ईओ पूजा शर्मा के 2 साल.100 करोड़ रू. से अधिक अतिक्रमण. ईओ भूमाफिया को बचा रही.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 4 जून 2026.
नगरपालिका की अधिशाषी अधिकारी के द्वारा कार्वाई नहीं करने, शिकायतों को अपने दफ्तर में दबाकर बड़े भूमाफिया को लाभ पहुंचाने से 100 करोड़ से अधिक की जमीनें अतिक्रणकारियों के कब्जे में चली गई। नेशनल हाईवे,मुख्य सड़कों और मुख्य स्थानों की करोड़़ों रूपये के अनेक भूखंड भूमाफिया अतिक्रमण कर आगे से आगे बेचते रहे और ईओ पूजा शर्मा अतिक्रमण हटाने जमीनें नगरपालिका के कब्जे में लेने के मांगपत्र अपने दफ्तर में दबाती रही। अतिक्रणकारियों को मिलीभगत से उनको,स्वयं को लाभ पहुंचाने से नगरपालिका कोष को करोड़़ों रू.की हानि पहुंचा दी। अतिक्रमण हटाने के लिए ईओ को दिए मांग पत्र दबाए गए। इसके अलावा एसडीएम, एडीएम, जिला कलेक्टर, संभागीय आयुक्त,निदेशक स्थानीय प्रशासन जयपुर और क्षेत्रीय उपनिदेशक बीकानेर को जो मांग पत्र पहुंचे तथा कारवाई के लिए नगरपालिका सूरतगढ़ में आए वे ईओ पूजा शर्मा ने दबाए और कार्वाई नहीं की। पूजा शर्मा ने यहां 20 फरवरी 2024 को अधिशाषी अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया था। ईओ पूजा शर्मा के सरकारी जमीनों से अतिक्रमण नहीं हटाने,भूमाफियाओं से मिलकर सरकारी कोष को करोड़़ों रूपयों की हानि पहुंचाने के मामलों की जांच,आय से अधिक संपत्ति की जांच, व अन्य भ्रष्टाचार, भाभी बबीता शर्मा को सफाई कर्मचारी से जमादार पद का प्रमोशन,होटलों का अवैध निर्माण,आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक निर्माण में कार्वाई नहीं करना और नगरपालिका कोष को लाखों की हानि पहुंचाना आदि की जांच में नौकरी से बर्खास्तगी होने से कोई नेता आदि नहीं बचा पाएंगे।
👍 ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार, घोटाले, अतिक्रणकारियों से मिलीभगत,अतिक्रमण नहीं तुड़वाने का हर मामला विधायक डुंगरराम गेदर,सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू को मालुम है। भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, पूर्व विधायक अशोक नागपाल और पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया को मालुम है। अपने अपने कारणों से ये ईओ पूजा शर्मा के विरूद्ध शिकायत नहीं करते।
👍 नगरपालिका के प्रशासक और उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा को भी अनेक अतिक्रमणों का मालुम है लेकिन वे नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड नहीं लगवाते और मौका निरीक्षण के मांग पत्रों के बावजूद मौका निरीक्षण करने नहीं जाते। उपखंड अधिकारी के इस रवैये से भी भू माफिया को छूट मिल रही है जबकि सरकारी संपत्ति को बचाने की पहली ड्युटी इनकी भी बनती है। लोगों द्वारा दिए मांग पत्रों पर निरीक्षण नहीं करना,अतिक्रमणों को नहीं हटवाने,अवैध होटलों पर कार्वाई नहीं करने की ढील से सरकारी एक्शन हो सकता है लेकिन पहली ड्युटी अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा और सहायक अभियंता सुरेंद्रप्रतापसिंह की बनती है। सुरेन्द्र प्रतापसिंह होटलों,मार्केट काम्लेक्सों का अवैध निर्माण देखते रहे और नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाते रहे। सहायक अभियंता भी मिलीभगत के भ्रष्टाचार में शामिल रहे। ये मामले उच्चस्तरीय जांच या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच तक पहुंचेंगे। ०0०