भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत नहीं करते.क्या विधायक डरते हैं या कोई और कारण है?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 जुलाई 2026.
सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र शहर और गांवों में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों का हर नेता को मालुम है। लेकिन नेता उनकी शिकायत नहीं करते। शोर मचाते हैं और एक दो घंटे का हंगामा करते हैं। लोगों को लगता है कि देखो जनता के लिए कितना लड़ रहा है। शोर हंगामा तो स्थाई हल नहीं। शिकायत से सही और स्थाई पक्का हल निकलता है।
* भाजपा हो चाहे कांग्रेस हो। दोनों में एक भी ऐसा नेता नहीं है जो लिखित में टू दी पोईंट शिकायत करता हो। शोर मचा कर अपनी ड्युटी पूरी मान लेते हैं।
* राजस्थान में भाजपा का राज है और इसमें कोई घोटाला, गलत कार्य होता है तो उस पर कार्वाई कराने के लिए लिखित शिकायत करने की जिम्मेदारी कांग्रेस नेताओं की बनती है।
👍 सूरतगढ़ मानलें जहां नगरपालिका में घोटालों पर घोटाले हो रहे हैं। ऐसे में यहां के कांग्रेस से विधायक डुंगरराम गेदर की ड्युटी है शिकायत करें,लेकिन गेदर ने एक भी शिकायत नहीं की है। डुंगरराम गेदर भाषण देते हैं लेकिन उनमें भी भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी का नाम नहीं लेते। यह क्या साबित करता है? क्या डुंगरराम गेदर भ्रष्टाचारियों से डरते हैं? जनता का हित होना चाहिए। तो इसके लिए शिकायत की जानी चाहिए। जितनी शिकायतें होंगी, हर शिकायत का जांच परिणाम आएगा। अब विधायक ही शिकायत करने से डरेगा तो फिर आम आदमी परे हटेगा लेकिन आम आदमी तो शिकायत कर रहा है नेता शिकायत नहीं करते। इस रवैये से भ्रष्टाचारी बच रहे हैं और नये घोटाले कर रहे हैं।
👍 विधायक डुंगरराम गेदर की आगे क्या मंशा है? भ्रष्टाचारी की शिकायत करेंगे या सहानुभूति रखेंगे?
👍👍 विधायक गेदर शिकायत नहीं करते। तो वे नेता शिकायत कर स्वयं को मजबूत बनाएं जिनको 2028 के चुनाव में टिकट मांगनी है। क्या राहुल लेघा आगे बढ कर सूरतगढ़ को बचाएंगे?०0०