गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017
सूरतगढ़ प्रेस क्लब भवन की भूमि पर सिविल सोसायटी के अध्यक्ष दिलात्मप्रकाश जैन का पत्र
सूरतगढ़ प्रेस क्लब भवन वास्ते भूमि उपलब्ध कराए जाने पर जनहित सिविल सोसायटी के अध्यक्ष श्री दिलात्म प्रकाश जैन का पत्र सामने आया है।
उन्होंने 4 अक्टूबर को राजेंद्र सिंह भादू और नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल को पत्र दिया है व इसकी प्रतियां जिला कलेक्टर श्री गंगानगर और निदेशक स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार जयपुर को भेजी है। प्रेस क्लब भवन की भूमि 1 अक्टूबर को पूजा अर्चना के साथ उप कारागृह के पीछे चिन्हित कर बोर्ड लगाया गया था। इस कार्यक्रम में विधायक और पालिका अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। इस चिन्हित स्थान की कीमत निर्देश मिलने पर जमा करवाई जाएगी। पूर्व में क्लब के अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय की ओर से आवेदन दिया हुआ है।
सांसद निहालचंद मेघवाल पर दुष्कर्म मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी: जयपुर की अदालत में मामला:
पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद निहालचंद मेघवाल रेप मामले में जयपुर महानगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में बुधवार 4.10.2017 को आरोप वापस बचाव पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अब फैसले की घड़ी नजदीक मानी जा रही है. इसी के साथ मेघवाल की मुसीबत भी बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं. हालांकि रेप पीड़िता की रिवीजन अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने रिवीजन का विरोध करते हुए इसे खारिज करने का आग्रह किया है.
क्या है मामला:
एडीजे-17 जयपुर मेट्रोपोलिटन ने एक विवाहिता महिला के साथ उसके पति की शह पर दुष्कर्म के मामले में निहाल चंद मेघवाल सहित कुल 18 लोगों के नाम समन जारी किया था. आरोपियों में भाजपा नेता व पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग व उनके पुत्र प्रकाश पुंज गर्ग व एएसपी अनिल राव भी शामिल हैं. कोर्ट ने यह आदेश पीड़िता की निगरानी याचिका पर दिए.
इन पर हैंआरोप
आरोपियों में निहालचंद, जोगेश्वर और उनके बेटे, एएसपी राव, महिला के पति ओमप्रकाश, राधेराम गोदारा, सतीश सिंगोदिया, पुष्पेंद्र भारद्वाज, विवेकानंद, विकास अग्रवाल, आरिफ, हरीश, कुलदीप हुंदल, भगवान, मनीष, पिंटू और कुलदीप शामिल हैं.
पीड़िता ने निगरानी याचिका में मजिस्ट्रेट कोर्ट के 10 फरवरी, 2014 के आदेश को चुनौती दी. इस आदेश में मजिस्ट्रेट ने पीड़िता की याचिका खारिज कर दी थी. इस मामले में एक बार क्लोजर रिपोर्ट भी आई थी, लेकिन सेशन कोर्ट ने इस मामले की फाइल को दोबारा खोला. निहालचंद पर 2011 में रेप का आरोप लगा था, तब वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. तब पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तफ्तीश करने के बाद 2012 में एफआईआर के साथ मामले की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी.
बुधवार, 4 अक्टूबर 2017
हनीप्रीत का पुलिस रिमांड - डेरा सच्चा सौदा व गुरमीत राम रहीम के कितने राज
पंचकूला 4-10-2017.
डेरा सच्चा सौदा की हनीप्रीत को पंचकूला की जिला अदालत में पेश किया गया। उसे सीजेएम कोर्ट ने छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। कोर्ट में पंचकूला पुलिस और बचाव पक्ष के बीच लंबी बहस हुई। बताया जाता है कि पुलिस अदालत से हनीप्रीत का 12 दिनों का रिमांड मांगा, लेकिन कोर्ट ने छह दिन का रिमांड दिया।दूसरी आेर, हनीप्रीत के वकील ने उस पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए जमानत की मांग की। हनीप्रीत के साथ पकड़ी गई सुखदीप कौर को भी छह दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
कोर्ट में हनीप्रीत के रिमांड को लेकर पंचकूला पुलिस अपना पक्ष रखा तो बचाव पक्ष उसकी जमानत के लिए अपनी दलीलें दीं। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक कोर्ट में सुनवाई चली। पुलिस का कहना था कि हनीप्रीत पर गंभीर आराेप हैं और पंचकूला में हिंसा की साजिश के मामले में खुलासे के लिए उससे पूछताछ जरूरी है।
पंचकूला पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि हनीप्रीत को मोबाइल फोन और सिम रिकवर करने के लिए कई प्रदेश में जाना है। इसके साथ ही राजस्थान, हिमाचल और पंजाब से कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार भी करना है जिन्होंने हनीप्रीत को संरक्षण दिया गया था। इस पर कोर्ट ने हनीप्रीत और सुखदीप कौर का छह दिन का रिमांड पुलिस को दे दिया।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि हनीप्रीत पर लगाए गए अारोप गलत हैं और इस कारण उसे जमानत दी जाए। वह मामले की जांच में पूरा सहयोग करेगी।
हनीप्रीत को मंगलवार को दिन में करीब तीन बजे गिरफ्तार किया गया था। हनीप्रीत के साथ गिरफ्तार किए गई सुखदीप काैर को भी कोर्ट में पेश करने के लिए लाया गया है। हनीप्रीत की पेशी के मद्देनजर अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।
गुरमीत राम रहीम की पैरवी करने वाले वकील एसके गर्ग नरवाना सहित तीन वकील कोर्ट में हनीप्रीत की पैरवी कर रहे हैं। गुरमीत राम रहीम पर हत्या के आरोप के मामलों में भी एसके गर्ग नरवाना डेरा पक्ष के वकील हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस पहल एक गाड़ी में हनीप्रती की डमी लेकर आई थी।
बता दें कि हनीप्रीत को पंचकूला से सटे पंजाब के शहर जीरकपुर से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। वह बठिंडा की एक महिला सुखदीप कौर के साथ इनोवा कार में पटियाला की ओर जाने की तैयारी में थी। सुखदीप कौर पुरानी डेरा प्रेमी है। हनीप्रीतगिरफ्तार से पहले चार दिनों तक बठिंडा में सुखदीप कौर के घर में छिपी हुई थी।
हनीप्रीत से बीती रात तड़के तीन बजे तक अाइजी ममता सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने पूछताछ की, लेकिन वह हर सवाल का नकारात्मक जवाब ही देती रही। उसे पंचकूला के चंडीगढ़ मंदिर थाने में रखा गया था। बताया जाता है कि उसका रात करीब एक बजे मेडिकल भी कराया गया था।
हनीप्रीत पर पंचकूला में 25 अगस्त को दंगे भड़काने की साजिश रचने एवं देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार के समय उसने भागने की भी कोशिश की, लेकिन असफल रही। सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत जिस कार में थी, वह पंजाब के एक पूर्व मंत्री के सिक्योरिटी काफिले में चलती है, हालांकि हरियाणा पुलिस ने इससे इन्कार किया है।
हनीप्रीत ने 2 अक्टूबर की कार में बैठे -बैठे एक चैनल को इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू जब ऑन एयर हुआ तो पुलिस की एक्टिव हुई। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने बताया कि मंगलवार दोपहर पुलिस को जानकारी मिली कि हनीप्रीत चंडीगढ़ से पटियाला की ओर जा रही है। इसके बाद एसीपी मुकेश मल्होत्रा टीम के साथ जीरकपुर पहुंच गए। पुलिस ने उनकी इनोवा कार का पीछा कर दोनों को गिरफ्त में ले लिया।
पिछले कई दिनों से बठिंडा में रुकी हुई थी हनीप्रीत
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हनीप्रीत के साथ कार में सवार दूसरी महिला बठिंडा निवासी सुखदीप कौर थी। उसका पूरा परिवार डेरे का पुराना अनुयायी है। सुखदीप लगातार फोन के जरिए हनीप्रीत के संपर्क में थी। जब हनीप्रीत को राजस्थान मेें छापेमारी के बाद प्रदेश छोड़ना पड़ा तो सुखदीप ने हनीप्रीत को अपने घर में शरण दे दी थी। वही सभी जगह हनीप्रीत को अपने साथ लेकर जा रही थी।
हनीप्रीत रोहतक की सुनारिया जेल से फरार होने के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत के पैतृक गांव गुरसर मोडिया पहुंच गई थी। वहां से 2 सितंबर को वह उदयपुर में प्रदीप गोयल के पास पहुंच गई। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला के अनुसार हनीप्रीत ने २ सितंबर को गुरसर मोडिया से भागकर सुखदीप कौर से संपर्क किया। पिछले कई दिनों से वह बठिंडा में सुखदीप कौर के पास थी।
मंगलवार, 3 अक्टूबर 2017
भारत से फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार किया
कुछ समय बाद ही जमानत पर रिहा भी हो गया।
भगोड़े विजय माल्या पर बैंकों का 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ आरोप-पत्र जमा करने के लिए लंदन पहुंची थी। यह कदम माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर उठाया गया था. ईडी का यह कदम माल्या के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ आरोप-पत्र जमा करने के लिए लंदन पहुंची थी। यह कदम माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर उठाया गया था. ईडी का यह कदम माल्या के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है।
अधिकारी ने कहा कि ईडी टीम लंदन में विजय माल्या के खिलाफ क्राउन प्रोसीक्यूशन कार्यालय के समक्ष 5,500 पृष्ठ के आरोप-पत्र व कुछ अन्य दस्तावेज जमा करने के लिए पहुंची थी। क्राउन प्रोसीक्यूशन कार्यालय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले को लड़ रहा है। ईडी अधिकारी ने कहा कि आरोप पत्र में इस बात का विवरण है कि कैसे माल्या ने आईडीबीआई बैंक से प्राप्त 900 करोड़ रुपये कर्ज की राशि को भारत के अपने समूह की कंपनियों और कई दूसरे देशों में फर्जी कंपनियों के माध्यम से इस्तेमाल किया।
हनीप्रीत गिरफ्तार:अब खुल जाएंगे राज
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत इंसां आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गई हैं। पंजाब के जीरकपुर में पटियाला रोड से हनीप्रीत को दोपहर तीन बजे गिरफ्तार किया गया। हालांकि गिरफ्तारी का श्रेय लेने को लेकर खुश हरियाणा और पंजाब पुलिस के अपने-अपने दावे हैं। पंजाब पुलिस हनीप्रीत को गिरफ्तार करने की बात कह रही है, तो हरियाणा पुलिस का कहना है कि पंजाब पुलिस ने सिर्फ सहयोग किया, गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस की SIT के इंचार्ज ने की। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने बताया कि बुधवार को हनीप्रीत को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हनीप्रीत को इनोवा कार में सफर करते पकड़ा गया। एक अन्य महिला भी साथ में थी।
काले धन का भंवर और गोते खाती मोदी सरकार:सवाल उठाता रमेशचंद्र छाबड़ा का लेख:
बीजेपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार के वित्त मंत्रीअरुण जेटली से सवाल किया है कि विदेशों में कालाधन रखने वाले जिन 750 खाताधारकों के नामो की जर्मनी से प्राप्त सूचि जो सरकार के पास पिछले चालीस महीने से है, उस पर अब तक क्या कार्रवाई की है?
कितने लोगों पर कार्रवाई हुई?
कौन पकड़े गये या जेल गये?
काले धन पर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़ा करते हुए सिन्हा ने आगे सवाल किया है कि पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद जहाँ पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रधानमंत्री को उनकी कुर्सी से अपदस्थ कर दिया वहीँ भारत में पनामा पेपर्स में नाम आने पर क्या अब तक किसी पर क्या कोई कार्रवाई हुई? एक और महत्वपूर्ण प्रश्न जो सिन्हा ने उठाया वो रोजगार का है जिस पर नोटबंदी से विपरीत असर पड़ा है।
सिन्हा कहते हैं कि अगर रोजगार के मामले में शीघ्र कुछ न किया गया तो परेशानी बढ़ सकती है।
अरुण जेटली द्वारा ऐसे प्रश्नों का तथ्यपरक और तर्कपूर्ण जवाब देने के बजाय यह कहना कि 80 साल की उम्र में सिन्हा नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं किसी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता ।
यह देखा गया है कि जब भी किसी सवाल का समुचित उत्तर सरकार के पास नहीं होता तो ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है और प्रश्न करने वाले पर ही छींटाकशी की जाती है।
जेटली का यह उत्तर भी सिन्हा पर प्रत्यारोप करते हुए ध्यान हटाने की कोशिश है।
मोदी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर अब तक कोई कार्रवाई हुई है तो वो सिर्फ लालू यादव,आमआदमी पार्टी या चिदम्बरम पर नज़र आती है। बाकी सारे भ्रष्टाचारी तो इतने गहराई में बैठे हैं कि मोदी सरकार की वहां तक नज़र ही नहीं जाती है। मोदी जी बार बार यह कहते नहीं थकते की उनके मंत्रिमंडल के किसी व्यक्ति पर अब तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है।वहीं वो लालू के 2004 के मामले उजागर किये जा रहे हैं।
जिन सवालों को उठा कर यह सरकार सत्ता में आयी थी अब उन्हीं से बचने की कोशिश कर रही है और दूर भाग रही है। मोदी सरकार की यह कार्य प्रणाली अनैतिक व अनुचित है।
ये प्रश्न जो अब सिन्हा ने उठाये हैं वे तो संपूर्ण देश के सवाल हैं व इनका तथ्यात्मक उत्तर मोदी सरकार को सवाल उठते ही देना चाहिए।
- रमेशचंद्र छाबड़ा,
सूरतगढ़।
सोमवार, 2 अक्टूबर 2017
अमेरिका के लास वेगास में एक म्यूजिक कंसर्ट के दौरान गोलीबारी में 50 लोगों की मौत
लास वेगास में गोलीबारी में 50 लोग मारे गए व 100 से ज्यादा जख्मी हुए हैं. एक हमलावर को मार गिराया गया है. य़ह गोलीबारी मांडले बे कसीनो के पास हुई है.
मौके पर मौजूद पुलिस जांच में जुटी है. जिस दौरान हमला हुआ वहां जोर जोर से संगीत बज रहा था इसलिए तुरंत कुछ समझ नहीं आया। गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 50 पहुंची, जख्मियों की संख्या 100 के पार है।घायलों का आस पास के अस्पतालों में इलाज चल रहा है. कुछ घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बतायी जा रही है.लास वेगस पुलिस की ओर से कहा गया है कि अब और ज्यादा हमलावरों के होने की संभावना नहीं है.जानकारी के मुताबिक मांडले बे कसीनो के कसीनो के बाहर ही म्यूजिक कंसर्ट चल रहा था. पास के होटल की 32वीं मंजिल से एक हमलावर ने फायरिंग करना शुरू किया जाए. इस गोलीबारी में एक सुरक्षा गार्ड मारा गया. इसके बाद नीचे कंसर्ट की जगह पर मौजूद दो हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद अफरातफरी मच गयी.पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल है. जिस तरह से गोलरीबार की गयी है उसे लेकर आशंका जतायी जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है।
जिस वक्त हमला हुआ मंच पर स्थानीय कलाकार जैसन एडलेन परफॉर्म कर रहे थे. एक चश्मदीद के मुताबिक उसने सैकड़ों की तादात में गोलियों की आवाज सुनी. मौके पर मौजूद लोग गोलियों और पटाखों की आवाज में कंफ्यूज़ हो गए. एक अन्य चश्मदीद केलास वेगस पुलिस की ओर से कहा गया है कि गोलीबारी की घटना की जांच जारी है. पुलिस ने लोगों से घटना स्थल से दूर रहने की सलाह दी है. पुलिस ने ऐतिहातन पुरे इलाके को सील कर दिया है. आस पास के सभी ऑफिस, क्लब बंद करवा दिए गए हैं.माना जा रहा है कि हमलावरों ने विशेष तौर पर रविवार रात का समय चुना. रविवार की वजह से हमले वाली जगह पर भीड़ अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा थी.
नागपाल होटल की अवैध बनाई 2 मंजिलें क्या इस नोटिस से हट जाएंगी?
- करणी दान सिंह राजपूत-
सूरतगढ़ 2 अक्टूबर 2017.
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की ओर से नागपाल होटल के मालिक सुनील कुमार अरोड़ा को अंतिम नोटिस जारी किया है जिसमें बिना मंजूरी के बनाई गई दो मंजिल निर्माण को हटाने का आदेश है। क्या इस नोटिस से अवैध निर्माण हट जाएगा? मालिक अवैध निर्माण हटा लेगा या नगरपालिका प्रशासन हटा देगा। यह नोटिस 27 सितंबर 2017 को जारी किया गया जिसमें 7 दिन का समय दिया गया है, जिसमें अगर कोई मंजूरी के दस्तावेज हैं तो पेश करने का लिखा है अन्यथा इस अवैध निर्माण को हटा दिया जाए।
नोटिस यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है और शिकायतकर्ता पार्षद सुभाष सैनी की शिकायत भी यहां दी जा रही है।
पार्षद की शिकायत के बाद भी नगर पालिका अवैध निर्माण को रुकवा नहीं पाई। कई महीने गुजरने के बाद यह अंतिम नोटिस जारी हुआ। नगरपालिका चाहती तो निर्माण को बीच में ही सील कर सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब यह नोटिस जारी हुआ है तो क्या इस नोटिस के बाद अवैध निर्माण हट जाएगा या नगर पालिका हटा पाएगी? नगरपालिका की कार्यप्रणाली से यह शंका भरा सवाल सूरतगढ़ में हर ओर चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या नगरपालिका अभी भी होटल को सील कर सकती है?
क्या मालिक अदालत में जाएगा?
सब ओर चर्चित है यह होटल और नगरपालिका की कार्यप्रणाली।
रविवार, 1 अक्टूबर 2017
विधायक राजेंद्र भादू व पालिकाध्यक्ष काजल छाबड़ा के प्रयास से सूरतगढ प्रेसक्लब का भूखंड तय हुआ
सूरतगढ 1-10-2017.
प्रेस क्लब भवन के लिए स्टेडियम के पश्चिम दिशा में सड़क पर 60 × 90 फुट का भूखंड चिन्हित किया जाने के बाद आज सुबह भूमि पूजन के साथ साइन बोर्ड लगाया गया। भूमि पूजन विधायक राजेंद्र सिंह भादू नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा एवं क्लब के अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय ने किया।पं तुलसी राम ने पूजन किया।
इस मौके पर विधायक राजेंद्र भादू, क्लब अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय एवं वरिष्ठ पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत ने विचार रखे।
इस अवसर पर पालिका के कनिष्ठ अभियंता मोहित व्यास और वार्ड 3 के पार्षद हेतराम सुथार मौजूद थे।
प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष मनोज स्वामी पूर्व अध्यक्ष हरिमोहन सारस्वत , प्रेस क्लब के सचिव विजय स्वामी, उपाध्यक्ष कैलाश सोनी व नवल भोजक ,सह सचिव अशोक वर्मा के साथ पत्रकार गण विनय तिवाड़ी, शिव शंकर सारडा, राजेंद्र पटावरी, जितेंद्र औझा ,संजय चौधरी, सूरज शर्मा और सत्यपाल मेघवाल भी मौजूद थे।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
















