तथ्यात्मक रिपोर्ट से पट्टे मिलने में अनेक मुश्किलें.सूरतगढ़.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 19 जनवरी 2026.
स्थानीय वार्ड नं 3 और 26 में पट्टों की मांग पर तथ्यात्मक रिपोर्ट में जमीन संबंधी स्थिति से पट्टे मिलना फिलहाल तो मुश्किल है। जमीन की अस्पष्ट स्थिति में कोई भी अधिकारी आगे और हस्ताक्षर करने से खुद को बचाना चाहेगा कि कोई एक पट्टा भी गलत जारी हो गया तो आगे कानूनी और विभागीय मुसीबतें उठानी पड़ेगी। नगरपालिका प्रशासन इन अस्पष्ट परिस्थितियों में सरकार यानि डीएलबी से मार्गदर्शन मांग सकता है क्योंकि इसके अलावा कोई और कार्वाई संभव नहीं लगती। नगरपालिका प्रशासन यानि अधिशाषी अधिकारी और प्रशासक( उपखंड अधिकारी) डीएलबी से मार्गदर्शन मांगे। अगर मार्गदर्शन मांगा जाता है तो भी जयपुर से सभी तरह से निरीक्षण और निर्णय आने में एक दो सप्ताह से अधिक समय यानि महीने लग सकते हैं।
* जिला कलेक्टर के निर्देश पर बनी कमेटी के अध्यक्ष नगरपरिषद श्रीगंगानगर के आयुक्त की तथ्यात्मक रिपोर्ट जिला कलेक्टर को 12 जनवरी 2026 को सौंपी गई। यह तथ्यात्मक रिपोर्ट ही उजागर करती है की पट्टों की जमीन की स्थिति अस्पष्ट है। जब तक जमीन की स्थिति स्पष्ट नहीं होती तब तक पट्टे जारी नहीं हो सकते। बार बार यह चर्चा हो रही है कि 18 आवेदकों की रकम जमा कराई जा चुकी थी,लेकिन अब तथ्यात्मक रिपोर्ट से इन पट्टों को भी एक बार और परीक्षण करके और सब सामान्य और सही पाए जाने फर ही पट्टे जारी हो सकते हैं। जमीन के डी नोटिफाईड संबंधी सारे कागजात और फाईलें आदि नगरपालिका में कितनी मौजूद हैं और उनके पुनः निरीक्षण किए बिना अधिकारी दस्तखत कर देंगे जैसी हालत बहुत मुश्किल है। धरना प्रदर्शन ( जिसमें कांग्रेस के विधायक व पदाधिकारी शामिल हैं)आदि के दबाव में भी पट्टे मिलना अभी दूर है। अभी तो नगरपालिका को जमीन की स्थिति एकदम स्पष्ट करनी होगी।
👍 तथ्यात्मक रिपोर्ट में अनेक बिंदु ही दर्शा रहे हैं कि मुश्किलें हैं। अधिकारी पूजा शर्मा और प्रशासक उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांग सकते हैं और एक दम साफ मार्गदर्शन मिलने पर ही पट्टे जारी हो सकते हैं। यदि मार्गदर्शन में स्पष्ट निर्देश नहीं हुए और तथ्यात्मक रिपोर्ट जैसी रिपोर्ट हुई तो बड़ी मुश्किल होगी।
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