मंगलवार, 14 अप्रैल 2020
सोमवार, 13 अप्रैल 2020
बैंक में अपना बैलेंस जानें-अपने मोबाइल से जानें-मिस काल करके.
*बैंक खाताधारक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से अपने बैलेंस की जानकारी कर सकते हैं.बैंक के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं हैं।*
बैंक का नाम बैलेंस जानने के लिए जारी किए नंबर..........
बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक 8880094411
केनरा बैंक 09015483483, 09015734734
भारतीय स्टेट बैंक 09223766666, 1800112211
पंजाब नेशनल बैंक 18001802222, 18001802223
बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र 9222281818
एक्सिस बैक 1860004195555
पंजाब एंड सिंध बैंक 7039035156
यूको बैंक 9278792787
बैंक ऑफ़ इंडिया 9015135135
आईसीआईसीआई 18601207777
इंडियन बैंक 9289592895
ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स 180018001235, 18001021235
एचडीएफसी 18002703333, 18002703355
कारपोरेशन बैंक 9268892688
आईडीबीआई 18008431122
यस बैंक 9223920000
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 922308586
यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया 09015431345
बैंक आफ बड़ौदा 8468001111
इलाहाबाद बैंक 9224150150
ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त्त 05222398874
रविवार, 12 अप्रैल 2020
कोरोना वायरस कानून को सूरतगढ़ में कड़ाई से पालन कराना जरूरी
* करणीदानसिंह राजपूत *
कोरोना वायरस के संक्रमण और बचाव के तहत लोक डाउन में सतर्कता और तुरंत कार्यवाही के लिए सूरतगढ़ में चार बड़े अधिकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर अशोक कुमार मीणा उपखंड अधिकारी एसडीएम मनोज कुमार मीणा पुलिस विभाग में पुलिस उपाधीक्षक विद्याप्रकाश और सीआई सूरतगढ़ थाना अधिकारी रामकुमार लेघा की बहुत बड़े जिम्मेवारी है।
सूरतगढ़ शहर मैं करीब एक लाख लोग लोग निवास करते हैं। उनसे लॉक डाउन में पालना करवाना बहुत बड़ा कार्य है। शहर में लॉक डाउन तोड़ने वालों पर कार्यवाही और लॉक डाउन में सरकारी कानूनों का पालन किस तरह से हो रहा है और किस तरह से इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए इसके लिए इन चारों अधिकारियों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। लोक डाउन में प्रतिदिन अपने कार्यों की समीक्षा करना अनिवार्य है। जो सूचनाएं प्राप्त होती हैं उन पर तत्काल ही कार्यवाही करने की जिम्मेदारी है।
कोरोना वायरस से पूरा संसार पीड़ित है तथा इसे सोशल डिस्टेंस से ही जीता जा सकता है। इसी पर कानून है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने और श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर ने कानूनों का पालन करने के लिए अनेक बार कहा है।
सूरतगढ़ में इन कानूनों का पालन किस स्तर पर हो रहा है और किस स्तर पर होना चाहिए?इसकी समीक्षा करना इन चारों अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
सूरतगढ़ में धारा 144 लगी हुई है ताकि लोग घरों में रहें।सोशल डिस्टेंस बनी रहे लेकिन जब कोई कानून लागू होता है तब अनेक लोग अपने को प्रभावशाली पैसे वाले समझते हुए कानून तोड़ने में भी कोई कसर बाकी नहीं रखते। इस प्रकार की शिकायत मिले या ना मिले इन चारों अधिकारियों का दायित्व है कि अपने स्टाफ के साथ में मालूम करते रहें कि कोई कानून तोड़ा तो नहीं जा रहा है।
कानून जब तोड़ दिया जाता है तब अनेक लोग तोड़ने वाले के पक्ष में बचाव में भी खड़े हो जाते हैं। नेता और राजनीतिक दल इस अहम और वहम में होते हैं कि हम नहीं बोलेंगे तो अधिकारी कैसे कोई कार्यवाही करेंगे। मीडिया को भी यह अहम और वहम होता है कि हम समाचार नहीं छापेेंगे चैनल पर नहीं चलाएंगे तब अपराधी के विरुद्ध कोई भी प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस कार्रवाई कैसे करेगी। ऐसा सोच है जो अधिकारियों की जिम्मेदारी को और अधिक बढाता है। अनेक बार अधिकारी भी अपनी और अपने क्षेत्र की साफ सुथरी छवि ऊपर सरकार तक पहुंचाने के लिए कार्यवाही नहीं करते,ढीली और पेंडिंग रख देते हैं। ऐसी स्थिति में अनेक बार स्वयं भी शिकंजे में आ जाते हैं। कोरोना मामले में गफलत और अपराधियों के लिए कुछ गलत कदम उठाने पर महाराष्ट्र के गृह सचिव को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है। अधिकारियों को कोरोना मामले में लगाई गई धारा 144 और सामान्य शांति के लिए धारा 144 लगाने का बड़ा अंतर समझना चाहिए।
हमारे पास के जिले हनुमान गढ में कोराना वायरस के दो मामले सामने आने के बाद यहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ जाती है।
यहां पर अधिक सतर्कता बरती जाए और कहीं भी कानून तोड़ने की सूचना मिले तो अविलंब सख्त कार्वाई भी की जाए। होना तो यह चाहिए की सख्ती की जरूरत ही नहीं पड़े,मगर लोग मानते नहीं। 00
(राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत पत्रकार)
शनिवार, 11 अप्रैल 2020
एसडीएम सूरतगढ़ से मुकदमा चलाने की मांग-पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश पर लोकडाउन तोड़ने की शिकायत
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 11 अप्रैल 2020.
पूर्व पालिका अध्यक्ष कांग्रेस नेता बनवारी लाल मेघवाल ने वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पर लोकडाउन तोड़ने का आरोप लगाते हुए एसडीएम से मुकदमा चलाने की मांग की है।
यह शिकायत आज की गई है। एसडीएम को मोबाइल पर वाट्सएप के जरिए यह शिकायत पत्र भिजवाया गया है। लोकडाउन में बाहर निकलने पर रोक होने के कारण यह वाट्सएप किया गया है जिसमें जांच जल्दी की मांग की गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण और बचाव के लिए सीएम अशोक गहलोत, जिला कलेक्टर के आदेशों को नहीं मानते हुए पालिका में 31 मार्च 2020को समारोह हुआ जिसकी अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने की थी।
पालिका के ईओ लालचंद सांखला की सेवानिवृत्ति पर पालिका में समारोह हुआ था। समारोह में 150-200 लोगों ने भाग लिया।
समारोह में एक दो जनों को छोड़ सभी के खुले मुंह थे तथा सोशल डिस्टेंस भी नहीं थी।
असल में आयोजनों पर धारा 144 में में रोक थी लेकिन पालिका में भीड़ हुई।
सरकार के नियमों को अध्यक्ष ने तोड़ा जिनकी जिम्मेदारी सरकार के आदेशों के पालन करने की थी।
पूर्व पालिका अध्यक्ष कांग्रेस नेता बनवारी लाल मेघवाल ने एसडीएम को भेजे पत्र में यह मांग भी की है कि आपदा काल और अन्य कानूनों में मुकदमा भी दर्ज करवाया जाए। मीडिया को भी सूचना दी गई है।00
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020
लाकडाउन में कानून तोड़ सूरतगढ़ पालिका में समारोह करने वाले कैसे बचेंगे-आईपीसी की धारा 188
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 10अप्रैल 2020.
कोरोना वायरस संक्रमण और बचाव के लिए सीएम अशोक गहलोत, जिला कलेक्टर के आदेशों को नहीं मानते हुए पालिका में समारोह आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा
ने की।
पालिका के ईओ लालचंद सांखला की सेवानिवृत्ति पर पालिका में 31 मार्च 2020 को समारोह हुआ जिसमें 150-200 लोगों ने भाग लिया। एक दो को छोड़ सभी खुले मुंह थे तथा सोशल डिस्टेंस भी नहीं थी। असल में आयोजनों पर रोक थी। धारा 144 में भीड़ हुई। सरकार के नियमों को पालिका अध्यक्ष ने तोड़ा जिनकी जिम्मेदारी सरकार के आदेशों के पालन करने की है। सारे राजस्थान में यह एकमात्र मामला है जिसमें किसी पालिका अध्यक्ष ने कानून तोड़ा है।
स्थानीय प्रशासन को आयोजन के अगले ही दिन एडीएम को एक शिकायत हो गई थी।एडीएम ने जांच एसडीएम को सौंप दी जो इतने दिन बीतने पर भी अभी तक चल रही है।
पूर्व पालिका अध्यक्ष कांग्रेस नेता बनवारी लाल मेघवाल ने 8 अप्रैल 2020 को मुख्यमंत्री को मेल किए पत्र में यह मांग भी की है कि आपदा काल और अन्य कानूनों में मुकदमा भी दर्ज करवाया जाए।
पत्र की प्रति कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
कानून तोड़ने वालों पर आईपीसी की धारा 188 भी लागू हो सकती है। राजस्थान पत्रिका में 10 अप्रैल 2020 को इस धारा के बारे में समाचार है।
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बुधवार, 8 अप्रैल 2020
सूरतगढ़ पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को सस्पेंड करने,आपदा काल कानून में मुकदमा चलाने की मांग
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 8 अप्रैल 2020.
कोरोना वायरस संक्रमण और बचाव के लिए सीएम अशोक गहलोत, जिला कलेक्टर के आदेशों को नहीं मानते हुए पालिका में समारोह की अध्यक्षता आयोजन पर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को सस्पेंड करने की मांग सीएम से की गई है।
पालिका के ईओ लालचंद सांखला की सेवानिवृत्ति पर पालिका में समारोह हुआ और उसकी अध्यक्षता ओमप्रकाश कालवा ने की। समारोह में 150-200 लोगों ने भाग लिया। एक दो को छोड़ सभी खुले मुंह थे तथा सोशल डिस्टेंस भी नहीं थी। असल में आयोजनों पर रोक थी। धारा 144 में भीड़ हुई। सरकार के नियमों को अध्यक्ष ने तोड़ा जिनकी जिम्मेदारी सरकार के आदेशों के पालन करने की है।
पूर्व पालिका अध्यक्ष कांग्रेस नेता बनवारी लाल मेघवाल ने सीएम को मेल किए पत्र में यह मांग भी की है कि आपदा काल और अन्य कानूनों में मुकदमा भी दर्ज करवाया जाए।
पत्र काफी बड़ा है। यह भी लिखा है की मीडिया में समाचार नहीं आए के लिए भी अध्यक्ष ने आयोजन में कहा।
कुछ फोटो भी भिजवाए हैं।
पत्र की प्रति कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
सारे राजस्थान में यह एकमात्र मामला है जिसमें किसी पालिका अध्यक्ष ने कानून तोड़ा है।
स्थानीय प्रशासन को आयोजन के अगले ही दिन एक शिकायत हो गई थी।इतने दिन बीतने पर भी अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
सोशल मीडिया में यह समाचार आ गया। हालांकि बड़े अखबारों में अध्यक्ष की रोक काम कर गई।
आयोजन में भाग लेने वाले पार्षदों, ठेकेदारों आदि ने भी अब चुप्पी धारण कर ली है। अब यह मामला दबाना आसान नहीं रहा है। 00
मंगलवार, 7 अप्रैल 2020
लोकडाउन में नगरपालिका सूरतगढ़ में कानून तोड़कर समारोह.पालिका अध्यक्ष की अध्यक्षता.मीडिया ने छिपाया
* करणीदानसिंह राजपूत *
कोरोना वायरस से बचाव में लागू लोकडाउन में नगरपालिका में समारोह किया गया। नगरपालिका के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने उस समारोह की अध्यक्षता भी की। अध्यक्ष और अनेक खुले मुंह तथा सोशल डिस्टेंस भी नहीं थी।
इसमें पार्षदों, ठेकेदारों, आदि सहित करीब 150 लोगों ने इसमे भाग लिया। ये लोग कैसे आमंत्रित किए गए जो अधिकांश मालाएं लेकर पहुंचे। ये मालाएँ सेवा निवृत्त हो रहे ईओ लालचंद सांखला को और चार्ज लेने वाले ईओ को पहनाई गई।
अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने भी लालचंद सांखला और ईओ कार्यभार ग्रहण करने वाले अभियंता को मालाएँ पहनाई। मालाएं पहनाते और समारोह में सोशल डिस्टेंस का कोई ध्यान ही नहीं था।
लोकडाउन के सभी कानूनों और निर्देशों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते के आदेशों निर्देशों और कानूनों को तोड़ते हुए सरकारी ड्यूटी तक की परवाह नहीं की गई।
सरकारी कानून तोड़ने में अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को भी कोई हिचक नहीं हुई। यह मालूम था कि कानून तोड़ रहे हैं इसलिए यह समारोह की खबर अखबारों और सोशल मीडिया पर नहीं आए। अध्यक्ष ने मौजूद फोटोग्राफर, पत्रकार, व अन्य से कहा कि फोटो किसी को भी नहीं दिए जाएं। पालिका के फोटोग्राफी ठेकेदार ने भी फोटोशूट किए और विडियो बनाया।
कोरोना वायरस संक्रमण एवं बचाव में नगरपालिका खुद भीड़ इकट्ठी नहीं करने का व सोशल डिस्टेंस का प्रचार करने में लगी हुई है। जिला कलेक्टर ने जिले में धारा 144 भी लगा रखी है। धार्मिक उत्सव बंद हैं। किसी का निधन हो जाए तो परिवार के ही 15-20 आदमियों से अधिक नहीं होते।
राजस्थान में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बढने से मुख्य मंत्री चिंतित लेकिन पालिका अध्यक्ष को उस समारोह में भाग लेने वालों कानून तोड़ने पर कोई चिंता नहीं। समारोह करना और छुपाने के प्रयास करना अति गंभीर कांड है। वहीं सब कुछ अच्छे जानकार बुद्धिजीवी होते हुए उन्होंने सरकारी नियम को तोड़ा।
सूरतगढ़ की जनता से खिलवाड़ करने वालोँ की न्यूज को बड़े अखबारों ने,सभी पत्रकारों ने रोका। सोशल मीडिया पर भी नहीं आई। कितना घालमेल रहा है। सभी को मालूम लेकिन किसी भी पत्रकार ने अपने स्तर पर समाचार फोटोज के लिए कोशिश नहीं की,जनता के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं।अध्यक्ष का कहना माना।
इस गंभीर कांड पर कोई नहीं बोला यह कौनसा मेल है। विधायक, पूर्व विधायक, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी चुप। यह रहस्य भी कभी जांच में जरूर खुलेगा।
पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा लोक डाउन लागू होने के बाद किन किन कामों को करते रहे और किन कागजातों पर हस्ताक्षर किए जिस कारण से समारोह आयोजन नियम तोड़ कर किया।
ईओ लालचंद सांखला की सेवानिवृति पर लोकडाउन में केवल 4 की उपस्थिति ही होनी चाहिए थी। पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा, लालचंद सांखला, ईओ का कार्यभार लेने वाले सुमित माथुर और संबंधित शाखा का लिपिक। समारोह तो होना ही नहीं था।
सरकारी कानून मानने मनाने की जिनकी ड्यूटी है वही कानून तोड़े तो उनको कोई छूट नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन और पुलिस जो सजग थी तब उसे भी धता बता दिया गया। पालिका परिसर में धारा 144 के होते कैसे एकत्रित हुए। मामला गंभीर है। देखते हैं कितने नेता, सामाजिक लोग,पत्रकार अब जागरूकता दिखाते हैं। राजस्थान सरकार अध्यक्ष के विरुद्ध क्या कार्यवाही करती है? लोकडाउन में न शोसल डिस्टेंस न मास्क। चित्रों में अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को देखें।0
* करणीदानसिंह राजपूत,
राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत पत्रकार।
सोमवार, 6 अप्रैल 2020
लाॅकडाउन के दौरान घर पर रहें- आदेशों के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान-जानेंं कानूनी धाराएं
* आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत लाॅकडाउन को लागू किया गया है*
श्रीगंगानगर, 6 अप्रैल 2020.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने केंद्र और राज्य, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को भारत में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कारगर कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि एनडीएमए के तहत दिशा-निर्देश जारी कर सख्ती से इसका पालन करने को कहा है। गाइड लाइंस में लाॅकडाउन के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान किया गया है। आपदा प्रबंधन कानून के तहत कोरोना वायरस के बारे में फेक न्यूज फैलाने पर भी सजा का प्रावधान है। आपदा प्रबंधन कानून के तहत अपराध और सजा आपदा प्रबंधन कानून की धारा 51-60 में अपराध और सजा की पूरी व्याख्या मौजूद है, जो कि लाॅकडाउन के उल्लंघन पर भी लागू होगा.।
काम में बाधा डालना (धारा 51)
कोई किसी सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी में अवरोध पैदा करते हैं, या केंद्र, राज्य सरकारें या एनडीएमए के दिशा-निर्देशों को मानने से इनकार करते हैं, यानी ना तो आप कोई जरूरी सामान खरीदने निकले ना ही किसी को ऐसी कोई वस्तु मुहैया कराने निकले. यहां तक कि किसी तरह का पूजा पाठ या कोई कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी घर से बाहर निकलना इस कानून के तहत अपराध माना जाएगा। सजा के तहत एक साल तक जेल व जुर्माना. अगर आपकी हरकत की वजह से किसी की जान चली जाती है, तो दो साल तक जेल व जुर्माना होगा।
झूठा डर फैलाना (धारा 54)
अगर कोई आपदा को लेकर मनगढ़ंत डर फैलाते हैं या लोगों को आपदा की तीव्रता को लेकर झूठी चेतावनी देते हैं और इससे भय का वातावरण पैदा होता है. सजा के तहत एक साल तक जेल या जुर्माना होगा।
मुआवजे का झूठा दावा (धारा 52)
अगर कोई (सोशल मीडिया, लोगों के बीच या लिखित तौर पर) जानबूझकर ऐसा झूठा दावा करते हैं जिससे आपको केंद्र, राज्य सरकारों या एनडीएमए से किसी तरह की राहत, मदद, मरम्मत या दूसरा कोई फायदा मिले। सजा के तहत दो साल तक की जेल व जुर्माना होगा।
पैसे व सामग्री का दुरुपयोग (धारा 53)
अगर कोई राहत के प्रयासों के लिए दिए गए पैसे या सामग्री का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं या इसकी कालाबाजारी करते हैं तो दो साल तक की जेल व जुर्माना होगा
ड्यूटीं नही करने वाले अधिकारियों के लिए (धारा 56)
अगर कोई सरकारी अधिकारी लाॅकडाउन से संबंधित किसी निर्देश का पालन करने से मना करता है या बिना इजाजत के अपनी जिम्मेदारी वापस लेता है तो एक साल तक की जेल या जुर्माना होगा।
अधिग्रहण से जुड़े आदेश की अवहेलना (धारा 57)
आपदा प्रबंधन कानून के तहत एनडीएमए को अधिकार है कि वो आपदा के हालात से निपटने के लिए किसी तरह के संसाधन, गाड़ी या मकान की मांग करे. अगर आप अधिग्रहण के ऐसे किसी आदेश की अवहेलना करते हैं, तो इसे अपराध माना जाएगा एक साल तक जेल व जुर्माना भरना होगा। अगर कोई सरकारी विभाग या कंपनियां ऐसे किसी अपराध के मामले में शामिल होती हैं तो उनके लिए खास प्रावधान हैं।
आईपीसी की धारा 188
लाॅकडाउन के उल्लंघन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत भी सजा मिलेगी जिसमें किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सरकारी अधिकारी का आदेश मानने से इन्कार करने पर सजा या उसकी संपत्ति पर कार्रवाई का प्रावधान है. सजा के तहत एक महीने तक जेल व 200 रुपये का जुर्माना होगा। अगर आज्ञा की अवहेलना से किसी इंसान की जिंदगी, सेहत या उसकी सुरक्षा खतरे में पड़ती है तो 6 महीने तक जेल व 1000 रुपये का जुर्माना।
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शनिवार, 4 अप्रैल 2020
राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार सम्मान में प्रसिद्ध पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत का चयन किया
सूरतगढ़ 4 अप्रैल 2020.
राजस्थान सरकार की वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना में वरिष्ठ पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत का चयन किया गया है। सूचना के अनुसार अभी पन्द्रह पत्रकारों का चयन हुआ है और जल्दी ही और पत्रकार भी चुने जाएंगे।
पत्रकार राजपूत को 28 मार्च को सूचना मिली तथा 31 मार्च को चयन हुआ। वरिष्ठ अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार सम्मान योजना के तहत सम्मान निधि प्रदान की जाती है। यह सम्मान निधि हर माह सीधे बैंक में पहुंचती है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट में वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान प्रदान करने की योजना शुरू की है, उसी के तहत यह चयन हुआ है राजपूत 74 साल के हैं और राजस्थान और देश के विभिन्न प्रांतों से प्रकाशित होने वाले अखबारों और पत्रिकाओं में पिछले करीब 55 सालों से लिख रहे हैं।
श्री राजपूत राजस्थान पत्रिका में कड़वा मीठा सच्च स्तंभ में राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार 3 बार प्राप्त कर चुके हैं।
राजपूत को शिक्षा संत स्वामी केशवानंद द्वारा स्थापित ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया की ओर से भी पत्रकारिता सम्मान 1997 में प्राप्त हुआ था।
प्रो.ललित किशोर चतुर्वेदी स्मृति संस्था जयपुर की ओर से समारोह में राजपूत को राजस्थान गौरव सेवा सम्मान से 4 अगस्त 2019 को रवींद्र मंच बीकानेरपर सम्मानित किया गया था।
राजपूत अभी 74 साल की उम्र में भी पत्रकारिता में लगे हुए हैं।
करणीदानसिंह राजपूत की ब्लॉग साइट www.karnipressindia.com है जिस पर आपको बहुत सा मैटर पढने देखने को मिलता है।000
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020
श्रीगंगानगर जिला-कोरोना वायरस- होम क्वानटाईन का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज होगा( संबंधित अन्य समाचार)
श्रीगंगानगर, 2 अप्रैल 2020.
जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि कोविड-19 के तहत नागरिको को ए, बी व सी श्रेणी में विभक्त किया गया है। इसी संदर्भ में सी श्रेणी के नागरिक जो स्वस्थ है, लेकिन बाहरी जिलों से व राज्यों से आए है, उन्हे होम क्वारनटाईन यानी अपने घर में ही रहना है। ऐसे नागरिक घर से बाहर निकलते है, तो संबंधित के विरूद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होगी।
जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि ग्राम स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे काम कार्य करेगा तथा होम क्वारटाईन वाला व्यक्ति घर से बाहर घूमता है तो इसकी सूचना उपखण्ड स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष को देनी होगी। पडौसी या अन्य जागरूक नागरिक भी सूचना दे सकते है।
ए,बी व सी श्रेणी इस प्रकार है
जिला कलक्टर ने बताया कि केटेगिरी ए में बुखार, खांसी व श्वास लेने में तकलीफ के लक्षण प्रारम्भ होने से 14 दिवस पूर्व यदि किसी भी यात्री ने अन्य राज्यों में यात्रा की हो तो उन्हें तुरन्त प्रभाव से कोरोना हेतु चिन्हित किये गये आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाना सुनिश्चित करे।
श्रेणी बी में अन्य राज्यों से यात्रा करके आने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियो, हाईपरटेंशन, डाॅयबीटीज, अस्थ्मा जैसी बीमारियों से ग्रसित रोगियों में बुखार, खांसी व श्वास लेने में तकलीफ के लक्षण ना होने पर भी तुरन्त प्रभाव से अगले 14 दिवस तक कोरोना के लिए चिन्हित क्वारनटाईन में भर्ती किया जाए।
श्रेणी सी में अन्य राज्यों से यात्रा करके आने वाले व्यक्तियों में बुखार, खांसी व श्वास लेने में तकलीफ के लक्षण ना होने पर अगले 14 दिवस के लिए होम क्वारनटाईन में रखा जाना सुनिश्चित करे।
ग्राम स्तर के नियंत्रण कक्ष के उत्तरदायित्व
श्री नकाते ने बताया कि ग्राम स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे कार्य करेंगा। ग्राम स्तर पर क्वारनटाईन की व्यवस्था करनी है, लेकिन आदेश से पूर्व किसी नागरिक को रूकवाना नही है।
बाहर से आने वाले नागरिकों को चिन्हित करना है तथा जिन नागरिकों को होम क्वारनटाईन किया हुआ है, उनकी लगातार निगरानी रखनी है।
जिला व राज्य स्तर की सीमाओं के पास जो गांव बसे है, उनमें विशेष सतर्कता रखनी है। कोई नागरिक कच्चे रास्तों से गांव पहुंचा है, तो उसकी सूचना ब्लाॅक स्तर पर देनी है। गांव में जो लाभार्थी है उनका सत्यापन कर सूचना एसडीएम को देनी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में स्वास्थ्य जांच के लिए आने पर सहयोग करे।
गांव में राशन की कमी, महत्वपूर्ण जानकारी या मेडिकल
एमरजेंसी होने की सूचना उपखण्ड स्तर के नियंत्राण कक्ष एवं ब्लाॅक बीसीएमएचओं के नियंत्रण कक्ष को देनी होगीं।
नगरपालिका स्तर पर कार्य
जिला कलक्टर ने बताया कि नगरपालिका द्वारा भी नियंत्रण कक्ष संचालित किया जाएगा तथा 24 घण्टे कार्यरत रहेगा। अपने क्षेत्र में लाभार्थियों का सत्यापन व सूचियां, स्वास्थ्य टीम का सहयोग व महत्वपूर्ण जानकारी एसडीएम को देंगे।
राज्य, जिला की सीमा पर गुड्स के वाहन ही आ -जा सकेंगे
जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि अन्तर्राज्यीय एवं अन्य जिलों की सीमाओं पर केवल अत्यआवश्यक वस्तुओं के गुड्स के वाहन ही आवागमन कर सकेंगे। अन्य प्रकार के वाहनों के पास व्यवस्था बंद कर दी है। मेडिकल एमरजेंसी के लिए तथ्यों के आधार पर संबंधित एसडीएम पास देंगे। प्रसव वाली महिला को पास की आवश्कता नही है। गंभीर रोगी जो सीएससी से रैफर हुआ है तथा बाहर जाना है, उन्हे एसडीएम द्वारा अनुमति दी जाएगी तथा इसकी सूचना जिला मुख्यालय को देनी होगी।
दूसरे जिलों के कार्मिक भी नही आ सकेंगे
जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि जिले के बाहर के जिलों के नाागरिक जिले में नही आ सकेंगे। अन्य राज्यों से भी नही आ सकेंगे। दूसरे जिलों से जो कार्मिक आवश्यक सेवाओं में लगे है, वे भी नही आ सकेंगे। ऐसे कार्मिको को आगामी दो दिवस में कार्य स्थल पर रहने की आवश्यक व्यवस्था करनी होगी।
अफवाह फैलाने पर होगी कार्यवाही
श्री नकाते ने बताया कि कोविड-19 के दौरान कोई नागरिक सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाते है, उनके विरूद्ध विभिन्न धाराओं में कडी कार्यवाही होगी। पुलिस द्वारा जिले में ऐसी कार्यवाही की गई है।(पीआरओ) ०००
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