रविवार, 18 जनवरी 2026

कासनीया का जीवित भूत पावरफुल! सभी नेताओं की पावरफेल.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 18 जनवरी 2026.

रामप्रताप कासनिया को राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में हराना अब भारी पड़ रहा है और  कासनिया एक जीवित सशरीर भूत के रूप में विधायक की पावर से सौ गुना अधिक पावर बना हुआ है। विधायक डुंगरराम गेदर कासनिया के आगे अब फेल हो रहे हैं और वे कहीं भी काम करवाने की ताकत में पब्लिक को नजर नहीं आ रहे। विधायक कोटे की रकम से वे काम करवा सकते हैं लेकिन अन्य कार्यों के लिए दफ्तरों में काम नहीं करवाने की स्थिति में हैं। एक गेदर ही नहीं अन्य लोग जिनमें भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं वे भी शून्य से हो गये हैं। काम करवाना हो तो कासनिया से बात करो। रामप्रताप कासनिया तो चलो राज्य मंत्री और विधायक रह चुके हैं लेकिन उनके पुत्र संदीप कासनिया के पास तो कोई संगठन पद भी नहीं है फिर भी उनके फोन निर्देश आदि चल रहे हैं। 

* कासनिया भाजपा नेताओं नेतियों में आज सबसे अधिक ताकतवर हैं। यह सही है कि भाजपा ने यह निर्देश दे दिया कि विधानसभा चुनाव में हार गये हमारे नेता ही जनता के जनप्रतिनिधियों की तरह काम करवाएंगे। भाजपा के बड़े कार्यकर्ताओं की यहां तक कि जिला पदाधिकारियों की भी सूरतगढ़ में तो नहीं चलती। जिला अधिकारियों के पास कासनिया या कासनिया के फोन चलते हैं।

* विपक्ष मतलब कांग्रेस के नेताओं कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हालत तो बहुत पिछड़ गई है और मंचों पर,धरना प्रदर्शन आदि पर वे कासनिया को ही कोसते हैं और क ई बार तो मुद्दा नहीं होता तो भी कासनिया का नाम ले ही लेते हैं। यह कांग्रेस के लोगों की हताशा प्रगट होती है और लोगों को कांग्रेस के पदाधिकारी व विधायक गेदर कासनिया से कमजोर नजर आते हैं।०0०





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