भाजपा नेता तो थोथे चने भी नहीं.चुनाव में जनता नचाएगी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
थोथा चना बाजे घना। कहावत सभी ने सुनी होगी। थोथे चनों की ध्वनि बहुत होती है लेकिन भाजपा के नेताओं में तो वह आवाज भी नहीं है। मतलब थोथा चना भी नहीं है।
सूरतगढ़ में यह आवाज कहीं सुनाई नहीं पड़ रही। नगरपालिका के चुनाव नवंबर माह तक होने की उम्मीद है और भाजपा की तो थोथे चने जैसी भी आवाज नहीं है। भाजपा में यहां शहर में वैसे तो नेताओं नेतियों की संख्या बहुत है मगर वे आवाज विहीन हैं। जब आवाज नहीं हो तो कैसे मालुम हो कि भाजपा का नेता आसपास दूर कहां पर खड़ा है। जब नेता की उपस्थिति का ही मालुम नहीं पड़े तो उसकी ओर कोई ध्यान कैसे देगा? ऐसी स्थिति में अनुमान लगाया जा सकता है कि आगामी नगरपालिका चुनाव में भाजपा का क्या होने वाला है? सन् 2019 के चुनाव में कुल 45 वार्डों में भाजपा के 12 और कांग्रेस के 22 जीते थे। कांग्रेस भी बहुमत से 1 वोट कम पर रह गई लेकिन भाजपा तो बहुत पीछे रही। भाजपा की प्रदेश में सरकार है और नगरपालिका में लोगों के काम नहीं हो रहे। भाजपा में कोई ऐसा नेता नहीं जो लोगों के रुके हुए और नये काम करा सके। ऐसे में भाजपा का बोर्ड बनना तो असंभव ही है। जनता रो रही है और भाजपा के थोथे चना दूर खड़े तमाशा देख रहे हैं। सफाई व्यवस्था चौपट है। होटलों व व्यावसायिक भवनों का अवैध निर्माण हो रहा है। हर मामले में नगरपालिका प्रशासन ने अपनी जेबें भरी है, लाखों लिए हैं इसलिए सब निर्माण घोटाले उजागर होते जाने पर भी जब्त नहीं किए जा रहे। ईओ पूजा शर्मा एक भी निर्माण को न रोक रही है न जब्त कर रही है। * न्यू जनता ट्रक युनियन और व्यापारियों के विवाद में ट्रक युनियन का कार्यालय नगरपालिका भूमि पर अवैध बना बताकर सीज किया है। नगरपालिका की भूमि पर अतिक्रमण करके मार्केट काम्लैक्स बनाए जाने वाले भवन सीज नहीं किए जा रहे। अवैध होटल का क्लीयर कर दें कि निर्माण स्वीकृति 2 मंजिल ( एक ग्राउंड फ्लोर और एक फस्ट फ्लोर) बन रहे हैं तीन, चार और 5 मंजिल और सैट बैक भी नहीं छोड़ा। हर निर्माण में किसी न किसी भाजपा नेता का नाम जुड़ा है या उनकी सिफारिश है। यहां दोनों हैं, रिश्वत भी है और सिफारिश भी है।
* ये जो हालात हैं वे भाजपा को नगरपालिका चुनाव में नाच नचाएंगे। सूरतगढ़ 18 मार्च 2026.
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