गुरुवार, 31 जनवरी 2019

4 से 10 फरवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह


श्रीगंगानगर, 31 जनवरी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आगामी 4 से 10 फरवरी तक 30वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा का आयोजन किया जायेगा। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह की तैयारियों को लेकर गुरूवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री नख्तदान बारहठ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीएम प्रशासन ने बताया कि परिवहन विभाग, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, नगरपरिषद, नगरविकास न्यास तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पूरे सप्ताह का प्लान तैयार कर प्रभावी सप्ताह मनाया जायेगा। बैठक में तय किया गया कि टै्रक्टर, ट्रालियों के रिफलेक्टर लगाये जाये, इसके लिये ग्राम स्तर तक रिफलेक्टर उपलब्ध करवाने, शुगरमिल में आने वाली ट्रालियों, अनाज मंडी में आने वाली ट्रालियों, भारतीय खाद्य निगम, रेलवे स्टेशन पर परिवहन करने वाली ट्रालियों, खाद्य सुरक्षा के तहत गेहूं परिवहन करने वाली ट्रालियों को प्राथमिकता के आधार पर रिफ्लेक्टर लगाये जाये। 

    श्री बारहठ ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं में बच्चों को परिवहन निमयों की जानकारी के अलावा चेतना रैली आयोजित की जाये तथा ट्रेफिक सेंस बताया जाये। विभिन्न चौराहों, तिराहों पर संकेत बोर्ड लगाये जाये तथा ऐसे पेड जो रास्तों में अवरूद्ध बने है, उनकी कटाई, छंटाई करने पर चर्चा हुई। पुलिस विभाग द्वारा 7 फरवरी को मानव श्रृंखला का आयोजन किया जायेगा, जिसमें सभी नागरिकों का सहयोग लिया जायेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि ईंट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाये। ये मजदूर सायं 7 से 8.30 बजे के मध्य ईंट भट्टों से घरों की ओर रवाना होते है तथा दुर्घटना का शिकार हो जाते है। 

    बैठक में बताया गया कि 10 फरवरी को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन होगा, जिसमें विभिन्न कार्यक्रम होगें। पूरे सप्ताह भर में सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर किये गये कार्यों की समीक्षा होगी तथा अच्छे कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जायेगा। क्षतिग्रस्त सड़कों के पेच वर्क का कार्य किया जायेगा, वही पर फुटपाथों एवं सड़क के सोल्डर से पेड़ पौधे हटाने का कार्य भी किया जायेगा। 

    बैठक में न्यास सचिव श्री कैलाशचंद शर्मा, जिला परिवहन अधिकरी सुमन, डॉ. मुकेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक श्री हरचंद गोस्वामी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र कुमार सोनी सहित नगरपरिषद, रोटरी कल्ब के पदाधिकारियों ने भाग लिया। 



प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा गलत फोटो मुद्रित होने पर वचन पत्र प्राप्त किये जायेगें


श्रीगंगानगर, 31 जनवरी। प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों के प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रांक, अस्पष्ट, गलत हस्ताक्षर या फोटो मुद्रित होने की स्थिति में वचन पत्र प्राप्त किये जायेगें। 

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी पत्र के अनुसार 3 फरवरी 2019 रविवार को आयोजित होने वाली परीक्षा में वचन पत्र के प्रारूप समस्त परीक्षा केन्द्र पर पर्याप्त संख्या में रखे जाने की व्यवस्था की जावे। परीक्षार्थी की पहचान केन्द्राधीक्षक एवं पर्यवेक्षक द्वारा उसके मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र जैसे आधारकार्ड, पेनकार्ड, वोटर आईडी, ड्राईविंग लाईसेंस इत्यादि में से कोई एक से सुनिश्चित कर ली गई हो। जिस दस्तावेज से पहचान की गई है, उसकी फोटो प्रति भी ले ली जाए। वचन पत्र परीक्षार्थी ने सुस्पष्ट एवं पूर्ण रूप से भरा जाकर अपने हस्ताक्षर अंकित कर दिये है। वचन पत्र प्रमाणीकरण स्वरूप दो अभिजागरों के हस्ताक्षर एवं केन्द्राधीक्षक के हस्ताक्षर (मय मोहर) करने होगे। सभी वचन पत्र एक लिफाफे में रखकर काले मेटी क्लॉथ बैग में रखकर बोर्ड को भिजवाये जावें। 

श्रीगंगानगर जिले में नरेगा संबंधी शिकायत के लिये लोकपाल नियुक्त

श्री गंगा नगर, 31 जनवरी 2019.

प्रमुख शासन सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज के आदेशानुसार गंगानगर जिले के लिये ई.जी.एस के अंतर्गत श्री मदनलाल सोनी को लोकपाल नियुक्त किया गया है। श्रीगंगानगर जिले के लिये नरेगा से संबधित शिकायत लोकपाल को इस ईमेल

lokpal.egs.sgnr@gmail.com 

 पर की जा सकती है।

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सोमवार, 28 जनवरी 2019

सूरतगढ़ नगरपालिका का नया भवन बनेगा:5करोड़ की लागत व मिनी सचिवालय रूप होगा

 * करणीदानसिंह राजपूत *

‌ विधायक रामप्रताप कासनिया की मौजूदगी में नगर पालिका अध्यक्ष  श्रीमती काजल छाबड़ा की अध्यक्षता में 28 जनवरी 2019 को हुई पालिका बोर्ड की बैठक में नगर पालिका का नया भवन निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ। यह भवन करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से बीकानेर रोड के पास बाबा हरि राम मंदिर सामने बनाया जाएगा। इसके लिए पूर्व में ही स्थान आरक्षित है। पूर्व में बनवारी लाल मेघवाल( कांग्रेस) की अध्यक्षता के काल में इसका शिलान्यास भी हुआ था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। अब एक बार फिर से यहां भवन बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ है।

 विधायक रामप्रताप कसनिया के काल में यह भवन बन पाएगा यह माना जा रहा है।

अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला ने नगर पालिका की बैठक में यह प्रस्ताव सामने रखा और इसका पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया।

पूछने पर सांखला ने बताया कि यह भवन मिनी सचिवालय के रूप में होगा और इसमें पार्क तथा पार्किंग की अच्छी व्यवस्था होगी। इसके डिजाइन आदि शीघ ही बना कर सरकार को मंजूरी के लिए भिजवाए जाएंगे।

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रविवार, 27 जनवरी 2019

सूरतगढ से शाम को हनुमानगढ की साधारण रेल का शुभारंभ:


* सांसद निहाल चंद,विधायक रामप्रताप कासनिया,नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा, प्रधान पंचायत समिति बिरमा देवी,मंडल रेल प्रबंधक ए.के .दुबे ने हरी झंडी दिखाई*श्रीगंगानगर, 27 जनवरी 2019.पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद श्री निहालचंद के प्रयासों से सूरतगढ़-हनुमानगढ़ क्षेत्र की जनता को नई सायंकालीन पैसेंजर ट्रेन की सौगात मिली है।जैडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य श्री भीम शर्मा ने बताया कि पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री सांसद श्री निहालचंद, सूरतगढ़ विधायक श्री रामप्रताप कासनिया ने 27 जनवरी रविवार को सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन से इस नई पैसेंजर ट्रेन को सायं 6.50 बजे हनुमानगढ़ के लिये रवाना किया। इसी के साथ सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन के सौन्दर्यकरण व विकास का लोकार्पण करने के अलावा सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिये वाई फाई सेवा भी शुरू की गई।सांसद निहाल चंद ने अपने कहा कि अनूपगढ़ से हनुमानगढ़ के लिये सीधी रेल सेवा है। यह ट्रेन अनूपगढ़ क्षेत्र के लोगों के लिये लाभदायक साबित होगी। अनूपगढ़ से सायं 4.35 बजे रवाना होकर 6.30 बजे सूरतगढ़ पंहुचेगी। गाड़ी का यही रैक  20 मिनट बाद नये ट्रेन नम्बर के साथ 6.50 बजे हनुमानगढ़ के लिये रवाना होगा। इस प्रकार यह गाड़ी अनूपगढ़ से हनुमानगढ़ के लिये एक प्रकार से सीधी रेल सेवा होगी। निहाल चंद ने कहा कि अनूप गढ से दिल्ली की लंबी दूरी की गाड़ी का प्रस्ताव भिजवाया हुआ है। उन्होंने कहा कि हनुमान गढ गंगानगर जिलों को मोदी जी के कार्यकाल में एक दर्जन गाडिय़ां मिली है जिसमें लंबी दूरी की गाड़ियां भी मिली है। रामप्रताप कासनिया व मंडल रेल प्रबंधक ने भी विचार रखे। कासनिया ने फुट ओवरब्रिज को ऊंचा करने की मांग रखी। अवसर पर रेल के कई अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर भाजपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित थे।


शनिवार, 26 जनवरी 2019

राजेन्द्र भादू काल व कार्यों पर कांग्रेस की नई सत्ता के तीखी नजर *

  *करणी दान सिंह राजपूत *

सूरतगढ़ के विधायक पद पर रह चुके राजेंद्र सिंह भादू के काल (2013-2018)और कार्यों पर कांग्रेस सरकार की तीखी नजर की झलक नगर पालिका में में स्थानांतरण से सामने प्रकट हुई है। लोगों का मानना है कि भादू के काल और कार्यों कार्यों पर अन्य विभागों में भी कुछ समय बाद उठापटक से स्थिति और अधिक सामने आने की आशंका है।  नगर पालिका के अलावा राजस्व विभाग पुलिस महत्वपूर्ण महकमें हैं तथा अन्य महकमों में भी स्थानांतरण के समाचार आ सकते हैं। इसके अलावा भादू के या भादू से संबंधित अन्य कार्यों से संबंधित अन्य कार्यों पर भी कोई तीखे तेवर जाहिर हो सकते हैं।विदित रहे की राजस्थान में कांग्रेस पार्टी ने यह संदेश दिया है कि जहां पर उसके विधायक हैं और जहां पर विधायक प्रत्याशी पराजित हो गए उन की राजकाज में सलाह लेना देना होता रहेगा  । सन 2013 में राजेंद्र सिंह भादू ने भाजपा टिकट से कांग्रेस के गंगाजल मील को पटखनी दी दी और मील तीसरे क्रम पर पहुंच गए थे। इस बार 2018 के चुनाव में गंगाजल मील के बजाय उनके  भतीजे हनुमान मील को प्रत्याशी बनकर मैदान में उतारा गया था उधर भाजपा ने राजेंद्र सिंह को टिकट नहीं दिया और रामप्रताप कसनिया को टिकट दिया जो विजय ही रहे। 2013 में गंगा जल की पराजय और 2018 में हनुमान मील की पराजय की टीस तो होना स्वाभाविक माना जा रहा है।चुनाव प्रचार के समय कांग्रेस पार्टी की मंचों पर गंगाजल मील की तरफ से यह कहा जाता रहा था कि हनुमान जयपुर में रहेंगे लेकिन जनता के बीच गंगाजल मील सारे कार्य करवाते रहेंगे। हालांकि राजेंद्र सिंह भादू अब विधायक नहीं है लेकिन 2013 से 2018 के बीच में विधायक थे और सभी कार्य उनकी सलाह और देखरेख में ही सूरतगढ़ शहर में और ग्रामीण क्षेत्र में हुए। विधायक के कहने से ही आमतौर पर विभागों में नियुक्तियां होती है। यह माना जा रहा है कि स्थानांतरण और पद स्थापन मील के ईशारे पर होंगे और अधिकारी कर्मचारी उनके ईशारे पर  राजेंद्र सिंह भादू के कार्यकाल में हुए हर कार्य पर कागजों की उलटा पलटी करेंगे और इसके अलावा भी शंकाएं हैं।कांग्रेस के पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल का निलंबन भादू के द्वारा करवाने की टीस भी प्रमुख है।चर्चा है कि सीवरेज के निर्माण में कांग्रेस के आरोप थे तथा उसके लिए धरना भी दिया गया था। अभी शंकाएं और चर्चाएं हैं और आगे क्या होगा। भादू राजनीति के खिलाड़ी हैं इसलिए उनसे टक्कर लेना आसान नहीं होगा।

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बुधवार, 23 जनवरी 2019

सूरतगढ़:नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर भाषण कविता प्रतियोगिता आयोजन:और कौन बोले

 *करणी दान सिंह राजपूत*


 रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित समारोह में स्कूल छात्र-छात्राओं की नेता जी के जीवन पर आयोजित भाषण कविता प्रतियोगिता में टैगोर स्कूल की विद्यार्थी मनीषा के भाषण को प्रथम,अतुल शर्मा की कविता को द्वित्तीय और राजकीय बालिका विद्यालय की छात्रा  कंवर को तृतीय पुरुष्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति की ओर से किया गया था। 

समारोह में भगत सिंह युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पूनिया उनके साथ ब्रिगेड के अनेक नौजवान शामिल हुए। 

समारोह में अशोक पूनिया, स्मारक समिति के अध्यक्ष डॉ टी एल अरोड़ा, समाधान समिति के अध्यक्ष लाजपत राय भाटिया, वरिष्ठ पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन कुमार ओझा, भारतीय जनता पार्टी के युवानेता मुरलीधर पारीक, पीके मिश्रा, महावीर प्रसाद भोजक, इंद्र कुमार सरावगी व अनेक लोगों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर क्रांतिकारी विचार प्रकट किए। सभी की इच्छा थी कि नेताजी देश में जिस प्रकार का बदलाव चाहते थे वैसा बदलाव हो नहीं पाया।

 इस समारोह में भगत सिंह युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पूनिया ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि देश को आजाद कराने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन को सदा याद किया जाएगा।लोग मानते हैं और यह पढ़ाया जा रहा है कि 15 अगस्त 1947 को आजादी प्राप्त हुए थी लेकिन सच्चाई यह है कि देश को आजादी 1943 के पास मिली थी। आजाद हिंद फौज आगे बढ़ते हुए कोहिमा नगालैंड असम तक पहुंच गई थी। उस सब को भुला कर इतिहास गलत पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पढ़ाया जा रहा है कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे लेकिन सच्चाई यह है कि देश की पहली सरकार के प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे और राष्ट्रपति राजा महेन्द्र प्रतापसिंह थे। उस सरकार को विश्व के 12 देश मान्यता भी दे चुके थे। 

वरिष्ठ पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत ने कहा कि कि देश में बदलाव की आवाज उठ रही है और और आने वाल समय में काफी बदलाव होगा। 

क्रांतिकारी महावीर प्रसाद भोजक ने बहुत तेज ऊंची ऊंची आवाज में नारे लगाते हुए भ्रष्टाचारियों को दंडित करने की मांग के साथ अपना भाषण दिया।। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल मेंं शायर परमानंद दर्द कवि रामेश्वर दयाल तिवारी और वकील विष्णु शर्मा थे।







मंगलवार, 22 जनवरी 2019

गुरूभरोसा सेवा संस्था की जांच की मांग:आंदोलन की चेतावनी

*** करणीदानसिंह राजपूत ***

नागरिक संघर्ष समिति ने गुरूभरोसा सेवा संस्था में स्वस्थ लड़कियों व औरतों को बंद रखने,विरोध करने वालियों को नशा देने की जांच की मांग का ज्ञापन 22-1-2019 को उपखंड अधिकारी को दिया है। 

सचिव राजेंद्र मुद्गल की ओर से सौंपे ज्ञापन में चेतावनी भी दी गई है कि जांच नहीं होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।


 

सोमवार, 21 जनवरी 2019

गुरूभरोसा सेवा संस्था सूरतगढ के उद्देश्य, सदस्य, कार्यकारिणी



संपूर्ण उद्देश्य मेंं क्रम 6 पर नशे के विरुद्ध जागरूकता करना है 


पदाधिकारी व सदस्य







विविधा का 25 वें स्थापना दिवस पर काव्य गोष्ठी

विविधा संस्था के 25 वें स्थापना दिवस पर रविवार 20-1-2019 शाम को नई धान मंडी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर पार्क में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।



 गोष्ठी की अध्यक्षता प्रसिद्ध गजल गायक परमानंद दर्द ने की। 

काव्य गोष्ठी में मुख्य धूप से हिंदी और राजस्थानी की विभिन्न रसों की कविताओं का वाचन किया गया।

काव्य गोष्ठी में आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी रमेश शर्मा ने कुछ कविताएं प्रस्तुत की। उनकी एक कविता के शब्द थे 'हद हद में थी,यही बात हद को खा गई, हद बेहद सचेत थी कि इस हद को बेहद कर दें '।

परमानंद दर्द ने कविता पढ़ते हुए कहा देखिए ,'पतंगों को जो रोशनी में जलते हैं,आप तो उजालों से खामखा ही जलते हैं।,'

 इस काव्य गोष्ठी में करणी दान सिंह राजपूत,डॉ हरिमोहन सारस्वत, नंदकिशोर सोमानी, राजस्थानी के प्रसिद्ध साहित्यकार मनोज स्वामी सतीश छिंपा आदि ने कविताएं प्रस्तुत की। संस्था के अध्यक्ष योगेश स्वामी ने आभार व्यक्त किया। 

कवि गोष्ठी में डॉ जितेंद्र सिंह राठौड़ रामेश्वर दयाल तिवारी के स्वामी अन्य लोग उपस्थित थे गोष्ठी का संचालन मनोज स्वामी ने किया।

रविवार, 20 जनवरी 2019

गुरुभरोसा सेवा संस्थान में शारीरिक शोषण की शिकायत:पुलिस को सौंपी

* करणी दानसिंह राजपूत*  

 सूरतगढ़ के गुरु भरोसा सेवा संस्थान में जबरन बंदी बनाने,नशा देने,औरतों से दुराचार के समाचारों से हड़कंप मचा है। 

गुरु भरोसा सेवा संस्थान में महिलाओं से अत्याचार दुराचार होने के के समाचार आने के बाद एक पीड़ित युवती को यहां से छुड़ाया गया है। 

उसके पिता ने पुलिस उपाधीक्षक को 19 जनवरी 2019 को एक शिकायत लिखित में दी जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसकी पुत्री के साथ गुरु भरोसा सेवा संस्थान में अवैध रूप से बंदी रखा गया,शारीरिक मानसिक शोषण कर पीड़ित किया गया। विदित रहे कि  श्रीगंगानगर के जिला पुलिस अधीक्षक ने चैनलों पर समाचार आने के बाद में कहा था कि किसी की शिकायत आने पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। 

पीड़ित पिता अपनी पुत्री को छुड़ाने के लिए चार-पांच दिन से सूरतगढ़ में संस्थान के  चक्कर लगा रहा था। कल 19 जनवरी को युवती के छुड़ाए जाने के बाद उन्होंने यह शिकायत की है,जिसमें सिकंदर सिंह,अध्यक्ष मनप्रीत कौर,जगदेव सिंह का नाम है।विधानसभा सत्र के चलते यह मामला उजागर हुआ है।


 शिकायत की प्रति यहां भी जा रही है नियमानुसार पीड़िता का नाम और पहचान नहीं दी जा सकती। इस युवती के बाल लंबे थे जिन्हें काट कर उसका चेहरा ही बदल दिया गया।

 ऐसी सूचना है कि एक और शिकायत भी शिकायत भी गुरु भरोसा सेवा संस्थान के खिलाफ पुलिस को दी गई है। इस संस्थान में गड़बड़ी होने का समाचार विभिन्न चैनलों पर प्रसारित हो रहा है। आरोप है कि भीतर में जबरन बंद किए महिला पुरुषों को नशीली गोलियां भी दी जाती रही।पहचान छिपाने के चक्कर में और पगलाए हुए लोग दिखाने के लिए संस्था में लाए हुए  महिला पुरुषों के बाल भी  काट दिए जाते थे जिससे यह लगे कि यह लोग पागल है। अब जांच से ही बहुत कुछ सामने आएगा।

किशनपुरा आबादी में जहां पालिका भूमि पर अतिक्रमण करके भवन बनाया गया है, वहीं के एक निवासी भरत भादू ने भी संचालकों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराने की शिकायत पुलिस को दी है।



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शनिवार, 19 जनवरी 2019

हर्ष कॉन्वेट स्कूल व स्पिक मैके के तत्वाधान में शास्त्रीय नृत्य:दीपक महाराज का कत्थक

हर्ष कॉन्वेट स्कूल व स्पिक मैके के संयुक्त तत्वाधान में शास्त्रीय नृत्य कलाकार श्री दीपक महाराज द्वारा कथक की प्रस्तुती दी गई। उन्होने अपना परिचय देते हुए अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरू व पिता श्री बिरजु महाराज को दिया। हर्ष कॉन्वेट स्कूल के सभागार में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में डिप्टी कमान्डेट श्री गिरीश चावला (सी.आर.पी.एफ.) , मेजर जयवीर, व्यापार मण्डल अध्यक्ष श्री ललित सिडाना अतिथि थे।  

कार्यक्रम में दीपक महाराज ने विद्यार्थियो को भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के प्रति प्रेरित करते हुए शास्त्रीय नृत्य कथक की बहुत सी बारीक बातें सिखायी उन्होनें जीवन के हर पडाव में लय की महता को समझाते हुए जीवन की तीन अवस्थाओं (बाल्यावस्था, युवावस्था, वृद्धावस्था) को नृत्य द्वारा दर्शाया विद्यार्थियो का मन मोहने के लिए उन्होनें कृष्ण यशोदा माखन प्रसंग अभिनय व नृत्य के साथ प्रस्तुत किया। नायक-नायिका की जुगलबन्दी को घुंघरू व तबले की ताल द्वारा दर्शाया जिससे पुरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

 मुख्य अतिथि श्री गिरिश जी चावला व मेजर जयवीर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियो को सौभाग्यशाली बताया जो इतनी छोटी उम्र में इतनें बड़े कलाकार की प्रस्तुती देख सके। कार्यक्रम में श्री दीपक महाराज के अलावा तबला वादक प्रान्शु चतुरलाल, जनाब वारिस खान, जनाब मोहम्मद आयुब आदि कलाकारों का भी सहयोग रहा। 

 गई। उन्होने अपना परिचय देते हुए अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरू व पिता श्री बिरजु महाराज को दिया। हर्ष कॉन्वेट स्कूल के सभागार में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में डिप्टी कमान्डेट श्री गिरीश चावला (सी.आर.पी.एफ.) , मेजर जयवीर, व्यापार मण्डल अध्यक्ष श्री ललित सिडाना अतिथि थे।  


 कार्यक्रम में दीपक महाराज ने विद्यार्थियो को भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के प्रति प्रेरित करते हुए शास्त्रीय नृत्य कथक की बहुत सी बारीक बातें सिखायी उन्होनें जीवन के हर पडाव में लय की महता को समझाते हुए जीवन की तीन अवस्थाओं (बाल्यावस्था, युवावस्था, वृद्धावस्था) को नृत्य द्वारा दर्शाया विद्यार्थियो का मन मोहने के लिए उन्होनें कृष्ण यशोदा माखन प्रसंग अभिनय व नृत्य के साथ प्रस्तुत किया। नायक-नायिका की जुगलबन्दी को घुंघरू व तबले की ताल द्वारा दर्शाया जिससे पुरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

 मुख्य अतिथि श्री गिरिश जी चावला व मेजर जयवीर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियो को सौभाग्यशाली बताया जो इतनी छोटी उम्र में इतनें बड़े कलाकार की प्रस्तुती देख सके। कार्यक्रम में श्री दीपक महाराज के अलावा तबला वादक प्रान्शु चतुरलाल, जनाब वारिस खान, जनाब मोहम्मद आयुब आदि कलाकारों का भी सहयोग रहा। 




गुरु भरोसा सेवा संस्थान का अध्यक्ष कौन है? आरोपों पर सामने क्यों नहीं आ रहा


 ** करणी दान सिंह  राजपूत**

सूरतगढ़ में संचालित गुरु भरोसा सेवा संस्थान की भीतर औरतों लड़कियों से  बदसलूकी  नशे की दवाएं  के आरोप लगने से मचे हड़कंप के बावजूद संस्था के अध्यक्ष  सामने  क्यों नहीं  आए?  

अभी तक इस संस्था के अध्यक्ष  का चेहरा  किसी  पत्रकार  जो मौके पर गए, वहां वार्तालाप किया जानकारियां ली केवल एक सेवादार उपस्थित रहा और  जानकारियां देता रहा है।असल में  संस्था  किस उद्देश्य को लेकर  स्थापित हुई  और इसका  अध्यक्ष कौन है?  यह अभी  सामने  नहीं आया है  जो भी लोग जा रहे हैं उनको जानकारियां केवल सिकंदर सिंह सेवादार ही बताने को आगे रहता है। 

यह बहुत बड़ा मुद्दा है कि  संस्था को  संचालित करने वाली समिति का अध्यक्ष इतने बड़े हंगामे के बावजूद सामने नहीं है। संस्था अध्यक्ष औरत है या पुरूष है तो वह सामने आने से बच क्यों रहा है? क्या यह संस्था अध्यक्ष इतने सालों में कभी महिलाओं के सामने आया उसने  महिलाओं की सार संभाल के लिए कोई महिलाओं से बातचीत की? इस हंगामे के बाद भी उसने महिलाओं के साथ आकर के कोई बात की। यह कहीं  सामने नहीं आने से  आशंका होती है  कि कुछ गड़बड़ जरूर है।  जितने लोग वहां पहुंचे और जानकारियां ली थी उनको संविधान नहीं बताया गया संस्था के संविधान में ही सारा उद्देश्य लिखा हुआ है कि संस्था किस उद्देश्य से बनाई गई है और इसकी संचालन समिति में अध्यक्ष कौन हैं सचिव कौन है सदस्य कौन है? यह सारी बातें जो की महत्वपूर्ण है लेकिन अभी तक आम जनता से और जानकारियां लेने वालों से छुपाई जाती रही है  पत्रकारों को भी  अध्यक्ष का  ज्ञान नहीं है कि इस संस्था का अध्यक्ष कौन है? सच्चाई यह है कि  अध्यक्ष  ही  सामने आकर  बताएं कि  संस्था के ऊपर लगे हुए आरोपों  का एक एक बात का जवाब दे।

अभी तक  सेवादार सिकंदर सिंह ने भी यह नहीं बताया कि  नसे  की गोलियां जबरन देने आदि के बारे में जो आरोप लग रहे हैं। उसके बारे में सेवादार सिकंदर सिंह चुप है,जो लोग ठीक थे उनको भी  जबरन क्यों रखा गया?

 आगे जो भी स्थिति बने।

 संस्था की जांच हो सबसे बड़ा सवाल यह है कि संस्था में जो भी  औरत पुरुष लाए जाए वह वह केवल  पुलिस के मार्फत लाए जाएं। 

पुलिस पहले सारा वेरीफिकेशन करे। उसके बाद पुलिस चाहे जिस संस्था को  संबंधित औरत और पुरुष को सौंपे। 

संस्था के  किसी भी व्यक्ति को  किसी भी औरत  पुरुष को  सीधा  सेवा संस्थान में ले जाने का अधिकार नहीं है अगर वह ऐसा करता है तो अपहरण और जबरन बंदी बनाने के आरोप के अंदर  घेरे में आता है।

संस्था के अध्यक्ष, सचिव आदि कार्यकारिणी सदस्य के नाम और संविधान सामने नहीं आने तक शंकाएं कायम रहेंगी। 

सेवा दार सिकंदर सिंह सरकारी कर्मचारी है। वह कितना समय देता है और इसका स्थानांतरण हो जाता है तो फिर कौन पीछे रहेगा,इसलिए अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी के नाम सामने आने जरूरी है।

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

गुरूभरोसा सेवा संस्था:कितने लाचार औरतों पुरुषों को पकड़ ले गए,वेअब कहां है ?

** कितने दिन नशीली दवाएं देकर बंद रखा दुराचार मारपीट  किया **

*** प्रशासन पुलिस आपराधिक मुकदमा करवाकर जांच करवाए तब ही अपराधी आएंगे कानून के शिकंजे में ***

***** करणी दान सिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ में गुरु भरोसा सेवा संस्था के क्रियाकलापों को लेकर समाचारों से हड़कंप मचा है और बहुत बड़ा रहस्य छिपा हुआ है कि सेवा भाव के नाम पर कितने लाचार औरतों आदमियों को रेलवे स्टेशन,बस स्टैंड बस स्टैंड के आसपास से और यत्र तत्र पकड़ा गया और संस्था के भवन में ले जाया गया। जिन लोगों को ले जाया गया जबरन पकड़ा गया वे चिल्लाते रहे मगर परवाह नहीं हुई।

लोग मानते रहे की संस्था के लोग सेवा भाव के लिए औरतों और पुरुषों को लाचार लोगों को ले जा रहे हैं जो अपंग हैं बीमार हैं या भटक कर सूरतगढ़ पहुंच गए हैं।

समाचारों से यह लोगों के सामने आया कि जिन लोगों को पकड़ा गया उनका कोई समुचित रिकॉर्ड संस्था में नहीं है। 

कितनी औरतें लड़कियां पकड़ी गई और अब संस्था में कितनी है और बाकी की कहां भेज दी गई? एक -एक महिला और एक -एक पुरुष का रिकॉर्ड पुरुष रिकॉर्ड संस्था की ओर से कभी प्रदर्शित नहीं किया गया।सबसे बड़ा रहस्य यह है कि इस प्रकार के औरतों और पुरुषों को संस्था भवन में नशे की दवाइयां दी जाती रही और मारपीट करके दवाइयां दी जाती जो नहीं लेते उनके भोजन में मिला करके दी जाती रही रही।

 संस्था के संचालक नशीली दवाइयों का डोज भी अपनी मनमर्जी से से देते रहे।किसी डॉक्टर की सलाह नहीं,किसी डॉक्टर की पर्ची नहीं। होना तो यह चाहिए था कि जो भी महिला लड़की पुरूष लाचार हालत में पाया जाता वह पहले पुलिस रिकॉर्ड में आता।पुलिस उसका अता पता मालूम करती और डॉक्टर से जांच करवाकर मानती कि बीमार है या विक्षिप्त है। बाद में किसी संस्था को सेवा के लिए सौंपती। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं हो रहा था संस्था के संचालक और उनके कारिंदे  लाचार लोगों को पकड़ते और ले जाते रहे। तत्काल किसी की सूचना कहीं नहीं दी गई गई।पुलिस को भी सूचना अपनी मनमर्जी से अगले दिन या बाद में दी गई। इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं सूचना पुलिस को दी गई। संस्था के पत्र पर कोई क्रमांक नहीं, पत्र पर संस्था के अध्यक्ष या संस्था   संचालन कर्ता के हस्ताक्षर नहीं।


जिन लोगों को पकड़ा गया उनका विधिवत 1-1 का रिकॉर्ड होना चाहिए।वह नहीं। हर व्यक्ति की जांच और हर व्यक्ति की दवा अलग अलग होती है लेकिन ऐसा कोई प्रबंध नहीं। संस्था में जो व्यक्ति सार संभाल के नाम पर लाए गए उनकी संख्या कितनी थी उनमें से कितने लोगों को कहां-कहां भेजा गया? इसकी जांच बहुत जरूरी है। 

जो पकड़े गए उन लोगों को इलाज के लिए तत्काल चिकित्सकों एलोपैथी आयुर्वेदिक होम्योपैथिक आदि से दिखाकर दवाइयां दी जानी चाहिए थी। प्रत्येक की पर्ची प्रत्येक की प्रत्येक की दवा अलग अलग होती और उस हिसाब से ही होती और उस हिसाब से मेडिकल स्टोर से डाक्टर की परची पर ली जाती लेकिन आश्चर्य है कि संस्था के संचालक सभी को जबरन दवाइयां देते रहे और दवाइयों से लाचार लोग अपनी आवाज को समुचित उठा नहीं सकते। उनको मालूम ही नहीं था कि वह सूरतगढ़ की किसी संस्था में बंद हैं।कहां पर बंद है?उनकी एक ही आवाज थी कि यहां से किसी तरह से बाहर निकाला जाए। 

सबसे बड़ा आश्चर्य और घोटाला यह है कि प्रशासन नशे की दवाइयों के विरोध में प्रचार प्रसार कर रहा है। पुलिस भी इसी कार्य में लगी हुई है लेकिन यहां पर इतनी भारी मात्रा में एक साथ नशीली दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची पर कैसे मिलती रही?कौन सा मेडिकल स्टोर यह अपराध शामिल होकर करता रहा ?  ड्रग इंस्पेक्टर किस प्रकार की जांच मेडिकल स्टोरों पर करते रहे हैं?

इन सब की की जांच होना बहुत जरूरी है। किसी भी औरत पुरुष को लाचार मानकर जबरन पकड़ कर ले जाना उसकी मनमर्जी के  विपरीत ले जाना  बंद रखना नशीली दवाइयां देना आदि अपहरण और जबरन बंद रखने के आपराधिक मामले में मुकदमे में नामजद करके और जांच होनी चाहिए।

 आश्चर्य है कि किसी भी औरत और पुरुष को संस्था संचालकों ने कैसे अपनी मर्जी से विक्षिप्त मान लिया, मानसिक बीमार मान लिया, बिना किसी डॉक्टर की जांच के दवाइयां भी देते रहे। प्रतिबंधित दवाइयां कहां से मिली दवाइयों के बिल किस किस रोगी के नाम से बने या बिना बिलों के ही यह सब कुछ होता रहा। 

नशे से संबंधित कोई भी दवा बिना डॉक्टर की पर्ची के दी नहीं जाती। बहुत सख्त नियम है फिर यहां इस संस्था को बहुत सारी दवाएं एक साथ कैसे मिलती रही? 

आश्चर्यजनक यह भी है कि पुरुष और महिला का रखरखाव संरक्षण अलग अलग प्रकार का होता है। महिलाओं की सेवा के लिए कितनी महिलाएं लगाई हुई थी। लाचार महिलाओं को या कथित विक्षिप्त महिलाओं को नहलाने धुलाने का कार्य कौन कर रहा था?

संस्था का संचालन मंडल, कारिंदे और अन्य इसमें जांच के दायरे में लिए जाकर प्रशासन की तरफ से ही आपराधिक मुकदमा होना चाहिए।

देश में आश्रमों आदि का बवाल मचा है, गिरफ्तारियां जांचे और जेलें हुई है वहीं सूरतगढ़ में यह सब कैसे चलता रहा? कुछ पत्रकारों ने गहन जांच के बाद समाचार देने शुरू किए मगर प्रशासन फिर भी नहीं जागा।लेकिन यह मामला बहुत गंभीर है और जांच मुकदमा अविलंब नहीं हुआ तो प्रशासन भी घेरे मेंं आने से बच नहीं पाएगा।

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मंगलवार, 15 जनवरी 2019

गेहूं सरसों खरीद, भुगतान, उठाव व भंडारण तक पुख्ता इंतजाम होः- जिला कलक्टर


श्रीगंगानगर, 15 जनवरी 2019.

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि जिले में सरसों व गेहूं की खरीद सुव्यवस्थित तरीके से हो, इसके लिये संबंधित विभागों, खरीद ऐजेंसियों को समय रहते तैयारियां करनी होगी। उन्होंने कहा कि जीन्स खरीद से लेकर, उठाव व भुगतान तक किसी कार्य में विलम्ब न हो, ऐसी पुख्ता व्यवस्थाएं की जाये। 

    जिला कलक्टर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में गेहूं, सरसों फसल खरीद के संबंध में आयोजित बैठक मे बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खरीद ऐजेंसियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसान के साथ फसल में नमी व गुणवत्ता को लेकर भेदभाव नही होना चाहिए। प्राप्त बारदाने का वितरण भी समान रूप से हो। बारदाने की कमी न रहे, इसके लिये अभी से ही आवश्यकता अनुरूप बारदाने की मांग व आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। क्रय किया गया अनाज बारिश के समय खराब न हो, इसके अच्छे इंतजाम किये जाये। फसल भंडारण में गोदामों के अलावा स्टेंकिंग वैज्ञानिक तरीके से बनाई जाये। 

    जिला कलक्टर ने कहा कि प्राप्त गेहूं, सरसों फसलों का उठाव नियमित हो, इसके लिये वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। छोटे वाहनों से फसल उठाने में अधिक समय लगता है, जबकि बड़े वाहनों से उठाव में तेजी लाई जा सकती है। उठाव जितना जल्दी होगा, उतनी ही फसल अन्य किसान मंडी में ला सकेगें। जिला कलक्टर ने कहा कि खरीद ऑनलाईन हो या ऑफलाईन हो ये सरकार स्तर के निर्णय है। जिला स्तर की सभी व्यवस्थाएं हम सभी को करनी है। जिला स्तर पर कोई समस्या हो, तो उसका निपटारा किया जायेगा। जिला कलक्टर ने कहा कि फसल खरीदने से लेकर भुगतान व उठाव तक किसी तरह की समस्या न हो, इसको लेकर जल्द ही व्यापारियों, खरीद ऐजेंसियों, मजदूरों एवं किसान प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जायेगी। गेहूं, सरसों के उठाव में लगने वाले वाहनों का पंजीयन, नवीनीकरण तथा वाहनों की फिटनेस इत्यादि का भी परिवहन विभाग द्वारा निरीक्षण किया जायेगा। श्रीगंगानगर जिले में लगभग 6.21 लाख मैट्रिक टन गेहूं क्रय की जायेगी तथा सरसों का लगभग 2.25 लाख मेट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। 

बैठक में व्यापारियों ने बताया कि किसान सीधा व्यापारी से जुडा हुआ है तथा फसल निकालने के बाद मंडी में एक साथ अनाज आ जाता है। अगर ऑनलाईन के साथ-साथ ऑफलाईन की व्यवस्था भी हो तो उपयुक्त रहेगा। व्यापारियों का कहना था कि उन्हें 2.25 प्रतिशत आड़त, 25 पैसे सैकड़ा तुलाई तथा 50 पैसे सैकड़ा मजदूरी तथा 1 रूपये 30 पैसे प्रति क्विंटल झराई का भुगतान करना होता है। 

भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक ने बताया कि किसान को ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करना है, जिसमें आड़तिया भी शामिल है। किसान को उपज बैचने का दिनांक व समय मिल जाता है। अगर किसान उस दिन अपनी फसल नही बेच पाता तो पुनः नई तिथि मिल जाती है। फसल का ऑनलाईन विक्रय नही बल्कि पंजीयन है। 

बैठक में एडीएम प्रशासन श्री नख्तदान बारहठ, जिला रसद अधिकारी श्री पार्थ सारथी, निरीक्षक श्री सुरेश, उप पंजीयक श्री दीपक कुक्कड़, राजफैड के क्षेत्राय अधिकारी श्री रणवीर सिंह, तिलम संघ के महाप्रबन्धक श्री एम.के. पुरोहित, भारतीय खाद्य नियम के प्रबन्धक श्री अभिमन्यू स्वामी, मंडी सचिव श्री शिव सिंह भाटी,  व्यापारी श्री विपिन्न अग्रवाल, श्री रामगोपाल, श्री राजकुमार, श्री विनय जिंदल, श्री प्रदीप गर्ग, श्री विनित जिन्दल, श्री सुरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागों के व्यापारी व अधिकारी उपस्थित थे।

पीजी हास्टलों की निगरानी होगी: जिला कलेक्टर के आदेश:

*औषधि निरीक्षक 10-10 मेडिकल दुकानों का निरीक्षण करेगें:नशा रोक अभियान*

श्री गंगानगर 15-1-2019.

जिले में नशे पर अंकुश लगाने के लिये औषधि निरीक्षक विभाग के निरीक्षक 10-10 ऐसी दुकानों का निरीक्षण करेगें, जहां नशीले पदार्थ बिकने की शिकायत मिल रही हो। उन्होंने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिये कि जहां भी नशे की प्रवृति ज्यादा हो, वहां निगरानी रखी जाये। उन्होंने कहा कि पीजी में निवास करने वाले युवाओं को नशे से दूर रखने के लिये उन पर निगरानी जरूरी है। पीजी में अधिक देर से आने वाले विधार्थी या उनके पास देर रात्रि में आने वाले विधार्थी पर नजर रहनी चाहिए तथा इसकी सूचना पुलिस को दी जाये

अतिक्रमण हटाने के तुरंत बाद यह कार्य किया जाए: कलेक्टर का आदेश

नगरपरिषद द्वारा जहां अतिक्रमण हटाया जाता है, वहां पर मलबा हटाने के साथ-साथ नाली निर्माण का कार्य प्रारम्भ करें। उन्होंने इन्दिरा कॉलोनी में आमजन द्वारा अपने आप अतिक्रमण हटाने के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद ऐसे 10 कार्यों को पेरायटी में लेवे, जहां अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा हटाकर नाली का निर्माण करेगें। जो लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण नही हटाते, वहां मार्किंग, नोटिस के बाद पुलिस जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटाने होगें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद नाली निर्माण का कार्य होने से एक अच्छा  संदेश जनता में जाता है। उन्होंने पुरानी आबादी के वार्ड नम्बर 3,4,5 में नालों की स्थिति, उन्हें ढ़कने के संबंध में निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद स्वीकृत नालों का कार्य प्रारम्भ करे एवं पूर्व के नालों की सफाई के लिये एक नाला टीम पर्याप्त नही है,इसके लिये कम से कम 10 नाला सफाई टीम का गठन किया जाये। 

श्री गंगानगर:नहरों को क्षति पहुंचाने वाले पेड़ों को हटाया जाएगा


15-1-2019.पहले चिन्हित किया जायेगा। चिन्हिकरण में तीन तरह की लाल, नीला व हरे रंग की श्रेणियां बनाई जाये। सर्वप्रथम रैड श्रेणी में वे पेड जो बिल्कुल नहर के पट्डे के उपर है तथा कभी भी नहर को क्षति पहुंचा सकते है। जिला कलेक्टर ने वन विभाग को भी सर्वें करने के निर्देश दिये। जल संसाधन विभाग आगामी सात दिवस में चिन्हिकरण का कार्य करेगा। ऐसे पेडों को हटाने के लिये नियमानुसार स्वीकृति के बाद हटाये जायेगें।

सिंचाई पानी वितरण में पारदर्शिता आवश्यक -जिला कलेक्टर

श्रीगंगानगर, 15 जनवरी 2019.

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि जल संसाधन विभाग प्राप्त सिंचाई पानी का सही वितरण करवावें। निर्धारित मात्रा के अतिरिक्त पानी का भी शैडयूल बने, जिसमें पारदर्शिता हो तथा किसानों को पारदर्शिता दिखनी भी चाहिए। 

जिला कलक्टर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा किसी तरह की गलत रिपोर्ट करने पर कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि पानी चोरी रोकने के लिये विभाग सख्त कदम उठाये। अगर कही पानी चोरी का प्रकरण सामने आता है, तो तत्काल प्रभावी कार्यवाही हो, जिससे पानी चोरी की पुनरावृति न हो। पूर्व में गठित कमेटी को भी सक्रिय किया जाये। कमेटी में जल संसाधन विभाग, राजस्व व पुलिस विभाग संयुक्त रूप से गश्त करेगें। 


रविवार, 13 जनवरी 2019

सूरतगढ़ :श्रीअग्रसेन भवन का भव्य लोकार्पण


****विशेष समाचार-  करणीदानसिंह राजपूत *****


^^ महाराजा अग्रसेन के कर्तव्यों का गुण गान ^^


* समाज सेवा में वयोवृद्व गणपत राम अग्रवाल जी का सम्मान *


*** विभिन्न समुदायों के प्रमुखगण,समाजसेवी,राजनीतिक लोग समारोह में शामिल ***

^^ अग्रवाल समाज सूरत गढ की एकता एवं भवन की भव्यता की सराहना ^^

सूरत गढ. दिनांक 13 जनवरी, 2019.राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के विश्व विख्यात सूरतगढ़ शहर में नव निर्मित भव्य श्री अग्रसेन भवन का लोकार्पण हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोहर के विधायक अमित चाचाण थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सूरतगढ़ नगर पालिका चेयरमैन श्रीमती काजल छाबड़ा ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित चाचाण तथा  हनुमान प्रसाद गुप्ता ने अग्रवाल समाज के सभी सदस्यों व शहर के प्रबुद्व नागरिकों की उपस्थिति में फीता काट कर भवन का शुभारम्भ किया। तत्पश्चात् अनावरण पट्टिका से पर्दा हटाकर लोकार्पण किया गया।मंचीय कार्यक्रम के तहत मुख्य अतिथि अमित चाचाण ने अपने वक्तव्य में सूरतगढ़ शहर में ऐसे भव्य भवन बनाने पर अग्रवाल समाज को बधाई दी व समाज की एकजुटता पर खुशी जताई। अन्य वक्ताओं ने भी अपने-अपने भाषण में अग्रवाल समाज समिति कार्यकारिणी व अध्यक्ष को बधाई दी।विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राधेश्याम शेरेवाला तथा अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय मित्तल उपस्थित थे।सम्मानित अतिथियों के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रशिक्षु अधिकारी कीर्ति गोयल, रावतसर के एस.डी.एम. अवि गर्ग, पंचायत समिति प्रधान बिरमा देवी नायक आदि ने भी मंच की शोभा बढ़ाई। अग्रवाल समाज समिति की तरफ से हनुमान प्रसाद गुप्ता, अंजनी चौधरी, रेखा सरावगी भी मंच पर मौजूद थे।कार्यक्रम में बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों की सभी मण्डियों के अग्रसमाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा सूरतगढ़ शहर के व्यापारिक, राजनैतिक सामाजिक संगठनों तथा सभी विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। समिति सह-सचिव नरेश धानुका, राकेश मित्तल, अंकुर गोयल की टीम ने बाहर से आये हुये अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का मंच संचालन पूर्व अध्यक्ष सुभाष गुप्ता व अग्रवाल समाज समिति के सचिव अनिल धानुका ने किया।समिति सचिव अनिल धानुका ने समाज की तरफ से सभी आगन्तुकों  को धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में संरक्षक प्रयाग चंद अग्रवाल व संरक्षक मण्डल ने शुभकामनाऐं दी।

( समाचार अच्छा लगे तो अपने मित्रों, जानकारों को शेयर करें) 






गुरुवार, 10 जनवरी 2019

सामान्य वर्ग आर्थिक आरक्षण को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती


सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के संविधान संशोधन विधेयक को दि. 10-1-2019 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। यूथ फॉर इक्वेलिटी नामक ग्रुप और डॉ कौशल कांत मिश्रा द्वारा दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि  यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा तय किए गए 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन करता है।

संजय धुआ आत्महत्या एफआईआर में विजेंद्र शास्त्री व सुशील झंवर के नामों से रोष



** मृतक के आत्महत्या नोट में  केवल 2 नाम जितेश व गोल्डी हैं **

 ^^ करणी दान सिंह सिंह राजपूत ^^

 संजय धुआ के आत्महत्या मुकदमे में मृतक के भाई पवन धुआ ने 4 नाम लिखाए हैं ,जिन पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया है।
जितेश धींगरा और गोल्डी धींगरा पदमपुर के अलावा सूरतगढ़ के विजेन्द्र शास्त्री व सुशील झंवर के नाम भी लिखाए गए हैं। 
सूरतगढ़ के दो नामों पर ब्राह्मण व माहेश्वरी समाज के लोगों ने रोष प्रगट किया है कि ये नाम रंजिश से लिखवाए गए हैं इसलिए इनको निकाला जाए और जांच सही की जाए।

 संजय धुआ के सुसाइड नोट में केवल 2 नाम दिए गए हैं। लिखा गया है कि जितेश व गोल्डी के कारण वह आत्महत्या कर रहा है और आगे जाकर फिर इन्हीं दो पर कानूनी कार्यवाही करने का लिखा गया है।
संजय धुआ के भाई पवन धुआ ने मुकदमे में सूरतगढ़ के पंडित विजेंद्र शास्त्री और सुशील झंवर का नाम भी लिखा दिया है जिस पर एतराज हो रहा है।
 ब्राह्मण समाज के लोगों ने 9 जनवरी को पुलिस उपाधीक्षक के नाम पत्र दीया और सही जांच की मांग की। मांग पत्र में लिखा गया कि विजेंद्र शास्त्री को झूठा फंसाया जा रहा है।
10 जनवरी को माहेश्वरी समाज के लोगों ने पुलिस उपाधीक्षक के नाम ज्ञापन दिया उसमें भी लिखा गया था कि सुसाइड नोट में विजेंद्र शास्त्री और सुशील झंवर  के नाम नहीं है और इनको झूठा फंसाया जा रहा है इसलिए जांच सही की जाए और और इन नामों को निकाला जाए।









मंगलवार, 8 जनवरी 2019

अधिकारी दौरे पर जाने से पूर्व जानकारी देंगे-कलक्टर श्रीगंगानगर


जिला कलक्टर ने कहा कि जो अधिकारी क्षेत्र में दौरा व निरीक्षण के लिये जाते है, उन्हें साप्ताहिक सूचना दौरे पर जाने से पूर्व देनी होगी। यह भी बताना होगा कि वे इस तिथि को कहां-कहां जायेगें तथा क्या कार्य करेंगें। दौरे के बाद भी किये गये निरीक्षण इत्यादि की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगें। ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी संबंधित एसडीएम को अपना प्लान देंगें। प्रति सप्ताह किये गये निरीक्षण की रिपोर्ट प्रत्येक सोमवार को सायं तक प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट गुणवत्तापूर्ण व तथ्यों के साथ हो। 

दि 8-1-2019.

नशे पर अंकुश लगाने के लिये एसडीएम भी निरीक्षण करें- जिला कलक्टर श्री गंगानगर

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि जिले में नशे पर अंकुश लगाने के लिय लगातार आकस्मिक निरीक्षण करते रहे। इसके लिये जिला स्तर के साथ-साथ एसडीएम स्तर पर भी निरीक्षण किये जाये। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपना दूरभाष नम्बर आमजन के लिये उपलब्ध करवायें। कोई भी नागरिक किसी भी दुकान पर नशे की गोलियां बिकने की सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की जानकारी गुप्त रखी जायेगी। 

जिला कलक्टर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दूरभाष पर सूचना देने वाले नागरिक का नाम नहीं  पूछें। जानकारी मिलते ही कार्यवाही करें। दवा बेचने की जो लाईसेंस शुदा दुकाने हैं, वे अपना लाईसेंस काउंटर के पास चस्पा करेंगें। उन्होंने कहा कि औषधि विभाग द्वारा जिन मेडिकल की दुकानों के अनुज्ञापत्र निलम्बित किये जाते है उस दौरान संबंधित थानाधिकारी भी निगरानी रखें कि संबंधित मेडिकल स्टोर नही खुले तथा निलम्बन अवधि में दुकान खुलने की सूचना आमजन भी दे सकते हैं । 

8-1-2019.

सोमवार, 7 जनवरी 2019

संजय धुआ आत्महत्या नोट में क्या लिखा है ?सच क्या है?

*  करणी दान सिंह राजपूत *

अरोड़ वंश कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष शराब व्यवसायी संजय धुआ ने 6 जनवरी 2019 की रात्रि को स्वयं के गोली मारकर  आत्महत्या करली थी।

 उसके कपड़ों में पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। उस सुसाइड नोट में केवल दो व्यक्तियों जितेश और गोल्डी धींगरा के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया है तथा उन पर कानूनी कार्यवाही (मुकदमा) चलाने का भी लिखा गया है।

 पूरे नोट में जो लिखा है वह निम्न प्रकार से है।----

मुझे माफ कर देना परिवार व दोस्तों जिंदगी से तंग आ गया हूं जितेश गोल्डी धींगड़ा के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं।


 गंगाजल जी आप ध्यान रखना परिवार का 17.50 लाख आपसे जो लेना है वह ओबीसी बैंक में जमा करा देना ताकि बच्चों के पास मकान सुरक्षित रह जाए और मेरे पास तो कुछ बचा नहीं है, इसलिए आप ध्यान रखना। आपका आशीर्वाद रखना परिवार पर। जितेश गोल्डी पर कानूनी कार्यवाही जरूर करना।


 रेखा पवन जी रवि जी मनोज मनीषा विक्की विशाल आंचल मुझे माफ कर देना। मैंने पूरा परिवार खत्म कर दिया आपका पिछले जन्म का कोई कर्जा लेना था मैंने।

विनोद जी शर्मा आप भी मुझे माफ कर देना।


विजेंद्र जी शर्मा, हनुमान जी सुथार, हरपाल जी थोरी एएसआई,विनोद जी आप ध्यान रखना परिवार का।


राकेश धुआ ध्यान रखना परिवार का।

 विकी मिढा तू भी ध्यान रखना परिवार का।

संजय

 ( यह पत्र यहां दिया गया है)

परिवार जनों परिचितों के बयान और पुलिस जांच से क्या निकलेगा? उसकी सभी को प्रतीक्षा रहेगी।



संजय धुआ आत्महत्या मुकदमा - आरोप विजेन्द्र शास्त्री,सुशील सूरतगढ़-जितेश व गोल्डी धींगरा पदमपुर पर


सूरतगढ़। शराब व्यवसायी संजय धुआ के रविवार रात 6-1-2019 को आत्महत्या करने के मामले में सोमवार को पुलिस ने चार जनों के खिलाफ आत्महत्या दुष्प्रेरण का मामला दर्ज किया है। 

मृतक के भाई पवन धुआ की रिपोर्ट पर पुलिस ने पदमपुर निवासी जितेश धींगरा और उसके भाई गोल्डी धींगरा पुत्र सोमनाथ तथा सूरतगढ़ के पंडित विजेंद्र शास्त्री और सुशील कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुषप्रेरित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

7-1-2019  सुबह बड़ी संख्या में समाज के लोग और अन्य नागरिक राजकीय चिकित्सालय में एकत्र हो गये। पुलिस की मौजूदगी में व्यवसायी के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। लेकिन समाज के लोगों ने चारों आरोपितों की गिरफ्तारी होने तक शव उठाने से इंकार कर दिया। 

सूचना मिलने पर प्रशिक्षु आरपीएस आशीष कुमार, सिटी थानाधिकारी निकेत पारीक व सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र पचार मौके पर पहुंचे और समाज के लोगों से वार्ता की।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमें मौके पर भेजी गई है, शीघ्र ही सभी नामजद को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाद में अरोड़वंश समाज के लोगों और मृतक संजय धुवा के परिजनों ने बीकानेर रोड पर लगाया जाम खत्म किया।


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