रविवार, 10 अक्टूबर 2021

गांधी बाबा नहीं सुहाते तो मोदी बाबा से कहो कि गांधी बाबा के नाम से राज चलाना बंद करें.

  

* करणीदानसिंह राजपूत *


गांधी बाबा के नाम पर कांग्रेस ने राज चलाया और अब भाजपा भी गांधी बाबा के नाम पर ही राज कर रही है।

 गांधी बाबा की पूजा प्रशंसा और उन्हें नमन करते हुए देश के सर्वोच्च व्यक्ति मोदी बाबा राज कर रहे हैं  और उन्हीं के कार्यकर्ता जो भाजपा और संघ से संबंधित हैं,हर वक्त सोशल मीडिया पर गांधी बाबा को कोसते रहते हैं। गांधी बाबा को कोसने मैं अपशब्दों का भी इस्तेमाल होता है और उन पर अनेक लांछन लगाए जाते हैं। 

गांधी बाबा की जयंती 2 अक्टूबर से पहले और एक हफ्ते बाद तक कोसने का काम बहुत अधिक और जोरों पर होता है। वैसे तो गांधी बाबा के विरुद्ध लिखने का अभियान दिन रात चलता है कभी रुका नहीं है। ऐसे लोगों ने गांधी बाबा को कोसने का काम अपनी दिनचर्या में शामिल कर रखा है।

अब प्रश्न यह पैदा होता है कि मोदी बाबा जब अपना राज गांधी बाबा के नाम से चला रहे हैं तब नीचे के कार्यकर्ताओं को गांधी बाबा  स्वीकार क्यों नहीं है? 

कांग्रेस पर निरंतर यह आरोप लगता रहा कि उसने गांधी बाबा का चित्र नोटों पर छाप कर राज चलाया। अब कांग्रेस का राज तो है नहीं तब नोटों पर गांधी बाबा का चित्र कौन छपवा रहा है? मोदी बाबा के राज में भी नोटों पर गांधी बाबा का चित्र छापने की प्रक्रिया भी निरंतर चल रही है। मतलब साफ है कि अब नोटों पर गांधी बाबा का चित्र मोदी बाबा छपवा रहे हैं।

गांधी बाबा के नाम पर योजनाएं चलाई जा रही है।अब ये योजनाएं कौन चला रहे हैं ?

मोदी बाबा ने तो भारत स्वच्छता अभियान तक चलाया। सारे देश से झाड़ू भी लगवाई। नेताओं व कार्यकर्ताओं ने झाड़ू लगाते हुए फोटो खिचवाए। उन फोटो को समाचार पत्रों में खूब छपवाया और टेलीविजन चैनलों पर खूब प्रसारित करवाया। यह स्वच्छता अभियान चल ही रहा है।

यदि गांधी बाबा से इतनी ज्यादा घृणा है तो राज गांधी बाबा के नाम से क्यों? गांधी बाबा के नाम से राजपाट चलाने का काम रोका जाना चाहिए और यह कार्य मोदी बाबा से करवाया जाए।


 जिन कार्यकर्ताओं को गांधी बाबा स्वीकार नहीं हैं उन्हें चाहिए कि मोदी बाबा से ही सब कर्म छुड़वाए जो गांधी बाबा के नाम से जुड़े हुए हैं।


आज जब मोदी बाबा को महान माना जा रहा है तब मोदी बाबा को राज चलाने के लिए गांधी बाबा की याद और नमन करने की कहां आवश्यकता है? 

गांधी बाबा को हर समय कोसने वालों को चाहिए कि वे मोदी बाबा से गांधी बाबा के नाम से राज चलाना बंद करवाएं।

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गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021

रहस्यमय है पीएम केयर्स फंड:देश का धन है तो फिर देश जानकारी क्यों नहीं ले सकता?

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

देश में पहले से ही प्रधानमंत्री राहत कोष सन 1948 ईसवी से स्थापित है और 73 वर्षों से संचालित है। प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री राहत कोष का संपूर्ण संचालन प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कर दिया था जो वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही अधीन है। ऐसी अधिकारिता के होते हुए पीएम केयर्स फंड की स्थापना की आवश्यकता क्यों हुई? इसमें देश का धन लगा है तो देश को इसके संचालन व जमा खर्च की जानकारी भी होनी चाहिए, लेकिन वह जानकारी दी नहीं जा रही। 
प्रधानमंत्री राहत कोष के होते हुए यदि पीएम केयर्स फंड की स्थापना की आवश्यकता हुई तो वह देश को बताया जाना चाहिए था और अभी भी बताया जा सकता है। 
* पीएम केयर्स फंड स्थापना से ही विवादों से घिरा है। 
** आखिर इसमें ऐसा क्या रहस्य है जिसके कारण देश से छुपाया जा रहा है? इसका नाम जरूर पीएम केयर्स फंड है लेकिन क्या इसके वर्तमान संचालक पदों से हटने/हटाने/छोड़ने के बखद भी इसका संचालन करने के अधिकारी होंगे? 
*** अनेक शंकाएं इस छुपाने से पैदा हो रही है और आगे भी होती रहेगी। 
**** देश का प्रधानमंत्री देश से छिपाए तो उससे पैदा होने वाली शंकाओं का तो अंत ही नहीं हो सकता। 
👌 एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं इसके सभी संचालकों पर सदा प्रश्न छाए रहेंगे। अभी तो देश में मामूली धड़कन सी है लेकिन कभी यह तूफानी ताकत तक पहुंच कर अपूर्णीय हानि भी पहुंचा सकती है। जब सत्ता होती है तब हर प्रश्न को हवा में उड़ा देने या दबा देने की ताकत होती है लेकिन सत्ता कमजोर होने या चली जाने पर परेशानियां रुक नहीं पाती। लोकतंत्र में सत्ता स्थाई नहीं हो सकती इसलिए  मानना चाहिए कि ऐसा वक्त भी आ सकता है जब न चाहते हुए भी जगजाहिर हो सकता है।
देश में जागरूक लोगों की कमी नहीं है।

*इस फंड पर अभी भी लोग प्रश्न कर रहे हैं। 
** कांग्रेस का कहना है कि यह सरकारी फंड नहीं है तो प्रधानमंत्री के पते का इस्तेमाल क्यों हुआ?
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* मेरे एक विचार में ऐसा भी हो सकता है कि फंड की किसी भी जानकारी को कांग्रेस व विपक्ष से जानबूझ कर छुपाया जा रहा हो कि जब तूफान मचेगा तब सब खोल देंगे और उसमें कोई उलटा पुलटा नहीं निकलेगा। उसको  आक्रामक रूप में कांग्रेस और विपक्ष के विरुद्ध उपयोग किया जाएगा।
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एक जनहित याचिका भी दिल्ली उच्च न्यायालय में  सम्यक गंगवाल की ओर से
लगी हुई है जिसकी सुनवाई चल रही है। अभी तक न्यायालय में क्या हुआ है?

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार 6 अक्टूबर 2022 को कहा- सरकार को इसे निजी कोष बताने का अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि “हम यह नहीं कह रहे हैं कि इसकी गतिविधियां खराब हैं, बल्कि हम केवल यह कहना चाह रहे हैं कि यह संविधान के अनुशासन के अधीन होना चाहिए। सही बात यह है कि यह राजकीय के अलावा और कुछ नहीं है।”
याचिकाकर्ता ने कहा कि इसे निजी मानने का कोई औचित्य नहीं है। 
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि पीएम केयर्स फंड  को संविधान द्वारा आवश्यक पारदर्शिता के सिद्धांत का पालन करना चाहिए और इसे राजकीय निधि घोषित किया जाना चाहिए। 
याचिकाकर्ता सम्यक गंगवाल का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि उच्च स्तर के सरकारी अधिकारियों ने ऐसा बताया था कि केंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट की स्थापना कर रहा है। याचिकाकर्ता केंद्र के इस रुख का विरोध कर रहा है कि पीएम केयर्स फंड एक सरकारी फंड नहीं है और इसकी राशि भारत के समेकित कोष में नहीं जाती है।

उन्होंने मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ से कहा, “आप यह नहीं कह सकते कि ‘देखो, हम तय करते हैं कि संविधान हम पर लागू नहीं होता है, हम राज्य नहीं हैं और हम कहीं और चले जाते हैं।”
अदालत ने बुधवार को उस याचिका पर दलीलें सुननी शुरू की जो चाहती है कि संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत पीएम केयर्स फंड को ‘राजकीय’ घोषित किया जाए। गंगवाल ने तर्क दिया कि देश के नागरिक इस बात से परेशान हैं कि प्रधान मंत्री द्वारा स्थापित एक कोष जिसके न्यासी प्रधानमंत्री, गृह, रक्षा और वित्त मंत्री हैं, उस पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है।

दीवान ने तर्क दिया: “यह सरकारी मशीनरी के समानांतर काम कर रहा है। इस पर शासन का गहरा और व्यापक नियंत्रण है। जिस तरह से वित्तीय सहायता और इसके बारे में सब कुछ…संचालित किया जा रहा है, इससे यह नहीं समझ में आ रहा है कि पीएम केयर्स में ऐसा क्या है जो निजी है? क्या कोई कह सकता है कि यह राजकीय नहीं है। उस स्व-प्रमाणन के अलावा, हम ऐसा कोई कारक नहीं खोज पा रहे हैं कि यह राज्य नहीं है।”

यह भी तर्क दिया गया कि अधिकारियों ने  पीएम केयर्स फंड राज्य के रूप में पेश किया तथा राज्य के प्रतीक और .gov.in पोर्टल के उपयोग से यह आधिकारिक मंजूरी देता है। दीवान ने तर्क दिया “प्रतीक आधिकारिक स्वीकृति देता है, जनता का विश्वास, एक संदेश देता है कि यह आपकी सरकार से संबंधित है और संविधान के अनुशासन और भारत के कानूनों के संदर्भ में सब कुछ उसके अधीन होगा। यह निजी मामला नहीं है, जिसे कोई देख नहीं सकता है, जहां सभी दान अपारदर्शी हैं, और जिसका किसी के सामने खुलासा नहीं किया जा सकता है।”
दीवान ने यह भी तर्क दिया कि संविधान को “सूर्य के प्रकाश की तरह पारदर्शिता चाहिए।” 
पीएम केयर्स फंड की संरचना स्वयं में काफी “दोषपूर्ण और त्रुटिपूर्ण” है।“ उन्होंने कहा कि “हम यह नहीं कह रहे हैं कि इसकी गतिविधियां खराब हैं, बल्कि हम केवल यह कहना चाह रहे हैं कि यह संविधान के अनुशासन के अधीन होना चाहिए। सही बात यह है कि यह राजकीय के अलावा और कुछ नहीं है।”

अदालत को बताया गया कि PIB (पत्र सूचना ब्यूरो ) के माध्यम से PMO ने एक प्रेस नोट जारी कर पीएम केयर्स फंड में चंदा देने की अपील की थी। यह धारणा बनाई थी कि यह भारत सरकार के अलावा और कुछ नहीं है। अदालत को बताया गया कि उपराष्ट्रपति के साथ-साथ एक कैबिनेट मंत्री और कैबिनेट सचिव ने क्रमशः राज्यसभा के सदस्यों और सरकारी कर्मचारियों से इसी तरह की अपील की और इसे भारत सरकार के धर्मार्थ कोष के रूप में बताया।०0०



बुधवार, 6 अक्टूबर 2021

राजस्थानी की मान्यता को लेकर खेली जाने वाली देश की एकमात्र राजस्थानी रामलीला

 



सूरतगढ़ 06 अक्टूबर 2021.


आजादी के 70 वर्षों बाद भी अपनी भाषा की मान्यता की मांग को लेकर जूझ रहे राजस्थान के लोगों ने रंगमंच को माध्यम बनाकर अपनी भाषा की मांग की आवाज देश के सत्ताधारियों तक पहुंचाने का माध्यम बनाया है। अपनी मातृभाषा राजस्थानी में रामलीला के मंचन को लेकर । 

पूरे देश में खेली जाने वाली  राजस्थानी भाषा की रामलीला का मंचन 7 अक्टूबर 2021 से यहां शुरू किया जाएगा । 

मायड़ भाषा राजस्थानी लोक कला रंगमंच की ओर से वार्ड नंबर 5 में विगत 6 वर्षों से इस रामलीला का मंचन किया जा रहा है । इस वर्ष की रामलीला का मंचन 7 अक्टूबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक किया जाएगा ।


 कलाकारों द्वारा राजस्थानी भाषा में सभी संवाद , लोकगीतों , लोक नृत्य का मिश्रण , राजस्थानी भाषा के परिवेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थानी पहनावे को प्राथमिकता दी जाती है । सभी संवाद कलाकारों द्वारा अपनी मातृभाषा राजस्थानी में ही बोले जाते हैं । मंचन किए जाते हैं । 

राजस्थानी रामलीला के रचनाकार मनोज कुमार स्वामी ने बताया कि आजादी के समय से लेकर अब तक अपनी भाषा की आजादी की लड़ाई राजस्थान के लोग लड़ रहे हैं । राजस्थान को भौगोलिक आजादी मिली लेकिन भाषाई आजादी नहीं मिली । यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक रंगमंच की दुनिया जिंदा रहेगी । मंचन की सभी तैयारियां कर ली गई है ।०0०

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मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

सुपरटेक ट्विन टावर गिराने का आदेश: विजिलेंस में 30 के विरुद्ध मुकदमा

 



 * 24 नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी और कर्मचारी*

 सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के दो टावरों को गिराने का आदेश दिया है। इन दोनों टावरों को 40 मंजिला बनाने का प्लान था और अब तक 32 मंजिल तैयार हो चुकी थी।

    

सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के टि्वन टावर में हुए फर्जीवाड़े की एसआईटी जांच रिपोर्ट आने के साथ ही नोएडा अथॉरिटी ने लखनऊ विजिलेंस में एफआईआर करवा दी है। शिकायत प्लानिंग विभाग के मैनेजर वैभव गुप्ता ने दी है। तहरीर में अथॉरिटी ने पूरे फर्जीवाड़े के लिए सुपरटेक ग्रुप के 4 डायरेक्टर, 2 आर्किटेक्ट पर आरोप लगाए हैं।


आरोपित में तत्कालीन सीईओ रहे मोहिंदर सिंह, एसके द्विवेदी व एसीईओ आरपी अरोड़ा, ओएसडी यशपाल सिंह सहित एसआईटी की जांच में आए अन्य 22 नाम शामिल हैं। अभी ये साफ होगा कि इसकी जांच विजिलेंस की लखनऊ यूनिट करेगी या मेरठ यूनिट को ट्रांसफर होगी।

ये हैं आरोपी

अथॉरिटी में तैनात रहे जिन अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर हुई है उनमें 20 रिटायर हो चुके हैं। चार मौजूदा समय में सेवा में हैं। इनमें एक गोरखपुर इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के प्लानिंग मैनेजर मुकेश गोयल, नोएडा अथॉरिटी की प्लानिंग असिस्टेंट विमला सिंह, यूपीएसआईडीसी में तैनात प्लानिंग असिस्टेंट अनीता व यमुना अथॉरिटी के प्रभारी जीएम प्लानिंग ऋतुराज हैं। इन चारों को सस्पेंड करने के आदेश शासन की ओर से दे दिए गए हैं। आगे इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।


विभागीय जांच पर शासन से निर्णय होगा

सेवा में मौजूद 4 आरोपित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। विभागीय जांच शुरू होने पर आपराधिक और विभागीय दोनों जांच का सामना करना होगा। अथॉरिटी अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच को लेकर अभी शासन के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।


कार्मिक विभाग से मांगा सभी अधिकारियों की तैनाती का ब्यौरा

एसआईटी जांच में जिन 26 अधिकारी-कर्मचारी के नाम आए थे, उनकी तैनाती का ब्यौरा शासन के मांगने पर नोएडा अथॉरिटी ने कार्मिक विभाग से लेकर भेज दिया है। रिटायर्ड हो चुके अधिकारियों व कर्मचारियों पर और कार्रवाई होने पर पेंशन रुक सकती है।०0०

दि.5 अक्टूबर 2021.

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सूरतगढ़ से भाजपा के 2023 में फिर वही चेहरे होंगे टिकट के दावेदार

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के चुनाव में भाजपा की टिकट के दावेदारों में फिर वही पुराने चेहरे होंगे रामप्रताप कासनीया और राजेंद्र सिंह भादू। संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में दिनरात सक्रियता में ये ही संघर्षरत नजर आ रहे हैं। रामप्रताप कासनीया वर्तमान में विधायक हैं और राजेंद्र सिंह भादू पूर्व विधायक हैं। 



वर्तमान कांग्रेस राज में भाजपा के प्रदर्शनों आदि में और अलग अलग कार्य कराने में किसानों के साथ इनके अलावा कोई समय नहीं दे रहा।


 राजेंद्र सिंह भादू एक बार 2013 से 2018 तक सूरतगढ़ से विधायक रहे हैं।


रामप्रताप कासनीया सूरतगढ़ से 2018 में विधायक चुने गए लेकिन पीलीबंगा से चुनाव जीतते हुए राज्यमंत्री रह चुके हैं। सन 2018 के चुनाव में भाजपा की टिकट की दावेदारी में कासनीया और भादू ही प्रमुख थे। कासनीया को टिकट मिली और वे जीते। यहां विशेष यही देखा जा रहा है कि भादू टिकट नहीं मिलने के बावजूद लोगों के साथ संघर्ष में खडे़ रहते हैं। अनेक प्रदर्शनों में दोनों की मौजूदगी रहती है।

विधानसभा चुनाव 2023 में अभी 2 साल बाकी हैं तो फिर इतने पहले यह चर्चा क्यों? यह प्रश्न होना भी स्वाभाविक है। 

अभी कुछ दिन पूर्व एक व्यावसायिक उद्घाटन समारोह में विभिन्न राजनीतिक लोग पहुंचे। वहां भाजपा के अनेक कार्यकर्ता भी पहुंचे। बस। वहीं यह चर्चा शुरू हुई कि अगली बार भाजपा किसको लड़ा सकती है?वहीं यह बात भी प्रमुख रही कि ये दो ही दावेदार सक्रियता में नजर आ रहे हैं। ०0०








सोमवार, 4 अक्टूबर 2021

खाद्य पदार्थ की वार्षिक रिटर्न भरना जरूरी हुआ:नहीं भरी, तो सौ रुपए रोजाना जुर्माना


 


* करणीदानसिंह राजपूत *
हनुमानगढ़ 4 अक्टूबर 2021.
सभी खाद्य पदार्थ व्यापारियों को अब वर्ष में एक बार खाद्य पदार्थ की वार्षिक रिटर्न भरना आवश्यक होगा। अन्तिम तिथि के बाद वार्षिक रिटर्न ना भरने पर सौ रुपए प्रतिदिन का जुर्माना भरना होगा।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीतसिंह यादव ने बताया कि सभी खाद्य पदार्थ व्यापारियों को एफएसएसए एक्ट एण्ड रेगुलेशन 2011 (खाद्य लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन सैक्शन 2.1.13) के अंतर्गत अब वर्ष में एक बार खाद्य पदार्थ की वार्षिक रिटर्न भरनी होगी। उन्होंने बताया कि सभी निर्माता, पैकिंगकर्ता एवं लेबलकर्ता, जिनका लाइसेंस 3 हजार अथवा 5 हजार की वार्षिक फीस भरने पर विभाग द्वारा जारी किया जाता है। उन व्यापारियों को ही यह रिटर्न भरनी आवश्यक है। 
उन्होंने बताया कि बड़े दूध संकलन केन्द्र जिनकी क्षमता 500 लीटर प्रतिदिन से ज्यादा है, बड़े मिठाई विक्रेता, मसाला निर्माता एवं पैकिंगकर्ता, नमकीन पापड़ निर्माता एवं पैकिंगकर्ता, चायपत्ती पैकर्स, दुग्ध उत्पाद निर्माता एवं पैकिंगकर्ता एवं तेल आटा मिलर्स एवं पैकिंगकर्ता, जिनके पास उत्पादन एवं पैकिंगकर्ता श्रेणी का फूड लाइसेंस है, उन्हें ही यह वार्षिक रिटर्न 31 अगस्त 2021 से आवश्यक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी खाद्य पदार्थ व्यापारियों से एफएसएसए की वेबसाइट https://foscos.fssai.gov.in/ पर जाकर अपनी यूजर आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से वार्षिक रिटर्न ऑनलाइन दाखिल करनी होगी। ऑफलाइन रिटर्न सीएमएचओ कार्यालय में मान्य नहीं होगा।०0०
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‘‘बढ़ते कदम’’ 125 दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर: चलेंगे कदम कदम:सूरतगढ़ रिपोर्ट * करणीदानसिंह राजपूत *

 




सूरतगढ़ 3 अक्टूबर 2021.

मारवाड़ी युवा मंच शाखा सूरतगढ़ एवं अग्रसेन आयुर्वेदिक हॉस्पीटल सूरतगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर में 125 लोगों को कृत्रिम पैर लगाकर चलाया गया। यह शिविर हर्षोल्लास से 1 अक्टूबर को शुरू हुआ और कृत्रिम पैर प्रदान करने के दिन 3 अक्टूबर को हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।

शिविर में दिव्यांगजनों का रजिस्ट्रेशन कर मंच द्वारा उनके रहने, खाने पीने की सुचारू व्यवस्था की गई थी। इस शिविर में 5 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष तक के बुर्जुगों ने कृत्रिम पैर लगवाकर लाभ लिया। 

गोरखपुर से आई डॉक्टर्स की टीम ने लगातार 3दिन एवं 2 रात लगाकर 125 कृत्रिम पैर तैयार किये।

 सचिव अंकित कुक्कड़ के अनुसार युवा टीम पिछले एक माह से इस शिविर के प्रचार प्रसार एवं अन्य व्यवस्थों में लगातार लगी रही और सभी व्यवस्थाओं को सम्भाले रखा। इसी के परिणामस्वरूप इस शिविर का सफल आयोजन हो पाया।

* समापन समारोह में मुख्य अतिथि भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के पुलिस उपाधीक्षक वेद प्रकाश लखोटिया थे। समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष महेश सेखसरिया, अध्यक्ष व्यापार मण्डल रहे। विशिष्ट अतिथि में  ओमप्रकाश कालवा, अध्यक्ष नगरपालिका सूरतगढ़, सुश्री शताब्दी अवस्थी, गोल्ड मेडलिस्ट पैरालंपिक 2018,  समरजीतसिंह मल्ली, अन्तर्राष्ट्रीय कोच जेवलिन थ्रो, एशिया मेडलिस्ट,  चिरंजीलाल  गर्ग समाजसेवी,  नागरमल बाघला समाजसेवी थे।

* मुख्य अतिथि वेदप्रकाश लखोटिया ने संबोधित करते हुए बताया कि 7 वर्ष पूर्व लगाए उनके पौधे ने आज यहां वटवृक्ष का रूप ले लिया है। 21 सदस्यों से शुरू हुई शाखा आज 60 सदस्यों की एक बड़ी टीम बन चुकी है, जो समाज सेवा में नये आयाम स्थापित कर रही है। ज्ञात रहे कि 7 वर्ष पूर्व श्री वेद जी लखोटिया के प्रयासों से ही सूरतगढ़ शाखा का गठन हुआ था। 

* नगरपालिका अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश कालवा ने मंच परिवार द्वारा पूरे कोरोना काल में किए गए सेवा कार्यो का उल्लेख किया एवं मंच द्वारा की जा रही निरंतर सेवाओं के लिए साधुवाद दिया। इस कार्यक्रम ने नगरपालिका सूरतगढ़ द्वारा दिव्यांजनों के आने जाने के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था भी की गई। 




* पेरालंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट सुश्री शताब्दी अवस्थी ने दिव्यांजनों को आने वाली समस्याओं के बारे में और अपनी इच्छाशक्ति और हौंसले से किस तरह हर कामयाबी को पाया जा सकता है इसके बारे में विस्तृत रूप से बताया।

 मंच द्वारा लगाए गए इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्होनें विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में मंच इसी तरह से समाजोपयोगी कार्य करता रहेगा। 

* अन्तर्राष्ट्रीय जेवलिन थ्रो कोच श्री समरजीतसिंह मल्ली ने खेलों में दिव्यांजन को प्रोत्साहित करते हुए उनकी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। श्री समरजीसिंह मल्ली पेरालंपिक 2020 में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली नीरज चौपड़ा की टीम के सदस्य थे। 

* समाजसेवी एवं भामाशाह दानदाताओं के रूप में पहुंचे श्री चिरंजीलाल गर्ग एवं श्री नागरमल बाघला ने मंच कार्याे की सराहना की एवं आगे भी मंच की हर संभव सहायता करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के अध्यक्ष एवं शहर के गणमान्य व्यक्ति एवं महिला शक्ति पधारे। सभी अतिथियों ने शिविर स्थल पर कृत्रिम पैर की अस्थाई लैब का अवलोकन किया एवं कृत्रिम पैर बनाए जाने की पूरी विधि की जानकारी ली। 

महाराजा अग्रसेन आयुर्वेदिक हॉस्पीटल के अनिल धानुका ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया व मंच के साथ आगे भी सामाजिक प्रकल्पों को करते रहने की बात दोहराई।

कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों, मंच का सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मठ सदस्यों को सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित किया गया।  तीन दिन से चल रहे इस शिविर में आए  सभी   कार्यक्रम के अन्त में मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष महेन्द्र जैन ने सभी आगन्तुको को धन्यवाद ज्ञापित किया।०0०







रविवार, 3 अक्टूबर 2021

कॉलोनाइजर सुखवंतसिंह और भाई प्रतापसिंह पर मालचंद जैन के अपहरण के प्रयास में मुकदमा

 



सूरतगढ़ 3 अक्टुबर 2021.
कॉलोनाइजर सुखवंत सिंह और भाई प्रताप सिंह पर आर आई टी कार्यकर्ता मालचंद जैन के अपहरण के प्रयास में गैर जमानती आपराधिक  मुकदमा नं 432 भारतीय दंड संहिता की धारा 365 के साथ 341 323 और 511 में  सिटी थाना पुलिस में  2 अक्टूबर 2021 की रात को दर्ज हुआ है। इस मुकदमे में तीन और व्यक्ति भी अपराधी बताए गए हैं।
ये आरटीआई कार्यकर्ता मालचंद जैन का अपहरण करने के लिए कार में सवार होकर पहुंचे थे यह घटना 29 सितंबर की रात को करीब 9:15 बजे के करीब हुई।

मालचंद जैन की ओर से 30 सितंबर को इस बाबत सिटी पुलिस थाना में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस ने इसके बाद घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे देखे। घटना स्थल बीकानेर रोड पर चौहान प्लाजा के पास एक सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद संभावित संज्ञेय अपराध मानते हुए  मुकदमा दर्ज किया गया।

मालचंद जैन पुलिस को दी सूचना लिखा है कि वह भोर का संवाददाता और सामाजिक कार्यकर्ता है।  सूरतगढ़ की मुसाबी ( भूमि के नाप जोख का विवरण वाला दस्तावेज) में खसरा नंबर 10 12 13 जोहड़ पायतन  दर्ज है। इसका का रूपांतरण नहीं किया जा सकता मगर वहां वसंत विहार कॉलोनी क्यों और कैसे आबाद हो गई यह मालुम नहीं। इस अवैध कालोनी बाबत मालचंद के वकील की ओर से नगर पालिका को नोटिस दिया हुआ है। रात को मोबाइल पर घंटी आई। बोलने वाले ने अपना नाम संदीप डांग बताया और जोहड़पायतन मामले को बंद करने के लिए धमकी दी। इसके बाद जब घूमने निकले हुए थे तब अपहरण प्रयास की घटना हुई। इस प्रकरण में अनुसंधान का कार्य सहायक उप निरीक्षक नूरमोहम्मद को सौंपा गया।०0०

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शनिवार, 2 अक्टूबर 2021

सूरतगढ़:कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण रविवार को होंगे: 115 को मिलेंगे कृत्रिम पैर

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 2 अक्टूबर 2021.


मारवाड़ी युवा मंच शाखा सूरतगढ़ एवं अग्रसेन आयुर्वेदिक हास्पीटल सूरतगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण प्रकल्प के तहत रविवार को कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण कार्य होगा।

प्रकल्प प्रमुख अंकुर गोयल के अनुसार शिविर मे कुल 125 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं  जिसमें से करीब 115 दिव्यांगजन के पैर प्रत्यारोपित किये जायेगें। पहले व दूसरे दिन लिये गये नाप के कृत्रिम पैर चोपड़ा धर्मशाला में  ही बनाए जा रहे हैं। इसके लिए आयोजन स्थल चौपड़ा धर्मशाला में ही अस्थायी निर्माण लैब स्थापित की गई। डॉक्टर्स व टेक्निशियन की टीम इस कार्य में जुटी है।

कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण कार्य के साथ ही शिविर का समापन होगा। समापन सामारोह में मुख्य अतिथि वेदप्रकाश लखोटिया पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष(अ.मा.यु.म) हैैै। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेश जी सेखसरिया (अध्यक्ष व्यापार मण्डल सूरतगढ़) करेगेें। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुश्री शताब्दी अवस्थी पैराओलम्पिक(गोल्डमेडलिस्ट)टोक्यो 2018 जयपुर से पहुुंचेंगी। अन्य विशिष्ट अतिथियो में शहर के विभिन्न भामाशाह व समाज सेवी होंगे।

सचिव अंकित कुक्कड़ के अनुसार समारोह में मंच के कोरोना काल से अब तक मंच के सहयोगी दानदाताओ का सम्मान भी किया जायेगा।०0०

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शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021

सूरतगढ़:कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण चतुर्थ निशुल्क शिविर: सेवा का जोश:उद्घाटन रिपोर्ट:

 





 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 अक्टूबर 2021.

मारवाड़ी युवा मंच शाखा सूरतगढ़ एवं अग्रसेन आयुर्वेदिक हॉस्पीटल सूरतगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण प्रकल्प के तहत चौथा कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण शिविर चौपड़ा धर्मशाला में आज शुरू हुआ।


शिविर के उदघाटन सामारोह में मुख्य अतिथि रामप्रताप कासनिया विधायक सूरतगढ़, कार्यक्रम अध्यक्ष भरत मून्धड़ा उपाध्यक्ष मुख्यालय (राज.प्रा.मा.यु.म), विशिष्ट अतिथि शिवरतन गोदारा पुलिस उप अधीक्षक सूरतगढ़,  रामकुमार लेघा सिटी थानाथिकारी सूरतगढ़, महावीर सैनी अन्तर्राष्ट्रीय कोच, मनोज अग्रवाल बी.सी.एम.ओ सूरतगढ़ अग्रसेन आयुर्वेदिक हास्पीटल के उपाध्यक्ष  राकेश गुप्ता, डॉ सुनील कुमार उपाध्यक्ष मण्डल-ख(राज.प्रा.मा.यु.म) समाज सेवी सत्यनारायण तावणीयां व सेठ  विजय कुमार लाहोटी शामिल हुए।


प्रकल्प प्रमुख अंकुर गोयल के अनुसार शिविर के पहले दिन 100 से अधिक दिव्यांगजन के रजिस्ट्रेशन हो गए व पैरों के नाप लिये गये।

 कृत्रिम पैरों का निर्माण 2 अक्टूबर से यहां पर  किया जाएगा व 3 अक्टूबर को सभी दिव्यांगजन के कृत्रिम पैर प्रत्यारोपित किये जाने के साथ ही  शिविर का समापन समारोह के रूप में होगा। 

इस शिविर में राजस्थान से ही नहीं अपितु पंजाब, हरियाणा राज्यों के व दूर दूर से दिव्यांगजन लाभ लेने पहुंच रहे है।


शिविर में आने वाले दिव्यांगजन के रहने, भोजन आदि की व्यवस्था भी मंच शाखा द्वारा की गयी है जो कि शहर के दानदाता व समाजसेवी महानुभावों के सहयोग से की गयी है।

शिविर में सभी दिव्यांगजन के विकलांगता पास भी बनाये जा रहे है जिसके लिये शिविर स्थल पर ही ई मित्रा कांउटर की व्यवस्था व विकंलागता पास हेतु चिकित्सा विभाग से अन्य सभी प्रबंध किए गए हैं।

* सभी अतिथियों  ने मंच द्वारा लगाये जा रहे इस चतुर्थ निशुल्क कृत्रिम अंग  प्रत्यारोपण शिविर की प्रशंसा की व इस तरह के शिविर हेतु आगे भी हर सम्भव सहयोग की बात की।

 अध्यक्ष महेन्द्र बैद ने सभी अतिथियों को सम्मान प्रतीक प्रदान कर सम्मानित किया। 

 💐 मारवाड़ी युवा मंच की पूरी टीम पिछले कई दिनों से इस शिविर के लिए जोश से जुटी हुई रही है। शिविर में मंच के कई पदाधिकारियों से मेरी बातचीत हुई। सभी के चेहरे सेवा भाव से मुस्कुरा रहे थे। ०0०


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