सूरतगढ़ में आजकल रिट रिट खेलने की आवाजों का नाटक फुस्स हुए लोग और थोथे चने लोग कर रहे हैं। बच्चे व्यापार खेलते हैं तो उनके पास नोट छपे कागज तो होते हैं लेकिन हवा बनाने की भी असफल कोशिशें कर रहे लोगों के पास तो कागजी नोट भी नहीं है। रिट रिट खेलने की अफवाहें इसलिए कि किसी तरह उनसे बात हो और कुछ भेंटपूजा हो। राजस्थान हाईकोर्ट से जब एक लगी हुई रिट वापस ले ली गई तब से रिट वापस लिए जाने पर उस नेता के विरूद्ध खूब बयान बाजी हुई और अभी भी सोशल मीडिया पर हो रही है। बयान देने वाले नेता सोशल मीडिया पर दहाड़ते रहे हैं मगर उसके अलावा फुस्स हैं और हिम्मत नहीं है कि खुद रिट लगा दें। लोग नाटक कर रहे हैं की जोधपुर जा रहे हैं, जोधपुर पहुंचे हुए हैं, जोधपुर में वकीलों से रिट की बात कर रहे हैं, जोधपुर में वकीलों को कागज दे आए हैं, जोधपुर जाएंगे, सूरतगढ़ में दस्तावेजों की नकलें ली हैं, सूरतगढ़ में दस्तावेजों की नकलों के लिए आवेदन कर दिए हैं। इस प्रकार की चर्चाएँ दिन रात चलाई जा रही है। कौन बेवकूफ होगा जो ऐसी अफवाहों से दबाव में आकर थोथे चनों को रिट नहीं करने की प्रार्थना करेगा, पैर पकड़ेगा और कुछ भेंट करेगा या कोई समझौता करेगा। रिट करने का जिसमें मादा होता है वह अफवाहें नहीं फैलाता न कहीं चर्चा करता है, वह सीधे रिट दायर करके और रिट सुनवाई की मंजूरी की ही सूचना प्रसारित करता। लेकिन यहां तो व्यापार खेलने की बात वे फैला रहे हैं जिनके पास खेलने के कागजी नोट भी नहीं है। रिट रिट खेलने का नाटक चल रहा है। दबाव और ब्लेकमेलिंग के लिए नाटक। कुछ दिनों के बाद यह नाटक बंद हो जाएंगे। इनकी चर्चाएं भी बंद हो जाएंगी। नेताओं ने सोशल मीडिया पर भाषण दिए वे चुप क्यों हो गये? रिट छोड़ शिकायत तक नहीं की। अब कुछ नाटक कर रहे हैं। रिट रिट खेलने का नाटक। ०0०