* करणीदानसिंह राजपूत *
भ्रष्ट नेता अच्छा लगे।
भ्रष्ट अधिकारी अच्छा लगे।
जब माल्यार्पण कर स्वागत हो।
जब गुलदस्ते भेंट कर स्वागत हो।
जब भ्रष्ट अधिकारियों भ्रष्ट नेताओं का समारोह में अभिनंदन हो,स्तुति गान हो।
भ्रष्टाचार में नहाए नेता और अधिकारी एक हो जाएं जब मालाओं गुलदस्तों से इनकी ताकत बढा दी जाए। वह बढी ताकत जब जनता पर कहर ढाने लगे तब कोई भी रोक नहीं सकता।
👌 मालाएं पहनाने वाले गुलदस्ते भेंट करने वाले भी बाद में उनको रोक नहीं सकते।
👌 बदमाशों की बढी ताकत फिर एक दिन मालाएं पहनाने वालों,गुलदस्ते भेंट करने वालों को भी लपेट लेती है। यही सच्च है जो सबकुछ जानकर भी लोग समझते नहीं। देखलो,एक बार फिर से समझा दिया है।
👍भ्रष्ट नेता और भ्रष्ट अधिकारी किसी के भी सगे नहीं होते। लेकिन दुखों को परेशानियों को झेलते हुए भी लोग बदमाश भ्रष्ट नेताओं एवं भ्रष्ट अधिकारियों का स्वागत करने को मालाएं गुलदस्ते लिए खड़े होते हैं लेकिन बाद में अपनी जमीन अपना व्यक्तित्व खो देते हैं। यह सच्च आसपास ही है। आंखें खोलो और देखो।
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17 जुलाई 2025.
अपडेट 18 जुलाई 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधि स्वीकृत लाईफटाईम)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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