सभी ईमानदार समाजसेवी तो शहर गंदा और नगरपालिका में भ्रष्टाचार कैसे होता रहा? बाहरी को वोट सपोर्ट क्यों करें?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 21 अगस्त 2026.नगरपालिका चुनाव 2026 घोषित होने के साथ ही सोशल मीडिया पर चुनाव लड़ने की घोषणाएं हो रही है। हरेक स्त्री पुरूष अपने आपको ईमानदार समाजसेवी जागरुक सजग घोषित कर रहे हैं। सभी ईमानदार सजग समाजसेवी हैं तो शहर गंदगी में कैसे भरा और नगरपालिका में भ्रष्टाचार घोटाले कैसे और क्यों हुए? अच्छी छवि वाले एक भी बोले नहीं, शिकायत विरोध नहीं किया। सभी देखते रहे। अब इस प्रकार की ईमानदारी और समाजसेवा के वोट सपोर्ट मांग रहे हैं। नगरपालिका में चेयरमैन पद महिला के लिए आरक्षित हो गया। इस पद पर वे महिलाएं प्रचारित हो रही हैं जिनको अपने घर की गली से दुसरी गली को कभी नहीं देखा। महिलाओं के पति और परिवार जन चुनाव लड़ा रहे हैं जबकि उन महिलाओं को शहर के एक भी काम के संबंध में ज्ञान नहीं है। महिलाओं के आरक्षित वार्डों में महिलाएं ही जीतेंगी और उनके परिवार जन चौधर करेंगे। वे ही कागज पत्र पढेंगे और हस्ताक्षर करवाएंगे।
* इस प्रकार से चुने गये पार्षद शहर का विकास कैसे करवाएंगे? ऐसे में एक ही बात निकल कर आती है कि जिन्होंने घर से बाहर निकल कर थोड़ा बहुत काम किया है उनको पार्षद बनाएं। जो सच्च में समाजसेवी हैं उनको समर्थन करें। सबसे पहले अपने वार्ड के निवासी को ही सपोर्ट करें। अन्य वार्ड से आए को इन्कार करें कि जब संबंधित वार्ड 5 साल पीड़ित रहा गंदगी भरा रहा तब वे कहां थे? दूसरे वार्ड से आने वाले न समाजसेवी न कार्यों के प्रति ईमानदार,बस उनको पद चाहिए। अपने वार्ड में बाहर से आने वाले अवसरवादी हैं। अपने वार्ड में अच्छे को चुनाव लड़ने को तैयार करें और बाहरी अवसरवादी को वोट सपोर्ट कुछ न करें।०0०