधित होगा।
तेरी बांसुरी बजाने को
मेरा जी करता रहता है।
०००००
काव्य शब्द:-


करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़।
94143 81356.
*******





शुक्रवार, 26 जून 2020

👌आपातकाल काला दिवस पर लोकतंत्र सेनानी स्व.गुरूशरण छाबड़ा की प्रतिमा पर माल्यार्पण-


*सूरतगढ़ 26 जून 2020.
लोकतंत्र सेनानी गुरूशरण छाबड़ा की प्रतिमा पर आज 26 जून को लोकतंत्र सेनानी पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत और पत्रकार महेंद्र सिंह जाटव ( संपादक ब्लास्ट की आवाज़) ने माल्यार्पण किया।

गुरुशरण छाबड़ा के नेतृत्व में यहां सूरतगढ़ में आपातकाल लगने के दिन ही 26 जून 1975 को आम सभा हुई थी। आम सभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जबरदस्त विरोध किया गया था।
लोकतंत्र सेनानी गुरुशरण छाबड़ा ने बाद में प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी भी दी और कई महीनों तक जेल में रहे थे। उनके नेतृत्व में चले सरकार विरोधी कार्यक्रम में 12 लोग सीआरपीसी की धाराओं और 12 लोग रासुका में जेलों में बंद किए गए थे। करणीदानसिंह राजपूत स्व.छाबड़ा के अनेक आंदोलनों और संघर्षों के साथी रहे हैं।
गुरूशरण छाबड़ा ने राजस्थान में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर आमरण अनशन करते हुए 3 नवंबर 2016 को जयपुर में प्राण त्यागे। उनके नाम पर सूरतगढ़ के राजकीय महाविद्यालय का नाम गुरूशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय किया गया है। ००


गुरुवार, 25 जून 2020

जयप्रकाश नारायण अमर रहे जयघोष से लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान



* भारतसरकार लोकतंत्र सेनानी सम्मान और सम्मान निधि व स्वतंत्रता सेनानी समान सुविधाएं प्रदान करे- करणीदानसिंह राजपूत*
सूरतगढ़ 25 जून 2020.
भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ द्वारा विधायक श्री रामप्रताप कासनियां के नेतृत्व में आपातकाल दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता आपातकाल लोकतंत्र सेनानी 85 वर्षीय स.गुरनामसिंह कम्बोज ने की। बाबू जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पण के बाद आपातकाल 1975 के लोकतंत्र रक्षक सेनानी श्री गुरनाम सिंह, पत्रकार श्री करणीदान सिंह,श्री मुरलीधर उपाध्याय को विधायक रामप्रताप कासनिया ने मालाएं पहनाकर शाल ओढा कर सम्मानित किया।
कासनिया ने आपातकाल के बारे में बताते हुए कहा कि 25 जून, 1975 की रात को भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के काला अध्याय को पढ़ना चाहिए। देश के लोकतंत्र पर पहरा बैठा दिया गया था।पूरा देश सड़कों पर उतरा और सरकार को जनता की चुनौती मिली।
करणीदानसिंह राजपूत व मुरलीधर उपाध्याय ने आपातकाल में संघर्ष और जेलयात्रा के बारे में संस्मरण सुनाए।
करणीदानसिंह राजपूत ने कहा कि भारतसरकार को लोकतंत्र सेनानी सम्मान,सम्मान निधि और स्वतंत्रता सेनानी समान सुविधाएं दी जाए और इसके लिए संपूर्ण भारत के लिए एक कानून बनाया जाए। सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस तक यह कार्य करने के मांगपत्र और ज्ञापन देशभर से सेनानियों और संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री अमितशाह को भेजे गए हैं तथा यह प्रक्रिया अभी चल रही है।
सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने तो स्वतंत्रता आंदोलन के लोगों को अपना मानते हुए स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने में तुरंत पहल की अब भाजपा ग्रुप सरकार को लोकतंत्र सेनानियों को लोकतंत्र सेनानी सम्मान प्रदान करने में देरी नहीं करनी चाहिए। 

इस अवसर पर नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा,जिला उपाध्यक्ष शरणपालसिंह मान व प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे। मंडल सचिव सुभाष गुप्ता ने आपातकाल पर अनेक विवरण देते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। सभी ने आपातकाल का विरोध करते हुए बांहों पर काले रिबन बांधे।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार यह 25 जून को आपातकाल कार्यक्रम किया गया। राष्ट्रगान और भारतमाता के जयघोष के साथ कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।**


मंगलवार, 16 जून 2020

हिन्दु देवी देवताओं में अपार शक्ति चमत्कार:बाबाओं की पूजा भेड़चाल

👌हिन्दु देवी देवताओं में बाबाओं से ज्यादा शक्ति है ज्यादा चमत्कार है तो फिर किसी भी हिन्दु मंदिर में हिन्दु देवी देवताओं के साथ किसी बाबा की प्रतिमा की ना तो जरूरत है और न उनकी पूजा पाठ की।
विशेष टिप्पणी- करणीदानसिंह राजपूत

अपार अतुलनीय बलशाली हनुमानजी ने बाल्यकाल में फल जान कर सूरज को मुंह में डाल लिया था। युद्ध में लक्ष्मण के मूच्र्छित होन पर उनकी मूच्र्छा दूर करने को संजीवनी बूटी के लिए पर्वत ही उखाड़ लाए। ऐसे बलशाली हनुमान के मंदिरों में किसी बाबा की प्रतिमा लगाना और पूजना कि उसकी पूजा अर्चना से बड़े बड़े लाभ मिलते हैं, या लाभ हो सकते हैं। जब आपके पास में शक्तिशाली हनुमान हैं तब उनसे किसी भी प्रकार से शक्ति में रती भर भी मुकाबला नहीं कर सकने वाले बाबाओं की पूजा आराधना की जरूरत कहां है? मेरे विचार में तो किसी भी बाबा में हनुमान जी जितनी शक्ति तो नहीं बताई गई और न किसी बाबा के चमत्कार में प्रगट हुई। जब ऐसी स्थिति है तब हनुमान मंदिर में किसी बाबा की प्रतिमा लगाना और पूजा करना और करवाना केवल भेड़चाल है। सुने सुनाए चमत्कार के पीछे भाग दौड़ करना और कुछ लोगों के कहने सुनने मात्र से किसी बाबा के पीछे लग जाना। यही तो भेड़चाल है।
जब अपार शक्तिशाली और अपार चमत्कारी आपके पास में है तो फिर मामूली शक्ति वाले के पीछे दौडऩे की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए।
एक हनुमान तो उदाहरण मात्र है।
हिन्दु देवी देवताओं में बाबाओं से ज्यादा शक्ति है ज्यादा चमत्कार है तो फिर किसी भी हिन्दु मंदिर में हिन्दु देवी देवताओं के साथ बाबाओं की प्रतिमाओं की ना तो जरूरत है और न उनकी पूजा पाठ की। वैसे भी किसी अन्य धर्म मुस्लिम ईसाई व अन्य को मानने वाले बाबाओं की प्रतिमाओं को तो हिन्दु मंदिरों में लगाया ही नहीं जाना चाहिए। पूजा आराधना पद्धतियां अलग अलग होती है तो उनसे अवरोध तो पैदा होता ही है।
कोई किसी बाबा की पूजा पाठ आराधना करता है तो अलग से कहीं भी प्रतिमा लगा सकता है,लेकिन वह हिन्दु मंदिरों में लगाने को तत्पर क्यों रहता है?
बाबा का पूजा स्थल अलग हो और प्रतिमा अलग स्थान पर लगाई हो तो ना किसी का आपसी विवाद ना आलोचना ना कोई झगड़ा फसाद।
अगर पहले कहीं हिन्दु मंदिरों में किसी बाबा की प्रतिमा लगा दी गई है तो भी बाबा के अनुयायी भक्त दूसरे स्थान पर लगा कर विवाद की उत्पति को ही रोक सकते हैं।
पुन एक बार कहना चाहता हूं कि अपार शक्तिशाली हिन्दु देवी देवताओं को मानने वाले को किसी बाबा के फेरे में पडऩे की आवश्यकता ही नहीं है।
जहां तक बाबाओं की प्रतिमाओं की बात है और किसी भी बाबा की प्रतिमा किसी भी मंदिर में पूर्व में किसी उत्सुकता में भुलावे में लगादी हुई हो तो हटनी ही चाहिए।
इसके अलावा देव प्रतिमाओं के पास में व उनके चरणों के पास में कथा वाचकों साधु संतों की मंढी हुई तस्वीरें और कैलेंडर आदि लगा दिए जाते हैं। किसी प्रभावशाली दानदाता ने भेंट कर दी और पुजारी ने लगादी। इनसे भी ध्यान बंटता है। ऐसी हर तस्वीर को भी हटा दिया जाना चाहिए।
नोट- किसी बाबा विशेष से जोड़ कर देखने की जरूरत नहीं कोई भी बाबा हो उसकी प्रतिमा मंदिर में लगनी ही नहीं चाहिए।

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15 जुलाई 2014
अपडेट 16 जून 2020.

शुक्रवार, 12 जून 2020

भाजपा नेता पूर्व विधायक राजेंद्र भादू व दो भाईयों के सीज शापिंग काम्पलेक्स की पुनः नापजोख .रिपोर्ट डीडीआर को पेश होगी.


* करणीदान सिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 12 जून 2020.
भाजपा नेता पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू और उनके दो भाइयों देवेंद्र व रविंद्र का शहर के मुख्य बाजार में निर्माणाधीन विशाल कटला (शॉपिंग कांप्लेक्स) का आज पुनः नापजोख किया गया। नगर परिषद श्रीगंगानगर के नगर नियोजक सहायक फरसा राम बिश्नोई ने नापजोख किया। नगर पालिका के एईएन सुमित माथुर और भूमि शाखा के लिपिक रामप्रकाश भी नाप जोख कराने में शामिल थे।

नगरपालिका ने यह कटला छ माह पहले 13 दिसंबर 2019 को सीज किया था जिसमें 6 माह तक की अवधि नोटिसों पर लिखी थी।
सील करते वक्त तीनों भाईयों के नाम से अलग अलग नोटिस कटले पर चिपकाए गए थे।
नगरपालिका ने यह प्रकरण। स्वायत्त शासन के बीकानेर स्थित उपनिदेशक को पेश कर दिया।
उपनिदेशक के समक्ष राजेंद्रसिंह भादू व दोनों भाईयों की ओर से अपना पक्ष पेश किया गया जिसमें पालिका सूरतगढ़ के बजाय किसी अन्य एजेंसी से नाप आदि करवाने की मांग की गई थी।
उपनिदेशक ने कुछ दिन पहले नगरपालिका को अन्य से नापजोख कराने का निर्देश दिया। इस निर्देश पर पहले यूआईटी श्रीगंगानगर को लिखा गया।वहां से इन्कार के बाद यह कार्य नगर परिषद श्रीगंगानगर से करवाया गया है। यह रिपोर्ट उपनिदेशक को सौंपी जाएगी। इसके बाद उपनिदेशक निर्णय करेंगे।
नगरपालिका के तत्कालीन ईओ लालचंद सांखला ने निर्माण स्वीकृति के अनुसार निर्माण नहीं करने का आरोप लगाते हुए कटले को सीज किया था। शिकायतें थी कि तीनों भाईयों की तीन अलग अलग निर्माण स्वीकृति थी और अलग अलग तीन निर्माण करने के बजाय एकल विशाल निर्माण कर लिया गया। कटला लगभग पूर्णता के अंतिम चरण में था तब सीलमोहर लगा कर सीज कर दिया गया था। विशाल कटले के कुल तीन तल हैं। दो तल ऊपर और एक भूतल के नीचे है।



%% पाठकों की जानकारी ताजा करने के लिए सीज के समय का समाचार यहां दिया जा रहा है।%%

सूरतगढ़ 13 दिसंबर 2019.
नगर पालिका सूरतगढ़ की ओर से आज दोपहर बाद पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू और उनके दो भाइयों देवेंद्र और रविंद्र द्वारा बनाया जा रहा कटला सील मोहर के साथ 6 माह के लिए सीज कर दिया गया।
अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला के नेतृत्व में नगरपालिका अधिकारियों व कर्मचारियों का बड़ा दल आज कार्यवाही के लिए पहुंचा।
 अधिशासी अधिकारी एवं प्राधिकृत अधिकारी लालचंद सांखला के निर्देशन में एक लंबी रस्सी ताले लगाए जाने वाले स्थानों को लपेटते हुई सभी सटरों के साथ बांधी गई और बाद में चपड़ी मोहर करके और जब्ती की कार्यवाही की गई।
 नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की ओर से तीनों भाइयों के नाम से निर्माणाधीन कटले पर नोटिस चिपकाए गए हैं। उनमें लिखा गया है कि मानचित्र के अनुसार निर्माण नहीं हुआ। 
यह जानते हुए सीज की यह कार्यवाही नगरपालिका की ओर से की गई है। नगरपालिका की कार्रवाई के समय कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के लिए समाचार पत्रों से चैनल से जुड़े हुए पत्रकार और कैमरामैन मौके पर पहुंच गए। लालचंद सांखला के बयान भी लिए गए जिसमें उन्होंने कहा कि सभी कार्यवाही नियमानुसार की गई है।  पूर्व में नोटिस दिये गये और अवैध निर्माण रोका नहीं गया तब नगरपालिका ने नियमानुसार कार्रवाई की है।
 कार्रवाई के समय उत्सुकता से भारी भीड़ इकट्ठे हो गई थी जो काफी देर तक वहां जमी भी रही।
भादू सूरतगढ़ की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं इसलिए पालिका की इस कार्यवाही  पर जनता की ओर से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा था,और कहां जा रहा था कि समय समय की बात है  जो पालिका ने इतने बड़े नेता पर हाथ डाला है। राजेंद्र सिंह भादू 2013 से 18 तक सूरतगढ़ से भाजपा टिकट पर जीते विधायक रहे हैं। भादू राज में नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड रहा व काजल छाबड़ा अध्यक्ष रहीं।अब कांग्रेस का बोर्ड है तथा 2 दिसंबर को ही ओमप्रकाश कालवा ने अध्यक्ष पद पर कार्य शुरू किया है।
समझा जा रहा है कि राजेंद्र सिंह भादू व भाइयों की ओर से नगरपालिका की कार्यवाही के बाद अब अदालत का सहारा लिया जाएगा।**



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