रविवार, 9 अगस्त 2026
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
गरीबों की रेहड़ियां हटाना आसान,नेताओं व अमीरों के होटलों,अतिक्रमणों पर कार्वाई नहीं.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 अगस्त 2026.
नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी गणपतराम ने स्वयं उपस्थित होकर बस स्टैंड में लगाई हुई रेहड़ियों को हटवाया। उचित व्यवस्था व सफाई आदि के लिए यह अच्छा है लेकिन एक बड़ा सवाल पैदा होता है कि हर ईओ को छोटी सी रेहड़ी तो दिखाई दे जाती है लेकिन अवैध बन रहे आकाश छूते विशाल होटल शिकियतें मिलने के बाद भी दिखाई नहीं पड़ते। रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के पास दो होटल स्वीकृति के विपरीत अवैध बनाए जा रहे हैं। नगरपालिका से रेलवे स्टेशन आधा किमी से कम दूरी पर है। जहां नगरपालिका को लाखों रूपये शुल्क और शास्ति मिलना निश्चित है वहां पहुंच कर कारवाई में अधिक से अधिक दोनों होटलों पर चार घंटे लग सकते हैं। किसी कर्मचारी की ड्युटी लगाना और ईओ का खुद पहुंच कर कार्वाई करने में बड़ा अंतर है।
* ईओ गणपतराम खुद जाकर होटलों पर कार्वाई करे ताकि पालिका में लाखों रुपये आए और गलत निर्माण ध्वस्त भी हो। अभी होटल निर्माण चल रहे हैं, ईओ द्वारा कार्वाई में ढील देना और होटल निर्माण संपूर्ण कराना नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाने में,जानबूझकर ड्युटी नहीं निभाने में आता है। शहर में और भी होटल अवैध बन रहे हैं तथा कुछ बन भी चुके हैं। अधिशाषी अधिकारी गणपतराम स्वयं सख्ती से निरीक्षण व कार्वाईयां करेंगे तो नेताओं और बड़े लोगों पर शिकंजा कसा जा सकेगा और अतिक्रमण भी रूकेंगे। अभी तो लोगों निर्माताओं की पक्की सोच एक ही है कि कुछ भी नहीं हो सकता। बड़े अखबार भी होटलों के अवैध निर्माण पर लिखने छापने से कतराते हैं।
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गुरुवार, 6 अगस्त 2026
सूरतगढ़ के प्राईवेट स्कूल,शहर और लाईन पार में बच्चों पर अत्याचार.आखरी चेतावनी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 अगस्त 2026.
सूरतगढ़ के प्राईवेट स्कूलों में अध्यापकों द्वारा बच्चों को मारने पीटने की घटनाएं लगातार हो रही है। अध्यापक एवं स्कूल संचालक सुधर नहीं रहे। समझाईस के बाद चेतावनी। इसके बाद जो होगा वह स्कूल संचालक और स्कूल का भविष्य होगा, जिससे पुलिस केस और बरबादी की कहानी बनेगी। बच्चों के साथ पेड़ की डाली से मारपीट,थप्पड़, डांट डपट क्रूरता के अनेक तरीके हैं लेकिन मीडिया के लेखों आदि से सुधार नहीं हो रहा। पुलिस केस से सब सुधर जाएगा।
शहर और लाईन पार के स्कूल संचालकों और अध्यापकों को सुधर जाना चाहिए। यह आखरी चेतावनी समझ में आनी चाहिए। अक्ल तब आती है जब सब कुछ बरबाद हो जाता है। 👍 अपने साथी अध्यापकों, स्कूल संचालकों, अभिभावकों को शेयर करें।
करणीदानसिंह राजपूत,
94143 81356
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बुधवार, 5 अगस्त 2026
"लोकतंत्र सेनानी "परिचय पत्र मिला- करणीदानसिंह राजपूत.
सूरतगढ़ 5 अगस्त 2026.
💐 राजस्थान सरकार की ओर से जिलाकलेक्टर द्वारा आज" लोकतंत्र सेनानी " परिचय पत्र प्रदान किया गया। आपातकाल जून 1975-मार्च 1977 में राजनैतिक व सामाजिक कारणों से जेल में निरूद्ध रहे। मैं 30 जुलाई 1975 से 3 दिसंबर 1975 तक श्रीगंगानगर जेल में बंद रहा था।
करणीदानसिंह राजपूत,
लोकतंत्र सेनानी, पत्रकार।
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
सोमवार, 3 अगस्त 2026
सूरतगढ़:नेताओं के होटल-अवैध निर्माण. सारे नेता चुप.एक कड़वी सच्चाई.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 अगस्त 2026. नेताओं के होटल
नगरपालिका की स्वीकृति से विपरीत अधिक बड़े,अधिक ऊंचे, अंडरग्राउंड अवैध बन रहे हैं और शहर के सभी नेता चुप हैं। अनेक पहले बन चुके हैं। अनेक अभी भी बनाए जा रहे हैं। जो नेता खुद को सच्चा और ईमानदार बताते हैं, उनकी सच्चाई और ईमानदारी का मोलभाव हो चुका होगा जिसके कारण शिकायत करना, जांच की मांग करना आदि पर मिट्टी पुत गई है। मोलभाव नहीं हुआ है तो फिर बोलते क्यों नहीं? चुप्पी का सीधा सादा अर्थ तो यही निकलता है कि बिके हुए, डरे हुए या मतलबी हैं सो बोला नहीं जा रहा। जब बिना बात के,दूसरे शहर की घटनाओं पर,बोला जाता है,प्रदर्शन किया जाता है तो शहर की अवैध गतिविधियों पर बोलने से डर क्यों है?
* इस समय रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के आगे उत्तर में और दक्षिण में होटलों का निर्माण चल रहा है तो वह तुरंत कोई भी देख सकता है? उत्तर के निर्माणाधीन होटल में तो अंडरग्राउंड भी बनाया गया है।
** बसंत बिहार कालोनी के व्यावसायिक क्षेत्र में और बाईपास रोड पर,बीकानेर रोड पर होटलों का अवैध निर्माण हुआ है। बसंत बिहार में और बीकानेर रोड पर होटलों में अंडरग्राउंड में सभाकक्ष भोजनकक्ष बने हुए हैं और यूज भी हो रहे हैं। बसंत बिहार में बरामदे लोगों के उपयोग के लिए अप्रूव्ड थे लेकिन उनको अवैध रूप से होटलों व दुकानों में मिला लिया गया है।
* भाजपा के नेता पुत्र का होटल अवैध बन रहा हो तो कांग्रेस बोले या कांग्रेस का विधायक डुंगरराम गेदर बोले? भाजपा के नेता पुत्र का है तो भाजपा में जो ईमानदार है या दूसरे खेमे का है वह तुरंत शिकायत कर सीज कराए। भाजपा का हर नेता नेतियां और संगठन पदाधिकारी अवैध निर्माताओं से डरे हुए हैं और सबकुछ देखते हुए भी सरकार को,मुख्यमंत्री को और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष को सूचना देने से कतराते हैं। भाजपा का कोई भी पदाधिकारी मुख्यमंत्री को सूचना दे तो कार्वाई निश्चित ही हो सकती है।
👍 यह भी कथन सच्च होगा कि कोई भी एक शिकायत करे तो अवैध बन रहे होटल एक दिन में ही सीज हो जाएंगे।
👍👍 एक लाख आबादी वाले सूरतगढ में केवल एक ईमानदार की जरुरत है।०0०
शनिवार, 1 अगस्त 2026
सूरतगढ़:20 दिन में नगरपालिका में नया ईओ. गणपतराम चौधर करेंगे.कैसे हुआ परिवर्तन.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 1 अगस्त 2026.स्वायत्त शासन निदेशक जुईकर प्रतीक गणेशन के एकल आदेशानुसार यहां नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी गणपत राम पदस्थापित किए गए हैं। एकल आदेश 31 जुलाई की तारीख में हैं जो सोशल मीडिया पर आज दोपहर में आया। इससे पहले 10 जुलाई को हुए स्थानांतरण में यहां मनीषकुमार पारीक को लगाया गया था और यहां से पूजा शर्मा को एपीओ जयपुर निदेशालय किया गया था। मनीषकुमार पारीक ने यहां 13 जुलाई 2026 को कार्यभार ग्रहण किया।
मनीषकुमार पारीक को भाजपा युवा मोर्चे के प्रदेश मंत्री राहुल लेघा की डिजायर पर लगाया गया जिस पर राजनीति में हलचल हुई कि पूजा शर्मा को वापस लाया जाएगा। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया ने जयपुर में डेरा जमाया। पूजा शर्मा का वापस सूरतगढ़ में लगाया जाना असंभव हुआ। ऐसी परिस्थिति में बात उछली कि पूजा की वापसी नहीं तो राहुल लेघा की डिजायर पर लाया गया मनीषकुमार पारीक भी नहीं रहे, कोई और लगा दिया जाए। अब 20 दिन बाद गणपत राम यहां लगाए गये हैं। सूरतगढ़ के 45 वार्डों में गंदगी और गंदे पानी की निकासी की बड़ी समस्या है। मनीषकुमार पारीक और राहुल लेघा ने 13 जुलाई से ही सफाई सुधारने के लिए वार्डों का भ्रमण तेजी से शुरू किया था। अब ईओ गणपत राम को शहर की बड़ी समस्या को दूर करने में प्राथमिकता देनी होगी। यहां नगरपालिका भूमि पर अतिक्रमण, सड़कों के अतिक्रमण,होटलों व शापिंग काम्पलेसों के अवैध निर्माण के मामले और कांग्रेस राज में मनोनीत अध्यक्ष परसराम भाटिया द्वारा नियमविरुद्ध जारी पट्टों के गंभीर मामले हैं।०0०
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026
स्कूल में बच्चों की प्रताड़ना: शिक्षक प्रधानाचार्य संचालक सभी को जेल होगी और स्कूल को ताला।
* करणीदानसिंह राजपूत *
आपके स्कूल में बच्चों को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किया जाता है तो समझ लें कि किसी भी दिन बच्चे ने शिकायत कर दी तो स्कूल धड़ाम से
गिर जाएगा। शिक्षक,प्रिंसिपल,संचालक और मामले को दबाने में सहयोग देने वाले शिक्षक व अन्य स्टाफ जेल में होंगे। छोटेछोटे बच्चों को न पढने पर,होमवर्क नहीं करने पर,उत्तर याद नहीं होने पर किसी भी प्रकार की मारपीट, डांट डपट, मुर्गा बनाना, खडे़ करना, दूसरे बच्चे से थप्पड़ मरवाना,लड़कों को चूडिय़ां पहना कर हंसी उड़ाना क्रूरता मे आते हैं और पुलिस में शिकायत होने पर
जेल निश्चित है। इस लेख को पढ कर यह न सोचें कि कुछ नहीं होता। माता पिता आदि ने ही न पढने पर दंड देने सख्ती करने का कहा था जैसा बहाना पुलिस थानों में नहीं चलता। क्या आपके स्कूल में कोई भी कक्षा में पढाने के लिए लगा दिया जाता है जो टीचर नहीं है और वह भी बच्चों को प्रताड़ित कर देता है। लड़कियों के साथ मारपीट, चोटी पकड़ कर डेस्क पर रगड़ कर दंड देना, हाथ मरोड़कर पिटाई करना होता है तो आप जैसा नालायक दूसरा नहीं हो सकता। लड़की ने प्रताड़ना के बाद शिकायत में बैड टच का आरोप लगा दिया तो क्या होगा?
कभी भी कोई भी बच्चा शारीरक दंड से डांट से परेशान हुआ घायल हुआ किसी का हाथ पैर काम करना बंद हुआ या कोई गड़बड़ी हुई तो गुरूजी की गुरूआई क्षण भर में खत्म हो जाएगी।
छोटे छोटे बच्चों को बाल वाहन में भेड़ बकरियों की तरह भरना और स्कूल में शारीरक मानसिक दंड देना, पीटना और पिटवाने की शिकायतें हैं मगर संचालकों को मालुम है और मालुम नहीं भी है। स्कूल संचालकों की जानकारी में होती है ये सब अनियमितताएं साधारण में,सब चलता है,कुछ नहीं होता, जैसी सोच से हल्के में लेते हैं और फंसने पर सब बरबाद हो जाता है।
* छोटे छोटे बच्चे भी दंड से डांट से आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं तब संचालक ऐसे फंसता है कि केस में से निकल नहीं पाता। अभिभावक कह दें कि डराओ धमकाओ थप्पड़ मार दो तब भी शिक्षक को ऐसा नहीं करना चाहिए।
* मेरी जानकारी में स्कूली छात्र की आत्महत्या का एक मामला सूरतगढ़ राजस्थान का है जिसमें उच्च माध्यमिक स्कूल के संचालक पर मुकदमा है तथा गिरफ्तारी आदेश पर उच्च न्यायालय जोधपुर से स्टे लेकर फिलहाल बचे हुए हैं।*
* अभी एक अत्याचार का बहुत ही घिनौना मामला सामने आया है जिसमें पुलिस केस हुआ है। बच्चे ने अध्यापिका से पेशाब करने के लिए अनुमति मांगी। अध्यापिका ने अनुमति नहीं दी। बच्चे का पेंट में पेशाब निकल गया। अध्यापिका ने डांटा पीटा और दूसरे कमरे में ले जाकर दंड दिया। अध्यापिका ने चाकू गर्म कर बच्चे की पेशाब नली पर दाग दिया। बच्चे के दर्द होने पर मां बाप ने पूछा तब यह घटना सामने आई। पुलिस केस हुआ। बच्चों को दंड देने का कोई अधिकार नहीं है। शिक्षक अपनी घर की परेशानियों की क्रूरता स्कूल में निकालते हैं।
* बाल वाहन का रंग पीला होना चाहिए और भी कड़े नियम हैं जिनका पालन नहीं किया जाता। वाहन किराए पर और उसमें क्षमता से अधिक बच्चे। लेखक ने अनेक बार छोटी बालवाहिनी में बच्चों को ठूंसा हुआ और सीट से नीचे बैठे हुए भी देखा है। इसमें अभिभावकों की भी गलती है कि जब वे वाहन का शुल्क देते हैं तो अपने बच्चे से ऐसा व्यवहार स्वीकार क्यों करते हैं। इसमें यातायात विभाग, पुलिस भी दोषी है जो जांच नहीं करते। अच्छे स्कूल के चक्कर में अपने कोमल अंग बच्चों को यातनाओं के हवाले कर देते हैं।
* स्कूल संचालक, प्रधानाचार्य, शिक्षक दंड देने की और वाहन में ठूंसने की गलत हरकतें करते हैं तो अभिभावकों को पुलिस में शिकायत कर देनी चाहिए। बच्चे का जीवन स्कूल के संचालक की कार्वाईयों से अधिक महत्वपूर्ण है इसलिए बच्चों से वाहन,कक्षा में दंड आदि के बारे में जानकारी लेते रहना चाहिए। अभिभावकों द्वारा बच्चों से पूछते रहना चाहिए कि स्कूल में मारपीट या किसी भी प्रकार की प्रताड़ना तो नहीं हो रही। यदि स्कूल में कुछ भी गलत हो रहा है तो कोई भी क्षमा के लायक नहीं। ऐसे में शिकायत हुई तो स्कूल बंद और जेल खुली होगी।( यदि आप स्कूल चलाते हैं तो पढने के तुरंत बाद सुधार कर लें तथा अपने मित्रों संचालकों शिक्षकों को समझाएं। ) इस लेख को मजाक में न लें और गंभीरता से सोच लें कि समय खराब हो सकता है और पुलिस मुकदमा हो सकता है।
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31 जुलाई 2026.
* करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
पत्रकारिता अनुभव 62 वर्ष,
94143 81356.
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सूरतगढ़ : होटल निर्माण की जांच जरूरी.सुरक्षा दृष्टि से जांच जरूरी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 31जुलाई 2026.एक होटल का निर्माण रेलवे चारदीवारी से चिपते हुए चल रहा है। होटल निर्माता ने रेलवे सीमा की तरफ खिड़कियां बनाई है। पड़ोसी की दीवार की तरफ खिड़कियां रोशनदान द्वार आदि नहीं रखे जा सकते। यहां होटल की किसी भी खिड़की में से रेलवे मुख्य द्वार व परिसर पर नजर और निशाना रखा जा सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी गड़बड़ है।
होटल निर्माता को इसकी स्वीकृति हो नहीं सकती। यदि निर्माता ने बिना स्वीकृति के रेलवे सीमा की तरफ होटल की खिड़कियां रखी है तो वह जिम्मेदार है।
नगरीय सीमा में नगरपालिका के स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही निर्माण किया जा सकता है। यहां नगरपालिका तुरंत ही निरीक्षण और जांच कर सकती है और निर्माण अवैध पाया जाता है तो निर्माण रूकवाया और निर्माण को सीज भी किया जा सकता है। ०0०
गुरुवार, 30 जुलाई 2026
सूरतगढ़ नगरपालिका चुनाव:भाजपा बनाएगी बोर्ड.भाजपा संगठन नेताओं से बातचीत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 30 जुलाई 2026.
भाजपा के संगठन नेताओं का दावा है कि सूरतगढ़ में नगरपालिका चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलेगा और भाजपा ही आगामी नगरपालिका बोर्ड का गठन करेगी। पूर्व विधायक अशोक नागपाल की मौजूदगी में भाजपा जिलाध्यक्ष स.शरणपालसिंह मान,नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा से नगरपालिका चुनाव के संबंध में बातचीत हुई। नगरमंडल के अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष दोंनो ने पक्का दावा किया कि भाजपा यहां पार्षदों के चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त करेगी और निर्वाचित पार्षद बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। यहां कुल 45 वार्ड हैं और बहुमत के लिए 23 वार्डों में भाजपा का जीतना जरूरी होगा। पिछले चुनाव में 45 वार्डों में भाजपा के केवल 12 पार्षद और कांग्रेस के 22 पार्षद चुने गए थे। अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को और अधिक 30 वोट मिले और भाजपा का एक वोट कम होकर केवल 11 वोट ही मिले। भाजपा संगठन नेताओं को यह स्थिति बताई गई लेकिन इसके बाद भी भाजपा नेता इस दावे पर रहे कि आगामी चुनाव में भाजपा को ही स्पष्ट बहुमत मिलेगा।
आम जनता में भाजपा कमजोर नजर आ रही है और नगरपालिका चुनाव लगभग दो माह बाद होने वाले हैं। भाजपा इन दो माह में जनहित के कितने काम करा पाएगी। 15 अगस्त के बाद चुनाव घोषणा होते ही तत्काल आदर्श आचार संहिता लग जाएगी जिसमें काम रुक जाएंगे। नये काम शुरू नहीं हो पाएंगे, केवल पूर्व में शुरू कार्य पूर्ण हो सकेंगे। ऐसी स्थिति में भाजपा संगठन नेताओं की घोषणा सिरे चढेगी या बीच में लटक जाएगी? भाजपा नेताओं व सत्ता भोग चुके नेताओं की ओर से आम जनता के काम कराने को कोई भी नेता आगे नहीं आया। लेकिन फिर भी भाजपा नेताओं में जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान ने यह भी दावा किया है कि अभी जो भाजपा कार्यकर्ता बिखरे हुए नजर आ रहे हैं वे सभी चुनाव में एक होकर कार्य करेंगे। एक और निचोड़ आया कि सफाई सड़कें और स्ट्रीट लाईट आदि सभी चुनाव से पहले तक दुरूस्त हो जाएंगे।०0०
बुधवार, 29 जुलाई 2026
सीएलजी बैठक में सीआई रामकुमार लेघा की बड़ी अपील.सूरतगढ़ पुलिस थाना सदर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 जुलाई 2026.
पुलिस थाना सदर के थानाधिकारी रामकुमार लेघा की संपूर्ण पुलिस टीम अपने अधिकार क्षेत्र के गांवों चकों आबादियों और सड़क मार्गों पर सक्रियता से नशा बेचने तस्करी करने वालों की पकड़ में लगी हुई है। लेकिन एक सोच अलग चल रही है कि लोगों को खासकर युवाओं को प्रेरित करते हुए नशे से दूर रखा जाए।
* सदर थाने में आयोजित सीएलजी बैठक में थानाधिकारी रामकुमार लेघा ने एक बड़ी अपील की।
ज़िला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार आज पुलिस थाना सूरतगढ सदर मे सीएलजी मिटींग का आयोजित की गई जिसमें थाना क्षेत्र के सभी गाँवों से सीएलजी सदस्य, ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखियों ने व इलाक़े के गणमान्य महिला पुरूषों ने भाग लिया।
थानाधिकारी रामकुमार लेघा द्वारा बढते नशे के दुष्प्रभावों को बताते हुए नशे पर अंकुश लगाने हेतु स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की गई।अपने अपने क्षेत्र मे सजग रहकर युवाओं को खेलों से जोड़कर शारीरिक रूप से व मानसिक रूप से मज़बूत रहने का आह्वान किया गया।
महिलाओं को महिला अपराधों के बारे मे बताते हुए आत्मरक्षा व आपात स्थिति में सुरक्षा की जानकारी देते हुए अपने परिवार को व बच्चों को नशे से दूर रखने की हिदायत दी गई। सीएलजी बैठक में उपस्थित नागरिकों ने अपने विचार व सुझाव प्रस्तुत किए एवं सहयोग का आश्वासन भी दिया।
यातायात नियमों की जानकारी दी जाकर यातायात नियमों का पालन करने पर विचार व्यक्त किए गए।
पुलिस थाना के सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार कटारिया की प्रेरणा द्वारा जन सहयोग से निर्मित फ़र्नीचर युक्त एच एम कार्यालय( प्रशासनिक भवन) में सहयोग करने वाले नागरिकों को धन्यवाद दिया गया।
मिटींग में पधारे सीएलजी सदस्यों, ग्राम रक्षकों, सुरक्षा सखियों का आसुचना अधिकारी विक्रम सिंह द्वारा धन्यवाद दिया गया।०0०
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