सोमवार, 9 अक्टूबर 2017

सूरतगढ में गौरव पथ निर्माण की शुरुआत में सबसे पहले नाला निर्माण


- करणीदानसिंह राजपूत- 

9.10.2017.

गौरव पथ निर्माण की प्रक्रिया में सेठ राम दयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने की दुकानों के आगे बनी फुटपाथी थड़ियां तोड़कर नाले का निर्माण शुरू कर दिया गया है। 

नगरपालिका ने पुराना बस स्टैंड की दुकानों के आगे के लड़ियां तुड़वा दी हैं। दुकानों के आगे चर्चा में चल रही 3 फुट की कोई छूट नहीं है। वह सब जबानी जमा खर्च दुकानदारों ने ही प्रचारित किया था  कि दुकान के बाहर 3 फुट की जगह छोड़ कर तोड़फोड़ की जाएगी। दुकानदार का हक  दुकान से बाहर है ही नहीं,जो थड्डियां तोड़ी गई है उनका स्वरूप ही यह सिद्ध कर रहा है। 

यहां पर पुराने बस स्टैंड के आगे की दुकानों की थड़ियां  तोड़े जाने के बाद का फोटो दे रहे हैं।




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रविवार, 8 अक्टूबर 2017

सूरतगढ़ में छात्रों के हाथों में क्यों है लाठी बंदूक और क्यों बहे छात्रों का खून?



-करणीदानसिंह  राजपूत - 

सूरतगढ़ में छात्र संघ के चुनाव के बाद सभी को अपने अपने अध्ययन में लगना चाहिए था मगर सूरतगढ़ का घटनाक्रम बदल रहा है जिसमें सवाल पैदा हुआ है कि  चुनाव के बाद छात्रों के हाथों में लाठियां और बंदूकें क्यों हैं? छात्र अन्य छात्रों के खून के प्यासे क्यों बन बैठे हैं?

सूरतगढ़ में छात्रों से संबंधित कितनी ही घटनाओं के बाद भी कोई समझदारी के लिए रास्ता बड़े नेताओं के पास क्यों नहीं है?

सूरतगढ़ में 7 अक्टूबर 2017 को वार्ड नंबर छह में किराए के घर में रहने वाले छात्रों पर हमला हुआ। छात्रों का खून बहा और मुकदमे में छात्रों के नाम ही आरोप में इन्दराज हुए।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष नितिन मोट्यार का नाम  आना मामूली नहीं है।


 पुलिस में जेपीन्द्र पुत्र विष्णु बिश्नोई निवासी राजा वाली( पंजाब) के बयान पर मुकदमा दर्ज हुआ है जो दो घायल हुए छात्रों में से एक है।


मुकदमें के अनुसार वार्ड नं 6 में मोहन लाल सारस्वा के घर में जेपीन्द्र,अरविंद व सहदेव एक कमरे में किराये पर रह रहे हैं। 

भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष  नितिन मोट्यार, संदीप स्वामी, दिनेश सहारण,सतीया,दिनेश थापन व दो तीन अन्य Bolero गाड़ी में आए और कमरे में घुसकर  हमला कर दिया। नितिन मोट्यार, दिनेश सहारण व सतिया के पास पिस्तौल थे वे अन्य के हाथों में लाठियां थी। वे जेपीन्द्र व अरविंद से मारपीट करने लगे।

सहदेव ने बीच बचाव किया मगर पार नहीं पड़ी। 

शोर सुनकर मकान मालकिन गीता देवी कमरे में आई तब नितिन ने उसे धक्का दिया व उसके गले का सोने का चैन ले गए। 

 इस मारपीट में जिपेंद्र व अरविंद के चोटें आई। मकान मालकिन व अन्य ने घायलों को ट्रॉमा सेंटर ले करके पहुंचे जहां इलाज हुआ।

 पुलिस को सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पुलिस पहुंची। जहां फर्श पर खून के छींटे काफी दूरी तक पड़े थे। वहां पर लाठी मिली एक मोबाइल मिला और तीन जीवित कारतूस मिले। यह अनुसंधान हरफूल सिंह ए एस आई को सौंपा गया है।





पंजाबी फिल्म दुल्ला वेली में गोलूवाला का राजू बेनीवाल अभिनेता का दोस्त बना


गोलूवाला(बलविन्द्र खरोलिया)पंजाब में बन रही पंजाबी फिल्म 'दुल्ला वेली' में स्थानीय सिहागान निवासी राजू बेनीवाल भी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्रीज में मशहूर कलाकार मुख्य अभिनेता गग्गु गिल साथ अभिनेता के दोस्त की भूमिका निभाएंगे। इस फ़िल्म में बेनीवाल का नाम जैमल सिंह है । इस फिल्म में मशहूर अभिनेता योगराज सिंह , सरबजीत चीमा , अवतार गिल , गुगनी गिल भी है।कस्बा वासियों के लिए यह बहुत ही गौरव की बात है कि कोई कस्बे के युवा फिल्मी दुनिया में शामिल होकर कस्बे के नाम भी फिल्मी पर्दे पर प्रदर्शित कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही इस फ़िल्म की शूटिंग पंजाब के एक शहर शुरू हुई है। अभिनेता के दोस्त का किरदार निभा रहे राजू बेनीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि  इस फ़िल्म की शूटिंग लगभग नवम्बर में पूरी हो जाएगी और नववर्ष पर दर्शकों के सामने होगी।


बचपन से ही था शोंक

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फ़िल्म में किरदार निभा रहे राजू बेनीवाल ने बताया कि उन्हें फ़िल्मी दुनिया में जाने का शोंक बचपन से ही जाग गया था। ऐसे में वे मुंबई में भी अपना ऑडिशन दे चुके हैं जिसमे सफल रहे। इसके बाद वे मलोट में इस पंजाबी फिल्म के लिए ऑडिशन दिया जिसने कामयाब रहे और अब अपने लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं। राजू बेनीवाल स्थानीय निवासी शिवप्रकाश बेनीवाल के सुपुत्र हैं। राजू बेनीवाल ने इस कामयाबी का श्रेय अपने माता पिता व भाई को दिया है।


धोखेबाज लोगों से भी हुआ सामना

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बेनीवाल ने बताया कि फिल्मी दुनिया मे शामिल होने के लिए उनका सामना कई धोखेबाजों से हुआ जो युवाओं को फिल्मी करियर के सपने दिखाकर उनसे दो-तीन हजार रुपये ठग लेते हैं।ऐसे में हर युवा अपनी कामयाबी के शिखर तक नहीं पहुंच पाता था।





शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

थानाधिकारी और कांस्टेबल रिश्वत में एसीबी ने पकड़ा:रकम बरामद

कोटा 7.10.2017.

कोटा एसीबी की टीम ने खातोली कस्बे में कार्रवाई करते हुए एसएचओ सहित एक कांस्टेबल को 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। एसएचओ अर्जुन स्वामी और कांस्टेबल गंभीर सिंह ने लड्डू लाल नाम के शख्स से एक मामले के राजीनामा करने के बदले 10 हजार रूपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में मामला 8 हजार में रूपए में तय हुआ| 

लड्डू लाल  ने कोटा एसीबी में शिकायत की। एसीबी ने सबूत पुख्ता करने के बाद खातोली में दबिश दी और सीआई अर्जुन स्वामी और कांस्टेबल गंभीर सिंह को 8 हजार रूपये के साथ गिरफ्तार किया। अर्जुन सिंह की तलाशी में एसीबी को 4500 रूपये रिश्वत की रकम मिली तो गंभीर सिंह के पास से 3500 रूपये बरामद हुए। एसीबी की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। 






जेईएन को रिश्वत लेने पर 3 साल की कड़ी कैद: ,

कोटा 7.10.2017. राजस्थान रोडवेज के जूनियर इंजीनियर को मात्र 300 रुपए की रिश्वत के लिए कोर्ट ने 3 साल जेल की सजा सुनाई है। इंजीनियर ने यह रिश्वत 12 साल पहले ली थी। कोर्ट ने इंजीनियर पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

मामला कोटा जिले का है जहां एसीबी कोर्ट ने 12 साल पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए राजस्थान रोडवेज के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता प्रभुलाल को 3 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। सजा के साथ ही उस पर 5 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। एसीबी ने साल 2005 में रोडवेज के दफ्तर पर छापा मारकर कनिष्ठ अभियंता प्रभुलाल को गिरफ्तार किया था।

आरोपी प्रभुलाल अपने कर्मचारियों से ड्यूटी लगाने की एवज में रिश्वत लेता था। एसीबी ने एक कर्मचारी की शिकायत के बाद आरोपी को 300 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। आरोपी इंजीनियर हर कर्मचारी से 300-300 रुपए बतौर रिश्वत के रुप में लिया करता था ।


भाजपा के वसुंधरा राजे राज में किसानों को अपनी जमीन बचाने को समाधि आंदोलन










जयपुर के नजदीक नींदड़ गांव में ​बीते छह दिनों से जमीन समाधि लिए सत्याग्रह कर रहे हैं लेकिन राजस्थान की भाजपा वसुंधरा राजे की सरकार किसानों की समस्या का हल निकालने में असफल रही है।

जयपुर विकास प्राधिकरण इस गांव के नजदीक 1300 बीघा जमीन में नई कॉलोनी विकसित कर रहा है। जिसके लिए जमीन आवाप्ति की गई है।

जानकारी के अनुसार करीब 750 बीघा जमीन जिन किसानों की है वह अपनी जमीन जेडीए को नहीं देना चाहते, इसलिए  वे किसान जमीन समाधि सत्याग्रह कर रहे है। गांधी जयंती से प्रारंभ हुआ सत्याग्रह अभी तक जारी है।

हालांकि जेडीए के अधिकारियों से किसान वार्ता कर चुके है, लेकिन अभी भी सत्याग्रह जारी है। वहीं किसानों ने अब आंदोलन तेज करने भी चेतावनी दी है।



शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2017

गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह के मामले में हाईकोर्ट का नोटिस

6.10.2017.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप के दोषी 6.10.2017.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप के दोषी 6.10.2017. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप के दोषी गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह की अपील पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। रंजीत सिंह मर्डर केस में पंचकूला सीबीआई कोर्ट के अंतिम आदेश जारी करने पर स्टे लगाते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को 31 अक्टूबर के लिए यह नोटिस जारी किया है।   खट्टा सिंह ने अपनी यह अपील सीबीआई कोर्ट पंचकूला के 25 सितम्बर के आदेशों के खिलाफ दायर की थी जिसमें उसकी रंजीत सिंह मर्डर केस में दोबारा गवाही दर्ज करवाने की मांग को रद्द कर दिया गया था। खट्टा सिंह के मुताबिक वह रंजीत सिंह और पत्रकार छत्रपति की हत्या के दौरान डेरे में तैनात था। ऐसे में वह इन हत्याओं को लेकर अहम जानकारी रखता है। उसने दावा किया है कि उसकी गवाही अहम साबित हो सकती है।   गौरतलब है कि खट्टा सिंह राम रहीम का ड्राइवर और पूर्व अनुयायी रह चुका है। गुरमीत राम रहीम सत्संग के लिए डेरा सच्चा सौदा से बाहर जाने के ड्राइवर के रूप में खट्टा का ही इस्तेमाल करता था। खट्टा सिंह ने 2007 में के यौन शोषण के संबंध में उसने बयान दिए थे।   पहले गवाही से मुकर चुका है खट्टा सिंह ट्रायल के दौरान खट्टा सिंह फरवरी, 2012 में गवाह के रूप में पेशहीम जेल में बंद है, उसका बयान दोबारा दर्ज किया जाए। उसका बयान कई मजवाब तलब किया है। रंजीत सिंह मर्डर केस में पंचकूला सीबीआई कोर्ट के अंतिम आदेश जारी करने पर स्टे लगाते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को 31 अक्टूबर के लिए यह नोटिस जारी किया है। 


खट्टा सिंह ने अपनी यह अपील सीबीआई कोर्ट पंचकूला के 25 सितम्बर के आदेशों के खिलाफ दायर की थी जिसमें उसकी रंजीत सिंह मर्डर केस में दोबारा गवाही दर्ज करवाने की मांग को रद्द कर दिया गया था। खट्टा सिंह के मुताबिक वह रंजीत सिंह और पत्रकार छत्रपति की हत्या के दौरान डेरे में तैनात था। ऐसे में वह इन हत्याओं को लेकर अहम जानकारी रखता है। उसने दावा किया है कि उसकी गवाही अहम साबित हो सकती है। 


गौरतलब है कि खट्टा सिंह राम रहीम का ड्राइवर और पूर्व अनुयायी रह चुका है। गुरमीत राम रहीम सत्संग के लिए डेरा सच्चा सौदा से बाहर जाने के ड्राइवर के रूप में खट्टा का ही इस्तेमाल करता था। खट्टा सिंह ने 2007 में सीबीआई को अपने बयान दर्ज करवाए थे जिसमें हत्याओं और साध्वियों के यौन शोषण के संबंध में उसने बयान दिए थे। 


पहले गवाही से मुकर चुका है खट्टा सिंह

ट्रायल के दौरान खट्टा सिंह फरवरी, 2012 में गवाह के रूप में पेश भी हुआ लेकिन बाद में उसने गवाही देने से इनकार कर दिया। हालांकि अब खट्टा सिंह का कहना है कि उसने राम रहीम के डर से तब गवाही नहीं दी थी लेकिन अब जबकि राम रहीम जेल में बंद है, उसका बयान दोबारा दर्ज किया जाए। उसका बयान कई मामलों में काफी अहम हो सकता है। तलब किया है। रंजीत सिंह मर्डर केस में पंचकूला सीबीआई कोर्ट के अंतिम आदेश जारी करने पर स्टे लगाते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को 31 अक्टूबर के लिए यह नोटिस जारी किया है। 


खट्टा सिंह ने अपनी यह अपील सीबीआई कोर्ट पंचकूला के 25 सितम्बर के आदेशों के खिलाफ दायर की थी जिसमें उसकी रंजीत सिंह मर्डर केस में दोबारा गवाही दर्ज करवाने की मांग को रद्द कर दिया गया था। खट्टा सिंह के मुताबिक वह रंजीत सिंह और पत्रकार छत्रपति की हत्या के दौरान डेरे में तैनात था। ऐसे में वह इन हत्याओं को लेकर अहम जानकारी रखता है। उसने दावा किया है कि उसकी गवाही अहम साबित हो सकती है। 


गौरतलब है कि खट्टा सिंह राम रहीम का ड्राइवर और पूर्व अनुयायी रह चुका है। गुरमीत राम रहीम सत्संग के लिए डेरा सच्चा सौदा से बाहर जाने के ड्राइवर के रूप में खट्टा का ही इस्तेमाल करता था। खट्टा सिंह ने 2007 में सीबीआई को अपने बयान दर्ज करवाए थे जिसमें हत्याओं और साध्वियों के यौन शोषण के संबंध में उसने बयान दिए थे। 


पहले गवाही से मुकर चुका है खट्टा सिंह

ट्रायल के दौरान खट्टा सिंह फरवरी, 2012 में गवाह के रूप में पेश भी हुआ लेकिन बाद में उसने गवाही देने से इनकार कर दिया। हालांकि अब खट्टा सिंह का कहना है कि उसने राम रहीम के डर से तब गवाही नहीं दी थी लेकिन अब जबकि राम रहीम जेल में बंद है, उसका बयान दोबारा दर्ज किया जाए। उसका बयान कई मामलों में काफी अहम हो सकता है। 

हीरा मोती गहने जीएसटी से मुक्ति: छोटे व्यापारियों को रिटर्न भरने में छूट

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की आज (06 अक्टूबर को) 22वीं बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की। बैठक में छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए उन्हें हर महीने रिटर्न भरने से छूट देने का फैसला लिया गया है। डेढ़ करोड़ रुपये तक के टर्नओवर पर पहले हर महीने रिटर्न भरने का प्रावधान था जिसे अब त्रैमासिक कर दिया गया है। इसके अलावा 50,000 रुपये तक की खरीद पर पैन की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है। सरकार ने जेम्स एंड ज्वेलरी पर से जीएसटी हटा लिया है। जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। जीएसटी कांउसिल के फैसले के मुताबिक अब 2 लाख तक की खरीदारी करने पर पैन नंबर देना होगा।

जीएसटी काउंसिल ने 23 अगस्त को जारी अधिसूचना वापस लेने का फैसला किया है। इसके तहत सर्राफा कारोबारियों को सर्राफा बेनामी एक्ट में लाया गया था लेकिन अब उन्हें इस एक्ट से बाहर रखा गया है। काउंसिल का बैठक में फैसला लिया गया है कि 50, 000 रुपये से ज्यादा की ज्वेलरी खरीद करने पर  किसी भी व्यक्ति से ना तो आधार लिया जाएगा और ना ही पैन नंबर। बता दें कि सर्राफा व्यापारी लंबे समय से इसका विरोध कर रहे थे।

गौरतलब है कि जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु एवं सेवा कर) को 30 जून की मध्यरात्रि से देश भर (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) में लागू किया गया था। इसके तहत 20 लाख तक का व्यापार करने वालों को जीएसटी से बाहर रखा गया था। साथ ही 75 लाख तक के व्यापारी को जीएसटी में राहत देने की बात कही गई थी लेकिन जीएसटी लागू होने के तीन महीने बाद इसके क्रियान्वयन में आई परेशानियों को देखते हुए सरकार ने इसमें कुछ संशोधन का फैसला किया है।

जीएसटी काउंसिल ने सभी वस्तुओं और सेवाओं को चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) में बांटा था। काउंसिल ने 12011 वस्तुओं को इन चार वर्गों में रखा है। बता दें कि 30 जून की मध्य रात्रि संसद भवन में आयोजित लॉन्चिंग समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, तत्कालीन उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे एस खेहर, वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा तमाम केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। जीएसटी लॉन्चिंग के वक्त कहा गया था कि जीएसटी भारत की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में बदलाव लाते हुए एकल बाजार में 2,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोगों को जोड़ेगी।


आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत कार एक्सिडेंट में बाल बाल बचे:

गई



राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बचे हैं। यह घ टना यमुना एक्सप्रेस वे की है। मोहन भागवत का काफिला मथुरा के लिए जा रहा था कि अचानक उनके काफिले की एक कार का टायर पंक्चर हो गया। टायर पंक्चर होने के बाद उस गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया जिसके बाद पीछे से आ रही अन्य गाड़ियां आपस में टकरा गई। इस हादसे में मोहन भागवत को कोई चोट नहीं पहुंची है वे बिलकुल सुरक्षित हैं। हादसे के बाद मोहन भागवत के लिए दूसरी गाड़ी मंगाई गई जिसमें बैठकर वे मथुरा के लिए रवाना हो गए।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ‘‘मोहन भागवत वृन्दावन के पानीघाट स्थित निकुंज वन आश्रम में संत विजय कौशल महाराज के यहां ‘मानसी ध्यान केन्द्र’ के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए जा रहे थे।’’ इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भी आमंत्रित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई ने बताया, ‘‘भागवत दिल्ली से एक्सप्रेस-वे के रास्ते वृन्दावन आ रहे थे, तभी सुरीर थाना क्षेत्र में उनकी गाड़ी के आगे चल रहे सुरक्षा वाहन का टायर फट गया। घटना से गाड़ी डगमगा गई और मोहन भागवत की गाड़ी उससे जा टकरायी।’’ उन्होंने बताया, ‘‘दुर्घटना में उनकी गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हालांकि भागवत सहित उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आयी है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘फिलहाल, संघ प्रमुख पूरी तरह सुरक्षित हैं और वृन्दावन के कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पहुंच गए हैं।’’ वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट डालकर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि किसी को कोई चोट नहीं आयी है और भागवत अपने तय कार्यक्रम के तहत अपनी यात्रा पर चले गये हैं।

( जनसत्ता)


सूरतगढ़ में दो करोड़ रुपए आयकर विभाग को सरेंडर किए जाने की खबर

सूरतगढ़ 6 अक्टूबर 2017 प्रसिद्ध ठेकेदार एवं लोहा व्यापारी देशपाल गुप्ता के यहां आयकर विभाग की सर्वे 5 अक्टूबर को शुरू हुई।

 विभाग को शक था कि व्यापारी के पास बहुत बड़ी रकम अघोषित है जिस पर टैक्स नहीं दिया गया।

आयकर विभाग की सूरतगढ़ और श्रीगंगानगर की टीमों ने यह सर्वे किया। भारी कशमकश के बाद व्यापारी की ओर से दो करोड़ रुपए अघोषित आय उजागर की जाने की खबर है।


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