सोमवार, 25 सितंबर 2017

सांसद श्री निहालचंद पल्लू के लिये पैदल रवाना



श्रीगंगानगर, 25 सितंबर। सांसद एवं  श्री निहालचंद सोमवार को प्रतिवर्ष की भांति नवरात्रा के अवसर पर पल्लू में माता के दर्शन के लिये रायसिंहनगर से पैदल रवाना हो गये है। श्री निहालचंद सोमवार सुबह श्री मनीष गर्ग, अमरसिंह भूवाल, श्री कूलदीप बिश्नोई, श्री महावीर स्वामी, श्री तेजाराम, श्री सौरभ चौहान, श्री शुभकरण व कुलदीप के साथ पैदल रवाना हुए है। रायसिंहनगर से जैतसर, सूरतगढ़ अर्जुनसर होते हुए पल्लू 28 सितम्बर दुर्गाष्टमी को पहुंच कर पल्लू माता के दर्शन करेंगे तथा क्षेत्रा में शान्ति खुशहाली व तरक्की की कामना करेंगे। 
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं पर रात में पुलिस का लाठीचार्ज



BHU Girls Protest Dainik Jagran
बनारस हिंदू वि
श्वविद्यालयलय में देर रात हुई हिंसा. (फोटो साभार: आलोक मालवीय/दैनिक जागरण)

बनार

 विश्वविद्यालय में छेड़खानी और कैंपस में महिला सुरक्षा को लेकर पिछले दो दिनों से जारी छात्राओं को प्रदर्शन शनिवार रात हिंसक हो उठा.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात कुलपति आवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र-छात्राओं पर बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों की ओर से किए गए पथराव के बाद बीएचयू में जंग जैसे हालात बन गए.

रिपोर्ट के अनुसार, हालात को काबू करने के कैंपस में घुसी पुलिस फोर्स को छात्रों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा. परिसर में गुरिल्ला युद्ध की स्थिति बन गई तो पुलिस को हवाई फायरिंग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े.
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, तनाव को देखते हुए 25 सितंबर की दशहरा की छुट्टियों को तीन दिन पहले लागू कर दिया गया और अब विश्वविद्यालय में दो अक्टूबर तक छुट्टी रहेगी. इसके अलावा कुलपति ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है.
रिपोर्ट के अनुसार, रात 10 बजे कुलपति आवास के सामने प्रदर्शन करने जा रहे छात्रों पर कैंपस के सुरक्षा गार्डों और पुलिस ने लंका गेट और महिला महाविद्यालय के पास लाठीचार्ज कर दिया. इसमें आधा दर्जन छात्रों को चोटें आईं. इसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस की लाठीचार्ज के जवाब में पथराव शुरू कर दिया.
दैनिक जागरण के अनुसार, हिंसा ने तब उग्र रूप धारण कर लिया जब सर सुंदरलाल अस्पताल के पास पुलिस और छात्रों के बीच दोतरफा पथराव शुरू हो गया. इसके अलावा महिला महाविद्यालय में घुसी फोर्स ने बाहर खड़ी छात्राओं पर लाठीचार्ज कर दी.
इसके बाद सैकड़ों आक्रोशित छात्र छात्राओं वही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और कुलपति के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
दैनिक जागरण के अनुसार, हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला सिर्फ बिड़ला हॉस्टल में घुस सका. इस बीच 10 बम धमाके हुए जिसके बाद फोर्स को बाहर निकलने का आदेश दे दिया गया. इसमें एक दारोगा और सिपाही के अलावा दर्जनों छात्रों को चोटें आईं. रिपोर्ट में एक की स्थिति गंभीर होने की बात कही गई है.
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एलबीएस हॉस्टल के बाहर प्रधानमंत्री के वाराणसी आने के होर्डिंग में छात्रों ने आग लगा दी थी और परिसर में खड़ी तीन स्कूटी भी फूंक दी गई.
दैनिक जागरण के अनुसार, इधर, सिंहद्वार पर दो दिन से धरना दे रहीं छात्राओं को पुलिस ने कैंपस के भीतर खदेड़ दिया. इसके बावजूद आधी रात के करीब छात्र सिंहद्वार पर जमा हो गए थे.
इससे पहले कैंपस में महिला सुरक्षा और छेड़खानी के विरोध में धरनारत छात्राओं की मांग थी कि कुलपति गिरीश त्रिपाठी मौके पर आकर छात्राओं की बात और समस्याएं सुनें. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैसला किया कि कुलपति धरनास्थल पर नहीं जाएंगे.
इस ज़िद के बाद से ही बीएचयू की माहौल गर्मा गया, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार रात कैंपस कई घंटे तक हिंसा और आगजनी की चपेट में रहा.
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों को काबू में करने के लिए 23 थानों की पुलिस, एक दर्जन वज्र वाहन और पांच कंपनी पीएसी बुला ली गई. पूरी घटला की विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही माना जा रहा है.


दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 21 सितंबर को अपने विभाग से हॉस्टल जा रही एक छात्रा के साथ दृश्य कला संकाय की छात्रा के साथ भारत कला भवन के पास कुछ युवकों ने छेड़खानी के अलावा उसके कपड़े खींचने की कोशिश की थी.
हॉस्टल पहुंचने के बाद त्रिवेणी हॉस्टल की छात्राएं रात में ही सड़क पर उतर आईं. हालांकि उन्हें समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया. इसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे से छात्राओं न सिंहद्वार पर धरना शुरू कर दिया. रिपोर्ट में लिखा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन ख़त्म करने के लिए हरसंभव हथकंडा अपनाया लेकिन वे विफल रहे.
दैनिक जागरण के अनुसार, छात्राओं का कहना था कि अगर कुलपति आ जाते तो वे धरना ख़त्म कर देती लेकिन कुलपति नहीं आए. इसके विरोध में छात्राएं दो दिन तक सिंहद्वार पर डटी रहीं.
धरने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कि उस दिन वाराणसी में ही थे, के दुर्गा और मानस मंदिर जाने का रास्ता बदलना पड़ा. छात्राओं का धरना जारी रहा और कुलपति का पुतला भी फूंका गया.
इस बीच किसी ने सिंहद्वार पर चढ़कर ‘बीएचयू इज़ अनसेफ’ का पोस्टर लगा दिया, जिसे बाद में उतार दिया गया.

रविवार, 24 सितंबर 2017

सच्च बोलने वाले मीडिया और लोगों को मोदी राज में खरीदा जा रहा है-


-कई मीडिया भारी दबाव व खरीद से सरकारी​ पाले में जा बैठे -


- करणीदानसिंह राजपूत -

मीडिया घरानों का भी मोदी सरकार को लेकर विश्वास डगमगा रहा है. देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और गिरती विकास दर और भयानक बेरोजगारी ने कई मीडिया घरानों को मोदी सरकार को लेकर दोबारा नए सिरे से अपनी राय बनाने पर मजबूर कर दिया है. राजस्थान पत्रिका के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार के अर्थव्यवस्था से लेकर रोजगार और विदेशी नीति के मोर्चे पर बुरी तरह से फेल होने पर मोदी सरकार की तीखी आलोचना की है.

कोठारी ने लगाया मोदी पर मीडिया को खरीदने का आरोप


राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ बोलने के लिए मीडिया और लोगों को खरीदने का काम चल रहा हैं.

झूठ को सौ बार बोलकर सच बना रही मोदी सरकार

मुंबई में आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय कंसर्न्ड कम्यूनिकेटर अवॉर्ड (सीसीए) समारोह में राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. कोठारी ने आरोप लगाया कि झूठ बोलने के लिए मोदी सरकार मीडिया और लोगों को खरीदने का काम कर रही हैं. कोठारी ने कहा कि आजादी को 70 साल हो गए हैं लेकिन हम आज भी सच को सुनना ही नहीं चाहते हैं. सरकार मीडिया हाउस को शॉर्टलिस्ट कर जनता तक झूठी बातें पहुंचा रही है. झूठ को सच बताकर रखने की कोशिश में लोगों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है. क्योंकि यदि झूठ को सौ बार बोला जाए तो वह सच मान लिया जाता है और आज यही हो रहा है.

कुछ मीडिया समूहों ने छोड़ दिया जनता का साथ

सरकार व मीडिया को आईना दिखाते कोठारी ने कहा कि आज अभिव्यक्ति की आजादी पर अतिक्रमण हो रहा है. आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. जिसे हमने लोकतंत्र व जनता के बीच सेतु माना था, वही मीडिया आज कहां है? कुछ मीडिया समूहों ने आज जनता का पाला छोड़ दिया है और सरकार के साथ जाकर बैठ गए हैं. यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हो रहा है. सोशल मीडिया का अवतार ही झूठ बोलने के लिए हुआ है, क्योंकि कौन आधिकारिक तौर पर कह रहा है और क्या सही है. मीडिया लोकतंत्र का वॉचडॉग नहीं दिखाई दे रहा है. जनता की सोचने वाला कौन बचा है ?


आजादी बचाने को नई पीढ़ी सिर पर कफन बांधकर आगे आऐ


देश में किसान आंदोलनों पर पीड़ा जताते हुए कोठारी ने कहा कि आज इन आंदोलनों को ताकत के साथ दबाया जा रहा है, जो देशहित में नहीं है. सभी को नोटबंदी को लेकर समस्या हुई, लेकिन हम नोटबंदी के बाद के हालात पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं. सरकार की नई भर्तियां बंद हो गई हैं, वहीं कई लघु उद्योगों के उजड़ जाने से बड़ी संख्या में बेरोजगारी भी बढ़ी है. न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख का हवाला देते हुए कोठारी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तानाशाह सरकारों का दौर है.

ऐसे में सिर्फ अपना प्रोपेगंडा मीडिया के माध्यम से चलाया जा रहा है. ऐसे में विपक्ष को कुछ जिंदा रखने की कोशिश की जाती है, जिससे लोकतंत्र का भ्रम बना रहे. ऐसे हालात में नई पीढ़ी को कफन बांधकर आगे आना चाहिए कि जो आजादी हमें संविधान ने दी है वह बची रहे.

(नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो)
(  15-6-2017.)

शनिवार, 23 सितंबर 2017

फलाहारी बाबा बलात्कार मुकदमें में गिरफ्तार


अलवर। पुलिस ने फलाहारी बाबा को आश्रम की तलाशी व काफी पीड़ित लड़की द्वारा घटना स्थल को दिखाने व   पूछताछ के बाद 23  सितंबर को गिरफ़्तार कर लिया। बाबा की सरकारी चिकित्सालय में जांच कराने के बाद अदालत में पेश किया गया।

 यौन शोषण के आरोपी फलाहारी महाराज को कोर्ट ने छह अक्टूबर तक ​के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस ने अदालत को कहा कि बाबा अपना अपराध कबूल कर चुका है और अधिक पूछताछ की जरूरत नहीं है।

पुलिस बाबा को कोर्ट में लेकर पहुंची, तो बाबा ने मीडिया से कहा कि मुझे फंसाया गया है, मैं पूर्ण रुप से निर्दोष हूं। बाबा ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है। इस दौरान कोर्ट में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

वहीं आज सुबह पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार करने से पूर्व ​निजी अस्पताल में ही लंबी पूछताछ की थी। इसके बाद बाबा का पुलिस ने अलवर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा मेडिकल कराया, जहां उसके स्वस्थ होने की रिपोर्ट आई है।

फलाहारी महाराज यानि रामानुजाचार्य कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य के कमरे से जो सामान मिला हैं उसे देखकर पुलिस ही नहीं बल्कि उसके भक्त भी दंग रह गए। इसके बाद भी भक्तों ने जहां आंखों पर पट्टी बांधी हुई है वहीं पुलिस की काम करने की प्रक्रिया धीमी है। अलवर पुलिस पीड़ित बिलासपुर की इस युवती को फिर से आश्रम ले गई बाबा के कमरे की तस्दीक कराई जहां बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।


क्या क्या मिला कमरे से


एएसपी पारस जैन ने बताया कि रामकिशन कॉलोनी स्थित मधुसूदन सेवा आश्रम के कमरे में बाबा का निवास स्थान है। इस कमरे से बहुत बड़ी मात्रा में जड़ी बूटियां मिली हैं। इसके अलावा एक दर्जन से भी अधिक महिलाओं के पैरों में पहने जाने वाली पायल मिली हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि ये पायल बाबा के कमरे में कहां से आई और बाबा इनका क्या करता होगा। पुलिस ने कमरे से बाबा का लैपटॉप और कैमरा भी बरामद किया है। यानि बाबा हाईटैक था। क्योंकि सन्यासी या आध्यात्मिक पुरुष को इन सब चीजों की जरूरत नहीं होती।


बाबा के बिलासपुर आश्रम में भी छापा


बिलासपुर पुलिस ने बाबा के छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के समीप पेन्ड्रा स्थित आश्रम पर भी छापा मारा है। इस आश्रम में राजस्थान के करीब एक दर्जन से अधिक लोग निवास करते हैं। वहां भी पुलिस ने बाबा के एक दर्जन से अधिक शिष्यों से पूछताछ की है। आश्रम में आस-पास से बड़ी संख्या में अनुयाई आते हैं। बाबा के अनुयाइयों में बड़ी तादात महिलाओं की है जिनसे बाबा अकेले में मिलता था।


शादी शुदा है बाबा


उधर पीड़िता के पिता ने बताया कि बाबा शादीशुदा है और उत्तरप्रदेश के कौशम्बी का रहने वाला है। बाबा के पत्नी और पुत्री भी है। बाबा का उत्तराधिकारी सुदर्शनाचार्य बाबा का भानजा है जो कि यहां अलवर में ही बाबा के साथ आश्रम में रहता है। बाबा के अलावा उसके दो और सगे भाई हैं और इनमें बाबा सबसे बड़ा है।


शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

सूरतगढ़ में गौरव पथ की सही चौड़ाई-सबसे पहले खुलासा-

- करणी दान सिंह राजपूत -

सूरतगढ़ में गौरव पथ कितना चौड़ा होगा?  यह चर्चा पिछले करीब 3 महीनों से हो रही थी।बड़े बड़े अखबारों में केवल लंबाई दी जा रही थी और चौड़ाई को छुपाया जा रहा था। कारण तो अखबार वाले और उनके संवाददाता ही जानते होंगे जो लंबाई भी 800 मीटर ही छापते रहे। 

बड़े अखबारों ने लोगों की इस जिज्ञासा को शांत करने की कोशिश नहीं की।

पहली बार यह समाचार दिया जा रहा है।

इसे फोटो रूप में दिया गया है।

 दोनों तरफ की दुकानों के बीच कुल चौड़ाई कितनी होगी? यह नगरपालिका द्वारा तय करना शेष है।अभी किनारों के अतिक्रमण हटाने बाकी हैं।

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रेलवे रामलीला मंच: पालिाध्यक्ष काजल छाबड़ा सुनील छाबड़ा गगनदीप विडिंग का स्वागत

सूरतगढ़ रेलवे रामलीला के उद्घाटन पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा और उनके पति पूर्व पार्षद श्री सुनील छाबड़ा कांग्रेस युवा के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष श्री गगनदीप बिल्डिंग वह राम नवमी शॉल उठाकर सम्मान मित्र किया गया श्रीमती काजल साहब उड़ा और गगनदीप सिंह ने रामलीला की कलाकारों और प्रबंधकों को शुभकामनाएं देते हुए लीला देखने आए लोगों को श्री राम के आदर्श चरित्र को अपनाने की अपील की इस उद्घाटन अवसर पर रामलीला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सतनाम वर्मा निदेशक प्रेम सिंह सूर्यवंशी तथा अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे।

22.9.2017.


क्या यौन शोषण मुकदमें के आरोपी फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रूकी है?






-  करणीदानसिंह राजपूत. -

 राजस्थान अलवर के फलाहारी बाबा के दर्शन करने और चरणों में शीश नवाने के लिए राजस्थान के अलावा अन्य प्रांतों के केंद्र में स्थापित बड़े-बड़े नेताओं की भीड़ है। बाबा का करोड़ों का साम्राज्य राजस्थान व अन्य राज्यों में और विदेश में फैला हुआ है। वर्तमान में राजस्थान और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं कार्यकर्ताओं भी फलाहारी बाबा से संपर्क रहा है।नेताओं को जहां वोटों की पोटली दिखाई पड़ती है वहां पर शीश नवाने में देरी नहीं करते चाहे किसी भी दल में हो।सत्ता में होते हैं चर्चा उनकी होती है।बाबा लोग भी सत्ताधारी नेताओं से संपर्क रखने में लाभ समझते हैं और अपराध होने पर सत्ता धारी नेताओं के दबाव से बचने की कोशिश भी करते हैं।

कितने दिन बच पाते हैं? एक दिन संकेत होता है और पुलिस गिरफ्तार कर लेती है।


क्या यौन शोषण मुकदमें के आरोपी  फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रूकी है?















गुरुवार, 21 सितंबर 2017

हनीप्रीत के शक में हरियाणा पुलिस का गुरुसर मोडिया में सर्च

हनीप्रीत के शक में हरियाणा पुलिस ने बाबा गुरमीत  राम रहसरच के पैतृक गांव गुरुसर मोडिया में सर्च अभियान शुरु कर रखा है।

 हरियाणा पुलिस डेरा प्रमुख राम रहीम के पैतृक गांव पहुंची हुई है। हनीप्रीत यहीं पर छुपी हो सकती है। राजस्थान के श्री गंगानगर में पुलिस फोर्स ने हनीप्रीत के छिपे होने की खबर के बाद एक गर्ल्स स्कूल को घेर लिया। हनीप्रीत की तलाश में पंचकूला, सूरतगढ़ व गोलूवाला पुलिस ने कि गुरूसर मोडिया में घेराबंदी कर रखी है। 

पुलिस स्कूल की चारों ओर से घेराबंदी किए हुए है। गुरुसर मोडिया गुरमीत राम रहीम का गांव हैं, जहां डेरा सच्चा सौदा ही इस स्कूल का संचालन भी करता है।पुलिस को इस बात का अंदेशा है कि गुरमीत राम रहीम की बेटी ब दामाद दोनों साथ हो सकते हैं। पुलिस ने बवाल होने की आशंका के चलते भारी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी है। 

 ( जागरण अपडेट- पुलिस ने  गुरूवार को श्रीगंगानर जिले के गुरसर मोड़िया गांव में छापे मारे । हालांकि हनीप्रीत तो यहां नहीं मिली,लेकिन यह जानकारी अवश्य मिली कि वह पंजकूला में हिंसा के बाद सीधे राजस्थान आई थी और यह उदयपुर,जयपुर और श्रीगंगानगर जिले  में तीन से  चार दिन तक रहने के बाद फरार हो गई ।राम रहीम के पैतृक गांव गुरसर मोड़िया में स्थित उसके आवास और ड़ेरे पर छापेमारी की गई,इससे पहले पूरे गांव को भारी पुलिस ने घेर लिया । हरियाणा से आई पंचकूला पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के 100 पुलिसकर्मियों के सहयोग से राम रहीम के घर एवं डेरे की तलाशी ली,इस दौरान राम रहीम की अवैध सम्पतियों से जुड़े दस्तावेज मिलने के साथ ही,सिरसा की तरह गुरसर मोड़िया आश्रम में भी गुप्त गुफा होने की बात सामने आई ।

श्रीगंगानर जिला पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस को जानकारी मिली थी कि हनीप्रीत गुरसर मोड़िया  गांव में स्थित राम रहीम के पैतृक गांव में छिपी हुई है । इस पर पंचकूला पुलिस ने श्रीगंगागर पुलिस से सहयोग मांगा,जिले के दो पुलिस थानों सुरतगढ़ और गोलुवाला से पुलिस जाप्ता उनके साथ तैनात किया गया । जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी गुरसर मोड़िया में भेजा गया ।

उन्होंने बताया कि राम रहीम की पत्नी,मां,बेटा,बहू औद बेटी-दामाद पिछले डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद से गुरसर मोड़िया स्थित उसके पैतृक घर में रह रहे है,श्रीगांगनगर पुलिस उनकी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है । अब  हरियाणा पुलिस को हनीप्रीत के यहां छिपे होने की सूचना मिली तो तलाशी अभियान चलाया गया ।


सूरतगढ़ में गौरव पथ: विधायक राजेंद्र भादू व पालिकाध्यक्ष काजल छाबड़ा द्वारा शिलान्यास:

सूरतगढ़ 21 सितंबर 2017.

शारदीय नवरात्र​ शुभारंभ पर बहुचर्चित गौरव पथ का शिलान्यास हुआ। विधायक राजेंद्र सिंह भादू एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा ने शिलान्यास किया।

 यह गौरव पथ इंदिरा सर्किल से सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तक बनाया जाएगा। गौरव पथ निर्माण कार्य के अंतर्गत सी.सी. सड़क, डामर सड़क, दोनों तरफ नाले निर्माण व विद्युतीकरण का कार्य किया जायेगा।

इस अवसर पर पंचायत समिति प्रधान श्रीमती बिरमा देवी नायक, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष श्री महेश शेखसरिया व गण मान्य उपस्थित थे।




बुधवार, 20 सितंबर 2017

राजस्थान के फलाहारी बाबा यौन शोषण मुकदमें में फंसे: देश-विदेश में भक्तों की भरमार



राजस्थान के अलवर जिले के नामचीन संत कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी महाराज पर यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ है। 

एक 21 वर्षीय छात्रा ने बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद पीड़िता के 164 के बयान और कपड़ों की फर्द जब्ती की कार्रवाई कर जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज कर अलवर जिला पुलिस, राजस्थान में भेजी गई जहां बुधवार  20 सितंबर को अरावली विहार थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। अरावली थानाधिकारी हेमराज मीणा के अनुसार बिलासपुर की इक्कीस साल की वकालत का अध्ययन कर रही पीड़िता ने बिलासपुर थाने में प्रपन्नाचार्य महाराज उर्फ फलाहारी महाराज के खिलाफ अलवर आश्रम में यौनशोषण करने की शिकायत दी थी. बिलासपुर पुलिस ने जीरो प्राथमिकी अरावली थाने भेजी थी जिस पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.

उन्होंने बताया कि फलाहारी महाराज से पूछताछ के लिए पुलिस उनके आश्रम पहुंची। फलाहारी बाबा के बीमार होने वअलवर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन होने की सूचना मिली. पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर महाराज का उपचार कर रहे चिकित्सक से बातचीत की है. चिकित्सक की मंजूरी मिलने के बाद आरोपी से पूछताछ की जाएगी.

मीणा ने बताया कि आरोपी महाराज का पीड़िता के घर बिलासपुर में लम्बे समय से आना जाना है. शुरूआती जांच में सामने आया है कि पीड़िता कानून की पढ़ाई के दौरान गत सात अगस्त को उनके आश्रम गयी थी.

उन्होंने बताया कि महाराज ने उसी दिन अपने एक शिष्य की मदद से पीड़िता को अपने कक्ष तक बुलाया और उसके साथ यौन शोषण किया. पीड़िता ने काफी दिनों तक परिजनों को यह जानकारी नहीं दी. लेकिन उसके काफी परेशान रहने पर परिजनों ने कारण जानना चाहा तो पीड़िता ने आप-बीती सुनायी.

 वह 7 अगस्त को बाबा के अलवर आश्रम पहुंची। यहां शाम करीब 7 बजे बाबा ने उसे मंदिर के बेसमेंट में बने कमरे में ठहराया। साथ ही बाबा ने यहां मौजूद लोगों को आरती में शामिल होने के लिए भेज दिया।

-  तभी बाबा ने लड़की को अकेला पाकर कमरे का गेट बंद कर दिया और उसके साथ अश्लील बातें करने के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और बाबा ने लड़की के साथ सेक्शुअली हैरेस किया।

- घटना के बाद लड़की आश्रम से दिल्ली रह रहे अपने भाई के पास पहुंची और उसे आपबीती बताई। इसके बाद दोनों भाई-बहन बिलासपुर पहुंचे और अपने माता-पिता को बाबा द्वारा की गई करतूत के बारे बताया। इसके बाद लड़की ने बाबा के खिलाफ बिलासपुर महिला थाने में सेक्शुअल हैरेसमेंट का मामला दर्ज कराया।

थानाधिकारी के अनुसार प्रपन्नाचार्य महाराज उर्फ फलाहारी महाराज का अलवर में काफी बड़े क्षेत्र में फैला आश्रम है. स्कूल, धर्मशाला संचालित है और देश विदेश में लाखों अनुयायी है. आरोपी महाराज अन्न का सेवन नहीं करते. वो केवल फलों का ही सेवन करने की वजह से फलाहारी बाबा के नाम से पहचाने जाते हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

बिलासपुर निवासी छात्रा ने जयपुर में रहकर लाॅ की पढ़ाई की। पीड़िता ने एलएलबी की पढ़ाई के दौरान बाबा कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी की सिफारिश पर ही सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के अधीन अपना इंटर्नशिप पूरा किया था। इंटर्नशिप खत्म होने के बाद पीड़िता को तीन हजार रूपए का मानदेय दिया गया।

इन रुपयों को छात्रा ने परिवार को सौंपा तो परिजनों ने उसे यह पहली कमाई अलवर में फलाहारी बाबा को समर्पित करने की सलाह दी। बिलासपुर के महिला थाने में दिए बयानों में पीड़िता ने बताया है कि 7 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दिन वह बाबा के दर्शन करने अलवर स्थित दिव्य धाम पहुंची थी।

इंटर्नशिप के तौर पर कमाई गई पहली कमाई जगदगुरू स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज को अर्पित करने के बाद बाबा ने पीड़िता से रात दिव्य धाम में ही रूकने का आदेश दिया। साथ ही, बेहतर भविष्य के लिए गुप्त दिव्य मंत्र देंगे। पीड़िता का आरोप है कि बाबा फलाहारी ने शाम साढ़े सात बजे दिव्य धाम के अपने कक्ष में उसे बुलाया।

बाबा ने छात्रा को अपने राजनीतिक, नौकरशाही, प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों से रसूखात बताते हुए अपने मोबाइल फोन पर उनकी तस्वीरें भी दिखाईं। साथ ही, पीड़िता को जज बनवा देने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद आपत्तिजनक शब्द कहना शुरू कर दिए। इससे छात्रा सहम गई।

इसके बाद बाबा ने उसे प्रसाद खाने को कहा। इसके बाद वह अचेत हो गई और फिर उसने वैसा ही किया जैसा बाबा ने कहा। तभी एक बच्चे ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। इससे पीड़िता घबरा गई और मौका पाकर कमरे से बाहर निकल गई। छात्रा दिव्य धाम परिसर से बाहर निकलकर वेद विद्यालय स्थित आश्रम में जा पहुंची।

जहां वह एक कमरे में ठहरी और अगले दिन सुबह मौका पाकर वहां से निकल गई और जयपुर आ गई। यहां करीब बीस दिन अवसाद में रही।

जानकारी के अनुसार इसी बीच बाबा राम रहीम को यौन शोषण का मामला सामने आया तब छात्रा ने हिम्मत जुटाकर परिजनों से आपबीती बताई और परिजन उसे लेकर छत्तीसगढ़ के डीजीपी एएन उपाध्याय से मिले। तब स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।बिलासपुर महिला थाना में पीड़िता का बयान दर्ज कर फलाहारी बाबा के खिलाफ जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर ली। छात्रा के माता-पिता का बयान के अलावा मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज करवाया। इसके बाद केस डायरी लेकर बिलासपुर पुलिस की एक टीम अलवर, राजस्थान पहुंची। जहां अरावली विहार थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया।यह भी जानकारी है कि पीड़िता का परिवार पिछले कई सालों से फलाहारी बाबा से जुड़ा हुआ है। लगभग हर साल वे बाबा के दिव्य धाम अलवर में आते है। वहीं, फलाहारी महाराज के शिष्यों ने केस की जानकारी होने से इंकार करते हुए बाबा के आंतों में संकम्रण होने से अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी है। 

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बाबा फलाहारी महाराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.— राहुल प्रकाश, एसपी, अलवर पुलिस


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