शुक्रवार, 5 अप्रैल 2024

उपअधीक्षक पर देहशोषण आरोपियों को बचाने का आरोप: भाभी ननद की मौत से आंदोलन

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 5 अप्रैल 2024.

भाजपा की भजनलाल शर्मा सरकार में देहशोषण की शिकार भाभी और ननद की आत्महत्या में जांच अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक का मुलजिमों को बचाने के लिए ननद पर दबाव डालने के गंभीर मामले में पीड़ित परिवार व लोग आंदोलन रत हैं और ननद का शव सूरतगढ़ चिकित्सालय की मोर्चरी में पड़ा है। 

श्रीगंगानगर जिले के राजियासर थाना क्षेत्र के गांव सांवलसर के मामलों में जांच अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील हैं जिन पर आरोप है कि अपने ही समुदाय के मुलजिमों को बचाने के लिए ननद पर दबाव डाला। 

ननद ने  25 मार्च 2024 को राजियासर थाने में मुकदमा नं 81दर्ज कराया जो 376 डी,376 ( 2 n)384 में दर्ज है।

* मुकदमे में सांवलसर निवासी अशोककुमार पुत्र कृष्ण लाल सिंवर जाट,लालचंद उर्फ धोलू पुत्र ख्याली राम सिहाग जाट और श्योचंद पुत्र भगवानाराम झोरड़ जाट लिखा हुआ है। इन्होंने पहले भाभी को देहशोषण किया। विडिओग्राफी की और फिर उसे धमकियां देकर मजबूर कर ननद को भी शोषण का शिकार बनाया।

* यह जांच डीएसपी प्रतीक मील सूरतगढ़ को सौंपी गई। 

👍 इसके दो दिन बाद 27 मार्च 2024 को जिला पुलिस अधीक्षक को ननद ने प्रार्थना पत्र दिया जिसमें जांच अधिकारी पर आरोप लगाया गया कि अपने समुदाय के मुलजिम होने के कारण उनको बचा रहे हैं। आरोप में लिखा गया कि केवल एक आरोपी का नाम लेने के लिए कहा।जांच अधिकारी और उनके रीडर रामप्रकाश ने पीड़िता को धमकाया कि उलटा तेरे को जेल पहंचा देंगे। तेरे परिवार को मुकदमें में अंदर कर देंगे और मुलजिमों को छोड़ देंगे। 

👍

इस पत्र में लिखा कि प्रकरण श्रीगंगानगर मंगवा कर जांच की जाए। इसके बाद दुखी होकर 3 अप्रैल 2024 रात को फांसी लगा कर  ननद ने आत्म हत्या कर ली। अब पुलिस के लिए यह सरदर्द बन गया है। 

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील,रीडर रामप्रकाश और तीन मुलजिमों के कारण पीड़िता आत्महत्या करने को मजबूर हुई।

* दोषी पुलिस अधिकारियों प्रतीक मील और रीडर रामप्रकाश को सस्पेंड करने की मांग की है। शव का पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की मांग की गई।


भाजपा के पिछले सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कासनिया और उससे पहले रहे विधायक राजेंद्र सिंह भादू और कांग्रेस सूरतगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया मौके पर पहुंचे लेकिन पार नहीं पड़ी। रामप्रताप कासनिया और राजेंद्र भादु जिस ढंग से बात कर रहे थे उससे पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं थे।

लोकसभा चुनाव के मौके पर भाजपा उलझन में हो गई है क्योंकि यहां भाजपा का संचालन  पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल तक जानकारी पहुंचाए बिना कुछ भी कार्यवाही संभव नहीं है और 5 अप्रैल से यह मामला और अधिक बल पकड़ जाने की संभावना है जिसका चुनावी नुकसान भाजपा को सरकार होने के कारण झेलना पड़ सकता है। भाजपा पहले अशोक गहलोत सरकार पर आरोप लगाती रहती थी की उनकी सरकार में महिलाओं पर अत्याचार रेप दुराचार बढे हैं। अब यह  प्रकरण भाजपा सरकार में हुए हैं इसलिए इस सरकार की जिम्मेदारी त्वरित कार्यवाही की बनती है। * भाजपा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में देरी  कर कटघरे में है। भाजपा का महिला मोर्चा उसकी पदाधिकारी भी इस प्रकरण में चुप हैं और उनकी निष्क्रियता भी है जो कागजी साबित हो रही है।

* लोकसभा चुनाव शांति पूर्ण हो सके उसमें ऐसे प्रकरणों का तुरन्त ही जिलाकलेक्टर और जिलापुलिस अधीक्षक को पुलिस महानिदेशक तक स्थिति रखते हुए निपटारा करने के लिए पीड़ित परिवार की मांग को पूरा कर जांच करानी चाहिए। इसके लिए पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील और रीडर रामप्रकाश को सस्पेंड कर पुलिस मुख्यालय में हाजिरी की व्यवस्था करे बिना मामला शांत होना मुश्किल है। यहां रखे जाते हैं तो जांच को प्रभावित करने का आरोप लगेगा।

** पीड़ित स्वामी समाज के लोग आंदोलन रत हैं जिनमें आक्रोश बढ रहा है। सूरतगढ़ राजियासर थाना क्षेत्रों में स्वामी बाहुल्य काफी गांव हैं जिनमें हलचल होने लगी है। आंदोलनकारियों ने स्थानीय नेताओं को भी कह दिया है कि उनका रवैया ढीला रहता है तो वे अपने दम पर यह आंदोलन सफल कर लेंगे और बाहर से भी लोगों को बुला लेंगे। नोहर के पूर्व प्रधान रामकुमार स्वामी प्रदीप स्वामी सूरतगढ़ स्वामी समाज के अध्यक्ष मुखराम स्वामी कृष्ण स्वामी आदि ने आंदोलन बढाने की चेतावनी दी है।

 👍 ऐसे मामले राजनीति की भेंट चढ कर और अधिक फैलते हैं। यहां अभी ऐसा नहीं हुआ है इसलिए जिलाकलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए ताकि न्याय हो और  जांच सही होती हुई लगे। मुख्यमंत्री ऐसे मामलों में तुरंत कार्यवाही करते हैं इसलिए यह उनके संज्ञान में तुरंत लाया जाना चाहिए ०0०

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत.

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356

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गुरुवार, 4 अप्रैल 2024

तिलक करें योद्धा रविंद्रसिंह भाटी का:बाड़मेर जेसलमेर रण में विजय का.

 


 * करणीदानसिंह राजपूत *

शिव विधानसभा का रण जीतने के बाद बाड़मेर जेसलमेर लोकसभा के बड़े युद्ध के लिए छत्तीस कौमों का साथ लेकर भाजपा सम्राज्य दिल्ली सिंघासन और कांग्रेस को ललकारने वाले योद्धा रविन्द्र सिंह भाटी का तिलक करें कि वे महानता से विजयश्री प्राप्त करें। बाड़मेर जेसलमेर रणक्षेत्र के निवासी आगे बढें। इस रण क्षेत्र के निवासी हैं या नहीं है, दूर निवास करते हैं तब भी जय भवानी का उदघोष करें। राजपुताना मतलब राजपूत प्रदेश से राजस्थान बनाए जाने के बाद राज की हिस्सेदारी में लगातार पीछे धकेले जाते रहे हैं और अब हालात बदलने के लिए रविन्द्र सिंह भाटी जैसे योद्धा आगे आए हैं जो और योद्धा तैयार करेंगे।


* राजस्थान लोकसभा चुनाव लड़ने की दमदार घोषणा करने वाले रविंद्रसिंह भाटी की सिंह गर्जना का भाजपा और कांग्रेस में भय व्याप्त है। दोनों दलों के उच्च स्तरीय नेताओं में जयपुर और दिल्ली के दिलों में भय और भाल पर चिंता की लकीरें खिंच चुकी है। अबकी बार 400 के पार का नारा भाटी के सिघनाद से हिचकोले खाने लगा है। आखिर क्यों डर रहे हैं भाजपा सम्राट? शिव विधानसभा का रण कौशल ऐसा रहा है कि उसे कोई समझ नहीं पाया है और उसी युद्ध कौशल से भाटी चुनौती देते हुए बाड़मेर जेसलमेर का युद्ध जीत जाएंगे। राजस्थान की 25 सीटों में से चुनाव से पहले ही एक सीट बाड़मेर जेसलमेर भाजपा के अधिकार से निकलती हुई चर्चा में है। भाजपा की एक कोर खंडित होने का स्पष्ट खतरा।

* इस युद्ध के लिए राजस्थान और राजस्थान के बाहर अन्य प्रदेशों के राजपूतों में जबरदस्त जोश है। युद्ध जीतने से पहले का उत्साह भरा है।

हर ओर भाटी की चर्चा है। महाराणा प्रताप मेमोरियल ट्रस्ट अयोध्या, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा,श्री राजपूत सभा,क्षत्रिय युवक संघ व सभी राजपूत संगठन,राजपूत कोर कमेटी सदस्य व अखंड राजपुताना सेवा संस्थान दिल्ली परिवार और अनेक क्षत्रिय संस्थाएं उनके पदाधिकारी भाटी के साथ खड़े हैं।

रविंद्र सिंह भाटी का जन्म 3 दिसंबर 1990 को राजस्थान राज्य के बाड़मेर जिले  के दुधोड़ा नामक गांव में एक राजपूत परिवार में हुआ था। पिताश्री शैतान सिंह जी भाटी शिक्षक है  एवं  माताश्री  अशोक कंवर है जो गृहिणी है। धर्म पत्नी का नाम धनिष्ठा कंवर है व दो बच्चे हैं।


प्राथमिक शिक्षा अपने जिले बाड़मेर के आदर्श विद्या मंदिर हरसानी एवं मयूर नोबल्स एकेडमी से पूर्ण की। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (जे एन यू )उदयपुर  में दाखिला लिया और यहां से स्नातक की डिग्री हासिल की है। इसके बाद वर्ष 2015 में राजस्थान की प्रसिद्ध विश्वविद्यालय जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर  में एलएलबी के लिए प्रवेश किया। राजनिति के साथ -साथ पढाई को भी प्राथमिकता दी। राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2019 में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय रूप से 1294 वोटों से ऐतिहासिक जीत के साथ छात्र संघ अध्यक्ष के रूप मे की थी जो जे एन यू के 57 साल के इतिहास में पहले स्वतंत्र छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में जीत हासिल की । भाटी छात्र हितों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। इसके अलावा जय नारायण विश्वविद्यालय के अध्यक्ष कुणाल सिंह भाटी के साथ अच्छी मित्रता होने के से उनके साथ छात्र हितों के लिए धरना प्रदर्शन और छात्र छात्राओं के लिए आवाज उठाते काफी बार नजर आए है। कई बार छात्रों के लिए जेल भी गए तो कई बार लाठिया खाई।वर्ष 2019 में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों के नामांकन जारी हुए, तब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  के द्वारा टिकट नहीं मिला, जिसके कारण निर्दलीय चुनाव लड़ा और निर्दलीय चुनाव लड़ने के बावजूद 1294 वोटों के साथ भारी मतों से जीत हासिल की।यही जीत राजनीति मे प्रवेश करने के रूप मे यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही। कोरोना महामारी के कारण छात्र संघ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं होने के कारण यह 2019 से 2022 तक जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष पद पर रहे। छात्र संघ अध्यक्ष के रूप मे एक खाश भूमिका निभाई। राजस्थान के हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में हो रहे भ्रष्टाचार, तानाशाह प्रशासन, एवं फीस में राहत की मांग को लेकर भी संघर्ष रत चर्चा मे रहे । 

भाटी का मानना है कि शिव विधानसभा क्षेत्र के लोग आज भी कई सारी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं, जिसमें रोजगार, बेहतर शिक्षा और भी कई सारी परेशानियां शामिल है। इन सबको देखते हुए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन शिव विधानसभा क्षेत्र से टिकट स्वरूप सिंह खारा को दिया गया। इस कारण पार्टी से मोह भंग हो गया और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया। 3 दिसम्बर 2023 को राजस्थान विधानसभा चुनाव के परिणाम आए 3950 मतों से जीत हासिल की। कम उम्र 26 साल में शिव विधानसभा के विधायक के रुप में निर्वाचित हुए ।

भाटी  राजपूत  समाज में भी अच्छी छवि के योद्धा रूप में उभरे हैं। 

👍 रविन्द्र सिंह भाटी ने शिव विधानसभा से विधायक चुने जाने के बाद विधानसभा में अपनी मायड़ भाषा राजस्थानी में शपथ ली और महानता प्राप्त की।

💐 रविन्द्र सिंह भाटी बाड़मेर जेसलमेर रणक्षेत्र में विजयी होंगे। ०0०

4 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 60 वर्ष उम्र 78 वर्ष.

(राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

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बुधवार, 3 अप्रैल 2024

सूरतगढ़:कुलदीप इंदौरा का चुनाव कार्यालय शुभारंभ: मोदी शासन पर आरोपों की झड़ी.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 अप्रेल 2024.

श्री गंगानगर लोकसभा क्षेत्र से इंडिया गठबंधन  के कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप इंदौरा के सूरतगढ़ चुनाव कार्यालय का उद्धघाटन सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर व वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया। 






कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर बलराम वर्मा, वेदप्रकाश कड़वासरा, युवा नेता अमित कड़वासरा, गगन विडिंग, कृष्ण गोदारा ,ज़ुलैख़ा बेगम,बनवारीलाल थोरी, राजाराम गोदारा,प्रभुदान गेदर, भवानीशंकर भोजक,आप नेता राधेश्याम उपाध्याय, कॉमरेड सखी मोहम्मद, बजरंग शर्मा, परसराम भाटिया,जगदीश गुप्ता, सलीम कुरैशी,कमलेश मीणा, राकेश राठी,सुरेंद्र टाक,रोहिताश होटला, जसराम टाक,लीलाधर फौजी,मोहनी देवी फीता काटने के समय मौजूद थे। 


 👍 सूरतगढ़ खे विधायक डूंगरराम गेदर ने इस अवसर कार्यकर्ताओं को कहा कि यह चुनाव आम चुनाव नहीं है, यह चुनाव लोकतंत्र व संविधान को बचाने का चुनाव है। मोदी के किए हुए वादों को याद दिलाते हुये देश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई को कम करने के लिए मोदी ने जो वादे किए थे उस पर केंद्र की सरकार विफल रही है। किसानों के तीन काले कानून, 15 लाख हर एक के खाते में, काला धन वापस लाने सहित मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी कुलदीप इंदौरा को भारी मतों से जीताने का आह्वान किया। 

👍 वरिष्ठ नेता परमजीत सिंह रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रति आम जन में गजब का उत्साह है। इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मोदी के 10 सालों के कुशासन की विफलताएं बताएं। यह चुनाव किसानों मजदूरों ,आम आदमी का चुनाव हैं। हमें संविधान विरोधी ताकतों से मजबूती से लड़ना होगा।

👍 वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बलराम वर्मा ने कार्यकर्ताओं को दिन रात मेहनत करने का आह्वान किया। वर्मा ने कहा तानाशाही सरकार की गलत नीतियों का जवाब देने का समय आ गया हैं।अबकी बार देश मे परिवर्तन होगा। 

👍इंडिया गठबंधन के आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राधेश्याम उपाध्याय ने छात्रों ,युवाओं नोजवानों को आह्वान किया की शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा की बात करने वालों को केंद्र की मोदी सरकार ईडी, सीबीआई में झूठे केस में फंसा कर जेल भेजती है। देश का मतदाता तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुका है।हमें एक होकर लड़ना होगा। 

👍  कामरेड सखी मोहम्मद ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी व नेहरू के देश निर्माण को भुलाया नहीं जा सकता।भाजपा के नेता महात्मा गांधी के नाम पर दिखावा कर रहे हैं। झूठे वादों, चंदा दो धंधा लो व इलेक्ट्रोड बांड आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला है। यह पूंजीपत्तियों की सरकार है। जाति ,धर्म के नाम पर बांटने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। 

सभा को वरिष्ठ कांग्रेस नेता वेदप्रकाश कड़वासरा, कृष्ण गोदारा,गगन विडिंग,कांग्रेस नेत्री ज़ुलैख़ा बेगम, अमित कड़वासरा, गिरधारीलाल स्वामी ने सम्बोधित किया।

* वरिष्ठ नेता परसराम भाटिया ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व आमजन का आभार प्रकट किया।इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, पालिका उपाध्यक्ष सलीम कुरैशी, पूर्व पार्षद राजा राम गोदारा, पूर्व पार्षद मंगलाराम घोयल,जेपी गहलोत, नगरअध्यक्ष,काँग्रेस कमेटी,अमरसिंह राठौड़,श्रवण सिंघाटिया, अनिल कुमार रोकना,प्रभुराम सेन,लख्मीचंद सिंधी,गंगाराम नंदा,विनोद ढुढ़ाड़ा, सिकंदर खान बरडा, जेपी गीला,जगदीश बिश्नोई, हँसराज भाट, सरपंच केसराराम टाक, पार्षद लखविंदर सिंह,अग्रेजसिंह ढिल्लो,सिकंदर खान,योगेश मेघवाल, जिला महासचिव,यूथ कांग्रेस,बरकत अली,अशोक सेतिया,भीमराज जोशी,नगेन्द्र सिंह शेखावत,किशनलाल सुथार,डॉ. आत्माराम तेहरपुरिया, पृथ्वीराज स्वामी,राजेन्द्र माहर, सूरज भारतीय,मांगीलाल बिश्नोई,भागीरथ मेघवाल, रामप्रवेश डाबला,अमरचंद बिश्नोई,ओमप्रकाश गेदर,राजाराम इंशा, डॉ. श्रवण सिंह जोशन,प्रवीण गोयल,गंगाराम नायक सहित कांग्रेसी,आप,आरएलपी,माकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।०0०

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मंगलवार, 2 अप्रैल 2024

सूरतगढ़:प्रियंका बेलाण के कार्यक्रम:उपस्थिति बेहद कम:महिलाएं पांच सात

 










* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर लोकसभा सीट की भाजपा प्रत्याशी प्रियंका बेलाण ने टिकट मिलने के बाद नाम के साथ मेघवाल लिखना शुरू कर दिया ताकि राजनैतिक व वोटों का लाभ मिले लेकिन सूरतगढ़ में कार्यकर्मों में कितने मेघवाल नेताओं की कार्यकर्ताओं की उपस्थिति थी? वैसे सभी नेताओं कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों व जनता की गिनती कर ली जाए तो वह आगे के कार्यकर्मों में मार्गदर्शन और सीख का काम करेगी। यह कमी क्यों रही? इसमें प्रियंका बेलाण को मालुम नहीं लेकिन सूरतगढ़ भाजपा कासनिया टीम को तो मालुम होगा। नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा महामंत्री लालचंद शर्मा को मालुम होगा क्योंकि उनका क्षेत्र और उनका बुलावा था। अपने संपर्को को संभालें कि लोग सौ से ज्यादा क्यों नहीं आए? भाजपा के ही कार्यकर्ता नहीं आए। 

चुनाव कार्यालय का शुभारंभ पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह ने किया आरती की। किसी बड़े मेघवाल राजनैतिक नेता या समाजसेवी को भी इस अवसर पर शामिल किया जाना अच्छा रहता।

सूरतगढ़ में चुनाव कार्यालय शुभारंभ पर एक अप्रैल को बुलावे के बावजूद नेताओं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सौ की संख्या तक रहना और उसमें भी महिलाओं की संख्या दस तक भी नहीं होना कोई अच्छी स्थिति नहीं थी।महिला पदाधिकारी आईं लेकिन कितनी महिलाएं साथ लाईं? भाजपा के पार्षद ही सारे नहीं आए। हर नेता अकेला। एक एक नेता पांच दस भी साथ नहीं ला पाता तो वह नेता कहलाने का हकदार कैसे हो सकता है। विधानसभा चुनाव में भी ऐसी ही हालत रही थी।

दो अप्रैल के कार्यक्रम हुए उनमें भी गिनती के वही चेहरे नारे लगाते हुए थे जो हर भाजपा कार्यक्रम में धरना प्रदर्शन में होते हैं। एक प्रकार से इनके घेरे में कार्यक्रम हुए। इन्होंने घेरा बना लिया ताकि हर फोटो हर विडिओ में ये दिखाई दें। सबसे अधिक काम करने वाले सबसे अधिक पार्टी के वफादार।

सूरतगढ़ सीट खोखली अकड़ में 50 हजार से अधिक वोटों से खो दी और रामप्रताप कासनिया धड़ाम से धरती पर आ गिरे। इसके बाद कासनिया टीम और मंडल मोर्चों को सुधार कर विनम्र होना था लेकिन नहीं हो पाए। इसकी वजह से नगरपालिका में भाजपा अध्यक्ष होते हुए भी काम नहीं हुए। भाजपा का नगर मंडल और सूरतगढ़ के ही जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह तथा रामप्रताप कासनिया,संदीप कासनिया टीम का जो व्यवहार रहा काम नहीं हुए जिसके कारण लोग बहुत अधिक नाराज हैं। लोकसभा चुनाव में भी यह नाराजगी असर डालेगी। इस टीम के घेरे से निकलना बहुत मुश्किल है क्योंकि ये घेरा बनाने में सिद्धहस्त हैं लेकिन अन्य को साथ  मिलाकर साथ लेकर चलना समझदारी हो सकती है। एक सूरतगढ़ ही नहीं जहां विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव में हार हुई है वहां पराजित नेताओं को लोग देखना नहीं चाहते इसलिए हर स्थान पर अन्य लोग साथ रखना जरूरी है। असावधानी खतरे भरी रहेगी और जो पहले हारे हुए हैं उनको आगे कुछ हानि नहीं होगी।०0० 







सोमवार, 1 अप्रैल 2024

सूरतगढ़ में केशव उद्यान की दुर्दशा: रवैया भाजपा नेताओं पदाधिकारियों का हैरान करता.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशवराव बलिराम हेडगेवार की जयंती 1 अप्रैल को आज भी संघ और भाजपा को याद कराना बड़ा दुखद है कि सूरतगढ़ में केशव उद्यान गंदगी भरा है। दोनों को फुर्सत ही नहीं है देखने की। मोदी के 400 पार के नारे को साकार कैसे करेंगे? वैसे तो पूरा शहर ही गंदखाना बना कर रख दिया है। मोदी का स्वच्छ भारत अभियान ही यहां फेंक दिया गया है। अभियान की शुरुआत में फोटो पर फोटो खिंचवाने वाले भाजपा नेताओं ने केशव उद्यान को करणी प्रेस इंडिया में लेख फोटो से चेताने के बाद भी सुध नहीं आई कि वहां साफ सफाई करवाई जाए। जनसुनवाई में मैटर दिया। नगरपालिका में लिख कर दिया। भाजपा के नेताओं पूर्व विधायकों रामप्रताप कासनिया और अशोकनागपाल ने कोई महत्व ही नहीं दिया। अशोकनागपाल ने अपने विधायक काल 2005 में इसका लोकार्पण किया था। भाजपा नगरमंडल पदाधिकारियों ने और कार्यकर्ताओं ने भी देखने की कोशिश नहीं की।





* आज की तारीख में शहर में सफाई व्यवस्था चौपट है। मुख्य बाजारों में फुटपाथ पैदल पट्टी पर दुकानदारों का रोजाना का अतिक्रमण है। वृद्ध बच्चे स्त्रियों का चलना मुश्किल है। समाचार वीडियो सब चल चुके। अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा भाजपा के हैं और उनको और ईओ पूजा शर्मा को दिए पत्रों के बावजूद भी कार्यवाही नहीं की जा रही। ये सार्वजनिक कार्य हैं जिनका संबंध जनता से है जिनसे अब लोकसभा के लिए वोट मांगे जा रहे हैं। कासनिया जी के भाजपा के काम होते तो विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की 50 हजार वोटों से बुरी हार नहीं होती। वोट उस समय भी मोदी के नाम पर मांगे थे लेकिन जनता ने ठुकरा दिया था। इसके बाद  कासनिया जी ने और नगरपालिका अध्यक्ष ने कितना सुधार किया?


*अध्यक्ष सस्पेंड होने के बाद बहाल होकर आए और 20 फरवरी 2024 को कार्यभार लिया उस दिन रामप्रताप कासनिया और अध्यक्ष ने जो घोषणाएं की वे न जाने कौनसे गले से की कि एक भी पूरी नहीं की गई। इसे सही शब्दों में लिखा जाए तो झूठ बोलना कहा और लिखा जाता है। अभी बहुत है कि क्या किया। 1 अप्रैल 2024.०0०

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💐 पिंकसिटी प्रेसक्लब जयपुर के चुनाव: वीरेंद्र सिंह राठौड़ अध्यक्ष निर्वाचित. संपूर्ण रिपोर्ट.


 

* करणीदानसिंह राजपूत *

जयपुर। पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राठौड़ निर्वाचित हुए। राठौड़ 19 मतों के बहुमत से कड़ी टक्कर में जीते। यह निर्वाचन 2024- 2025 के  लिए 29 मार्च 2024 को संपन्न हुआ था।मतगणना संपन्न होने के पश्चात विजेता प्रत्याशियों की घोषणा हुई।

 💐पिंक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राठौड़ निर्वाचित घोषित किए गए।

राठौड़ को मिले 249 मत अभय जोशी को मिले 230 राधा रमन शर्मा को 213 रूपेश टिंकर को 117 भागीरथ 79 और बबीता शर्मा को मिले मात्र 20 वोट। केवल19 वोटो से जीते वीरेंद्र सिंह राठौड़।


*अध्यक्ष- वीरेंद्र सिंह राठौड़ (बिल्लू बन्ना)

*उपाध्यक्ष- विमल सिंह तंवर 

*महासचिव-योगेंद्र पंचोली

*कोषाध्यक्ष- गिर्राज गुर्जर


* निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य 

1, अनीता शर्मा

2, पुष्पेंद्र सिंह राजावत

3, सत्य पारीक

4, संजय गौतम

5, नमोनारायण अवस्थी

6, शालिनी श्रीवास्तव

7, सिद्धार्थ उपाध्याय







पिंकसिटी प्रेस क्लब, जयपुर के *नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों* को बहुत - बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं

👍 आशा करते हैं कि इस नेतृत्व में राजस्थान के पत्रकारों को शक्ति एवं ऊर्जा मिलेगी। पिंकसिटी प्रेस क्लब का बड़ा महत्व रहा है। क्लब के समाचार और महत्वपूर्ण लोगों को आमंत्रित कर करवाए जाने वाले साक्षात्कारों पर सारे राजस्थान के पत्रकारों की दृष्टि रहती है।

1 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार,

पत्रकारिता (60 वर्ष उम्र 78)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356

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