मंगलवार, 30 जून 2026

पींपासर( राजस्थान) गांव के जोहड़ पर खेती.नेताओं व बड़े लोगों की खेती.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 30 जून 2026.

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का रेतीले इलाके का पुराना गांव पीपासर और उसमें पुराना जोहड़ है जिसका उपयोग गरीब साधारण लोग नहीं कर सकते। चालीस पैंतालीस सालों से जोहड़े पर प्रभावशाली सत्ताधारियों के नजदीकी लोगों की खेती हो रही है। लोगों ने सत्ता के बल पर अपने अपने अतिक्रमणों में नलकूप लगा लिए और हर फसल लाखों की उठा रहे हैं। वर्तमान में अतिक्रमण खेतों में मूंगफली और नरमे की खेती है।

* जिला प्रशासन,उपखंड प्रशासन और तहसील में अधिकारियों का आना जाना रहा मगर किसी ने भी फोर्सली अतिक्रमण हटाने की कार्वाई नहीं की। 

* प्रशासनिक रिपोर्ट जोहड़ अतिक्रमण मुक्त कराने की रिपोर्ट है। अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस जाब्ता प्रबंध भी हो गया लेकिन अतिक्रणकारियों ने कार्वाई नहीं होने दी। गांव के काफी लोगों ने अतिरिक्त जिलाकलेक्टर भवानीसिंह पंवार को हालात से अवगत कराया व ज्ञापन दिया। बुजुर्ग ने कहा कि जिनके घर हैं उनसे कोई शिकायत नहीं मगर जो फसलें उठा रहे हैं उनसे जोहड़ा खाली करवाएं। अतिरिक्त जिलाकलेक्टर ने कहा कि कार्वाई के लिए यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी को भिजवा रहे हैं।



उपखंड अधिकारी कार्यालय के आगे एकत्रित गाँव वालों के कहने में कुछ नाम आए जो जोहड़ की जमीन पर खेती कर रहे हैं। बलदेव नाम का आदमी 96 बीघा पर,पवन नाम का आदमी 15 बीघा पर,गणपतराम नामका आदमी 10 बीघा पर,भागीरथ नामका आदमी 35 बीघा पर,लालचंद नामका आदमी 25 बीघा पर ,दुलाराम नामका आदमी 25 बीघा पर,जुगराज नामका आदमी 20 बीघा पर व कुछ और आदमी भी खेती करने वालों में शामिल हैं। ये लोग किस अधिकार से या किसी गलतफहमी से खेती कर रहे हैं? असल में इन लोगों की जमीन है तो वह कितनी है और कहां स्थित है? जमीन के पट्टे, खातेदारी है तो उनके आधार पर सही जगह पर खेती कर सकते हैं लेकिन जोहड़ की जमीन पर खेती नहीं कर सकते। बलदेव खुद इलाके का जानकर है। उसे व अन्य सभी को सही जगह के लिए प्रशासन से मांग करनी चाहिए। यह विवाद चालीस सालों से है तो इसका निपटारा भी किया जाना चाहिए ताकि गांव में सभी शांति से हिलमिल कर रह सकें।






सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है की जल क्षेत्रों पर अन्य कोई कार्य नहीं हो सकता,अतिक्रमण भी नहीं हो सकता। पींपासर की सरपंच रामी देवी है जो हालात पर सही स्थिति बनाए  क्योंकि जल क्षेत्रों का दुरपयोग किसी भी हालत में नहीं किया जा सकता। लोगों की एकजुटता से हालात ऐसे लग रहे हैं कि प्रशासन इस मांग को पैंडिंग नहीं रख सकता। 


एसडीएम का दस दिन में कब्जे हटवाने का  आदेश।


 पीपासर व चक अमरपुरा में जोहड़ पायतनों के कब्जे हटाने की मांग को लेकर विधायक डूंगर राम गेदर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने  उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया  कि पींपासर व चक अमरपुरा में 175 बीघा जमीन जोहड़ पायतन भूमि 45 वर्षों से प्रभावशाली लोगों के कब्जे में हैं।ग्रामीणों ने बताया कि जोहड़ पायतन का कब्जा हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों को अनेक बार अवगत करवाने के बाद भी कब्जा नही हटाया गया। प्रभावशाली लोग जोहड़ पायतन की भूमि पर ट्यूबवैल लगा कर अवैध रूपसे खेती कर रहे हैं।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि उन्होनें इससे पहले इसी संबंध में सूरतगढ़ तहसीलदार विनोद कुमार कड़वासरा प्रार्थना पत्र दिया गया था।जिस पर तहसीलदार ने राजियासर उप तहसील के नायब तहसीलदार गुलाबसिंह नोजल के दिशा निर्देश में दो गिरदावरों व तीन पटवारियों की टीम गठित की गई। ग्रामीणों ने बताया कि प्रभावशाली लोग राजनीतिक रूप से राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों पर दवाब बनाते रहे हैं। इसी कारण पैंतालीस वर्ष से जोहड़ पायतन के कब्जे नहीं हटे।  ग्रामीणों ने जोहड़ पायतन पर कब्जे नहीं हटाने पर राजियासर उप तहसील के समक्ष धरना लगाने की चेतावनी दी। 

* एसडीएम  भरतजयप्रकाश मीणा ने  दस दिन में जोहड़ पायतनों से अतिक्रमण हटवाने का तथा किसी तरह से जांच प्रभावित नही होने का आश्वासन दिया।

 ज्ञापन देने वालों में ग्रामीण रामप्रताप गोदारा, लेखराम शर्मा, मामराज गोदारा, रामकुमार शर्मा,परसराम शर्मा,हेतराम गोदारा, पूर्णाराम गोदारा,मदनलाल शर्मा, बीरबल राम गोदारा,  अजय पाल गोदारा पवन शर्मा, ओम प्रकाश सेन, कृष्णलाल, सुरेंद्र कुमार, मनीराम दिलीप इमीलाल, लीलाधर, अणतराम गोदारा, मेरचंद खातरिया, योगेंद्र शर्मा, हरिराम, सुरजाराम, शीशपाल,रमेश, पूर्णराम सौलंकी सहित अनेक  ग्रामीण मौजूद रहे।


०0०










यह ब्लॉग खोजें