खुली पाती:भाजपा के जिला प्रभारी दशरथ सिंह के नाम:जिले की हालत बेहद खराब.
* करणीदानसिंह राजपूत *
माननीय दशरथ सिंह शेखावत श्री गंगानगर जिले के प्रभारी हैं और अभी जिले के भ्रमण पर हैं। भाजपा के नेता स्वागत सत्कार कर बहुत छुपा कर भ्रमित करना शुरू कर चुके हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार के 2 साल बीतने की खुशियां चाहे मनाएं लेकिन जिले में राजनैतिक स्थिति अच्छी नहीं है और कहा जा सकता है कि बहुत बुरी हालत है। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और कार्यकारिणी,नगर मंडल अध्यक्षों और देहात अध्यक्षों ने जनता के कितने काम कराए,सरकार के आदेशों की कितनी पालना करवाई? इनके ही हाथों से लिखवा लें सच्ची रिपोर्ट। ऐसा संभव नहीं हो तो स्वयं ही पूछ लें जानकारी ले लें। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान को जिलाध्यक्ष का पद दुबारा दिया गया तो कुछ सोच समझ और योग्यता देख कर ही दिया होगा? भाजपा का राज हो और जिलाध्यक्ष की चले नहीं। जिलाध्यक्ष कोई काम नहीं करवा सके तो पार्टी की पावर का गुब्बारा फुस्स हुआ जनता मानती है। जिले में भाजपा के अनेक पुराने लोगों से ही जानकारी ले ली जाए। लोगों से ही जानकारी ले ली जाए। श्रीगंगानगर जिला भाजपा के लिए कमजोर रहा था और अब प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिलाध्यक्ष को हालात मजबूत करने थे लेकिन पार्टी तो और कमजोर हो गई। जनता के काम नहीं होंगे तो यह समीक्षा तो जनता ही करेगी और यह समीक्षा आंखें खोलने वाली है। नगर निकायों और पंचायतों के चुनावों से 4 महीने पहले यह हालत है। भाजपा को बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है।
अब चार महीनों में क्या कुछ हो सकता है,वह करके देख लिया जाना चाहिए। प्रशासनिक कार्यालयों में कांग्रेस के समय के कर्मचारी जमे हैं। वे किसकी मानेंगे? जिलाकलेक्टर और उपखंडों में अतिरिक्त जिलाकलेक्टर,उपखंड अधिकारी व राजस्व तहसील कार्यालयों में पुराने 10-15 साल से एक ही शहर में कांग्रेस सरकार के जमाए हुए कर्मचारी हैं।
भाजपा के कार्यकर्ताओं की एक परसेंट भी नहीं चलती। अगर यह जनता में कहें तो बेईज्जती होती है लेकिन फिर भी कुछ कार्यकर्ता कह देते हैं। जब नहीं चलती तो झूठ भी क्यों बोला जाए? जनता से जुड़े तीन प्रमुख विभाग हैं। नगरपालिका,पंचायत समिति,पुलिस थाने। नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी पद और थानों में थानाधिकारी पद की ही समीक्षा करवालें। नगरपालिका में पहली प्राथमिकता है सफाई, सड़कें,लाईट लेकिन अधिकारी निरीक्षण के लिए शहर में नहीं निकलते। अधिशाषी अधिकारी कुछ तो राजा और तानाशाह जैसे हैं। शहरों को गंदा बनाने वाले। नाले नालियां भी साफ नहीं कराते। सड़कों पर दुकानदार अतिक्रमण करते हैं वे नगरपालिका नहीं हटाती। हर नगरपालिका में काम पैंडिंग। गरीबों को पट्टों के लिए भटकना पड़े,और पावरफुल के सड़कों पर पक्के अतिक्रमण भी नगरपालिका न तुड़वाए।
सूरतगढ़ में कांग्रेस राज के गलत पट्टे और उन आवासीय भूखंडों पर शोपिंग काम्प्लेक्स बन जाए,नगरपालिका प्रशासन वहां सीज की कार्वाई ना करे और गुरूद्वारा जैसी धार्मिक संस्था का पट्टा दिए जाने में डीएलबी स्तर पर फाईल पारित होने में झंझट हो जाए। और जिलाध्यक्ष सब जानकर भी कुछ नहीं करे।नगरपालिका के आगे पट्टों के लिए धरना लगे और वहां पूर्व विधायक अशोक नागपाल को शामिल होना पड़े। इसके साथ ही जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना को जिलाकलेक्टर के आगे गुहार लगानी पड़े। ऐसी दुर्दशा तो पहले नहीं थी।
नशा बढा तो स्थानीय स्तर पर बेचने वाला,नशा करने वाला एक भी पकड़ा नहीं जाए। पुलिस से मालुम कर लिया जाए कि हर शहर में नशा बेचने वाले कितने पकड़े गये? जवाब और रिकॉर्ड देख कर हैरत में पड़ जाएंगे। जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में तो सारा डाटा मिल ही जाएगा।
सूरतगढ़ में वैश्यावृत्ति और नशे के विरूद्ध एसडीएम कार्यालय के आगे धरना लगे। भाजपा के बाबूसिंह खिची,एडवोकेट आनंद शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी आरती शर्मा भी वहां धरने में शामिल हों तो हालत का और क्या मालुम होगा? भाजपा नेता राकेश बिश्नोई कहे कि नशा अपराधियों का खुलासा करूंगा तो जान जाने का खतरा हो सकता है। ऐसे हालात एक जगह के नहीं सारे जिले में अपराधी दनदना रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी, पंचायत व नगरपालिका अधिकारी कार्यालय समय में उपस्थित नहीं रहते। दफ्तर में 11 बजे से पहले आते नहीं और भोजनावकाश आधे घंटे का नहीं दो तीन घंटे का हो,एक बार आए और बाद में आए ही नहीं। ऐसे अधिकारियों को चुनाव जनगणना आदि से हटा नहीं सकते तो जो इनकी फाईलें शिकायतें हैं उन पर जांच में सस्पेंड, एपीओ कर दिया जाकर सुधार हो तब कुछ हो पाएगा। लोग शहर गांव सभी में प्रशासन आदि से खुश नहीं हैं और अभी कोई सख्त व्यवस्था नहीं हुई तो नगर निकायों और पंचायत चुनावों में बहुत नुकसान होगा। विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में खोने के बाद अभी तक नहीं जागे हैं। विधायकों जयदीप बिहाणी, गुरवीरसिंह बराड़ और पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र पालसिंह टीटी शायद सच्च बोल सकें।
लोगों की हालात की एक सच्ची तस्वीर क्या जयपुर पहूंचेगी?
9 जनवरी 2026.( समाचार रिपोर्ट)
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार, सूरतगढ़.94143 81356.
०0०