गुरुवार, 14 सितंबर 2017
बुधवार, 13 सितंबर 2017
रेडियो कैजुअल अनाउंसर एण्ड कॉम्पीयर्स यूनियन का दिल्ली मुख्यालय पर प्रदर्शन
अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल अनांउसर एण्ड कॉम्पीयर्स यूनियन की दूसरी आम सभा दिल्ली में दिनांक 12 सितम्बर 2017 को संपन्न हुई जिसमें देश भर से विभिन्न आकाशवाणी केन्द्रों से आये कैजुअल अनाऊंसर और कॉम्पीयर्स ने भाग लिया।
आकाशवाणी सूरतगढ़ कैजुअल अनाऊंसर एंड कॉम्पीयर्स ईकाई के अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा,उपाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा और कमल पारीक ने इस आम सभा में भाग लिया | इसके अलावा जयपुर,कोटा सहित राजस्थान के कई आकाशवाणी केन्द्रों के प्रतिनिधि इस आम सभा में पहुँचे।
कैजुअल ईकाई सूरतगढ़ के प्रवक्ता नरेश वर्मा ने बताया कि अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल एनांउसर एण्ड कॉम्पीयर्स यूनियन आकाशवाणी महानिदेशालय के सामने धरने के बाद अतिरिक्त महानिदेशक ने यूनियन के प्रतिनिधियों से सकारात्मक बातचीत कर नियमितिकरण की दिशा में प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इससे पहले 12 सितंबर 2017 को अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल अनांउसर एण्ड कॉम्पीयर्स यूनियन के देश भर के विभिन्न आकाशवाणी केन्द्रों से आये कैजुअल अनाऊंसर प्रतिनिधि जंतर मंतर पर इकट्ठे हुये और वहाँ से शांति पूर्ण तरीके से मुँह पर काली पट्टी लगाकर पैदल मार्च करते हुये प्रसार भारती के गेट के सामने पहुँचे जहाँ पर उन्होने महानिदेशक से मिलने के लिये समय मांगा लेकिन एक बार आकाशवाणी महानिदेशालय के शीर्ष अधिकारियों ने मिलने से मना कर दिया और महानिदेशालय के गेट पर तालाबंदी करवा दी।इस दौरान शीर्ष अधिकारियों द्वारा पुलिस भी बुला ली गई किन्तु यूनियन द्वारा आकाशवाणी महानिदेशालय के गेट पर डटे रहने और उग्र आन्दोलन करने की चेतावनी के बाद आकाशवाणी महानिदेशक के बाहर होने के कारण अतिरिक्त महानिदेशक ने मिलने का समय दिया जिसमे उन्होंने सिर्फ तीन पदाधिकारियों को ही अन्दर आने की अनुमति देने की बात कही जबकि कई राज्यों के एक एक प्रतिनिधियों का एक शिष्ट मंडल बनाकर मिलने की बात पर आन्दोलनकारी अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे के निगोशिएशन और उग्र आन्दोलन की चेतावनी के बाद सात प्रतिनिधियों के शिष्ट मंडल पर बात तय हुई।
उनसे मिलने के लिये अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल अनांउसर एण्ड कॉम्पीयर्स यूनियन के अध्यक्ष हरिकृष्ण शर्मा के नेतृत्व में 7 लोगों का प्रतिनिधि मंडल अतिरिक्त महानिदेशक श्री सत्यप्रकाश शर्मा से मिला।
मंडल ने प्रमुखता से रिस्क्रिनिंग और नई भर्ती के आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने,नियमितिकरण, महिलाओं के उत्पीड़न, कैजुअल्स की फीस बढ़ाने,न्यायालय की शरण में गए कैजुअल्स को प्रताड़ित न करने एवं ड्यूटी आबंटन में भेदभाव न करने,रिटायर्ड अधिकारियों को पुनः कैजुअल्स के रूप में काम न देने सहित कई मुद्दों पर दो टूक चर्चा की। अतिरिक्त महानिदेशक एडमिन ने प्रतिनिधि दल की बातों को गंभीरता से सुना और कैजुअल की समस्त समस्याओं से महानिदेशक को उनके आने पर अवगत कराने एवं समस्याओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने अतिरिक्त महानिदेशक को रिस्क्रीनिंग तत्काल रोकने और कोर्ट केस में शामिल कैजुअल की ड्यूटी तत्काल लगाने की मांग की इसके अलावा विभिन्न स्टेशनों पर कैजुअल के साथ अधिकारियों द्वारा किये जा रहे भेदभाव व शोषण के बारे में अवगत कराया,लगभग 1 घंटा 30 मिनट चली मीटिंग में की गई इन बातों को उपमहानिदेशक ने गंभीरता से सुना एवं समस्त समस्याओं को जस के तस महानिदेशक को अवगत कराने का आश्वासन दिया। इस से पूर्व निदेशालय ने आकाशवाणी भवन पर पुलिस को भी किसी अज्ञात भय के कारण तैनात रखा।
अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल अनांउसर एण्ड कॉम्पीयर्स यूनियन के प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष हरिकृष्ण शर्मा,महासचिव डॉ.शबनम खानम,उपाध्यक्ष महेश शर्मा,सचिव सुधीर मेश्राम,सहसचिव नरेन्द्र चहल,प्रवक्ता समीर गोस्वामी के अलावा रेशमा इंदुरकर,अंजु तिवारी उपस्थित रहे प्रसार भारती में अतिरिक्त महानिदेशक सत्यप्रकाश शर्मा, ए॰डी॰पी॰ अनवार अहमद खान,सहायक कार्यक्रम निदेशक भीमप्रकाश शर्मा के अलावा ओ॰एस॰डी॰ उत्तर क्षेत्र राजीव शुक्ला उपस्थित रहे।
इस बीच यूनियन का कहना है कि यदि मीटिंग में तय समय के अन्दर केजुअल उद्घोषकों की मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो वो दोबारा दिल्ली कूच करेंगे तथा सभी केंद्रों के अधिकारियों के विरुद्ध कोर्ट की अवमानना के लिये काँटेम्पट केस भी दायर करेंग,हालांकि इस मुद्दे पर अतिरिक्त महानिदेशक ने कोर्ट के आदेशों का सम्मान करने का आश्वासन दिया।
अब देखना ये है कि इस आश्वासन को महानिदेशालय द्वारा किस हद तक लागू किया जाएगा।
घड़साना पुलिस सब इंस्पेक्टर 25 हजार रू. घूस लेते एसीबी द्वारा गिरफ्तार
घड़साना/ श्रीगंगानगर 13सितंबर2017.
बीकानेर की एसीबी टीम ने कारवाई करते हुए श्रीगंगानगर जिले के घड़साना थाना के सब इंस्पेक्टर बच्चन सिंह भाटी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एएसपी रजनीश पूनिया के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की है।
छतरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कांकराला के पूर्व सरपंच अमीन खान ने एसीबी में शिकायत की थी कि घड़साना थाने में धारा 376,511 का प्रकरण दर्ज करवाया हुआ था जिसमें कार्रवाई करने के लिए जांच अधिकारी बच्चन सिंह ने रिश्वत की मांग की थी। एसीबी टीम ने शिकायत का सत्यापन करवाया तो शिकायत सही पाई गई।
मामले में कार्यवाही करने की एवज में जांच अधिकारी द्वारा तीस हजार रुपए की मांग की जा रही थी जबकि रिश्वत न देने की स्थिति में इस मामले में कार्यवाही न करने की बात कही गई। जिस पर टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। जिस पर घड़साना पुलिसथाना के एसआई बच्चन सिंह भाटी को एक मुश्त पच्चीस हजार रुपए देने की बात कही गई। इस पर पुलिस अधिकारी ने उसे अपने मकान पर आने को कहा। इस पर टीम ने आज अमीन खान की और से पच्चीस हजार रुपए देते हुए उसके मकान से गिरफतार कर लिया।
पूनियां ने बताया कि एसआई के बीकानेर जिलेे के जयमलसर में स्थित मकान पर भी जांच करने के लिए टीम भेजी गई है। टीम इससे पूछताछ कर रही है।
सोमवार, 11 सितंबर 2017
श्रीगंगानगर में पकड़ा गया सैक्स रैकेट:
श्रीगंगानगर। शहर की पुरानी आबादी स्थित रवि चौक में रविवार को पुलिस ने एक मकान में सेक्स रैकेट चलने की सूचना पर छापा मारकर छह महिलाओं सहित आठ जनों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि पुरानी आबादी के रवि चौक पर एक मकान में सेक्सरैकेट चलाए जाने की सूचना कई दिन से मिल रही थी। पुलिस ने बोगस ग्राहक बनाकर वहां भेजा। जिसकी सूचना के बाद सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित के नेतृत्व में रवि चौक स्थित एक महिला के मकान पर छापे की कार्रवाई की गई।
इस दौरान वहां छह महिलाएं देह व्यापार में लिप्त पाई गई, जिनको पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने रवि चौक निवासी मंगू सोनी पुत्र राजेन्द्र कुमार व कबूलशाह कूबन खुईखेड़ा फाजिल्का पंजाब निवासी सुखचैन सिंह पुत्र परमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस टीम में सीओ सिटी के साथ पुरानी आबादी थाना प्रभारी रमेश सर्वटा, एसआई विक्रम तिवाड़ी, हैडकांस्टेबल राकेश कुमार, सतीश कुमार, सिपाही जसदीप सिंह, रामकरण, बाबूलाल, चंद्रकला व पिंकी आदि शामिल थे।
दो पुरानी आबादी व चार बाहर की महिलाएं
पीटा एक्ट में पकड़ी गई महिलाओं में दो महिलाएं पुरानी आबादी इलाके की रहने वाली हैं तथा एक महिला हनुमानगढ़, रायसिंहनगर, गिरडीह बिहार व एक लालगढ़ जाटान इलाके की रहने वाली है। पकड़े गए पुरुषों में एक पुरानी आबादी का रहने वाला है तथा दूसरा पंजाब का है।
लंबे समय से चल रहा था रैकेट
रवि चौक पर पुलिस को लंबे समय से सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने बताया कि यहां यह लोग लंबे समय से देह व्यापार कर रहे थे। पुलिस ने कई बार इनको पकडऩे के प्रयास किए थे लेकिन पुलिस सफल नहीं हो पाई थी। इस मकान पर पुलिस की चार माह से नजर थी। अब पुलिस ने बोगस ग्राहक भेजकर यह कार्रवाई की।
एक से ढाई हजार रुपए लेते थे
इस मकान में चल रहे सेक्स रैकेट चलाने वाले ग्राहक से एक से लेकर ढाई हजार रुपए तक लेते थे। जैसा ग्राहक होता था, उससे उसी तरह रुपए लिए जाते थे। रविवार को कार्रवाई से पहले पुलिस की ओर से भेजे गए बोगस ग्राहक से यहां एक हजार रुपए लिए गए थे।
टिप्पणी- आज दिनांक 11 सितंबर 2017 के राजस्थान पत्रिका सहित अन्य समाचार पत्रों में यह समाचार प्रकाशित हुआ है। देह कार्य में महिलाएं क्यों आए इसकी सामाजिक स्तर पर खोज की जानी चाहिए। जो संस्थाएं सामाजिक कार्यों में लगी हुई है उनका यह दायित्व है। राजस्थान के महिला आयोग को भी इस समाचार से मालूम कर ना चाहिए कि महिलाओं की क्या मजबूरी रही है? पूर्व में श्री गंगानगर में इस प्रकार की घटनाओं में मैंने यह पाया कि अधिकांश महिलाएं अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की थी। मेरा यह मानना है कि आज भी गरीब लोग केवल रोटी के लिए इस कार्य में उतरे हुए हैं। सामाजिक व्यवस्था सुधारने की बहुत जरूरत है। अगर कार्य मिलता हो और पारिश्रमिक भी उचित मिल जाए तो घर चलाने में आसानी रहती है।जब काम धंधा मिल जाए तब कोई भी महिला इस प्रकार के कार्य से पेट पालन नहीं करेगी। समाज के जागरुक कितने लोग और कितनी संस्थाएं आगे आकर इस पर कार्य करती हैं यह आगे के लिए विचारणीय होगा। देश की आजादी के इतने सालों बाद भी विकास के दावों में रोटी के लिए गरीबों को देह व्यापार करना पड़े।
करणी दान सिंह राजपूत,
पत्रकार, सूरतगढ़।
9414381356.
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रेप पीड़ित साध्वी का पत्र जिसने डेरामुखी को जेल पहुंचाया
- करणीदानसिंह सिंह राजपूत. -
गुरमीत राम रहीम का गुप्त राजतंत्र कानून से तहस नहस हो गया।भ्रष्टाचारी और दुराचारी कभी बच नहीं सकते चाहे वे कितने भी बड़े, कितने ही शक्तिशाली, और पैसे वाले हों,सत्ता में हों या सत्ताधारियों का सहयोग हो। डेरा सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम के पास तो कई राजनीतिक पार्टियों की हस्तियों की ताकत थी। साध्वी का पत्र काल बना वअदालती आदेश भूचाल बना।
सन 2002 में पीड़ित साध्वी ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को भेजी चिट्ठी में क्या लिखा था? उस चिट्ठी को अखबार ' पूरा सच्च' में छापने पर संपादक रामचंद्र छत्रपति को गोलियां मार कर खत्म करवा दिया गया। जानिए क्या था पूरा पत्र।
-------सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री महोदय जी
श्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारत सरकार
विषय : डेरे के महाराज द्वारा सैकड़ों लड़कियों से बलात्कार की जांच करें।
श्रीमान जी,
यह है कि मैं पंजाब की रहने वाली हूं और अब पांच साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा, हरियाणा (धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा) में साधु लड़की के रूप में सेवा कर रही हूं। मेरे साथ यहां सैकड़ों लड़कियां भी डेरे में 18-18 घंटे सेवा करती हैं। हमारा यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साथ में डेरे के महाराज गुरमीत सिंह द्वारा योनिक शोषण (बलात्कार) किया जा रहा है।
मैं बीए पास लड़की हूं। मेरे परिवार के सदस्य महाराज के अंध श्रद्धालु हैं जिनकी प्रेरणा से मैं डेरे में साधु बनी थी। साधु बनने के दो साल बाद एक दिन महाराज गुरमीत की परम शिष्या साधु गुरुजोत ने रात के 10 बजे मुझे बताया कि आपको पिता जी ने गुफा (महाराज के रहने का स्थान) में बुलाया है। मैं क्योंकि पहली बार वहां जा रही थी, मैं बहुत खुश थी। यह जानकर कि आज खुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है। गुफा में ऊपर जाकर जब मैंने देखा महाराज बेड पर बैठे हैं। हाथ में रिमोट है, सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही है। बेड पर सिरहाने की ओर रिवॉल्वर रखा हुआ है।
मैं यह सब देखकर हैरान रह गई। मुझे चक्कर आने लगे। मेरे पांव के नीचे की जमीन खिसक गई। यह क्या हो रहा है। महाराज ऐसे होंगे? ऐसा मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। महाराज ने टीवी को बंद किया व मुझे साथ बिठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है। मेरा यह पहला दिन था। महाराज ने मेरे को बांहों में लेते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं। तुम्हारे साथ प्यार करना चाहते हैं क्योंकि तुमने हमारे साथ साधु बनते वक्त तन-मन-धन सब सतगुरु के अर्पण करने को कहा था। तो अब ये तन-मन हमारा है। मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं हम ही खुदा हैं। जब मैंने पूछा कि क्या यह खुदा का काम है तो उन्होंने कहा -
1 - श्री कृष्ण भगवान थे, उनके यहां 360 गोपियां थीं जिनसे वह हर रोज प्रेम लीला करते थे। फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं, यह कोई नई बात नहीं है।
2 - यह है कि हम चाहें तो इस रिवॉल्वर से तुम्हारे प्राण पखेरू उड़ाकर दाह संस्कार कर सकते हैं। तुम्हारे घरवाले इस प्रकार से हमारे पर विश्वास करते हैं व हमारे गुलाम हैं। वह हमारे से बाहर जा नहीं सकते। यह तुमको अच्छे से पता है।
3 - यह कि हमारी सरकार में बहुत चलती है। हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब के केंद्रीय मंत्री हमारे चरण छूते हैं। राजनीतिज्ञ हमसे समर्थन लेते हैं, पैसा लेते हैं और हमारे खिलाफ कभी नहीं जाएंगे। हम तुम्हारे परिवार के नौकरी लगे सदस्यों को बर्खास्त करवा देंगे। सभी सदस्यों को अपने सेवादारों (गुडों) से मरवा देंगे। सबूत भी नहीं छोड़ेंगे। यह तुम्हें अच्छी तरह पता है कि हमने गुंडों से पहले भी डेरे के प्रबंधक फकीर चंद को खत्म करवा दिया था जिनका अता-पता तक नहीं है। ना ही कोई सबूत बकाया है। जो कि पैसे के बल पर हम राजनीतिक व पुलिस और न्याय को खरीद लेंगे।
इस तरह मेरे साथ मुंह काला किया और पिछले तीन मास में 20-30 दिन बाद किया जा रहा है। आज मुझको पता चला कि मेरे से पहले जो लड़कियां रहती थीं, उन सबके साथ मुंह काला किया गया है। डेरे में मौजूद 35-40 साधु लड़की 35-40 वर्ष की उम्र से अधिक हैं जो शादी की उम्र से निकल चुकी हैं। जिन्होंने परिस्थितियों से समझौता कर लिया है। इनमें ज्यादातर लड़कियां बीए, एमए, बीएड, एमफिल पास हैं मगर घरवालों के अंधविश्वासी होने के कारण नरक का जीवन जी रही हैं।
हमें सफेद कपड़े पहनना, सिर पर चुन्नी रखना, किसी आदमी की तरफ आंख न उठाकर देखना, आदमी से 5-10 फुट की दूरी पर रहना महाराज का आदेश है लेकिन दिखाने में देवी हैं मगर हमारी हालत वेश्याओं जैसी है। मैंने एक बार अपने परिवारवालों को बताया कि डेरे में सबकुछ ठीक नहीं है तो मेरे घर वाले गुस्से में होते हुए कहने लगे कि अगर भगवान के पास रहते हुए ठीक नहीं है तो ठीक कहां है। तेरे मन में बुरे विचार आने लग गए हैं। सतगुरु का सिमरण किया कर। मैं मजबूर हूं। यहां सतगुरु का आदेश मानना पड़ता है। यहां कोई भी दो लड़कियां आपस में बात नहीं कर सकतीं।
घरवालों को टेलिफोन मिलाकर बात नहीं कर सकतीं। घरवालों का हमारे नाम फोन आए तो हमें बात करने का महाराज के आदेशानुसार हुक्म नहीं है। यदि कोई लड़की डेरे की इस सच्चाई के बारे में बात करती है तो महाराज का हुक्म है कि उसका मुंह बंद कर दो। पिछले दिनों बठिण्डा की लड़की साधु ने जब महाराज की काली करतूतों का सभी लड़कियों के सामने खुलासा किया तो कई साधु लड़कियों ने मिलकर उसे पीटा। जो आज भी घर पर इस मार के कारण बिस्तर पर पड़ी है। जिसका पिता ने सेवादारों से नाम कटवाकर चुपचाप घर बैठा दिया है। जो चाहते हुए भी बदनामी और महाराज के डर से किसी को कुछ नहीं बता रही।
एक कुरुक्षेत्र जिले की एक साधु लड़की जो घर आ गई है, उसने अपने घर वालों को सब कुछ सच बता दिया है। उसका भाई बड़ा सेवादार था, जो कि सेवा छोड़कर डेरे से नाता तोड़ चुका है। संगरूर जिले की एक लड़की जिसने घर आकर पड़ोसियों को डेरे की काली करतूतों के बारे में बताया तो डेरे के सेवादार / गुंडे बंदूकों से लैस लड़की के घर आ गए। घर के अंदर से कुंडी लगाकर जान से मारने की धमकी दी व भविष्य में किसी से कुछ भी नहीं बताने को कहा। इसी प्रकार कई लड़कियां जैसे कि जिला मानसा (पंजाब), फिरोजपुर, पटियाला, लुधियाना की हैं। जो घर जाकर भी चुप हैं क्योंकि उन्हें जान का खतरा है। इसी प्रकार जिला सिरसा, हिसार, फतेहबाद, हनुमान गढ़, मेरठ की कई लड़कियां जो कि डेरे की गुंडागर्दी के आगे कुछ नहीं बोल रहीं।
अत: आपसे अनुरोध है कि इन सब लड़कियों के साथ-साथ मुझे भी मेरे परिवार के साथ जान से मार दिया जाएगा अगर मैं इसमें अपना नाम-पता लिखूंगी। क्योंकि मैं चुप नहीं रह सकती और ना ही मरना चाहती हूं। जनता के सामने सच्चाई लाना चाहती हूं। अगर आप प्रेस के माध्यम से किसी भी एजेंसी से जांच करवाएं तो डेरे में मौजूद 40-45 लड़कियां जो कि भय और डर में हैं। पूरा विश्वास दिलाने के बाद सच्चाई बताने को तैयार हैं। हमारा डॉक्टरी मुआयना किया जाए ताकि हमारे अभिभावकों व आपको पता चल जाएगा कि हम कुमारी देवी साधु हैं या नहीं। अगर नहीं तो किसी के द्वारा बर्बाद हुई हैं। ये बता देंगे कि महाराज गुरमीत राम रहीम सिंह जी, संत डेरा सच्चा सौदा के द्वारा तबाह की गई हैं।
- प्रार्थी
एक निर्दोष जलालत का जीवन जीने को मजबूर (डेरा सच्चा सौदा सिरसा)
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गुरमीत राम रहीम मानसिक रोगी हुए तो जेल और नई सजाओं से बच जाएंगे
- करणी दान सिंह राजपूत -
बाबा गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में अजीबोगरीब हरकतें करने लगे हैं। यह समाचार आ रहे हैं कि बाबा के विचित्र बीमारी लगी है जिससे उनका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है। दो साध्वियों से बलात्कार यौन शोषण के अपराध में 20 साल की सश्रम कैद की सजा भुगत रहे बाबा 25 अगस्त 2017 से जेल में बंद है। बाबा को सीबीआई अदालत पंचकूला ने 28अगस्त 2017 को सजा सुनाई थी।
बाबा अपनी खास युवती हनीप्रीत का नाम लेकर बैरक में जोर जोर से चिल्लाते रहते हैं। बाबा से कोई भी परिजन मिलने नहीं पहुंचा। बाबा बार बार पूछते हैं कि कोई उनसे मिलने आया? बाबा किसी मिलने वाले के नहीं आने के कारण भी बेचैन हैं।
9 सितंबर को बाबा ने अपने शरीर को खुजलाना शुरू किया और उसके बाद उनका मेडिकल चेकअप हुआ। जेल के डॉक्टरों ने मामले को गंभीर देखते हुए पीजीआई में उपचार की सिफारिश की।
पीजीआई के डॉक्टरों की टीम ने रोहतक की सुनारिया जेल में पहुंचकर बाबा का चेकअप किया है। फिलहाल बाबा का मानसिक संतुलन ठीक बताया जा रहा है लेकिन डॉक्टरों और पुलिस प्रशासन सभी की ओर से खबरें आ रही है कि बाबा राम रहीम की हालत अधिक न बिगड़े इसलिए उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया जाए। पीजीआई रोहतक के निदेशक राकेश गुप्ता के अनुसार 4 डॉक्टरों की टीम जेल में गुरमीत राम रहीम का उपचार करने के लिए गई थी। राम रहीम के शारीरिक व मानसिक स्थिति के बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया और कहा कि रिपोर्ट जिला प्रशासन और जेल प्रशासन को भेज दी गई है। खबरों के मुताबिक लगता है कि बाबा गुरमीत राम रहीम को किसी भी समय पीजीआई रोहतक में इलाज के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है भारतीय कानून के मानसिक रोगी को जेल में बंद नहीं रखा जाकर चिकित्सालय में उपचार के लिए रखना होता है इसके अलावा अगर बाबा मानसिक रोगी घोषित हो जाते हैं और मानसिक रोगी के रूप में इलाज शुरू होता है तब वह जेल में नहीं रखे जा सकते। वे चिकित्सालय में रखे जाएंगें। मानसिक रोगी होने के कारण अन्य विचाराधीन मुकदमों में उन पर न तो कोई मुकदमा चलाया जा सकता हैं और न मानसिक रोगी को सजा हो सकती है। बाबा गुरमीत राम रहीम मानसिक रोगी घोषित किए जाने के बाद जेल के बजाय चिकित्सालय में रहेंगे और अन्य मुकदमों में सजाएं नहीं सुनाई जा सकेंगी।
वरिष्ठ एडवोकेट सरदार हरचंद सिंह सिद्धू से इस बाबत कानूनी जानकारी प्राप्त की गई तब सिद्धु ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति मानसिक रोगी हो और मुकदमें और सजा के बारे में समझ ही नहीं रखता हो तब ऐसी स्थिति में उस मानसिक रोगी पर न तो मुकदमा चलाया जा सकता है और ना ही उसे सजा सुनाई जा सकती है। सरकार को उसका इलाज करवाना होता है।
बुधवार, 6 सितंबर 2017
सच्चा लिखने वाली पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या किसने करवाई पूरे देश में मचा है बवाल
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है।
सत्य लिखना उनकी नजरों में जो देखा वह लिखा।
जो देखा वह लिखा! सच्च राजनेताओं को, पैसे वालों को और अपराधियों को पसंद नहीं आता। पत्रकारों को लोग सच लिखने का कहते हैं मगर सच सहन नहीं होता। सच लिखने की सजा मौत के रूप में दिया जाना इस लोकतांत्रिक देश में आश्चर्यजनक लगता है। सत्ता में जो भी आता है वह पत्रकारों को अपने नजरिए से चलाना चाहता है। पत्रकार का सच्च लिखना बड़े लोगों को राजनेताओं को पैसे वालों को और अपराधियों को नहीं सुहाता तब इस किस्म के लोग कोई भी कदम उठा सकते हैं। देश में कहने को स्वतंत्रता है लोकतंत्र है! मगर कैसी स्वतंत्रता और कैसा लोकतंत्र है!! यह जनता जानती है!!!बस जनता की एक कमजोरी है कि वह सच का साथ देने में सदा पीछे रह जाती है। घटना घटित होने पर एक-दो दिन की हलचल होती है। सच लिखने वाले की सराहना होती है।
सत्य लिखने वाले पत्रकार को लोग पसंद नहीं करते उसका कारण यह है कि लोग सत्ता के साथ रहकर लाभ उठाते हैं और ऐसे लोग सच्ची पत्रकारिता का विरोध करते हैं। एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि सच्च लिखने वाले पत्रकार को अन्य पत्रकार भी पसंद नहीं करते।
गौरी लंकेश ने अनेक सच्च लिखे। उनका लिखा यह संपादकीय आखिरी सच्च बन गया। प्रसिद्ध पत्रकार ओम थानवी की फेसबुक से लिया गया है।
- मीडिया के जुझार सिंह अर्थात् रवीश कुमार की प्रस्तुति -
गौरी लंकेश नाम है पत्रिका का। 16 पन्नों की यह पत्रिका हर हफ्ते निकलती है। 15 रुपये कीमत होती है। 13 सितंबर का अंक गौरी लंकेश के लिए आख़िरी साबित हुआ। हमने अपने मित्र की मदद से उनके आख़िरी संपादकीय का हिन्दी में अनुवाद किया है ताकि आपको पता चल सके कि कन्नड में लिखने वाली इस पत्रकार की लिखावट कैसी थी, उसकी धार कैसी थी। हर अंक में गौरी ‘कंडा हागे’ नाम से कालम लिखती थीं। कंडा हागे का मतलब होता है जैसा मैने देखा। उनका संपादकीय पत्रिका के तीसरे पन्ने पर छपता था। इस बार का संपादकीय फेक न्यूज़ पर था और उसका टाइटल था- 'फेक न्यूज़ के ज़माने में':
"इस हफ्ते के इश्यू में मेरे दोस्त डॉ वासु ने गोएबल्स की तरह इंडिया में फेक न्यूज़ बनाने की फैक्ट्री के बारे में लिखा है। झूठ की ऐसी फैक्ट्रियां ज़्यादातर मोदी भक्त ही चलाते हैं। झूठ की फैक्ट्री से जो नुकसान हो रहा है मैं उसके बारे में अपने संपादकीय में बताने का प्रयास करूंगी। अभी परसों ही गणेश चतुर्थी थी। उस दिन सोशल मीडिया में एक झूठ फैलाया गया। फैलाने वाले संघ के लोग थे। ये झूठ क्या है? झूठ ये है कि कर्नाटक सरकार जहां बोलेगी वहीं गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करनी है, उसके पहले दस लाख का डिपाज़िट करना होगा, मूर्ति की ऊंचाई कितनी होगी, इसके लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी, दूसरे धर्म के लोग जहां रहते हैं उन रास्तों से विसर्जन के लिए नहीं ले जा सकते हैं। पटाखे वगैरह नहीं छोड़ सकते हैं। संघ के लोगों ने इस झूठ को खूब फैलाया। ये झूठ इतना ज़ोर से फैल गया कि अंत में कर्नाटक के पुलिस प्रमुख आर के दत्ता को प्रेस बुलानी पड़ी और सफाई देनी पड़ी कि सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है। ये सब झूठ है।
इस झूठ का सोर्स जब हमने पता करने की कोशिश की तो वो जाकर पहुंचा POSTCARD.IN नाम की वेबसाइट पर। यह वेबसाइट पक्के हिन्दुत्ववादियों की है। इसका काम हर दिन फ़ेक न्यूज़ बनाकर बनाकर सोशल मीडिया में फैलाना है। 11 अगस्त को POSTCARD.IN में एक हेडिंग लगाई गई। कर्नाटक में तालिबान सरकार। इस हेडिंग के सहारे राज्य भर में झूठ फैलाने की कोशिश हुई। संघ के लोग इसमें कामयाब भी हुए। जो लोग किसी न किसी वजह से सिद्धारमैया सरकार से नाराज़ रहते हैं उन लोगों ने इस फ़ेक न्यूज़ को अपना हथियार बना लिया। सबसे आश्चर्य और खेद की बात है कि लोगों ने भी बग़ैर सोचे समझे इसे सही मान लिया। अपने कान, नाक और भेजे का इस्तमाल नहीं किया।
पिछले सप्ताह जब कोर्ट ने राम रहीम नाम के एक ढोंगी बाबा को बलात्कार के मामले में सज़ा सुनाई तब उसके साथ बीजेपी के नेताओं की कई तस्वीरें सोशल मीडिया में वायर होने लगी। इस ढोंगी बाबा के साथ मोदी के साथ साथ हरियाणा के बीजेपी विधायकों की फोटो और वीडियो वायरल होने लगा। इससे बीजेपी और संघ परिवार परेशान हो गए। इसे काउंटर करने के लिए गुरमीत बाबा के बाज़ू में केरल के सीपीएम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बैठे होने की तस्वीर वायरल करा दी गई। यह तस्वीर फोटोशाप थी। असली तस्वीर में कांग्रेस के नेता ओमन चांडी बैठे हैं लेकिन उनके धड़ पर विजयन का सर लगा दिया गया और संघ के लोगों ने इसे सोशल मीडिया में फैला दिया। शुक्र है संघ का यह तरीका कामयाब नहीं हुआ क्योंकि कुछ लोग तुरंत ही इसका ओरिजनल फोटो निकाल लाए और सोशल मीडिया में सच्चाई सामने रख दी।
एक्चुअली, पिछले साल तक राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के फ़ेक न्यूज़ प्रोपेगैंडा को रोकने या सामने लाने वाला कोई नहीं था। अब बहुत से लोग इस तरह के काम में जुट गए हैं, जो कि अच्छी बात है। पहले इस तरह के फ़ेक न्यूज़ ही चलती रहती थी लेकिन अब फ़ेक न्यूज़ के साथ साथ असली न्यूज़ भी आनी शुरू हो गए हैं और लोग पढ़ भी रहे हैं।
उदाहरण के लिए 15 अगस्त के दिन जब लाल क़िले से प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया तो उसका एक विश्लेषण 17 अगस्त को ख़ूब वायरल हुआ। ध्रुव राठी ने उसका विश्लेषण किया था। ध्रुव राठी देखने में तो कालेज के लड़के जैसा है लेकिन वो पिछले कई महीनों से मोदी के झूठ की पोल सोशल मीडिया में खोल देता है। पहले ये वीडियो हम जैसे लोगों को ही दिख रहा था,आम आदमी तक नहीं पहुंच रहा था लेकिन 17 अगस्ता के वीडियो एक दिन में एक लाख से ज़्यादा लोगों तक पहुंच गया। ( गौरी लंकेश अक्सर मोदी को बूसी बसिया लिखा करती थीं जिसका मतलब है जब भी मुंह खोलेंगे झूठ ही बोलेंगे)। ध्रुव राठी ने बताया कि राज्य सभा में ‘बूसी बसिया’ की सरकार ने राज्य सभा में महीना भर पहले कहा कि 33 लाख नए करदाता आए हैं। उससे भी पहले वित्त मंत्री जेटली ने 91 लाख नए करदाताओं के जुड़ने की बात कही थी। अंत में आर्थिक सर्वे में कहा गया कि सिर्फ 5 लाख 40 हज़ार नए करदाता जुड़े हैं। तो इसमें कौन सा सच है, यही सवाल ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में उठाया है।
आज की मेनस्ट्रीम मीडिया केंद्र सरकार और बीजेपी के दिए आंकड़ों को जस का तस वेद वाक्य की तरह फैलाती रहती है। मेन स्ट्रीम मीडिया के लिए सरकार का बोला हुआ वेद वाक्य हो गया है। उसमें भी जो टीवी न्यूज चैनल हैं, वो इस काम में दस कदम आगे हैं। उदाहरण के लिए, जब रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो उस दिन बहुत सारे अंग्रज़ी टीवी चैनलों ने ख़बर चलाई कि सिर्फ एक घंटे में ट्वीटर पर राष्ट्रपति कोविंद के फोलोअर की संख्या 30 लाख हो गई है। वो चिल्लाते रहे कि 30 लाख बढ़ गया, 30 लाख बढ़ गया। उनका मकसद यह बताना था कि कितने लोग कोविंद को सपोर्ट कर रहे हैं। बहुत से टीवी चैनल आज राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की टीम की तरह हो गए हैं। संघ का ही काम करते हैं। जबकि सच ये था कि उस दिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सरकारी अकाउंट नए राष्ट्रपति के नाम हो गया। जब ये बदलाव हुआ तब राष्ट्रपति भवन के फोलोअर अब कोविंद के फोलोअर हो गए। इसमें एक बात और भी गौर करने वाली ये है कि प्रणब मुखर्जी को भी तीस लाख से भी ज्यादा लोग ट्वीटर पर फोलो करते थे।
आज राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के इस तरह के फैलाए गए फ़ेक न्यूज़ की सच्चाई लाने के लिए बहुत से लोग सामने आ चुके हैं। ध्रुव राठी वीडियो के माध्यम से ये काम कर रहे हैं। प्रतीक सिन्हा altnews.in नाम की वेबसाइट से ये काम कर रहे हैं। होक्स स्लेयर, बूम और फैक्ट चेक नाम की वेबसाइट भी यही काम कर रही है। साथ ही साथ THEWIERE.IN, SCROLL.IN, NEWSLAUNDRY.COM, THEQUINT.COM जैसी वेबसाइट भी सक्रिय हैं। मैंने जिन लोगों ने नाम बताए हैं, उन सभी ने हाल ही में कई फ़ेक न्यूज़ की सच्चाई को उजागर किया है। इनके काम से संघ के लोग काफी परेशान हो गए हैं। इसमें और भी महत्व की बात यह है कि ये लोग पैसे के लिए काम नहीं कर रहे हैं। इनका एक ही मकसद है कि फासिस्ट लोगों के झूठ की फैक्ट्री को लोगों के सामने लाना।
कुछ हफ्ते पहले बंगलुरू में ज़ोरदार बारिश हुई। उस टाइम पर संघ के लोगों ने एक फोटो वायरल कराया। कैप्शन में लिखा था कि नासा ने मंगल ग्रह पर लोगों के चलने का फोटो जारी किया है। बंगलुरू नगरपालिका बीबीएमसी ने बयान दिया कि ये मंगल ग्रह का फोटो नहीं है। संघ का मकसद था, मंगल ग्रह का बताकर बंगलुरू का मज़ाक उड़ाना। जिससे लोग यह समझें कि बंगलुरू में सिद्धारमैया की सरकार ने कोई काम नही किया, यहां के रास्ते खराब हो गए हैं, इस तरह के प्रोपेगैंडा करके झूठी खबर फैलाना संघ का मकसद था। लेकिन ये उनको भारी पड़ गया था क्योंकि ये फोटो बंगलुरू का नहीं, महाराष्ट्र का था, जहां बीजेपी की सरकार है।
हाल ही में पश्चिम बंगाल में जब दंगे हुए तो आर एस एस के लोगों ने दो पोस्टर जारी किए। एक पोस्टर का कैप्शन था, बंगाल जल रहा है, उसमें प्रोपर्टी के जलने की तस्वीर थी। दूसरे फोटो में एक महीला की साड़ी खींची जा रही है और कैप्शन है बंगाल में हिन्दु महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। बहुत जल्दी ही इस फोटो का सच सामने आ गया। पहली तस्वीर 2002 के गुजरात दंगों की थी जब मुख्यमंत्री मोदी ही सरकार में थे। दूसरी तस्वीर में भोजपुरी सिनेमा के एक सीन की थी। सिर्फ आर एस एस ही नहीं बीजेपी के केंद्रीय मंत्री भी ऐसे फ़ेक न्यूज़ फैलाने में माहिर हैं। उदाहरण के लिए, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फोटो शेयर किया कि जिसमें कुछ लोग तिरंगे में आग लगा रहे थे। फोटो के कैप्शन पर लिखा था गणतंत्र के दिवस हैदराबाद में तिरंगे को आग लगाया जा रहा है। अभी गूगल इमेज सर्च एक नया अप्लिकेशन आया है, उसमें आप किसी भी तस्वीर को डालकर जान सकते हैं कि ये कहां और कब की है। प्रतीक सिन्हा ने यही काम किया और उस अप्लिकेशन के ज़रिये गडकरी के शेयर किए गए फोटो की सच्चाई उजागर कर दी। पता चला कि ये फोटो हैदराबाद का नहीं है। पाकिस्तान का है जहां एक प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन भारत के विरोध में तिरंगे को जला रहा है।
इसी तरह एक टीवी पैनल के डिस्कशन में बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सरहद पर सैनिकों को तिरंगा लहराने में कितनी मुश्किलें आती हैं, फिर जे एन यू जैसे विश्वविद्यालयों में तिरंगा लहराने में क्या समस्या है। यह सवाप पूछकर संबित ने एक तस्वीर दिखाई। बाद में पता चला कि यह एक मशहूर तस्वीर है मगर इसमें भारतीय नहीं, अमरीकी सैनिक हैं। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमरीकी सैनिकों ने जब जापान के एक द्वीप पर क़ब्ज़ा किया तब उन्होंने अपना झंडा लहराया था। मगर फोटोशाप के ज़रिये संबित पात्रा लोगों को चकमा दे रहे थे। लेकिन ये उन्हें काफी भारी पड़ गया। ट्वीटर पर संबित पात्रा का लोगों ने काफी मज़ाक उड़ाया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में एक तस्वीर साझा की। लिखा कि भारत 50,000 किलोमीटर रास्तों पर सरकार ने तीस लाख एल ई डी बल्ब लगा दिए हैं। मगर जो तस्वीर उन्होंने लगाई वो फेक निकली। भारत की नहीं, 2009 में जापान की तस्वीर की थी। इसी गोयल ने पहले भी एक ट्वीट किया था कि कोयले की आपूर्ति में सरकार ने 25,900 करोड़ की बचत की है। उस ट्वीट की तस्वीर भी झूठी निकली।
छत्तीसगढ़ के पी डब्ल्यू डी मंत्री राजेश मूणत ने एक ब्रिज का फोटो शेयर किया। अपनी सरकार की कामयाबी बताई। उस ट्वीट को 2000 लाइक मिले। बाद में पता चला कि वो तस्वीर छत्तीसगढ़ की नहीं, वियतनाम की है।
ऐसे फ़ेक न्यूज़ फैलाने में हमारे कर्नाटक के आर एस एस और बीजेपी लीडर भी कुछ कम नहीं हैं। कर्नाटक के सांसद प्रताप सिम्हा ने एक रिपोर्ट शेयर किया, कहा कि ये टाइम्स आफ इंडिय मे आया है। उसकी हेडलाइन ये थी कि हिन्दू लड़की को मुसलमान ने चाकू मारकर हत्या कर दी। दुनिया भर को नैतिकता का ज्ञान देने वाले प्रताप सिम्हा ने सच्चाई जानने की ज़रा भी कोशिश नहीं की। किसी भी अखबार ने इस न्यूज को नहीं छापा था बल्कि फोटोशाप के ज़रिए किसी दूसरे न्यूज़ में हेडलाइन लगा दिया गया था और हिन्दू मुस्लिम रंग दिया गया। इसके लिए टाइम्स आफ इंडिया का नाम इस्तमाल किया गया। जब हंगामा हुआ कि ये तो फ़ेक न्यूज़ है तो सांसद ने डिलिट कर दिया मगर माफी नहीं मांगी। सांप्रादायिक झूठ फैलाने पर कोई पछतावा ज़ाहिर नहीं किया।
जैसा कि मेरे दोस्त वासु ने इस बार के कॉलम में लिखा है, मैंने भी एक बिना समझे एक फ़ेक न्यूज़ शेयर कर दिया। पिछले रविवार पटना की अपनी रैली की तस्वीर लालू यादव ने फोटोशाप करके साझा कर दी। थोड़ी देर में दोस्त शशिधर ने बताया कि ये फोटो फर्ज़ी है। नकली है। मैंने तुरंत हटाया और ग़लती भी मानी। यही नहीं फेक और असली तस्वीर दोनों को एक साथ ट्वीट किया। इस गलती के पीछे सांप्रदियाक रूप से भड़काने या प्रोपेगैंडा करने की मंशा नहीं थी। फासिस्टों के ख़िलाफ़ लोग जमा हो रहे थे, इसका संदेश देना ही मेरा मकसद था। फाइनली, जो भी फ़ेक न्यूज़ को एक्सपोज़ करते हैं, उनको सलाम । मेरी ख़्वाहिश है कि उनकी संख्या और भी ज़्यादा हो।"
वसुंधरा सरकार 300 स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में: कटघरे में फंसी सरकार
जयपुर 6 सितंबर2017.
उदयपुर आए प्रधानमंत्री मोदी के सामने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान में स्कूली शिक्षा के विकास के लिए अपनी पीठ थपथपाई थी। लेकिन दस दिन के भीतर ही सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय ने उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सरकारी स्कूलों को राज्य सरकार अब निजी सहभागिता पर संचालित करेगी। राज्यमंत्रिमण्डल ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य की 300 स्कूलों को पीपीपी मोड पर निजी हाथों में देने का फैसला किया है। इन स्कूलों में कार्यरत मौजूदा शिक्षकों व अन्य स्टाफ को पास ही दूसरे सरकारी स्कूलों में हस्तांतरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) नीति-2017 को मंजूरी देने के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अब पॉलिसी के रूल्स तैयार किए जाएंगे। संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने पत्रकारों को बताया कि नीति के तहत प्रथम चरण में राज्य के कुल नौ हजार 895 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से 300 विद्यालयों को पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा।
राज्य के आदर्श विद्यालय तथा संभागीय एवं जिला मुख्यालयों के विद्यालय इस नीति से बाहर रहेंगे। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को वर्तमान में उपलब्ध अनुदान, छात्रवृत्ति और मिड-डे-मील आदि सभी सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों पर फीस के रूप में कोई अतिरिक्त भार नहीं आएगा। नीति के तहत विद्यालयों के संचालन के लिए रिवर्स बिडिंग के माध्यम से शिक्षण संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। निजी सहभागी को विद्यालय आवंटित होने पर उसे आधारभूत संरचना के विकास के लिए 75 लाख रुपए प्रति स्कूल खर्च करने होंगे। अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों पर वर्तमान में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रति विद्यार्थी खर्च का पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। यह व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी।
रविवार, 3 सितंबर 2017
राजाराम मील ने डेरा मुखी का सम्मान किया:
- बाबा को राजस्थानी साफा धारण करवा कर डाला भेंट कर सम्मानित किया-
- डेरा सच्चा सौदा सिरसा में 22अगस्त 2017 को मील ने किया सम्मान -
(जीवननगर का नामधारी समुदाय , उत्तरप्रदेश से वैश्य महासभा तथा टोहाना के अग्रवाल समाज ने की पूज्य गुरु जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना)
सिरसा, 22 अगस्त। हमें गर्व है कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां राजस्थान से संबंध रखते हैं तथा जाट समुदाय से हैं। उनके पावन मार्गदर्शन में देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मानवता की सेवा के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। ये शब्द राजस्थान जाट महासभा के प्रधान राजा राम मील ने कहे। उनके साथ डेरा सच्चा सौदा पहुंचे कर्नल आरके बिजारणिया, शेर सिंह पूनिया व अन्यों ने पूज्य गुरु जी को राजस्थान जाट महासभा की ओर से पगड़ी पहनाकर व भाला भेंट कर सम्मानित किया। राजस्थान जाट महासभा के प्रधान राजा राम मील ने अपने संबोधन में कहा कि वे वर्षों से देखते आ रहे हैं कि पूज्य गुरु जी मानवता की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 20 सालों से जाट महासभा के प्रधान हैं तथा राजस्थान का पूरा जाट समाज डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे कार्यों को नमन करता है व तन-मन-धन से भविष्य में भी सहयोग करता रहेगा।
वहीं नामधारी समुदाय के गणमान्य लोगों ने भी पूज्य गुरु जी द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों की सराहना की व उन्हें शॉल भेंट कर सम्मानित किया। नामधारी समुदाय के स. जसवीर सिंह व अन्यों ने अपने संबोधन में कहा कि डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत मानवता की सेवा कर रही है तथा नामधारी साध-संगत भी अपने गुरु जी के हुक्मानुसार डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। वहीं अग्रवाल समाज टोहाना के प्रतिनिधियों ने भी पूज्य गुरु जी द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों की सराहना की तथा उन्हें तलवार भेंट कर सम्मानित किया। अग्रवाल युवा इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि समस्त वैश्य समाज गुरु जी द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों में पूरा सहयोग करेगा। वहीं इस अवसर पर कैथल, पिल्लूखेड़ा व अन्य स्थानों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने पूज्य गुरु जी को अवतार माह की बधाई दी।
मंगलवार प्रात: आयोजित मजलिस के दौरान उत्तरप्रदेश से अखिल भारतीय वैश्य महासभा द्वारा पूज्य गुरुजी को पगड़ी व प्रशंसा पत्र भेंट किया गया। उत्तरप्रदेश की अखिल भारती वैश्य महासभा की महिला विंग अध्यक्ष आरती अग्रवाल, महासचिव सचिन अग्रवाल व अन्य पदाधिकारियों ने पूज्य गुरुजी द्वारा किए जा रहे 133 मानवता भलाई कार्यों की सराहना की।
-------++++-++++++++- पूर्व विधायक गंगाजल मील की भी बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा -
राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील के भाई सूरतगढ़ के पूर्व विधायक गंगाजल मील की भी डेरा सच्चा सौदा के प्रति गहरी श्रद्धा है। मील ने कांग्रेस टिकट पर सन 2008 में सूरतगढ़ से विधानसभा का चुनाव लड़ा था तब डेरा प्रेमियों समर्थक लोगों ने बड़ा सहयोग किया था। गंगाजल मील को जीत मिली। मील ने उसके बाद एक रक्त दान शिविर लगवाया और डेरा गुरु सर मोडिया में जाने लगे जिससे डेरे के सामाजिक कार्यों के प्रति लगाव बढा।चर्चा है कि सूरतगढ़ में डेरा सच्चा सौदा का नाम चर्चा घर की भूमि मील की तरफ से भेंट की गई। राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 62 पर यह नाम चर्चा घर है।
मील परिवार का पैतृक निवास जमीन जायदाद सूरतगढ़ के निरवाना गांव में है। वहां मोटा राम मील की यादगार में विशाल शिक्षण संस्थान चलाया जा रहा है। डेरा सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम का पैतृक आवास सूरतगढ़ के गुरुसर मोडिया गांव में है। सामाजिक कार्यों से भी आपस में नजदीकियां बढी।
राजनीतिक तौर पर भी माने तो यह लगता है कि मील आगे चुनाव लड़ते हैं तो डेरा प्रेमियों का सहयोग मिलने की संभावना रहेगी।
+++++++++++.;.शुक्रवार, 1 सितंबर 2017
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी उत्पादन खरीद का समझोता कर लेंगे तब क्या होगा?
- करणीदानसिंह राजपूत. -
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने चीनी उत्पादनों की खरीद का या सरकारी उपयोग में लिए जाने का कोई समझौता कर लिया तो क्या होगा? हमारे देश के अनेक मोदी भक्तों ने कुछ दिन पहले ही चीनी राखियों और वस्तुओं का बहिष्कार करने का और चीनी वस्तुओं आदि को नहीं खरीदने का अभियान चलाया था। शिक्षण संस्थाओं में सेमिनार आयोजित किए गए, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के व्यक्ति विशेष लोगों ने एवं मोदी जी के भक्तों ने भाषण दिए थे। मोदी जी अनेक देशों में अबतक यात्रा कर चुके हैं और लगभग हर यात्रा में उन्होंने संबंधित देश की वस्तुएं खरीदने या उनके उत्पादन का देश में उपयोग करने आदि का समझौता किया।
अगर मोदी जी चीन यात्रा में चीन के उत्पादन खरीदने का या उनके उत्पादन को सरकारी उपयोग में लेने का कोई समझोता कर लेंगे तो फिर RSS के कर्ताधर्ता और खुद को देशभक्त कहने वाले मोदी भक्त क्या कदम उठाएंगे?
यह प्रश्न बहुत गंभीरता रखता है और इस पर आप गंभीरता से सोच समझ कर ही अपने विचार रखें और साझा करें।
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