लायब्रेरी सीज मामला: अंडरग्राउंड अवैध निर्माण और ऊपर से प्रदर्शन की धौंस.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 जुलाई 2026.
नगरपालिका प्रशासन ने जिन बेसमेंट ( अंडरग्राउंड) में चलाई जा रही लायब्रेरियों को ताले लगाए हैं वे अंडरग्राउंड बनाने की स्वीकृति नगरपालिका से ली हुई नहीं थी। बिना अनुमति के अवैध रूप से अंडरग्राउंड निर्माण करना और फिर उनमें आग से बचाव के कोई भी साधन नहीं होना और ऊपर से प्रदर्शन की धौंस दिखाकर दबाव डालना। इस प्रकार के दबाव से छात्रों का भविष्य बताकर दबाव डालने से लायब्रेरियों के खुलवा लेने की संभावना एक प्रतिशत भी नहीं है।
* कहा जा रहा कि छात्रों की पुस्तकें, लेपटॉप आदि लायब्रेरियों में बंद रह गये। पूर्व सूचना नहीं दी गई, खामियां बताएं ताकि सुधार किया जा सके।
👍 जिलाकलेक्टर के निर्देश पर लायब्रेरियों का निरीक्षण हुआ और रिपोर्ट तैयार हुई। सबसे पहले अंडरग्राउंड पर कार्वाई का निर्णय हुआ जिसके समाचार कार्वाई से कुछ दिन पहले छप गये।
* कार्वाई के समय मौका मजिस्ट्रेट,पुलिस जाब्ता,नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी और कर्मचारी। नगरपालिका की विडियोग्राफी। पत्रकारों की वीडियोग्राफी। पुस्तकें लेपटॉप आदि बाहर करवाए गये। फिर भी यदि किसी स्टुडेंट की पुस्तकें लैपटॉप किसी लायब्रेरी में भीतर बंद रह गये हैं तो उसका आवेदन प्रशासन को दिया जा सकता है। इन बहानों से लायब्रेरी खुलवाकर डेस्क, फर्नीचर आदि हटवाना तो संभव नहीं और न प्रशासन ऐसा करने देगा।
👍 अब बात आती है कि प्रशासन कमी बताए जो सुधार कर लें। अंडरग्राउंड बनाने की अनुमति नहीं थी जो अवैध बनाए गये तब इनमें क्या सुधार होगा?
👍👍 पहले सूचना नहीं दी। जहां जान माल का नुकसान होने, किसी भी समय दुर्घटना की आशंका हो,वहां पूर्व सूचना नहीं होती, वहां बिना विलंब कार्वाई होती है जो प्रशासन ने कर दी।
👍👍👍 अभी जो लायब्रेरियां असुरक्षित है जहां अग्नि व दुर्घटना के बचाव साधन नहीं हैं, वहां प्रशासन को तुरंत कार्वाई करनी चाहिए। अवैध कार्य करने वाले चाहे जितने प्रदर्शन करते रहें, उनसे कार्वाई रूकने का दबाव संभव नहीं। दुर्घटना हो जाए और उसमें जानमाल की हानि हो जाए तो यही लोग प्रशासन के खिलाफ भी हो जाएंगे कि प्रशासन ने समय रहते कार्वाई क्यों नहीं की। अब आवश्यकता है कि प्रशासन कानूनी प्रक्रिया से अवैध निर्माण को ध्वस्त करे।०0०