बुधवार, 27 सितंबर 2017

बाबा सियाराम दास रेप में गिरफ्तार: आश्रम के स्कूल से बड़े लोगों को लड़कियों की सप्लाई का भी आरोप

 


यूपीपी के सीतापुर के एक बड़े महंत की काली करतूत उजागर हो गई है। इस महंत पर एक युवती ने दुराचार का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि बाबा ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और उसे कई लोगों को बेचा गया। वह बाबा के पास 8 माह तक बंधक रही।

सीतापुर के पास मिश्रिख क्षेत्र में बाबा सियाराम का आश्रम है। जहां बाबा एक स्कूल संचालित कर रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल उसकी शिष्या मिंटू सिंह है। पीडि़ता का कहना है कि नौकरी की तलाश में उनके पास पहुंची थी। जहां मेरे रिश्तेदार नोखे और उसके दोस्त आशीष शुक्ला ने नौकरी दिलाने के बहाने मुझे मिंटू्सिंह को 50 हजार रुपए में बेच दिया। इसके बाद वह मुझे बाराबंकी, फैजाबाद, लखनऊ के आश्रम से घुमाती हुई सीतापुर के आश्रम ले आई।

यहां बाबा ने मेरे साथ रेप किया और वीडियो भी बनाया। दूसरे दिन आगरा के आश्रम में भेज दिया गया, जहां मुझे 8 महीने तक बंधक बना कर रखा गया। यहां मेरे साथ हर रात रेप होता था और उसका वीडियो भी बनाया जाता था।

पीडि़ता ने खुलासा किया है कि स्कूल की लड़कियों को बड़े लोगों के पास भेजा जाता है। इस आरोप को बाबा ने सिरे से खारिज करते हुए पीडि़ता को पहचानने से इंकार कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बाबा राम-रहीम और फलाहारी बाबा की तरह एक और मामला सामने आया है। एक लड़की ने बाबा सियाराम दास पर आश्रम में 8 महीने तक बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया है। पीड़‍िता ने बताया, बाबा ने उससे अपने एक श‍िष्या से 50 हजार में खरीदा था। इसके बाद वो हर रात उसके साथ रेप करता था। इतना ही नहीं, उसका एमएमएस भी बनाया जाता था। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और बाबा को गिरफ्तार भी कर लिया है।

250 बीघे में है बाबा का आश्रम-

बाबा सियाराम दास का मुख्य आश्रम सीतापुर से 25 किमी दूर मिश्रिख में है। बताया जाता है कि ये आश्रम लगभग 250 बीघे में बना हुआ है। इसके साथ ही बाबा ने अपने आश्रम में स्कूल खोल रखा है। आसपास के बच्चों की अच्छी संख्या इस स्कूल में पढने आती है। इस स्कूल की प्रिंसिपल मिंटू सिंह है। पीड़िता के बयान के मुताबिक मिंटू सिंह ने ही उससे बाबा सियाराम दास के हाथों बेचा था। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में सियाराम दास के आश्रम जगह-जगह फैले हुए है। इसके साथ ही सियाराम दास ने आगरा में लॉ कालेज भी बना रखा है।

क्या बताया पीड़िता ने-

पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि वो नौकरी के लिए बहुत समय से परेशान थी। एक दिन उसके रिश्तेदार नोखे और उसके दोस्त आशीष शुक्ला ने नौकरी द‍िलाने के बहाने पीड़िता को म‍िंटू स‍िंह से मिलवाने लाया, जहां उन्होंने उससे बेच दिया। जिसके बाद वह उससे बाराबंकी, फैजाबाद, लखनऊ के आश्रम से घुमाती हुई सीतापुर के आश्रम ले आई। जहां सियाराम दास ने उसके साथ रेप किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उससे आगरा के आश्रम में 8 महीने तक बंधक रखा गया। जहां रोज उसके साथ हुए रपे की वीडियो बनाई जाती थी।

स्कूल की लड़कियों को बड़े लोगों के पास भेजा जाता

पीड़ित लड़की ने ये आरोप भी लगाया है कि बाबा सियाराम दास के इंग्लिश मीडियम स्कूल की लड़कियों के साथ भी रेप किया जाता है, उनका वीडियो भी बनाया जाता है, ताकि वो कि‍सी से कुछ कह न सके। इसके अलावा उन लड़कियों को नेताओं और बड़े लोगों के सामने पेश भी किया जाता है। उसने बताया की उससे भी इसी काम के लिए आगरा से सीतापुर लाया गया था। जिसके बाद उसने मौका मिलते ही पुलिस को इसकी सुचना दे दी।



पुलिस ने किया बाबा को गिरफ्तार-


सीतापुर के एएसपी मार्तंड प्रताप स‍िंह ने बताया कि युवती ने यूपी डायल 100 पुलिस को मामले की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल सियाराम दास को उसके आवास से युवती के साथ पकड़ कर मिश्रिख कोतवाली ले लाई। प्रथम दृष्टया युवती के आरोप सही पाए गए हैं। सियाराम दास के खिलाफ अभी धारा 376 के तहत केस दर्ज क‍िया गया है।


सियाराम दास ने कहा मैं बेगुनाह-


पूछताछ में आरोपी बाबा स‍ियाराम दास ने कहा कि वो न‍िर्दोष है। उसके ख‍िलाफ साज‍िश की जा रही है। उसने लड़की को कभी देखा भी नहीं है। साज‍िश कौन कर रहा है ये भी उसे मालूम नहीं है। लड़की ने उस पर रेप का आरोप लगाया है, जो ब‍िल्कुल गलत है।

26.9.2017.

मंगलवार, 26 सितंबर 2017

1 नवंबर से रेलगाड़ियों का नया टाइम टेबल लागू होगा

श्रीगंगानगर, 26 सितम्बर। रेलवे की नई समय सारणी अब आगामी 1 नवम्बर 2017 से प्रभावी होगी। वर्तमान समय सारणी 31 अक्टूबर 2017 तक प्रभावी रहेगी।

उतर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री नीरज शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लागू ट्रेन्स ऐट ए ग्लान्स, नार्थ जॉन पब्लिक टाईम टेबल तथा वर्किंग टाईम टेबल आगामी 31 अक्टूबर 2017 तक प्रभावी रहेगा। नया टाईम टेबल 1 नवम्बर 2017 से प्रभावी होगा। सभी रेल गाडियां 31 अक्टूबर तक वर्तमान समय सारणी के अनुसार चलेगी। 


हनीप्रीत की अग्रिम ट्रांजिट जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में खारिज:

 

हनीप्रीतत की अग्रिम ट्रांजिट जमानत याचिका खारिज हो गई है। हनीप्रीत ने सोमवार को अपने वकील के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अग्रिम ट्रांजिट बेल की मांग की थी। हाई कोर्ट ने मंगलवार को याचिका पर सुनवाई की और जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती क्योंकि यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के जूरिस्डिक्शन का नहीं है। हालांकि कोर्ट ने हनीप्रीत को दिल्ली में सरेंडर का विकल्प दिया। हाई कोर्ट ने हनीप्रीत की अग्रिम ट्रांजिट बेल की अर्जी पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे आसान रास्ता यह होता कि वह सरेंडर कर दें। मामले में हनीप्रीत की ओर से दलील पेश की गई। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की ओर से दलीलें दी गई जिसके बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वह ऑर्डर पारित करेंगे और ऑर्डर रिजर्व कर लिया। ट्रांजिट अग्रिम जमानत का मतलब होता है कि ट्रांजिट के दौरान गिरफ्तारी नहीं होगी। देशद्रोह के मामले में हनीप्रीत ने अग्रिम ट्रांजिट बेल की मांग की थी ताकि दिल्ली से हरियाणा जाने के दौरान गिरफ्तारी न हो। 


सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस ने अग्रिम ट्रांजिट बेल का विरोध किया। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए था। दोनों ही राज्यों की पुलिस ने तीन हफ्ते के अग्रिम ट्रांजिट बेल का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के जूरिस्डिक्शन का है। वहीं हनीप्रीत के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल की जान को खतरा है, इसीलिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर प्रोटेक्शन की मांग की है और जब तक पड़ोसी राज्य न जाएं तब तक गिरफ्तारी पर रोक हो। अगर उन्हें प्रोटेक्शन दिया गया तो वह जांच में सहयोग को तैयार हैं। 


हरियाणा पुलिस ने रामरहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हिंसा फैलाने के मामले में 43 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है इनमें हनीप्रीत भी है। वह 25 अगस्त से ही फरार है। रामरहीम को 25 अगस्त को पंचकुला की अदालत ने रेप के दो मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद वहां हिंसा हुई थी और 41 लोगों की जान चली गई थी। जब 25 अगस्त को रामरहीम सजा सुनाई गई थी उस वक्त रामरहीम के साथ हनीप्रीत मौजूद थी

( NBT)


हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित


नई दिल्ली 26.9.2017.

हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। हनीप्रीत ने पंजाब-हरियाणा के ड्रग्स सिंडिकेट से खुद की जान का खतरा बताया है. हनीप्रीत और पुलिस का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आपना फैसला सुरक्षित किय। हरियाणा पुलिस के वकील ने कहा कि हनीप्रीत का कोई क्लीन बैकग्राउंड नहीं है। यदि वो दिल्ली में है, तो उसे पुलिस को बताना चाहिए।

वकील ने कहा कि दिल्ली हनीप्रीत का न्यायिक क्षेत्र ही नहीं बनता. न तो उसका पासपोर्ट दिल्ली का है, न ही पता. इसलिए उसे ट्रांजिट बेल न दी जाए.


- कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत को 3 हफ्ते का ट्रांजिट बेल क्यों चाहिए? इस पर वकील ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में उसके खिलाफ माहौल है.


- दिल्ली पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत बाबा रहीम के बेहद करीब है. हरियाणा पुलिस उसे खोज रही है. वह कानून की कोई मदद नहीं कर रही है.


- दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वो हनीप्रीत को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे. पुलिस ने कहा कि दिल्ली में ग्रेटर कैलाश का जो पता दिया गया है, वो भी गलत है. ऐसे में समझा जा सकता है कि हनीप्रीत क्या कर रही है.


- कोर्ट ने फिर कहा कि क्या हनीप्रीत सरेंडर के लिए तैयार है? तो वकील ने कहा कि वो पुलिस जांच में सहयोग के लिए तैयार है.


- वकील ने कहा कि हनीप्रीत को पुलिस की तरफ से कभी नोटिस भी नहीं दिया गया.वकील ने कहा कि उसके खिलाफ कोई FIR नही है. उसका कोई रोल नही है. ऐसे में उसकी गिरफ्तारी की जरूरत ही नहीं है.


- कोर्ट ने पूछा, क्या हनीप्रीत दिल्ली की कोर्ट मे सरेंडर करने के लिए तैयार है.


- वकील ने कहा- हनीप्रीत का घर दिल्ली में ही है. उसको गिरफ्तारी का खतरा है.


- जस्टिस ने हनीप्रीत के वकील से पूछा- यह याचिका उनके अधिकार क्षेत्र में कैसे आता है?


- जस्टिस संगीता धीगड़ा कर रही है हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई. दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में हनीप्रीत ने कहा कि वह हर जांच के लिए तैयार है. हरियाणा में उसकी जान को खतरा है।


हनीप्रीत ने दिल्ली में क्यों लगाई अग्रिम जमानत याचिका? कारण जाने

 हनीप्रीत ने अपने वकील के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। अर्जी पर दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्य का कहना है कि हनीप्रीत सोमवार को अग्रिम जमानत अर्जी पर साइन करने के लिए उनके ऑफिस पहुंची थी।

हनीप्रीत के वकील प्रदीप कुमार आर्य ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने 3 सप्ताह के लिए हनीप्रीत को ट्रांजिट बेल देने की मांग की है। चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने हल्के अंदाज में वकील से पूछा कि हनीप्रीत कहां है? जवाब में वकील ने कोर्ट से कहा कि हनीप्रीत की जान को खतरा है। हरियाणा के DGP भी इस बारे में आशंका जता चुके हैं, इसलिए वह दिल्ली में याचिका दायर कर रही है। हनीप्रीत द्वारा दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि उसकी जान को पंजाब और हरियाणा के ड्रग्स व्यापारियों से खतरा है। अर्जी में हनीप्रीत ने खुद को साफ सुथरा जीवन जीने वाली एक सिंगल महिला बताया है जो कानून का पालन करती है और पुलिस जांच में सहयोग को तैयार है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि उनकी अर्जी पर 2 बजे सिंगल बेंच अलग से सुनवाई करेगी। 


हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई 26 सितंबर दोपहर 2 बजे होगी

हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली है। उसकी जमानत याचिका पर 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है।

हनीप्रीत के वकील क्या कहना है क‌ि हनीप्रीत द‌िल्ली में ही है।हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्य ने कोर्ट में पेश होकर इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई किए जाने की अपील की थी।

 इस पर कोर्ट ने सुनवाई दो बजे तक होने की बात कहते हुए ‌द‌िल्ली और हर‌ियाणा दोनों राज्यों की पुल‌िस को मौजूद रहने के आदेश ‌द‌िए हैं।

टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार वकील प्रदीप आर्य का दफ्तर दिल्ली के लाजपत नगर में है और वहां कल 25 सितंबर को हनीप्रीत आई थी। 

आज 26 सितंबर को पुल‌िस ने हनीप्रीत की तलाश में द‌िल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 में छापेमारी की लेक‌िन वहां वो नहीं म‌िली।


एबीवीपी भी संघर्ष में उतरी:बनारस हिंदू विश्वविद्यालय छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू )में छात्राओं पर लाठीचार्ज, छात्रों की पिटाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अब सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार  25 सितंबर से काशी प्रांत के प्रांत मंत्री भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भारत कला भवन के पास चौराहे पर धरना शुरू कर दिया है।


इस दौरान कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए सरकार से पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। उधर चीफ प्राक्टर समेत पूरे प्राक्टोरियल बोर्ड को कैंपस में लगातार हो रही घटनाओं को रोकने में असफल बताते हुए बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया है।


धरना स्थल पर परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्राओं पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई सहित घटनाओं की निंदा करने से संबंधित स्लोगन लिखा पोस्टर लगाया गया है। उधर परिसर में परिषद का यह धरना चर्चा का विषय बना रहा।


इस दौरान भूपेंद्र ने कहा कि परिषद छात्राओं की सुरक्षा के साथ ही अन्य समस्याओं का मुद्दा लगातार उठाती रहती है। आठ सितंबर को भी ज्ञापन दिया गया था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।


छात्रा के साथ हुई घटना दुर्भाग्य पूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। 


ये हैं परिषद की मांग

-  घटनाओं के बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया जाए। 

-  लाठीचार्ज की घटनाओं पर न्यायिक जांच आयोग गठित कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। 

- बीएचयू में घटनाओं को रोक पाने में असफल चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।

- महिला छात्रावासों सहित परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए। परिसर में सीसीटीवी, रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।


सोमवार, 25 सितंबर 2017

हनीप्रीत की दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी


डेरा सच्चा सौदा के गुरमीत राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई है. अग्रिम जमानत याचिका हनीप्रीत तनेजा के नाम से लगाई गई है. कोर्ट इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई कर सकता है. बता दें कि कोर्ट मंगलवार और बुधवार के बाद बंद है.  

अगर कोर्ट हनीप्रीत की याचिका को स्वीकार करता है तो मुमकिन है कि उसे कुछ दिन की ट्रांजिट बेल दिल्ली हाईकोर्ट से मिल जाए और फिर हाईकोर्ट याचिका को पंजाब हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दे. हालांकि ये भी मुमकिन है कि कोर्ट हनीप्रीत को पहले पुलिस के सामने सरेंडर करने को कहे और फिर रेगुलर बेल लगाने को कहे. राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद से ही हनीप्रीत लापता है. खबरें थी कि हनीप्रीत विदेश भाग गई है, लेकिन इस याचिका के बाद साफ हो गया है कि वो देश में ही है.

डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम ने हाईकोर्ट में अपील की

 चंडीगढ़ 25.9.2017. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआइ की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। राम रहीम दोषी करार दिये जाने के बाद रोहतक की सुनरिया जेल में सजा काट रहा है।

सोमवार  25 सितंबर को राम रहीम ने सीबीआइ कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की। साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को सीबीआइ की विशेष अदालत ने 25 अगस्त भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376  (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की अस्मत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया था। गुरमीत को दोषी करार दिये जाने के बाद पंचकूला और सिरसा में डेरा समर्थकों ने जमकर उपद्रव मचाया था। जिसके बाद सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनरिया जेल में अदालत लगी और राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी।


ट्रेन कोच में कालेज छात्रा से छेड़खानी-कोच एटेन्डेंट गिरफ्तार

अहमदाबाद। दिल्ली से अहमदाबाद आ रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही एक कॉलेज छात्रा से छेड़खानी करने का मामला सामने आया है। छात्रा ने रेलवे पुलिस हेल्पलाइन नंबर 182 पर फोन कर कोच अटेंडेंट के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत की। छात्रा की शिकायत के बाद ट्रेन के मेहसाणा स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और जीआरपीएफ जवानों ने युवती की शिकायत दर्ज कोच अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया।


मामला 23 सितंबर का है। अहमदाबाद के चांदखेड़ा क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय लड़की गांधीनगर में होटल मैनेंजमेंट की पढ़ाई करती है। कॉलेज के स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत वह दो अन्य कॉलेज छात्राओं के साथ दिल्ली गई थी।


पीड़ित छात्रा ने पुलिस को दर्ज शिकायत में बताया कि वह दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में कोच नंबर 11 में यात्रा कर रही थी। उसके कॉलेज की दो छात्राएं भी उसके साथ थीं। दिल्ली से ट्रेन के चलने के बाद रात के 1 बजे जयपुर स्टेशन पर पहुंचते ही वह कोच के टॉयलेट में गई थी। उस समय कोच अटेंडेंट बाहर ही खड़ा था और उसे लगातार घूर रहा था। इतना ही नहीं उसने इसके बाद उसके पीठ पर हाथ फेरकर छेड़छाड़ करने की कोशिश की। वह डरकर अपनी सीट पर जाकर बैठ गई। बाद में साहस जुटाकर उसने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 182 पर इसकी शिकायत की।


रेलवे पुलिस ने बताया कि छात्रा की शिकायत के बाद मेहसाणा रेलवे स्टेशन में ट्रेन को रोकर उसका बयान दर्ज किया गया। आरोपी कोच अटेंडेंट रविंद्र कृपाल सिंह ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना जयपुर में हुई है, इसलिए जांच के लिए उसे जयपुर भेज दिया गया है।


अहमदाबाद डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप शर्मा ने इस घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि आरोपी कोच अटेंडेंट रेलवे का स्थायी कर्मचारी नहीं था बल्कि कॉन्ट्रैक्ट पर था। इस मामले को गंभीरता से लेकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

25.9.2017.


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