पीएम के सफाई अभियान को ईओ पूजा शर्मा का ठेंगा.पूर्व राज्यमंत्री व जिलाध्यक्ष शक्तिहीन करने जैसे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 2 अप्रैल 2026.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्चच्छता अभियान को नगरपालिका की अधीशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ने ठेंगा दिखा दिया है जिससे सूरतगढ़ गंदगी कचरे बदबू का केंद्र बन गया है। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और भाजपा जिलाध्यक्ष सरदार शरणपालसिंह मान को शक्तिहीन किया जाना चाहिए जो ईओ पूजा शर्मा की कर्तव्यहीनता ड्युटी की अनदेखी को देखते हुए भी चुप हैं। इनकी चुप्पी रहस्यमय है और इनकी चुप्पी से ईओ पूजा शर्मा जनता की हरबात अनसुनी करती हुई भ्रष्टाचार घोटालों की कमाई में लगी हुई है तथा अवैध निर्माणों को होने दे रही है। ईओ पूजा शर्मा कांग्रेस के पदाधिकारियों के कहने अनुसार काम करती हुई भाजपा सरकार की नीतियों आदेशों की अवहेलना कर रही है। पूजा शर्मा का मूल पद राजस्व अधिकारी है और अधिशासी अधिकारी पद के लिए उपयुक्त नहीं है। भ्रष्टाचार से यहां करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति बनाने वाली पूजा शर्मा की जांच और मूल राजस्व अधिकारी बनाये जाने से पहले सस्पेंड कर जांच कराई जानी जरूरी है।
* सफाई की हर मांग और शिकायत को ईओ रद्दी की टोकरी में डाल रही है। स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का है जिसे पूरी तरह से मानना नगरपालिका के ईओ सहित संपूर्ण स्टाफ को मानना और हर दिन पूरा करना ड्युटी का हिस्सा है। इस अभियान को जब ईओ पूजा शर्मा ही नहीं माने और कभी मौका भी नहीं देखे तो सफाई निरीक्षक, जमादार और सफाई कर्मचारी परवाह क्यों करे? इन सबके विरुद्ध आधिकारिक एक्शन हो तब कुछ सफाई संभव हो। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया के पास यहां पावर है लेकिन उन्होंने ईओ पूजा शर्मा की कर्तव्य हीनता ड्युटी के प्रति लापरवाही से सड़ते शहर और भ्रष्टाचार से नगरपालिका कोष को हानि होती रहने पर न ईओ पूजा को कहा न शिकायत की। कासनिया निवास के तीस फुट आगे से ही गौरवपथ है जिसके नाले गंदगी कचरे से भरे हैं। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान सूरतगढ़ के निवासी हैं और वे भी ईओ पूजा शर्मा द्वारा स्वच्छता अभियान की अनदेखी करते रहने पर चुप्पी की चादर ओढ रखी है। शरणपालसिंह मान की भी कोई शिकायत ईओ पूजा शर्मा के विरुद्ध नहीं है। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान के रवैये से सरकारी व्यवस्था तो बिगड़ ही रही है तथा जनता में भी भाजपा का विरोध बढ रहा है। नवंबर 2026 तक नगरपालिका का चुनाव होगा तो उसमें भाजपा को ठेंगा ही मिलेगा जो,अभी मोदी के सफाई अभियान को ईओ द्वारा दिखाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफाई अभियान को ठोकर मारने वाली ईओ पूजा शर्मा की गैरजिम्मेदाराना और भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत नहीं करने वाले चुप रहने वालों में भाजपा के नेता नेतियों में कुछ ये पदाधिकारी भी,कार्यकर्ता भी हैं। पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरपालिका के निवृत अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( पिछले बोर्ड में अध्यक्ष) पूर्व अध्यक्ष जगदीश मेघवाल, पूर्व अध्यक्ष व जिला पदाधिकारी आरती शर्मा, नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा। कांग्रेस से भाजपा में आए हनुमान मील और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल भी नगरपालिका के भ्रष्टाचार पर चुप हैं। किसी ने भी सरकार को और पार्टी को सूचना नहीं दी।
संघ के गंगानगर हनुमानगढ़ प्रचारक व स्थानीय सभी सफाई अभियान को ठोकर और भ्रष्टाचार को देख रहे हैं।
पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान जानते हुए भी ईओ पूजा शर्मा के बारे में जिलाकलेक्टर व डीएलबी में कुछ नहीं करना चाहते हैं तब इनको शक्तिहीन बनाकर पावर किन्हीं और को दे दी जाने से ही चुनाव से पहले हालात कुछ सुधर सकेंगे। ०0०
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